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राजसमंद जिले के भीम उपखंड में थोरिया मार्ग पर हाई वोल्टेज बिजली लाइन के पास एक सूखा पेड़ खड़ा होने से बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है। इस सूखे पेड़ की शाखाएं सीधे बिजली की लाइन को छू रही हैं। इसके कारण, विशेष रूप से बारिश के मौसम में पेड़ में करंट उतरने की गंभीर आशंका बनी हुई है, जिससे कभी भी कोई अनहोनी हो सकती है।
Prahalad singh
राजसमंद जिले के भीम उपखंड में थोरिया मार्ग पर हाई वोल्टेज बिजली लाइन के पास एक सूखा पेड़ खड़ा होने से बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है। इस सूखे पेड़ की शाखाएं सीधे बिजली की लाइन को छू रही हैं। इसके कारण, विशेष रूप से बारिश के मौसम में पेड़ में करंट उतरने की गंभीर आशंका बनी हुई है, जिससे कभी भी कोई अनहोनी हो सकती है।
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- राजस्थान में सरकारी रिकॉर्ड से 'दलित' शब्द को हटाने के आदेश पर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस सरकारी फैसले को लेकर राज्य में लगातार यह सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर इस आदेश पर इतना बवाल क्यों मचा हुआ है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच पुलिस कार्रवाई की भी बात सामने आ रही है, जिसने इस विवाद को और अधिक हवा दे दी है।1
- अजमेर जिले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में एकत्रित होकर कार्यकर्ताओं ने एक हस्ताक्षर अभियान चलाया और अपनी आवाज बुलंद करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। आंदोलनरत कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे लंबे समय से राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, मानदेय में बढ़ोतरी करने, सेवानिवृत्ति पर आर्थिक सुरक्षा और पदोन्नति सहित कई मांगों को लेकर सरकार से लगातार गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। कार्यकर्ताओं ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ही सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया, तो पूरे प्रदेश में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसके साथ ही, जरूरत पड़ने पर वे कार्य बहिष्कार करने और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने जैसे सख्त कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने सरकार से जल्द वार्ता कर इन समस्याओं का समाधान करने की अपील की है।1
- मुख्यमंत्री ने केकड़ी विधानसभा क्षेत्र को विकास की बड़ी सौगात देते हुए लगभग ₹1,268 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया है। इन कार्यों में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी अनेक योजनाएं शामिल हैं, जो क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति प्रदान करेंगी। मुख्यमंत्री के इस दौरे के दौरान लगभग 880 करोड़ रुपये के कार्यों के शिलान्यास और लोकार्पण की भी बात कही गई है। इस विशेष अवसर पर केकड़ी विधायक का एक अनोखा संकल्प भी पूरा हुआ। विधायक ने अपनी एक मनौती पूरी होने तक नंगे पैर रहने का संकल्प लिया था, जो मुख्यमंत्री के हाथों क्षेत्र को विकास कार्यों की सौगात मिलने के बाद आखिरकार पूर्ण हो गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र का संतुलित एवं समग्र विकास सुनिश्चित करना है, ताकि आमजन को बेहतर सुविधाएं और विकास का वास्तविक लाभ मिल सके।1
- जोधपुर के बिलाड़ा तहसील के मालकोसनी ग्राम के बीचला बास में गंदगी का भारी अंबार लगा हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों का रहना और आवागमन करना बेहद दूभर हो गया है। इस इलाके में पिछले कई वर्षों से लगातार गंदा पानी और बारिश का पानी जमा हो रहा है। ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या की शिकायत हर स्तर पर की है, लेकिन आज तक उन्हें कहीं से भी कोई सहायता या राहत नहीं मिली है। अब बारिश का मौसम दोबारा शुरू होने वाला है जिससे फिर से भारी जलभराव होगा और इसके चलते पास में रहने वाले लोगों के घर ढहने की कगार पर पहुंच गए हैं। इससे यहां रहने वाले लोगों को भारी जनहानि होने का खतरा बना हुआ है। इतनी बड़ी समस्या के बाद भी सरकार और मालकोसनी ग्राम पंचायत सो रही है और उनकी आंखें नहीं खुल रही हैं, जिससे ऐसा लग रहा है कि प्रशासन किसी बड़ी जनहानि का इंतजार कर रहा है।1
- राजनगर में महिलाओं को रोजगार के नए अवसर देने और उन्हें चारदीवारी से बाहर निकालने के उद्देश्य से तेरापंथ महिला मंडल द्वारा 'श्री उत्सव' का आयोजन किया गया। राजसमंद के भिक्षु निलियम में रविवार को आयोजित इस एक दिवसीय मेले का मुख्य लक्ष्य महिलाओं द्वारा तैयार किए गए घरेलू उत्पादों और हाथ से बनी सामग्रियों को बढ़ावा देकर उन्हें एक बेहतर मंच प्रदान करना है। मेले में खाने-पीने के सामान, कपड़े, ज्वेलरी, मेकअप और खिलौने जैसी स्वदेशी वस्तुओं की बिक्री और विपणन किया गया। तेरापंथ महिला मंडल की अध्यक्ष ऋतु धोखा ने बताया कि इस उत्सव में राजसमंद के साथ-साथ आसपास के जिलों की महिलाओं ने भी हिस्सा लिया और अपने उत्पादों को प्रदर्शित किया। छुट्टी के दिन आयोजित इस मेले में ग्राहकों ने स्वदेशी सामानों की जमकर खरीदारी की। मेले में पहुंचे युवाओं ने हस्तनिर्मित सामग्रियों में गहरी रुचि दिखाई। उनका कहना था कि आम तौर पर बाजारों में एक जैसा ही सामान मिलता है, लेकिन यहाँ हाथ की बनी अनूठी स्वदेशी वस्तुएं उपलब्ध हैं, जिससे महिलाओं को आत्मनिर्भर होने का सीधा मौका मिलेगा। इस आयोजन में युवा मेलार्थी गौरी सिंह और मंडल अध्यक्ष ऋतु धोखा ने भी अपने विचार साझा किए।4
- राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) के नवनियुक्त अध्यक्ष हनुमान सिंह राठौड़ का पदभार ग्रहण करने के बाद पहली बार अपने पैतृक गांव पीसांगन पहुंचने पर ग्रामीणों और सर्वसमाज द्वारा ऐतिहासिक और भव्य स्वागत किया गया। करीब चार साल के लंबे अंतराल के बाद बोर्ड को स्थायी अध्यक्ष मिलने और वह भी पीसांगन के मूल निवासी होने के कारण पूरे क्षेत्र में भारी उत्साह का माहौल देखा गया। कस्बे की सीमा पर प्रवेश करते ही बड़ी संख्या में मौजूद ग्रामीणों, युवाओं और प्रबुद्ध नागरिकों ने राठौड़ को साफा पहनाकर और फूलों के बड़े हार भेंट कर उनका गर्मजोशी से अभिनंदन किया। इसके बाद उन्हें ढोल-नगाड़ों की थाप और आतिशबाजी के साथ एक विशाल विजय जुलूस के रूप में कस्बे के प्रमुख मार्गों से ले जाया गया, जहां स्थानीय महिलाओं और नागरिकों ने अपने घरों की छतों से उन पर भारी पुष्पवर्षा की। इस दौरान उन्होंने गांव के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर मत्था टेककर बुजुर्गों का आशीर्वाद भी लिया। स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए भावुक हुए बोर्ड अध्यक्ष हनुमान सिंह राठौड़ ने कहा कि यह सम्मान उनकी जन्मभूमि और क्षेत्र की जनता के अटूट स्नेह का प्रतीक है। उन्होंने सरकार द्वारा दी गई इस बड़ी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाने का भरोसा देते हुए कहा कि राजस्थान में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) को प्रभावी ढंग से लागू करना और बोर्ड की परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित व पारदर्शी बनाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। इस गरिमामयी अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षा विभाग के अधिकारी, बीजेपी व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पदाधिकारी और हजारों की संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।3
- राजसमंद जिले के भीम उपखंड में थोरिया मार्ग पर हाई वोल्टेज बिजली लाइन के पास एक सूखा पेड़ खड़ा होने से बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है। इस सूखे पेड़ की शाखाएं सीधे बिजली की लाइन को छू रही हैं। इसके कारण, विशेष रूप से बारिश के मौसम में पेड़ में करंट उतरने की गंभीर आशंका बनी हुई है, जिससे कभी भी कोई अनहोनी हो सकती है।1