बलरामपुर जिले में कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा गैर संचारी रोगों की शीघ्र पहचान और समय पर उपचार के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसके लिए यूनिसेफ और एमसीसीआर ट्रस्ट, रायपुर के सहयोग से नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में जिला मुख्यालय बलरामपुर के बस स्टैंड और संतोषी नगर चौक में नुक्कड़ नाटक और नृत्य के जरिए लोगों को स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से बच्चों में होने वाले गैर संचारी रोगों जैसे सिकल सेल रोग, टाइप-1 डायबिटीज (बाल मधुमेह) और अन्य गंभीर बीमारियों के कारण, लक्षण एवं समय पर जांच व उपचार के महत्व को बेहद सरल व रोचक तरीके से समझाया गया। लोगों से अपील की गई है कि यदि बच्चों में ऐसे लक्षण दिखाई दें, तो उन्हें तुरंत नजदीकी शासकीय स्वास्थ्य केंद्र में जांच के लिए लेकर जाएं। इसके अलावा, छोटे बच्चों में जन्मजात हृदय विकार के प्रारंभिक लक्षणों जैसे दूध न पी पाना और सांस लेने में कठिनाई होने जैसे संकेतों की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम के दौरान मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए नियमित टीकाकरण, गर्भावस्था के दौरान संतुलित व पौष्टिक आहार लेने और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने के महत्व से भी लोगों को अवगत कराया गया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस जनजागरूकता अभियान का मुख्य उद्देश्य गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान सुनिश्चित कर बच्चों व माताओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना और आम लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
बलरामपुर जिले में कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा गैर संचारी रोगों की शीघ्र पहचान और समय पर उपचार के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसके लिए यूनिसेफ और एमसीसीआर ट्रस्ट, रायपुर के सहयोग से नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में जिला मुख्यालय बलरामपुर के बस स्टैंड और संतोषी नगर चौक में नुक्कड़ नाटक और नृत्य के जरिए लोगों को स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से बच्चों में होने वाले गैर संचारी रोगों जैसे सिकल सेल रोग, टाइप-1 डायबिटीज (बाल मधुमेह) और अन्य गंभीर बीमारियों के कारण, लक्षण एवं समय पर जांच व उपचार के महत्व को बेहद सरल व रोचक तरीके से समझाया गया। लोगों
से अपील की गई है कि यदि बच्चों में ऐसे लक्षण दिखाई दें, तो उन्हें तुरंत नजदीकी शासकीय स्वास्थ्य केंद्र में जांच के लिए लेकर जाएं। इसके अलावा, छोटे बच्चों में जन्मजात हृदय विकार के प्रारंभिक लक्षणों जैसे दूध न पी पाना और सांस लेने में कठिनाई होने जैसे संकेतों की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम के दौरान मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए नियमित टीकाकरण, गर्भावस्था के दौरान संतुलित व पौष्टिक आहार लेने और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने के महत्व से भी लोगों को अवगत कराया गया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस जनजागरूकता अभियान का मुख्य उद्देश्य गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान सुनिश्चित कर बच्चों व माताओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना और आम लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
- पुलिस महानिदेशक छत्तीसगढ़ श्री अरुण देव गौतम ने रविवार, 05 जुलाई 2026 को सूरजपुर जिले का औचक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस राजपत्रित अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक ली, जिसमें कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और बीट पुलिसिंग की गुणवत्ता जैसे विषयों पर विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में आईजी सरगुजा रेंज श्री दीपक कुमार झा और डीआईजी/एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर भी उपस्थित रहे। डीजीपी श्री अरुण देव गौतम ने इस बात पर जोर दिया कि पुलिस की सबसे बड़ी पहचान जनता का विश्वास है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ करें। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों से संबंधित मामलों में तुरंत कार्रवाई करने तथा आम नागरिकों के साथ विनम्र व्यवहार बनाए रखने की बात कही। अपराधों की रोकथाम के लिए उन्होंने मुखबिर तंत्र को मजबूत करने, आदतन अपराधियों की निगरानी करने और तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने का सुझाव दिया। बैठक में लंबित प्रकरणों के निराकरण, मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई, सड़क सुरक्षा और डायल-112 की कार्यप्रणाली पर भी चर्चा की गई। डीजीपी ने गंभीर अपराधों में सजा की दर बेहतर होने पर प्रसन्नता व्यक्त की और पुलिस अधिकारियों को न्यायालय में अपनी उपस्थिति शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, उन्होंने वैज्ञानिक और गुणवत्तापूर्ण विवेचना, घटनास्थल संरक्षण और डिजिटल साक्ष्यों के संग्रहण पर भी मार्गदर्शन प्रदान किया। इस समीक्षा बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन सहित जिले के अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।1
- संत रामपाल जी महाराज द्वारा किसान मजदूर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के संबंध में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए SA NEWS YouTube चैनल पर प्रसारित सामग्री को देखा जा सकता है।1
- कांकेर जिले के नरहरपुर विकासखंड के तहसील मुख्यालय सरोना में 11 जुलाई की शाम 5 बजे नवनिर्मित 'मावा मोदोल निःशुल्क लाइब्रेरी' का लोकार्पण किया गया। उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने इसका लोकार्पण किया, जो जिले की सातवीं मावा मोदोल लाइब्रेरी है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इस लाइब्रेरी से क्षेत्र के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आधुनिक एवं निःशुल्क अध्ययन सुविधा मिलेगी। उन्होंने विद्यार्थियों से मेहनत और लगन के साथ पढ़ाई कर अपने लक्ष्य हासिल करने का आह्वान किया। इस लाइब्रेरी में प्रतिदिन 5 बैचों में अध्ययन की व्यवस्था की गई है, जिसमें प्रत्येक बैच में 75 विद्यार्थियों के बैठने की सुविधा है। इसका संचालन सुबह 7 बजे से शाम 7:30 बजे तक किया जाएगा। इस कार्यक्रम में सांसद भोजराज नाग, विधायक आशाराम नेताम सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।1
- धमतरी पुलिस द्वारा नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी, एकरूप और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस लाइन रूद्री के कम्पोजिट भवन में एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक धमतरी सूरज सिंह परिहार के निर्देशन में आयोजित इस कार्यशाला में सेवानिवृत्त पूर्व विशेष पुलिस महानिदेशक आर.के. विज (आईपीएस) मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA)-2023 के विभिन्न व्यावहारिक और विधिक पक्षों पर विस्तृत व्याख्यान और मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यशाला में पूर्व विशेष पुलिस महानिदेशक आर.के. विज ने विवेचना की नवीन प्रक्रियाओं, इलेक्ट्रॉनिक व डिजिटल साक्ष्यों के वैज्ञानिक संकलन, प्रभावी अभियोजन की रणनीतियों तथा न्यायालयीन कार्यवाही में इन नए कानूनों के व्यावहारिक उपयोग पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने रेखांकित किया कि इन नवीन कानूनों का उद्देश्य न्याय प्रणाली को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित, पीड़ित-केंद्रित और समयबद्ध बनाना है। वहीं, पुलिस अधीक्षक धमतरी सूरज सिंह परिहार ने कहा कि बदलते विधिक परिदृश्य में पुलिस बल का निरंतर प्रशिक्षण और क्षमता विकास समय की मांग है। उन्होंने कहा कि अपराधियों को शीघ्र सजा दिलाने और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए गुणवत्तापूर्ण विवेचना, वैज्ञानिक साक्ष्यों का प्रभावी उपयोग और सुदृढ़ अभियोजन बेहद जरूरी है। इस प्रशिक्षण कार्यशाला में जिले के विभिन्न थानों, चौकियों और इकाइयों के लगभग 250 पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धमतरी शैलेन्द्र कुमार पांडेय, नगर पुलिस अधीक्षक अभिषेक चतुर्वेदी, उप पुलिस अधीक्षक भानूप्रताप चंद्राकर, उप पुलिस अधीक्षक सुश्री मोनिका मरावी, उप पुलिस अधीक्षक सुश्री मीना साहू, उप पुलिस अधीक्षक यशकरण दीप ध्रुव, अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) नगरी विपिन रंगारी, वैज्ञानिक अधिकारी अमित कुमार पटेल, डीपीओ अजय सिंह, रक्षित निरीक्षक दीपक शर्मा सहित सभी थाना-चौकी प्रभारी, विवेचक, सीसीटीएनएस ऑपरेटर और प्रशिक्षु उप निरीक्षक उपस्थित रहे। इस दौरान प्रकरण आधारित उदाहरणों के माध्यम से विवेचना, डिजिटल साक्ष्य, गिरफ्तारी, तलाशी, जब्ती और अदालती प्रक्रिया से जुड़ी पुलिसकर्मियों की शंकाओं का समाधान किया गया।1
- गरियाबंद के बिन्द्रानवागढ़ विधायक जनक ध्रुव शनिवार को दुर्गम और हाथी प्रभावित ग्राम जरण्डी और बोड़ापाला पहुंचे। उन्होंने विशाल बाकड़ी नदी को घुटनों तक पानी में पैदल पार किया और फिर करीब चार किलोमीटर का सफर मोटरसाइकिल से तय कर गांव पहुंचे, जहां ग्रामीणों ने उनका जोरदार स्वागत किया। गांव में चौपाल लगाकर विधायक जनक ध्रुव ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने बाकड़ी नदी पर पुल न होने से बच्चों को जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने की बात कही और बताया कि पहले दो छात्रों की इस नदी में बहने से मौत भी हो चुकी है। इसके अलावा ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सुविधाओं, जल जीवन मिशन, दिव्यांग प्रमाण पत्र और हाथियों के आतंक जैसी समस्याओं से भी विधायक को अवगत कराया। विधायक ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक निर्देश दिए और कहा कि वे बाकड़ी नदी पर पुल निर्माण का मुद्दा मुख्यमंत्री के समक्ष उठाएंगे। उन्होंने जरूरत पड़ने पर पुल निर्माण के लिए सड़क पर उतरकर संघर्ष करने की बात भी कही।3
- कोंडागांव पुलिस ने पत्रकारिता की आड़ लेकर लोगों को डराने-धमकाने और अवैध वसूली करने के आरोप में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने एक बीज भंडार संचालक को बदनाम करने और जेल भेजने की धमकी देकर उनसे ₹30 हजार की वसूली की थी। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों के पास से ₹30 हजार नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा, पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई एक कार और मोबाइल फोन समेत कुल ₹6.40 लाख की संपत्ति भी जब्त की है।1
- कांकेर के भानुप्रतापपुर सरकारी अस्पताल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में एक सड़क दुर्घटना में घायल युवक के हाथ में बिना सुन्न करने वाला इंजेक्शन लगाए ही सीधे टांके लगाए जाते दिखाई दे रहे हैं। इस अनोखे इलाज पर जब आपत्ति जताई गई तो कथित तौर पर जवाब मिला कि "दो बार इंजेक्शन लगाता, उसके बदले दो बार टांका लगा दिया।" अस्पताल के इस कारनामे पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा गया है कि चिकित्सा विज्ञान भी शायद इस नए शोध से अनजान होगा। ऐसा लग रहा है कि अस्पताल में अब दर्द कम करने की नहीं, बल्कि दर्द सहने की ट्रेनिंग दी जा रही है और अगर मरीज चीखे तो समझिए इलाज सही दिशा में चल रहा है।1