उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के हैवती गांव में एक बेहद ही दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां महज जमीन के एक टुकड़े के विवाद में पटीदारों ने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए दादा और पोते की कुल्हाड़ी से काटकर बेरहमी से हत्या कर दी। इस दोहरे हत्याकांड के बाद से पूरे गांव और जनपद में सनसनी फैल गई है और हर तरफ कोहराम मचा हुआ है। इस खौफनाक वारदात में 70 वर्षीय बुजुर्ग जगन्नाथ यादव और उनके 22 वर्षीय जवान पोते अंकित यादव को विरोधियों ने धारदार कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर मौत के घाट उतार दिया। पटीदारों के साथ काफी समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था, जो आज अचानक इतना बढ़ गया कि हमलावरों ने इस खूनी खेल को अंजाम दे डाला। एक ही घर से दादा और पोते की लाशें उठने के बाद पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। रोती-बिलखती मां की चीखें—"जवां बेटे को माँ कैसे रहे ज़िंदा!"—वहां मौजूद हर किसी का कलेजा छलनी कर रही हैं। वारदात के बाद गांव में पैदा हुए भारी तनाव को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में ले लिया है और फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है। 'टाइगर न्यूज' के माध्यम से जनसेवक और सोशल एक्टिविस्ट रणजीत यादव ने दिवंगत आत्माओं की शांति की प्रार्थना की है और इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले हैवानों को तुरंत गिरफ्तार कर सीधे फांसी की सजा देने की मांग उठाई है, ताकि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के हैवती गांव में एक बेहद ही दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां महज जमीन के एक टुकड़े के विवाद में पटीदारों ने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए दादा और पोते की कुल्हाड़ी से काटकर बेरहमी से हत्या कर दी। इस दोहरे हत्याकांड के बाद से पूरे गांव और जनपद में सनसनी फैल गई है और हर तरफ कोहराम मचा हुआ है। इस खौफनाक वारदात में 70 वर्षीय बुजुर्ग जगन्नाथ यादव और उनके 22 वर्षीय जवान पोते अंकित यादव को विरोधियों ने धारदार कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर मौत के घाट उतार दिया। पटीदारों के साथ काफी समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था, जो आज अचानक इतना बढ़ गया कि हमलावरों ने इस खूनी खेल को अंजाम दे डाला। एक ही घर से दादा और पोते की लाशें उठने के बाद पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। रोती-बिलखती मां की चीखें—"जवां बेटे को माँ कैसे रहे ज़िंदा!"—वहां मौजूद हर किसी का कलेजा छलनी कर रही हैं। वारदात के बाद गांव में पैदा हुए भारी तनाव को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में ले लिया है और फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है। 'टाइगर न्यूज' के माध्यम से जनसेवक और सोशल एक्टिविस्ट रणजीत यादव ने दिवंगत आत्माओं की शांति की प्रार्थना की है और इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले हैवानों को तुरंत गिरफ्तार कर सीधे फांसी की सजा देने की मांग उठाई है, ताकि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।
- दिल्ली में छात्रों के आंदोलन और 'चलो संसद' प्रदर्शन के दौरान डिंपल यादव जी सहित तमाम सांसदों को गिरफ्तार कर लिया गया है। जंतर-मंतर और संसद के पास चल रहे इस आंदोलन के बीच यह बड़ी कार्रवाई की गई है।1
- जौनपुर के मछलीशहर में नीट की परीक्षा पास करने वाले बच्चों को बधाई देने के लिए कमला हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉक्टर आर बी चौहान जी पहुंचे हैं।1
- जौनपुर जिले के मछलीशहर के अंतर्गत आने वाले गाँव सराय घाटम की बदहाल सड़क को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द से जल्द सड़क निर्माण कराने की अपील की है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क वर्षों से बदहाल स्थिति में पड़ी है। चुनाव के समय तो सभी नेता और जनप्रतिनिधि वोट माँगने गाँव आ जाते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही इस सड़क की सुध लेने वाला कोई नहीं रहता। वर्तमान में इसी जर्जर सड़क से रोजाना छोटे बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएँ, किसान और अन्य ग्रामीण आवागमन करते हैं, जिसके चलते यहाँ कई दुर्घटनाएँ भी हो चुकी हैं। सड़क के किनारे झाड़ियाँ उग आने से यह जगह जंगल जैसी दिखने लगी है और रात के समय यहाँ जंगली जानवरों का खतरा बना रहता है, जिससे लोगों की जान हमेशा जोखिम में रहती है। ग्रामीणों ने माननीय विधायक, सांसद, जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से विनम्र निवेदन किया है कि किसी बड़ी दुर्घटना का इंतज़ार किए बिना सराय घाटम गाँव की इस सड़क का निर्माण कार्य तुरंत शुरू कराया जाए। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूछा है कि क्या जनता उन्हें सिर्फ चुनाव के समय ही याद आती है? उन्होंने याद दिलाया कि जनता की मूलभूत सुविधाओं का ध्यान रखना जनप्रतिनिधियों की ही जिम्मेदारी है। ग्रामीणों की केवल एक ही माँग है कि गाँव सराय घाटम की सड़क का निर्माण शीघ्र कराया जाए, ताकि ग्रामीणों का आवागमन सुरक्षित हो सके।1
- संसद भवन मार्च को लेकर हलचल काफी तेज हो गई है और संसद भवन की ओर लोगों का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा है। इस मार्च में हजारों-लाखों लोगों के पहुंचने का दावा किया जा रहा है।1
- प्रतापगढ़ के कोतवाली देहात अंतर्गत नरिया गांव की सरोज बस्ती में एक पड़ोसी द्वारा सार्वजनिक रास्ते पर जबरन दीवार खड़ी कर सात परिवारों का रास्ता बंद कर दिया गया है। भौगोलिक जटिलताओं के बीच तलहटी के ठीक कगार पर बसे इन परिवारों के सामने इस निर्माण के कारण भारी मुसीबत खड़ी हो गई है। पीड़ितों के अनुसार, यह उनका पुश्तैनी और एकमात्र रास्ता था, जिसे पड़ोसी द्वारा बीच में जबरन निर्माण कर बंद कर दिया गया है। रास्ता पूरी तरह बाधित होने के बाद अब पीड़ित परिवार सक्षम अधिकारियों से मामले में न्याय की गुहार लगा रहे हैं और रास्ता खुलवाने की मांग कर रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश में पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली एक बेहद ही चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ पुलिस द्वारा कथित तौर पर किए गए अत्याचार और उत्पीड़न के खिलाफ स्थानीय जनता के सब्र का बांध पूरी तरह टूट गया है। पुलिस की कथित गुंडागर्दी से भड़के भारी आक्रोश के बीच स्थानीय महिलाओं और ग्रामीणों ने आरोपी पुलिसकर्मियों को घेरकर उन्हें मौके से दौड़ा-दौड़ाकर खदेड़ दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह पुलिसकर्मी आक्रोशित भीड़ के आगे अपनी जान बचाकर दुम दबाकर भागते नजर आ रहे हैं। इस घटना में पीड़िता और स्थानीय महिलाओं ने पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए सीधे तौर पर खाकी की कार्यशैली को चुनौती दी है और कहा है कि आए दिन बेगुनाहों पर होने वाली कार्रवाई और दुर्व्यवहार के कारण लोगों के मन में खाकी के प्रति भारी अविश्वास पैदा हो गया है। इस पूरे घटनाक्रम पर 'Tiger News' के माध्यम से जनसेवक और सोशल एक्टिविस्ट रणजीत यादव ने बेबाक सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा है कि क्या पुलिस का काम जनता की सुरक्षा करना है या अपनी वर्दी का डर दिखाकर गुंडागर्दी करना है? रणजीत यादव ने शासन-प्रशासन से ऐसे निरंकुश रवैये पर सख्त कार्रवाई करने की माँग की है और जनता से भी अपील की है कि क्या दोषी पुलिसकर्मियों पर तुरंत गाज गिरनी चाहिए, इस पर अपनी राय दें और न्याय के लिए एकजुट होकर आवाज उठाएं।1