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आजमगढ़ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने महाराजा सुहेलदेव जी के नाम पर एक भव्य विश्वविद्यालय का जिक्र करते हुए कहा कि कहीं भी जाने पर महाराजा सुहेलदेव जी के नाम से ही पहचान बनेगी और गौरव की अनुभूति प्राप्त होगी।
PBH HUB NEWS
आजमगढ़ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने महाराजा सुहेलदेव जी के नाम पर एक भव्य विश्वविद्यालय का जिक्र करते हुए कहा कि कहीं भी जाने पर महाराजा सुहेलदेव जी के नाम से ही पहचान बनेगी और गौरव की अनुभूति प्राप्त होगी।
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- प्रतापगढ़ के पट्टी कोतवाली क्षेत्र के शेखपुरा आधारगंज गांव में बच्चों के एक मामूली विवाद ने बड़ा रूप ले लिया, जहाँ पड़ोसियों पर एक गर्भवती महिला और उसकी बहन को लाठी-डंडों से पीटकर घायल करने का आरोप है। नसरीन बानो नामक गर्भवती महिला ने मंगलवार सुबह करीब 11 बजे पुलिस को दिए एक शिकायती पत्र में यह आरोप लगाया है। नसरीन बानो के अनुसार, बच्चों के बीच हुए विवाद के बाद पड़ोस के लोगों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया, जिसमें वह खुद घायल हो गईं। शोर सुनकर उनकी बहन हसीना बानो मौके पर बीच-बचाव करने पहुंचीं, तो आरोपियों ने उन्हें भी लाठी-डंडों से पीटकर घायल कर दिया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि मारपीट के दौरान आरोपियों ने उनके घर में आग लगाने और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी। घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने कोतवाली पहुंचकर पुलिस को शिकायती पत्र सौंपा और इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है।1
- सुल्तानपुर जिले के लम्भुआ तहसील क्षेत्र के लोटिया राजस्व ग्राम में एक भूमिधरी जमीन पर दबंगों ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। यह मामला गाटा संख्या 987 की 5 बिस्वा जमीन से जुड़ा है, जिसका बैनामा आरती पत्नी शिवबरन ने लिया था। क्रेता आरती को विपक्षी तरुण यादव पुत्र राम लखन यादव इस जमीन पर कब्जा करने से लगातार रोक रहे हैं। बताया गया है कि उक्त गाटे से करीब 500 मीटर तक विपक्षी तरुण यादव का न तो कोई भूखंड है और न ही कोई आवास; वह केवल अपनी दबंगई के बल पर क्रेता को आर्थिक और मानसिक हानि पहुँचाने का काम कर रहे हैं। हाल ही में, विपक्षी ने बीते कल रात का फायदा उठाते हुए जमीन के कुछ हिस्से पर खरपतवार से एक छप्पर बना लिया और उसके अंदर ही अंदर ईंट की दीवार भी खड़ी कर दी। इस मामले में डायल 112 की पुलिस कई बार मौके पर जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद विपक्षी जमीन से कब्जा हटाने से मना कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, उपरोक्त जमीन का धारा 24 के अंतर्गत सीमांकन भी किया जा चुका है, परंतु राजस्व निरीक्षक की लापरवाही के कारण क्रेता को अभी तक कब्जा दखल नहीं मिल पा रहा है। इस पूरी स्थिति से क्रेता आरती अत्यंत हैरान और परेशान हैं। वह न्याय की आस में दर-दर की ठोकरें खा रही हैं, लेकिन उन्हें अभी तक कोई न्याय मिलने के आसार दिखाई नहीं दे रहे हैं।2
- सुलतानपुर की सदर तहसील में राजस्व विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ गए हैं, जहाँ कथित तौर पर 'जय-वीरू' की एक जोड़ी ने उच्च अधिकारियों और न्यायालय के आदेशों को बेअसर साबित कर दिया है। ग्राम चुनहा करोंदिया के निवासी इसरार हुसैन ने लेखपाल सर्वेन्द्र पटेल और कानूनगो रामपाल मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इसरार हुसैन के अनुसार, इन दोनों ने सदर एसडीएम और नायब तहसीलदार द्वारा पहले ही खारिज की गई एक विरासत को न केवल फर्जी तरीके से दर्ज किया, बल्कि कोर्ट के स्टे के बावजूद उसका बैनामा भी करा दिया। तहसील में चर्चा है कि लेखपाल सर्वेन्द्र पटेल और कानूनगो रामपाल मिश्रा की 'कलम में ऐसा जादू' है कि एसडीएम का खारिज आदेश भी उनके सामने 'कागज का टुकड़ा' बन जाता है। पीड़ित इसरार हुसैन ने दावा किया है कि इस जोड़ी ने साबित कर दिया है कि तहसील के असली 'डीएम' वही हैं, क्योंकि 'डीएम का आदेश ही रद्दी है, एसडीएम का खारिज आदेश मजाक है और कोर्ट का स्टे जोक है'। पीड़ित के अनुसार, वह समाधान दिवस से लेकर डीएम दफ्तर तक न्याय के लिए रो चुका है, लेकिन इस 'जय-वीरू सरकार' के सामने सब बेबस हैं। यह भी बताया गया है कि लेखपाल सर्वेन्द्र पटेल पहले भी निलंबित हो चुके हैं, बावजूद इसके तहसील में उनकी पकड़ बरकरार है। इस मामले से तहसील में भ्रष्टाचार और मिलीभगत की आशंका गहरी हो गई है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब एसडीएम और नायब तहसीलदार ने विरासत खारिज कर दी थी और जमीन पर कोर्ट का स्टे भी था, तो लेखपाल-कानूनगो ने किसके आदेश पर इसे दर्ज कर बैनामा करा दिया? पीड़ित इसरार हुसैन ने इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। यह खबर पीड़ित इसरार हुसैन पक्ष के आरोपों पर आधारित है, और लेखपाल सर्वेन्द्र पटेल, कानूनगो रामपाल मिश्रा, तथा राजस्व विभाग का पक्ष आने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।1
- मीरगंज थानाध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह की अध्यक्षता में मीरगंज थाने पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में हिंदू और मुस्लिम धर्म गुरुओं के साथ-साथ गणमान्य व्यक्तियों ने भी भाग लिया। उपस्थित लोगों को उच्च अधिकारियों द्वारा जारी आदेशों और निर्देशों के बारे में जानकारी दी गई, और उन्हें त्योहारों को पूरी तरह से शांतिपूर्ण ढंग से मनाने के निर्देश दिए गए।1
- उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में भीषण गर्मी और छात्रों के स्वास्थ्य के मद्देनज़र ग्रीष्मकालीन अवकाश को बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब कक्षा 1 से 8 तक के सभी विद्यालय 24 जून तक बंद रहेंगे, और छात्रों की नियमित पढ़ाई 25 जून से दोबारा शुरू होगी। सरकार के निर्देशों के अनुसार, सभी शिक्षकों और विद्यालय कर्मियों को स्कूलों की साफ-सफाई, नामांकन अभियान और अन्य प्रशासनिक तैयारियों को समय पर पूरा करने के लिए 22 जून से ही विद्यालयों में उपस्थित होना अनिवार्य होगा। शिक्षा विभाग ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि प्रदेश में जारी गर्मी के बीच बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है, और इस अवकाश विस्तार से छात्रों को राहत मिलेगी, साथ ही विद्यालयों को नए सत्र की तैयारियों के लिए अतिरिक्त समय भी मिल पाएगा।1
- सुल्तानपुर जनपद के मोतीगरपुर क्षेत्र की दियरा ग्राम सभा के तिवारीपुर गांव में सार्वजनिक मार्ग को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि गाटा संख्या 1924 पर वर्षों से आवागमन का सार्वजनिक रास्ता रहा है, जिससे सैकड़ों परिवार आते-जाते हैं। इसके बावजूद कुछ लोगों द्वारा इस रास्ते का निर्माण नहीं होने दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) जयसिंहपुर को लिखित शिकायत भी दी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों के अनुसार, दियरा ग्राम सभा में वर्तमान में चकबंदी की प्रक्रिया चल रही है, फिर भी रास्ते की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। उनका गंभीर आरोप है कि मौके पर तैनात उप चकबंदी अधिकारी (ACO) अर्शद जमाल कुछ प्रभावशाली लोगों के दबाव में आकर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि चकबंदी का मुख्य उद्देश्य ही भूमि और रास्तों से संबंधित विवादों को सुलझाना होता है, लेकिन उनके गांव में ऐसा नहीं हो रहा। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सार्वजनिक मार्ग को तत्काल बहाल करने की मांग की है ताकि सैकड़ों परिवारों को आवागमन में हो रही समस्या से निजात मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करने और आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।1
- इस पाठ में बारंबार "जय जय जय जय जय जय जय जय जय जय जय जय" का उद्घोष किया गया है, जिसके उपरांत "जय जय जय जय जय जय जय महाकाल" के जयकारे से गहरी भक्ति और श्रद्धा व्यक्त की गई है।1
- राम मंदिर में एक पुजारी को पैसा चुराते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया, जिसके बाद इलाके में हाहाकार मच गया। इस घटना को लेकर काफी हंगामा हुआ।1