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Pushpendra Kumar
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- खूब बिखरे। जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया की अगुवाई में अधिकारियों ने ऐसा फागुनी माहौल बनाया कि प्रोटोकॉल की सीमाएं भी रंगों में धुलती नजर आईं। उत्सव की शुरुआत सीईओ के बंगले से हुई, जहां ढोलक की थाप और फाग गीतों के बीच अधिकारी खुलकर मस्ती में झूमते दिखाई दिए। सीईओ नमः शिवाय अरजरिया और महिला बाल विकास अधिकारी दिनेश दीक्षित ने जब ढोलक संभाली, तो माहौल पूरी तरह फागुनी हो गया। इस दौरान कुछ अधिकारियों ने स्वांग रचते हुए महिलाओं की विग पहनकर ‘महिला डांसर’ का रूप भी धारण किया। उनके ठुमकों ने पूरी महफिल को ठहाकों से गूंजा दिया। इसके बाद सीईओ के नेतृत्व में अधिकारियों की टोली गाते-बजाते कलेक्टर पार्थ जैसवाल के बंगले पहुंची। कलेक्टर ने भी सभी का आत्मीय स्वागत किया, गुलाल लगाकर गले मिले और मुंह मीठा कराते हुए उत्सव को यादगार बना दिया। हालांकि आज भी सीईओ बंगले पर होली उत्सव का कार्यक्रम प्रस्तावित था, लेकिन अचानक दो प्रशासनिक वीसी होने के कारण आयोजन स्थगित करना पड़ा।1
- #ड्यूटी की सख़्ती से जश्न की मस्ती तक #छतरपुर #पुलिस का सतरंगी #जश्न... गुरुवार को जब छतरपुर की सड़कों पर शांति सुनिश्चित हो गई, तब थानों का मंजर पूरी तरह बदल गया, डीजे की धुन पर जब इन थके हुए पैरों ने थिरकना शुरू किया, तो मानो तीन दिनों का मानसिक तनाव एक पल में काफूर हो गया। यह जश्न महज एक त्योहार नहीं, बल्कि उस ‘सुकून’ की जीत है जो फर्ज की कठोरता के बाद नसीब होता है। छतरपुर पुलिस का सिटी कोतवाली, सिविल लाइन और ओरछा रोड थाने में उड़ा यह गुलाल समाज को संदेश दे रहा है कि सुरक्षा करने वाले हाथ भी खुशियों के उतने ही हकदार हैं... क्योंकि जब पूरा छतरपुर रंगों की मस्ती में डूबा था, तब कुछ आंखें सड़कों पर पहरा दे रही थीं। जब आप अपनों के साथ गुलाल उड़ा रहे थे, तब खाकी के कंधे सुरक्षा की जिम्मेदारी से लदे थे। 72 घंटों की बेमिसाल मुस्तैदी, नींद को ताक पर रखकर संवेदनशील गलियों का पहरा और हर मोड़ पर उपद्रवियों के हौसले पस्त करती वो पैनी नजर...यह पुलिस की उस सकारात्मक छवि का प्रमाण है जो बताती है कि वर्दी के भीतर भी एक कोमल हृदय धड़कता है, जो अपनों के साथ दो पल की हंसी के लिए लालायित रहता है। #viralvideochallenge1
- *जल गंगा संवर्धन अभियान विकास का आधार और भावी पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने का प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव* *अभियान में ग्राम स्तर तक जनभागीदारी को प्रोत्साहित करना आवश्यक* *जल संरचनाओं के जलग्रहण क्षेत्र पर अतिक्रमण के विरूद्ध की जाए कार्यवाही* *नदियों के उद्गम स्थलों को व्यवस्थित रूप से किया जाए विकसित* *सार्वजनिक स्थलों पर सुगमता से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना व्यक्तिगत और सामाजिक दायित्व हो* *मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान-2026 के संबंध में दिए निर्देश* ------- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जल गंगा संवर्धन अभियान केवल पर्यावरण नहीं, विकास का आधार भी है। यह भावी पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने का भी एक प्रयास है। अभियान अंतर्गत संचालित हर गतिविधि में राज्य से ग्राम स्तर तक जनभागीदारी को प्रोत्साहित करना आवश्यक है। भू-जल स्त्रोतों के दोहन से गिरते भू-जल स्तर, प्राचीन जल संग्रहण संरचनाओं के क्षरण और नदियों के कम होते प्रवाह का प्रभाव सभी पर पड़ रहा है। इस स्थिति में सुधार के लिए भी सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। प्रदेश में पिछले जल गंगा संवर्धन अभियान के सुखद परिणाम प्राप्त हुए हैं। वर्ष-2026 के अभियान में भी हमें जन-जन की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए अभियान को प्रभावी और परिणामूलक बनाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में गुरूवार को आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अशोक बर्णवाल, संजय दुबे, नीरज मंडलोई, दीपाली रस्तोगी, शिवशेखर शुक्ला एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे। छतरपुर जिले के एनआईसी कक्ष कलेक्ट्रेट से कलेक्टर पार्थ जैसवाल, जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया सहित जनपद सीईओ, नगरीय निकाय के सीएमओ सहित अन्य जिलाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में वर्ष 2025 के जल गंगा संवर्धन अभियान की प्रमुख उपलब्धियों और वर्ष-2026 की कार्ययोजना पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल संरचनाओं के जलग्रहण क्षेत्र पर अतिक्रमण केविरूद्ध कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने ऐसी गतिविधियों पर सतत् रूप से निगरानी रखने की आवश्यकता बताई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश से निकलने वाली नदियों के उद्गम स्थलों को व्यवस्थित रूप से विकसित किया जाएगा और उनके आस-पास सघन पौधरोपण किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में व्यक्तिगत पहल तथा सामुदायिक सहभागिता से प्याऊ लगाने की व्यवस्था को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने प्लास्टिक की बोतल के उपयोग को हतोत्साहित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सार्वजनिक स्थलों पर सुगमता से स्वच्छ शीतल पेयजल उपलब्ध कराने को सामाजिक दायित्व के रूप में समाज में स्थापित करने की आवश्यकता बताई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जिन जिलों में बेहतर नवाचार हुए हैं, वे अपने यह प्रयास अन्य जिलों से साझा करें तथा जिले परस्पर इस तरह के नवाचारों का आदान-प्रदान करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रभारी मंत्री जिला स्तर पर जल गंगा संवर्धन अभियान को नेतृत्व प्रदान करें। सांसद, विधायक, पंचायत, नगरीयनिकाय के सभी प्रतिनिधि सक्रियता से अभियान में सहभागिता करें। मैदानी स्तर पर कार्य कर रहे स्वयंसेवी संस्थाओं और सीएसआर संगठनों को भी जनसहभागिता संबंधी गतिविधियों में जोड़ा जाए। जिला कलेक्टर नोडल अधिकारी के रूप में कार्यों के क्रियान्वयन की प्रभावी मॉनीटरिंग सुनिश्चित करें। अभियान में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग नोडल और नगरीय प्रशासन एवं विकास सह नोडल विभाग होगा। राजस्व, जल संसाधन, उद्यानिकी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नर्मदा घाटी विकास, वन, जन अभियान परिषद, उद्योग एवं एमएसएमई, पर्यावरण, संस्कृत, महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा तथा कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग सहभागिता करेंगे। बैठक में अभियान के अंतर्गत वर्ष-2025 की प्रमुख उपलब्धियों का प्रस्तुतिकरण भी किया गया। *19 मार्च से प्रारंभ होगा राज्य स्तरीय अभियान* बैठक में बताया गया कि जल गंगा संवर्धन अभियान वर्ष प्रतिपदा 19 मार्च से एक साथ आरंभ किया जाएगा। प्रदेश के सभी जिलों में विक्रम संवत् और पर्यावरण, जलीय संरचनाओं के संरक्षण व संवर्धन पर गतिविधियां संचालित होंगी। अभियान के अंतर्गत 23 से 24 मई तक भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय जल सम्मेलन का आयोजन होगा, 25 से 26 मई तक शिप्रा परिक्रमा यात्रा, 26 मई को गंगा दशहरा के अवसर पर शिप्रा तट उज्जैन में महादेव नदी कथा, 30 मई से 7 जून तक भारत भवन भोपाल में सदानीरा समागम होगा। इसमें प्रदेश की कृषि भूमि के सैटेलाइट मैपिंग का लोकार्पण किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा अभियान अंतर्गत कार्य प्रस्तावित किये गये। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, वाटरशेड विकास 2.0 के अंतर्गत जल संरक्षण और संवर्धन के 170 करोड़ रूपए लागत के 2200 कार्यों का क्रियान्वयन किया जाएगा। वर्ष 2025 में आरंभ 2500 करोड़ रूपए की लागत के 86 हजार 360 खेत-तालाब और 553 अमृत सरोवरों के कार्यों को पूर्ण किया जाएगा। विभाग जल जीवन मिशन की सिंगल विलेज स्कीम के कार्य क्षेत्रों में भू-जल संवर्धन के कार्य और प्राचीन परम्परागत जल संग्रहण संरचनाओं के जीर्णोद्धार का कार्य भी करेगा। अभियान के अंतर्गत मां नर्मदा परिक्रमा पथ, गंगोत्री हरित परियोजना तथा एक बगिया माँ के नाम परियोजना के अंतर्गत गतिविधियां संचालित की जाएंगी। बेतवा, क्षिप्रा और गंभीर नदियों की पुर्नउत्थान की योजना तैयार होगी। नगरीय विकास विभाग नगरीयनिकायों में 120 जल संग्रहण संरचनाओं का संवर्धन और 50 हरित क्षेत्रों का विकास करेगा। युवाओं की भागीदारी के लिए उन्हें अमृत मित्र बनाकर 'माय भारत पोर्टल' पर पंजीयन किया जाएगा। अभियान में 4 हजार 130 रेनवॉटर हार्वेस्टिंग प्रणाली स्थापित करने का लक्ष्य है। नदियों में मिलने वाले 20 नालों की शोधन प्रक्रिया का क्रियान्वयन किया जाएगा। नगरीयनिकायों द्वारा नदी, तालाब, बावड़ी का संवर्धन, नालों की सफाई, बड़े पैमाने पर पौधरोपण भी किया जाएगा। वातावरण निर्माण के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं, जागरूकता रैली और शालाओं में आईईसी गतिविधियां संचालित होंगी। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा एकल ग्राम नल-जल योजनाओं के भूजल स्त्रोतों के रिचार्ज, पेयजल स्त्रोतों के आस-पास साफ-सफाई और रख-रखाव के लिए गतिविधियां संचालित की जाएंगी। वन विभाग द्वारा अविरल निर्मल नर्मदा अंतर्गत भूजल संवर्धन के कार्य तथा वर्षा ऋतु में 28 लाख पौधों के रोपण की योजना है। वन्य जीवों को पानी की उपलब्धता के लिए 25 करोड़ 10 लाख रूपए की लागत से 400 से अधिक जल संग्रहण संरचनाओं का निर्माण और 189 तालाबों का गहरीकरण किया जाएगा। महिला एवं बाल विकास विभाग आंगनवाड़ी केन्द्रों में रेनवॉटर हार्वेस्टिंग स्थापित करने, जल संरक्षण के ग्राम स्तर पर अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करने और आंगनवाड़ी केन्द्रों को जल एवं पोषण मॉडल केन्द्र के रूप में विकसित कर समुदाय को प्रेरित करने जैसी गतिविधियां संचालित करेगा। प्रत्येक आंगनवाड़ी केन्द्र में रेनवॉटर हार्वेस्टिंग के लिए 16 हजार रूपए और पोषण वाटिका के लिए 10 हजार रूपए स्वीकृत हैं।4
- Post by संतोष गंगेले कर्मयोगी1
- दबंग ने बंद की गांव की निकासी नाली मोहल्ले में भरा पानी ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन पलेरा। तहसील पलेरा के अंतर्गत आने वाले ग्राम बेला में एक ग्रामीण की मनमानी के कारण पूरा मोहल्ला जलमग्न हो गया है। गांव के दर्जनों निवासियों ने सामूहिक रूप से तहसीलदार को शिकायती पत्र सौंपकर जल निकासी बहाल कराने और आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि 40 साल पुरानी नाली पर खड़ी की दीवार ग्राम बेला में पिछले लगभग 40 वर्षों से सार्वजनिक नाली बनी हुई है, जिससे पूरे मोहल्ले के घरों का गंदा पानी बाहर निकलता है। आरोप है कि गांव के ही निवासी चिन्टेला (पुत्र लटोरे अहिरवार) ने बीते दिनों में नाली के अंतिम मुहाने पर दीवार खड़ी कर दी, जिससे पानी का निकास पूरी तरह बंद हो गया है।रास्ते में भरा एक फीट पानी, शादी का घर भी प्रभावित नाली बंद होने के कारण नालियों का पानी बाहर नहीं निकल पा रहा है, जिससे मोहल्ले के मुख्य रास्तों पर करीब एक फीट तक गंदा पानी जमा हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान में गांव में शादी का कार्यक्रम है, ऐसे में रास्तों पर पानी भरा होने के कारण मेहमानों और बुजुर्गों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मोहल्ले में गंदगी और बीमारी फैलने का भी डर बना हुआ है। ग्रामीणों ने की कानूनी कार्रवाई की मांग शिकायती पत्र पर ग्राम पंचायत बेला के सचिव, सरपंच प्रतिनिधि और मोहल्ले के प्रमुख निवासी दशरथ, राजेंद्र कुमार, बृजलाल, बालू यादव, सुनील विश्वकर्मा सहित दर्जनों लोगों के हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान मौजूद हैं। ग्रामीणों की मुख्य मांगें हैं:नाली पर अवैध रूप से बनाई गई दीवार को तुरंत ढहाया जाए। सार्वजनिक कार्य में बाधा डालने वाले अनावेदक पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए जल निकासी को तत्काल सुचारू कर ग्रामीणों को राहत दी जाए। वहीं तहसीलदार कुलदीप सिंह ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है3
- Post by राम सिंह यादव जिला ब्यूरो चीफ टीकमगढ़2
- // पुरानी रंजिश में दबंगों का हमला: युवक के साथ मारपीट, चार पर केस दर्ज // ईशानगर थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते दबंगों द्वारा मारपीट करने का मामला सामने आया है। फरियादी वीरन पिता दलपत कुशवाहा ने थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई कि गांव के ही कुछ लोगों ने विवाद के चलते उसे घेर लिया और गाली-गलौज करते हुए मारपीट कर दी। फरियादी के अनुसार आरोपियों ने उसे धमकाते हुए जान से मारने की धमकी भी दी। घटना के बाद पीड़ित ने थाने पहुंचकर पुलिस से न्याय की गुहार लगाई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर रामस्वरूप कुशवाहा, रमेश कुशवाहा, कल्लू कुशवाहा और राहुल कुशवाहा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। बताया जा रहा है कि पुरानी रंजिश के चलते विवाद हुआ जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। फिलहाल पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही4
- Post by राम सिंह यादव जिला ब्यूरो चीफ टीकमगढ़3
- *पलेरा में बिजली विभाग का एक्शन: 40 हजार के बकाया पर ट्रैक्टर जब्त, होली के बाद वसूली अभियान में सख्ती* *बिजली बिल वसूली का 'मार्च अटैक': पलेरा वितरण केंद्र ने पटपरा में की जब्ती की कार्रवाई* पलेरा (टीकमगढ़) ।। वित्तीय वर्ष के अंतिम महीने में बिजली विभाग 'मार्च क्लोजिंग' को लेकर एक्शन मोड में आ गया है। पलेरा वितरण केंद्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पटपरा में विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बकायादार का ट्रैक्टर जब्त किया है। यह कार्रवाई अधीक्षण यंत्री एवं कार्यपालन यंत्री के निर्देशन में सहायक अभियंता लक्ष्मण प्रसाद कुशवाहा के नेतृत्व में की गई। 40 हजार के फेर में फंसा ट्रैक्टर ग्राम पटपरा में कनेक्शनधारी छक्की अहिरवार (पिता धन्ने अहिरवार) के नाम पर विद्युत विभाग की ₹40,457 की राशि बकाया है। इस कनेक्शन का उपयोग उनके पुत्र जयराम अहिरवार के द्वारा किया जा रहा था। बार-बार समझाइश और नोटिस के बावजूद बकाया राशि जमा नहीं करने पर विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए मौके से ट्रैक्टर जब्ती की कार्रवाई की। दलबल के साथ गांव पहुंची टीम होली का त्योहार बीतते ही विभाग ने बकाया वसूली के लिए फील्ड पर उतरना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को सहायक अभियंता कुशवाहा के नेतृत्व में विभाग का समस्त स्टाफ पटपरा गांव पहुंचा और ट्रैक्टर को कब्जे में लेकर पलेरा कार्यालय में खड़ा करवा दिया। विभाग की इस अचानक हुई कार्रवाई से गांव के अन्य बकायेदारों में भी हड़कंप मच गया है। *इनका कहना है :* "मार्च क्लोजिंग के चलते बड़े बकायेदारों के खिलाफ कुर्की और जब्ती का अभियान शुरू किया गया है। उपभोक्ता असुविधा से बचने के लिए तत्काल अपनी बकाया राशि जमा करें।"-------------------------- -: *लक्ष्मण प्रसाद कुशवाहा सहायक अभियंता विद्युत वितरण केंद्र पलेरा*1