पुलिस ने पांच अंतर्जनपदीय चोरों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक चारु निगम ने एक प्रेस वार्ता के दौरान इस कार्रवाई की जानकारी दी, जिसमें बताया गया कि ये चोर जिले सहित जौनपुर और प्रतापगढ़ जैसे आसपास के जिलों में भी चोरी की घटनाओं को अंजाम दे चुके थे। चोर टावरों में लगी महंगी डिवाइसों की चोरियों के मामले में वांछित थे। पुलिस के अनुसार, ये चोर लखनऊ में आकर रुकते थे और वहाँ से रेकी करते थे। चोरी के लिए वे ऐसे टावरों को चुनते थे जहाँ सीसीटीवी कैमरे या अन्य सुरक्षा उपकरण नहीं लगे होते थे। एसपी ने यह भी बताया कि इन चोरों को पूर्व में गाजियाबाद से भी जेल भेजा गया था। पुलिस अब इन चोरों द्वारा चुराए गए सामान को दिल्ली में बेचने वालों की तलाश कर रही है। इन पांचों चोरों के खिलाफ कोतवाली देहात और अखंडनगर सहित कुल आठ थानों में मुकदमे दर्ज थे। इस मामले में पुलिस टीम द्वारा की गई गिरफ्तारी के लिए एसपी ने ₹25,000 का इनाम भी दिया है।
पुलिस ने पांच अंतर्जनपदीय चोरों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक चारु निगम ने एक प्रेस वार्ता के दौरान इस कार्रवाई की जानकारी दी, जिसमें बताया गया कि ये चोर जिले सहित जौनपुर और प्रतापगढ़ जैसे आसपास के जिलों में भी चोरी की घटनाओं को अंजाम दे चुके थे। चोर टावरों में लगी महंगी डिवाइसों की चोरियों के मामले में वांछित थे। पुलिस के अनुसार, ये चोर लखनऊ में आकर रुकते थे और वहाँ से रेकी करते थे। चोरी के लिए वे ऐसे टावरों को चुनते थे जहाँ सीसीटीवी कैमरे या अन्य सुरक्षा उपकरण नहीं लगे होते थे। एसपी ने यह भी बताया कि इन चोरों को पूर्व में गाजियाबाद से भी जेल भेजा गया था। पुलिस अब इन चोरों द्वारा चुराए गए सामान को दिल्ली में बेचने वालों की तलाश कर रही है। इन पांचों चोरों के खिलाफ कोतवाली देहात और अखंडनगर सहित कुल आठ थानों में मुकदमे दर्ज थे। इस मामले में पुलिस टीम द्वारा की गई गिरफ्तारी के लिए एसपी ने ₹25,000 का इनाम भी दिया है।
- आजमगढ़ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने महाराजा सुहेलदेव जी के नाम पर एक भव्य विश्वविद्यालय का जिक्र करते हुए कहा कि कहीं भी जाने पर महाराजा सुहेलदेव जी के नाम से ही पहचान बनेगी और गौरव की अनुभूति प्राप्त होगी।1
- प्रतापगढ़ के नगर पंचायत गड़वारा में मनोनीत सभासदों का शपथ ग्रहण कार्यक्रम संपन्न हो गया है, जिसके चलते नगर पंचायत कार्यालय भारी पुलिस बल की तैनाती के कारण छावनी में तब्दील रहा। यह शपथ ग्रहण कार्यक्रम चर्चा का विषय बना हुआ है। इस दौरान बीजेपी सदर विधायक राजेंद्र, जिलाध्यक्ष आशीष श्रीवास्तव और मंडल अध्यक्ष राजाराम वैश्य समेत कई लोग मौजूद रहे। इससे पहले हुए सभासदों के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में नगर पंचायत कार्यालय में ‘अहम का टकराव’ देखने को मिला था। उस समय सदर विधायक राजेंद्र मौर्य को कार्यालय का गेट बंद कर वापस लौटा दिया गया था, जिससे प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में खासी हलचल पैदा हो गई थी। इसी पिछली घटना के चलते आज दोबारा आयोजित इस कार्यक्रम के लिए भारी पुलिस बल का बंदोबस्त किया गया था। जनप्रतिनिधियों के शपथ ग्रहण समारोह को लोकतंत्र का सबसे पवित्र उत्सव माना जाता है, ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कौन थे वे लोग जिन्होंने लोकतंत्र के इस पवित्र उत्सव को कलंकित किया था।1
- प्रतापगढ़ जनपद में प्रधानमंत्री मोदी के ईंधन बचत के आह्वान को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। प्रधानमंत्री ने देश के नाम अपने संबोधन में कहा था कि देश के प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह राष्ट्र हित में ऊर्जा की बचत करे। उनके इस बयान को विपक्षी दलों ने भले ही विशेष तवज्जो नहीं दी, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों ने इसे सकारात्मक दिशा में लेते हुए इस पर अमल किया और ईंधन की बचत के लिए अपना समर्थन भी दिया। इसी कड़ी में, जनपद प्रतापगढ़ के जिला न्यायाधीश राजीव कमल और उनके साथ अन्य न्यायाधीश अब प्रतिदिन पैदल ही कोर्ट जा रहे हैं। उनके इस कार्य से वे न केवल ईंधन बचाने में योगदान दे रहे हैं, बल्कि लोगों को यह संदेश भी दे रहे हैं कि सुबह पैदल चलने से स्वास्थ्य ठीक रहता है और मन प्रसन्न रहता है।1
- प्रतापगढ़ के मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मुख्य गेट के ठीक सामने बिना बारिश के ही गंदे पानी का भारी जलभराव हो गया है, जिससे मरीजों, उनके तीमारदारों और आम राहगीरों को आवागमन में भयंकर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल आने-जाने वाले लोगों को मजबूरी में इस गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। जलनिकासी व्यवस्था की बदहाली के कारण चारों ओर पानी फैला हुआ है, जिससे क्षेत्र में संक्रमण फैलने का खतरा भी लगातार बना हुआ है। नागरिकों ने बताया कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन अब तक इसके समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल जलनिकासी की उचित व्यवस्था कर इस गंभीर समस्या को दूर करने की पुरजोर मांग की है।1
- आम जनता ने योगी सरकार से तत्काल नाले की सफाई कराने और उससे संबंधित कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने की पुरजोर गुजारिश की है। यह अपील सीधे सरकार से की गई है, जिसमें समयबद्धता पर विशेष जोर दिया गया है।1
- उत्तर प्रदेश विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे के विरुद्ध हजरतगंज थाने में एक तहरीर दी गई है। यह शिकायत विधानसभा के एक पूर्व कर्मी कर्मेश प्रताप सिंह ने दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने प्रमुख सचिव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत थाना हजरतगंज, शहर में की गई है।1
- प्रतापगढ़ के पट्टी नारंगपुर बाजार में मंगलवार को हुई मामूली बारिश ने स्थानीय जनपद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हल्की बरसात के बाद ही सड़क पर एक फीट तक पानी भर गया, जिससे पूरा बाजार पानी से लबालब हो गया। इस जलभराव के कारण दुकानदारों का कारोबार ठप हो गया है और ग्राहक काफी परेशान हैं। यह पट्टी चांदा मार्ग सुल्तानपुर अम्बेडकरनगर कादीपुर को जोड़ता है। बाजार में पानी की निकासी के लिए कोई ठोस नाली व्यवस्था नहीं है और पानी निकलने का कोई रास्ता भी नहीं बचा है। यह स्थिति हर बार बारिश होने पर पैदा होती है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। दुकानों के सामने कीचड़ और गंदा पानी जमा होने से लोगों का चलना-फिरना दूभर हो गया है। स्थानीय जनपद के अफसरों को इस समस्या से कोई सरोकार नहीं है। नाली निर्माण और जल निकासी की योजनाएँ वर्षों से केवल फाइलों में चल रही हैं, लेकिन धरातल पर कुछ भी अमल में नहीं लाया गया है। जनता नियमित रूप से टैक्स देती है, लेकिन बदले में उसे जलभराव और बीमारियों का सामना करना पड़ता है। क्षेत्र के विधायक और सांसद भी चुनाव के दौरान बड़े-बड़े वादे करते हैं, जैसे स्मार्ट सिटी और स्वच्छ भारत की बातें, लेकिन हल्की बारिश में नारंगपुर बाजार के डूबने पर वे कहीं नज़र नहीं आते। वे न तो स्थिति का निरीक्षण करते हैं और न ही कोई बयान देते हैं, जिससे प्रतीत होता है कि उन्हें जनता की तकलीफों से कोई वास्ता नहीं है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर जनता कब तक इन बदतर हालातों को झेलेगी। अगर थोड़ी सी बारिश में ही पूरा बाजार पानी में डूब जाता है, तो विकास के तमाम दावे किस काम के हैं। यह समय आ गया है कि जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि अपनी कुंभकर्णी नींद से जागें और इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान करें।1
- प्रतापगढ़ के पट्टी स्थित नारंगपुर बाजार में मंगलवार को हुई मामूली बारिश ने स्थानीय प्रशासन की पोल खोल दी है। थोड़ी सी ही बारिश के बाद पूरी बाजार पानी से लबालब हो गई, जहां सड़क पर एक फीट तक पानी भर गया। इस जलभराव के कारण दुकानदारों का कारोबार पूरी तरह ठप हो गया है और ग्राहक भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। बाजार में पानी निकासी के लिए नाली की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है, जिसके चलते हर बार बारिश में यही हाल होता है। हल्की बारिश में ही विकास के तमाम दावे गायब नजर आते हैं, क्योंकि जहां नाले-नालियां हैं, वहां जाम की स्थिति बनी रहती है। दुकानों के सामने कीचड़ और गंदा पानी जमा होने से लोगों का चलना-फिरना भी दूभर हो गया है। यह नारंगपुर बाजार पट्टी-चांदा मार्ग पर स्थित है, जो सुल्तानपुर, अंबेडकरनगर और कादीपुर को जोड़ता है। जनपद प्रशासन इस गंभीर समस्या से पूरी तरह बेखबर और लापरवाह बना हुआ है। वर्षों से नाली निर्माण और जलनिकासी की योजनाएं केवल फाइलों तक ही सीमित हैं और धरातल पर उनका कोई अस्तित्व नहीं है। आरोप है कि स्थानीय अधिकारी इस समस्या से कोई सरोकार नहीं रखते। इसी तरह, क्षेत्र के विधायक और सांसद भी कुंभकर्णी नींद में सो रहे हैं; जो चुनाव के दौरान स्मार्ट सिटी और स्वच्छ भारत के बड़े-बड़े वादे करते हैं, वे अब बाजार के जलमग्न होने पर कहीं नजर नहीं आते। जनता टैक्स देती है, लेकिन बदले में उसे केवल जलभराव और बीमारियों का सामना करना पड़ता है, जिससे नेताओं का जनता की तकलीफ से कोई वास्ता नहीं लगता। अब सवाल यह है कि जनता कब तक ऐसे हालात झेलेगी, जहां थोड़ी सी बारिश में ही पूरा बाजार डूब जाता है और विकास के दावे खोखले साबित होते हैं। जिम्मेदार लोगों को अब अपनी नींद से जागने की सख्त जरूरत है।1