पराली जलाने से मौत का तांडव अवसर बने तमाशबिन जिम्मेदार अधिकारी लापरवाह पराली जलाने से मौत का तांडव, अफसर बने तमाशबीन! धौरहरा तहसील क्षेत्र में खुलेआम जल रही पराली, निर्दोष जीवों की जा रही जान — जिम्मेदार कौन? धौरहरा तहसील क्षेत्र में इन दिनों खेतों में पराली जलाने का सिलसिला बेरोकटोक जारी है। इस लापरवाही का खामियाजा मासूम, बेजुबान जानवरों और छोटे-छोटे जीवों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ रहा है। धुएं और आग की चपेट में आकर रोज़ाना अनगिनत जीव निर्जीव हो रहे हैं, लेकिन विभागीय अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं। न कोई रोक-टोक, न कोई कार्रवाई — आखिर क्यों? सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि तहसील प्रांगण में बैठने वाले तहसीलदार आदित्य विशाल अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ते नजर आ रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण और जीव-जंतुओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी जिनके कंधों पर है, वही अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं। सवाल उठता है — क्या नियम सिर्फ कागज़ों तक सीमित हैं? क्या गरीब और बेजुबान जीवों की जान की कोई कीमत नहीं? कब जागेंगे जिम्मेदार अफसर? पराली जलाना न सिर्फ कानूनन अपराध है, बल्कि मानवता के खिलाफ भी एक गंभीर अपराध है। इसके बावजूद प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। अब जनता पूछ रही है — क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही प्रशासन जागेगा? या फिर यूं ही निर्दोष जीव आग में जलते रहेंगे? प्रशासन से मांग है कि तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए और दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय हो। हक की आवाज न्यूज़ चैनल प्रधान संपादक ऑल इंडिया प्रेस महापात्रा दिनेश आचार्य 8948 98 3388 खबरों के लिए संपर्क करें
पराली जलाने से मौत का तांडव अवसर बने तमाशबिन जिम्मेदार अधिकारी लापरवाह पराली जलाने से मौत का तांडव, अफसर बने तमाशबीन! धौरहरा तहसील क्षेत्र में खुलेआम जल रही पराली, निर्दोष जीवों की जा रही जान — जिम्मेदार कौन? धौरहरा तहसील क्षेत्र में इन दिनों खेतों में पराली जलाने का सिलसिला बेरोकटोक जारी है। इस लापरवाही का खामियाजा मासूम, बेजुबान जानवरों और छोटे-छोटे जीवों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ रहा है। धुएं और आग की चपेट में आकर रोज़ाना अनगिनत जीव निर्जीव हो रहे हैं, लेकिन विभागीय अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं। न कोई रोक-टोक, न कोई कार्रवाई — आखिर क्यों? सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि तहसील प्रांगण में बैठने वाले तहसीलदार आदित्य विशाल अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ते नजर आ रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण और जीव-जंतुओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी जिनके कंधों पर है, वही अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं। सवाल उठता है — क्या नियम सिर्फ कागज़ों तक सीमित हैं? क्या गरीब और बेजुबान जीवों की जान की कोई कीमत नहीं? कब जागेंगे जिम्मेदार अफसर? पराली जलाना न सिर्फ कानूनन अपराध है, बल्कि मानवता के खिलाफ भी एक गंभीर अपराध है। इसके बावजूद प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। अब जनता पूछ रही है — क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही प्रशासन जागेगा? या फिर यूं ही निर्दोष जीव आग में जलते रहेंगे? प्रशासन से मांग है कि तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए और दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय हो। हक की आवाज न्यूज़ चैनल प्रधान संपादक ऑल इंडिया प्रेस महापात्रा दिनेश आचार्य 8948 98 3388 खबरों के लिए संपर्क करें
- संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप: आशीष अवस्थी उर्फ नितिन की गोली लगने से मौत, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप लखीमपुर खीरी | उत्तर प्रदेश लखीमपुर खीरी के सलेमपुर कोन क्षेत्र में युवक आशीष अवस्थी उर्फ नितिन की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो जाने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है और भारी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। परिजनों ने इस मौत को सुनियोजित हत्या बताते हुए पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और निष्पक्ष जांच की मांग की है।परिजनों के गंभीर आरोप घटना पूरी तरह संदिग्ध परिस्थितियों में हुई गोली लगने की कहानी पर सवाल सुनियोजित साजिश के तहत हत्या का आरोप दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग निष्पक्ष जांच नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी परिजनों का कहना है कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश का हिस्सा है। पुलिस का पक्ष मामले में स्थानीय पुलिस का कहना है कि जांच जारी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। इलाके में आक्रोश घटना के बाद क्षेत्र में लोगों में भारी आक्रोश है। आम जनता का कहना है कि जब तक सच्चाई सामने नहीं आएगी, तब तक वे शांत नहीं बैठेंगे। सवाल यह है: क्या यह वाकई हादसा था? या फिर किसी गहरी साजिश का हिस्सा? अब सबकी निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पर टिकी हैं। “हक की आवाज न्यूज़ चैनल प्रधान संपादक ऑल इंडिया प्रेस महापात्रा दिनेश आचार्य 8948 98 3388 हर खबर के लिए संपर्क करें1
- ऐप्जा ऑल इंडियन प्रेस जर्नलिस्ट संगठन के चीफ कोऑर्डिनेटर अनुराग सारथी ने वीडियो किया जारी लखीमपुर खीरी ऑल इंडियन प्रेस जर्नलिस्ट एसोसिएशन (ऐप्जा) के सतत संघर्ष और संगठनात्मक एकजुटता का असर आखिरकार देखने को मिला। संगठन की प्रमुख मांगों पर सहमति बनने के बाद 23 फरवरी को प्रस्तावित आंदोलन को स्थगित कर दिया गया है। यह आंदोलन गोला गोकरननाथ में जिला प्रवक्ता पियूष शुक्ला के खिलाफ दर्ज किए गए कथित फर्जी मुकदमे के विरोध में प्रस्तावित था। ऐप्जा की निरंतर पहल और दबाव के बाद प्रशासनिक स्तर पर सकारात्मक सहमति बनी, जिसके परिणामस्वरूप आंदोलन को स्थगित करने का निर्णय लिया गया। इस अवसर पर ऐप्जा के वरिष्ठ पत्रकार नेता अनुराग सारथी ने कहा— > “ऐप्जा के किसी भी कार्यकर्ता के सम्मान के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संगठन अपने साथियों के अधिकार और स्वाभिमान के लिए हमेशा मजबूती से खड़ा रहेगा।” उन्होंने आंदोलन में शामिल सभी पत्रकार साथियों का आभार व्यक्त करते हुए इसे संगठन की एकता, अनुशासन और संघर्षशीलता की जीत बताया। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी कि भविष्य में यदि किसी भी स्तर पर अन्याय हुआ, तो ऐप्जा पहले से भी अधिक मजबूती के साथ आवाज बुलंद करेगा। आपका जिला मीडिया प्रभारी अजय शुक्ला लखीमपुर खीरी1
- *छोटी काशी गोला गोकर्णनाथ भजन संध्या पर पहुंचे गायक श्री हेमंत बृजवासी (सा० रे०गा०मा० पा० लिटिल चैंप्स*) *इनको सुनने के लिए भारी संख्या में पहुंच रहे शिव भक्त*1
- भुगतान न मिलने से ठेकेदार व मजदूरों में आक्रोश पुलिस चौकी पहुंचे पीड़ित, दो लाख समेत हजारों रुपये बकाया होने का आरोप, महिला मजदूरों से अभद्रता की शिकायत पलिया। दिन भर मेहनत-मजदूरी करके अपने-अपने परिवारों का भरण-पोषण करने वाले मजदूरों को जब अपनी मेहनत की कमाई का हक पाने के लिए दरदर भटकना पड़े तो उनकी पीड़ा साफ झलकती है। ऐसे कई मामले प्रकाश में आ चुके हैं कि बड़े-बड़े लोग मजदूरों से मजदूरी तो करा लेते हैं, लेकिन जब उनकी मजदूरी देने का नम्बर आता है तो टालमटोल करते हैं, काम में कमियां निकालते और ढेरों सारे बहाने बनाते हैं। जब मजदूर पुलिस से मदद मांगते हैं तो उनकी मदद भी नहीं की जाती है। ऐसा ही एक मामला पलिया नगर में सामने आया, जहां भुगतान न मिलने से आक्रोशित ठेकेदार व कई मजदूर पुलिस चौकी पहुंच गए और कार्रवाई की मांग की। मोहल्ला रंगरेजान प्रथम निवासी विवेक गुप्ता ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उन्होंने ठेकेदारी के तहत सम्पूर्णानगर रोड स्थित गोकुलधाम में मनोज गुप्ता (बीड़ी वालों) के मकान का निर्माण कार्य लिया था। कुल आठ लाख रुपये का भुगतान बनता था, लेकिन अब तक केवल छह लाख रुपये ही दिए गए हैं। शेष दो लाख रुपये मांगने पर टालमटोल और अभद्र व्यवहार किया जाता है। इसी मामले में मोहल्ला टेहरा निवासी शिवराम वर्मा ने बताया कि उन्होंने उक्त मकान में बिजली का कार्य किया था, जिसका करीब 71 हजार रुपये बकाया है। कई बार मांगने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया। वहीं टेहरा निवासी रामसागर ने सात हजार रुपये और सुभाषनगर निवासी जयपाल ने करीब 15 हजार रुपये बकाया होने की तहरीर दी है। पीड़ितों का आरोप है कि रविवार को जब ठेकेदार व अन्य मजदूर सामूहिक रूप से अपना भुगतान मांगने पहुंचे तो मनोज गुप्ता ने महिला मजदूरों के साथ भी गाली-गलौज किया। इससे आक्रोशित मजदूर पुलिस चौकी पहुंचे और मामले की जांच कराकर बकाया राशि दिलाने की मांग की। पुलिस ने तहरीर लेकर जांच शुरू कर दी है। मजदूरों का कहना है कि उन्हें उनकी मेहनत की कमाई जल्द दिलाई जाए, ताकि वे अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकें। थानाध्यक्ष पंकज त्रिपाठी ने बताया कि पीड़ितों द्वारा तहरीर प्राप्त हुई है। मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।1
- Post by अमित कुमार1
- फरधान में दलित युवक की गड़ासे से काटकर नृशंस हत्या लखीमपुर, फरधान के गांव खेतौसा में मीर गौतम की गड़ासे से काटकर हत्या कर दी गई। घटना के पीछे पुरानी रंजिश बताई जा रही है। बताया जाता कि दोनों गुटों के बीच आए दिन छोटे मोटे विवाद होते रहते थे। शनिवार की रात भी उनके बीच शराब के नशे में विवाद हुआ। आरोपी मीर गौतम को घर से उठा लाए। सभी के सामने गड़ासे से काटकर हत्या कर दी।1
- कैमरा ऑन होते ही स्थापना बाबू ने अपनी पहचान छिपाने की कोशिश की और सवाल पूछने पर पत्रकार पर ही भड़क गए। क्या सच सामने आने से डर रहे हैं अधिकारी? पूरा सच देखिए इस वायरल वीडियो में 👇 📍 निघासन, लखीमपुर खीरी 🎥 Ground Report – Up Gram Kranti News #BreakingNews #Nighasan #LakhimpurKheri #UPNews #Journalism #GroundReport #ViralVideo #UpGramKrantiNews #Shorts1
- पुलिस चौकी पहुंचे पीड़ित, दो लाख समेत हजारों रुपये बकाया होने का आरोप, महिला मजदूरों से अभद्रता की शिकायत पलिया। दिन भर मेहनत-मजदूरी करके अपने-अपने परिवारों का भरण-पोषण करने वाले मजदूरों को जब अपनी मेहनत की कमाई का हक पाने के लिए दरदर भटकना पड़े तो उनकी पीड़ा साफ झलकती है। ऐसे कई मामले प्रकाश में आ चुके हैं कि बड़े-बड़े लोग मजदूरों से मजदूरी तो करा लेते हैं, लेकिन जब उनकी मजदूरी देने का नम्बर आता है तो टालमटोल करते हैं, काम में कमियां निकालते और ढेरों सारे बहाने बनाते हैं। जब मजदूर पुलिस से मदद मांगते हैं तो उनकी मदद भी नहीं की जाती है। ऐसा ही एक मामला पलिया नगर में सामने आया, जहां भुगतान न मिलने से आक्रोशित ठेकेदार व कई मजदूर पुलिस चौकी पहुंच गए और कार्रवाई की मांग की। मोहल्ला रंगरेजान प्रथम निवासी विवेक गुप्ता ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उन्होंने ठेकेदारी के तहत सम्पूर्णानगर रोड स्थित गोकुलधाम में मनोज गुप्ता (बीड़ी वालों) के मकान का निर्माण कार्य लिया था। कुल आठ लाख रुपये का भुगतान बनता था, लेकिन अब तक केवल छह लाख रुपये ही दिए गए हैं। शेष दो लाख रुपये मांगने पर टालमटोल और अभद्र व्यवहार किया जाता है। इसी मामले में मोहल्ला टेहरा निवासी शिवराम वर्मा ने बताया कि उन्होंने उक्त मकान में बिजली का कार्य किया था, जिसका करीब 71 हजार रुपये बकाया है। कई बार मांगने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया। वहीं टेहरा निवासी रामसागर ने सात हजार रुपये और सुभाषनगर निवासी जयपाल ने करीब 15 हजार रुपये बकाया होने की तहरीर दी है। पीड़ितों का आरोप है कि रविवार को जब ठेकेदार व अन्य मजदूर सामूहिक रूप से अपना भुगतान मांगने पहुंचे तो मनोज गुप्ता ने महिला मजदूरों के साथ भी गाली-गलौज किया। इससे आक्रोशित मजदूर पुलिस चौकी पहुंचे और मामले की जांच कराकर बकाया राशि दिलाने की मांग की। पुलिस ने तहरीर लेकर जांच शुरू कर दी है। मजदूरों का कहना है कि उन्हें उनकी मेहनत की कमाई जल्द दिलाई जाए, ताकि वे अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकें। थानाध्यक्ष पंकज त्रिपाठी ने बताया कि पीड़ितों द्वारा तहरीर प्राप्त हुई है। मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।1
- *दिनांक 21.02.2026 को थाना फरधान क्षेत्रान्तर्गत मारपीट के दौरान घायल एक व्यक्ति की उपचार के दौरान मृत्यु हो जाने के संबंध में सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी सदर, श्री विवेक तिवारी की बाइट*1