सुल्तानपुर के लम्भुआ तहसील क्षेत्र स्थित उपनिबंधक कार्यालय पर इन दिनों भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के गंभीर आरोप लग रहे हैं। फरियादियों द्वारा शैलेन्द्र सिंह नामक एक व्यक्ति का नाम बार-बार लिया जा रहा है, जिस पर कई वर्षों से बैनामा लेखकों के साथ मिलकर क्रेताओं से निबंधन कार्यालय में 1% की जगह 2% जमीन की रकम वसूलने का आरोप है। कई भू-क्रेताओं ने भी इसकी पुष्टि की है कि उनसे निबंधन कार्यालय में तय रकम से अधिक पैसे लिए गए हैं। इसी क्रम में, इस व्यक्ति पर निबंधन कार्यालय के कर्मचारियों से मिलकर स्टाम्प चोरी करने का भी आरोप है। बताया गया है कि वह क्रेता-विक्रेताओं को आबादी वाली या सड़क से दूर और पेड़ों से विकृत जमीन को मानक से कम मूल्य का दिखाकर राजस्व को भारी हानि पहुंचाते हुए व्यक्तिगत लाभ कमाता है। इस संबंध में कुछ शिकायतों पर जांच भी हुई है। स्थानीय लोगों और सूत्रों के हवाले से कार्यालय की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। सूत्रों का दावा है कि एक ऐसा व्यक्ति वर्षों से कार्यालय में प्रभावशाली भूमिका में है, जो सरकारी कर्मचारी न होते हुए भी महत्वपूर्ण कार्यों में हस्तक्षेप करता है और उसकी सहमति के बिना कई कार्य आगे नहीं बढ़ते। यहाँ तक कि उस पर दस्तावेजों पर अनधिकृत हस्ताक्षर करने का भी आरोप है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और यह भी चर्चा है कि उसकी पहुँच प्रभावशाली लोगों तक है, जिसके कारण उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं होती। इन कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। स्थानीय नागरिकों ने उपजिलाधिकारी लम्भुआ, जिलाधिकारी सुलतानपुर, राजस्व परिषद, सतर्कता अधिष्ठान (एंटी करप्शन) या किसी अन्य सक्षम एजेंसी से मामले की जांच कराने की अपील की है, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके और दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो सके। यदि आरोप निराधार हैं, तो स्थिति स्पष्ट करने की भी मांग है। इस बीच, हमारी टीम ने उपरोक्त व्यक्ति और कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार पर एक स्टिंग ऑपरेशन किया है, जिसमें बिना किसी पद के उस व्यक्ति को रोजाना कार्यालय में बैठते और हस्ताक्षर करते तथा अन्य अधिकारियों द्वारा भी घूस लेते हुए देखा गया है। इस स्टिंग ऑपरेशन के आधार पर मानवाधिकार सुरक्षा संगठन और अन्य संगठन उच्चस्तरीय जांच कराने और वर्तमान के साथ-साथ पूर्व के निबंधकों, उनके परिवार की आय-व्यय तथा आय से अधिक संपत्ति की जांच के लिए शासन से मांग करते हुए हाईकोर्ट जाने की तैयारी में हैं।
सुल्तानपुर के लम्भुआ तहसील क्षेत्र स्थित उपनिबंधक कार्यालय पर इन दिनों भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के गंभीर आरोप लग रहे हैं। फरियादियों द्वारा शैलेन्द्र सिंह नामक एक व्यक्ति का नाम बार-बार लिया जा रहा है, जिस पर कई वर्षों से बैनामा लेखकों के साथ मिलकर क्रेताओं से निबंधन कार्यालय में 1% की जगह 2% जमीन की रकम वसूलने का आरोप है। कई भू-क्रेताओं ने भी इसकी पुष्टि की है कि उनसे निबंधन कार्यालय में तय रकम से अधिक पैसे लिए गए हैं। इसी क्रम में, इस व्यक्ति पर निबंधन कार्यालय के कर्मचारियों से मिलकर स्टाम्प चोरी करने का भी आरोप है। बताया गया है कि वह क्रेता-विक्रेताओं को आबादी वाली या सड़क से दूर और पेड़ों से विकृत जमीन को मानक से कम मूल्य का दिखाकर राजस्व को भारी हानि पहुंचाते हुए व्यक्तिगत लाभ कमाता है। इस संबंध में कुछ शिकायतों पर जांच भी हुई है। स्थानीय लोगों और सूत्रों के हवाले से कार्यालय की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। सूत्रों का दावा है कि एक ऐसा व्यक्ति वर्षों से कार्यालय में प्रभावशाली भूमिका में है, जो सरकारी कर्मचारी न होते हुए भी महत्वपूर्ण कार्यों में हस्तक्षेप करता है और उसकी सहमति के बिना कई कार्य आगे नहीं बढ़ते। यहाँ तक कि उस पर दस्तावेजों पर अनधिकृत हस्ताक्षर करने का भी आरोप है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और यह भी चर्चा है कि उसकी पहुँच प्रभावशाली लोगों तक है, जिसके कारण उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं होती। इन कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। स्थानीय नागरिकों ने उपजिलाधिकारी लम्भुआ, जिलाधिकारी सुलतानपुर, राजस्व परिषद, सतर्कता अधिष्ठान (एंटी करप्शन) या किसी अन्य सक्षम एजेंसी से मामले की जांच कराने की अपील की है, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके और दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो सके। यदि आरोप निराधार हैं, तो स्थिति स्पष्ट करने की भी मांग है। इस बीच, हमारी टीम ने उपरोक्त व्यक्ति और कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार पर एक स्टिंग ऑपरेशन किया है, जिसमें बिना किसी पद के उस व्यक्ति को रोजाना कार्यालय में बैठते और हस्ताक्षर करते तथा अन्य अधिकारियों द्वारा भी घूस लेते हुए देखा गया है। इस स्टिंग ऑपरेशन के आधार पर मानवाधिकार सुरक्षा संगठन और अन्य संगठन उच्चस्तरीय जांच कराने और वर्तमान के साथ-साथ पूर्व के निबंधकों, उनके परिवार की आय-व्यय तथा आय से अधिक संपत्ति की जांच के लिए शासन से मांग करते हुए हाईकोर्ट जाने की तैयारी में हैं।
- सुल्तानपुर के कोतवाली नगर क्षेत्र स्थित ओम नगर में दो युवतियों का पीछा करने और उनसे बातचीत का प्रयास करने की घटना सामने आई है। यह घटना 09 जून 2026 की रात लगभग 10:00 से 10:15 बजे के बीच हुई, जब दो बहनें रेलवे ट्रैक के किनारे अपने घर लौट रही थीं। इसी दौरान एक अज्ञात युवक ने उनका पीछा किया और उनसे बात करने की कोशिश की, लेकिन युवतियों के शोर मचाने पर वह मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही डायल 112 पर खबर दी गई, जिसके बाद थाना पुलिस और क्षेत्राधिकारी नगर मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में युवतियों द्वारा बताई गई घटना की पुष्टि हुई है। क्षेत्राधिकारी नगर श्री सौरभ सामन्त ने बताया कि आरोपी की पहचान के लिए आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। इस कार्य के लिए पुलिस ने तीन विशेष टीमों का गठन किया है, जिनका लक्ष्य जल्द ही युवक की पहचान कर उसके विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई करना है। पुलिस ने क्षेत्रवासियों को यह आश्वासन दिया है कि महिलाओं की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की छेड़खानी या उत्पीड़न की घटनाओं पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए पेपर लीक के मुद्दे को उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक से युवाओं का भविष्य नीलाम हो रहा है और इसी कारण 'Gen Z में भारी नाराज़गी' है।1
- लखनऊ में रियल एस्टेट क्षेत्र की प्रतिष्ठित नंबर वन कंपनी राजधानी ग्रुप की मासिक लीडर्स मीटिंग सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में कंपनी के लिए एक नई दिशा और दशा तय की गई। मीटिंग के दौरान, कंपनी के अध्यक्ष ने उपस्थित सभी लीडर्स को सफलता का मूल मंत्र प्रदान किया, जिससे भविष्य की रणनीतियों और कार्यप्रणाली को लेकर स्पष्टता आई। इस सेमिनार का उद्देश्य कंपनी की आगामी योजनाओं और लक्ष्यों को निर्धारित करना था।2
- थाना अखण्डनगर पुलिस और एसओजी ने मोबाइल टावर उपकरणों की चोरी करने वाले एक अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने रेकी कर और गाड़ियों के नंबर बदलकर वारदातों को अंजाम देने वाले इस गैंग के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से अवैध असलहे, चोरी के माल से प्राप्त ₹2 लाख रुपये और घटना में इस्तेमाल की गई एक वैगनआर कार बरामद की है। इन अभियुक्तों का एक लंबा आपराधिक इतिहास है और वे कई जनपदों में वांछित भी थे। इस सराहनीय सफलता के लिए पुलिस टीम को ₹25,000 का पुरस्कार दिया गया है। पुलिस अधीक्षक सुलतानपुर श्रीमती चारू निगम ने भी इस संबंध में जानकारी दी।1
- समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता श्याम लाल गुरुजी ने एक पाँच मिनट का वक्तव्य जारी करते हुए बीजेपी के एक विधायक पर हमला बोला है। यह हमला बीजेपी विधायक द्वारा कुछ दिन पहले मंच से प्रधानों के संबंध में दिए गए बयान के विरोध में किया गया है, जिस पर श्याम लाल गुरुजी ने आपत्ति जताई थी। सपा नेता श्याम लाल गुरुजी ने बीजेपी विधायक के बयानों का क्रमवार खंडन करके क्षेत्र में चर्चा का बाजार गर्म कर दिया है।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एनडीए की बैठक के दौरान अपने साथी नेताओं के साथ स्वादिष्ट झालमुड़ी का आनंद लिया।1
- अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी श्री आलोक कुमार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, प्रतापगढ़ के थाना कोतवाली नगर में पंजीकृत गैंगस्टर से संबंधित एक मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई के तहत गैंग लीडर मस्सन और अलीम उर्फ मोनू के खिलाफ उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के अंतर्गत प्रभावी विधिक प्रक्रिया अपनाई गई है। पुलिस ने इन गैंग लीडरों की कुल ₹14.30 लाख मूल्य की अवैध चल संपत्ति को कुर्क कर लिया है।1
- पुलिस ने पांच अंतर्जनपदीय चोरों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक चारु निगम ने एक प्रेस वार्ता के दौरान इस कार्रवाई की जानकारी दी, जिसमें बताया गया कि ये चोर जिले सहित जौनपुर और प्रतापगढ़ जैसे आसपास के जिलों में भी चोरी की घटनाओं को अंजाम दे चुके थे। चोर टावरों में लगी महंगी डिवाइसों की चोरियों के मामले में वांछित थे। पुलिस के अनुसार, ये चोर लखनऊ में आकर रुकते थे और वहाँ से रेकी करते थे। चोरी के लिए वे ऐसे टावरों को चुनते थे जहाँ सीसीटीवी कैमरे या अन्य सुरक्षा उपकरण नहीं लगे होते थे। एसपी ने यह भी बताया कि इन चोरों को पूर्व में गाजियाबाद से भी जेल भेजा गया था। पुलिस अब इन चोरों द्वारा चुराए गए सामान को दिल्ली में बेचने वालों की तलाश कर रही है। इन पांचों चोरों के खिलाफ कोतवाली देहात और अखंडनगर सहित कुल आठ थानों में मुकदमे दर्ज थे। इस मामले में पुलिस टीम द्वारा की गई गिरफ्तारी के लिए एसपी ने ₹25,000 का इनाम भी दिया है।1
- सुलतानपुर जिले के पौराणिक विजेथुआ महावीरन धाम में आस्था के नाम पर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है।1