logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

महेवा गांव का विकास आप देख सकते है आप सब भी देख सकते है महेवा गांव का विकास आप देख सकते है सब ग्राम प्रधान नहीं सुनते

5 hrs ago
user_नीतेश कुमार सिंह
नीतेश कुमार सिंह
हर्रैया, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
5 hrs ago

महेवा गांव का विकास आप देख सकते है आप सब भी देख सकते है महेवा गांव का विकास आप देख सकते है सब ग्राम प्रधान नहीं सुनते

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • महेवा गांव का विकास आप देख सकते है सब ग्राम प्रधान नहीं सुनते
    1
    महेवा गांव का विकास आप देख सकते है सब ग्राम प्रधान नहीं सुनते
    user_नीतेश कुमार सिंह
    नीतेश कुमार सिंह
    हर्रैया, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • Post by हरिशंकर पांडेय
    1
    Post by हरिशंकर पांडेय
    user_हरिशंकर पांडेय
    हरिशंकर पांडेय
    स्वतंत्र पत्रकारिता हर्रैया, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • लालगंज में दरोगा की दबंगई, किशोर को जड़ा थप्पड़ उत्तर प्रदेश के लालगंज थानाक्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। बनकटी ब्लॉक के बखरिया मोड़ पर गन्ने के जूस की दुकान संभाल रहे 14 वर्षीय किशोर को एक दरोगा ने थप्पड़ मार दिया। बताया जा रहा है कि दरोगा की बाइक पर थूक मिलने के बाद उसने किशोर से पूछताछ की और इसी दौरान विवाद बढ़ गया। आरोप है कि गुस्से में दरोगा ने किशोर विकास कुमार को थप्पड़ जड़ दिया। घटना के वक्त किशोर का पिता गौतम राजभर दुकान पर मौजूद नहीं था। जानकारी मिलते ही पिता लालगंज थाने पहुंचा और आरोपी उपनिरीक्षक के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। घटना के बाद इलाके में पुलिस के रवैये को लेकर नाराजगी देखी जा रही है।
    1
    लालगंज में दरोगा की दबंगई, किशोर को जड़ा थप्पड़
उत्तर प्रदेश के लालगंज थानाक्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। बनकटी ब्लॉक के बखरिया मोड़ पर गन्ने के जूस की दुकान संभाल रहे 14 वर्षीय किशोर को एक दरोगा ने थप्पड़ मार दिया। बताया जा रहा है कि दरोगा की बाइक पर थूक मिलने के बाद उसने किशोर से पूछताछ की और इसी दौरान विवाद बढ़ गया।
आरोप है कि गुस्से में दरोगा ने किशोर विकास कुमार को थप्पड़ जड़ दिया। घटना के वक्त किशोर का पिता गौतम राजभर दुकान पर मौजूद नहीं था। जानकारी मिलते ही पिता लालगंज थाने पहुंचा और आरोपी उपनिरीक्षक के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। घटना के बाद इलाके में पुलिस के रवैये को लेकर नाराजगी देखी जा रही है।
    user_Manoj kaka
    Manoj kaka
    Basti, Uttar Pradesh•
    6 hrs ago
  • अजीत मिश्रा (खोजी) बस्ती में 'हवा' में दौड़ रही बिजली: भ्रष्टाचार के 'करंट' से झुलसा सिस्टम, झाड़ियों में मिला सरकारी सम्मान! ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल उत्तर प्रदेश। बिजली विभाग का 'खुला खेल फर्रुखाबादी': काम अधूरा, फिर भी कर लिया लाइनों का बंदरबांट! हर्रैया फीडर का महाघोटाला: साहब! तार-खंभे तो आए नहीं, ये बिजली क्या हवा में दौड़ रही है? साहब मौन, सिस्टम फेल: बस्ती में बिजली विभाग की धांधली का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल। सरकारी धन की डकैती: झाड़ियों में फेंका सरकारी मीटर, जिम्मेदार अधिकारियों ने साधी चुप्पी। पुरवा कठोवा के ग्रामीणों के साथ भद्दा मजाक: काम पूरा नहीं, पर विभाग ने ले लिया 'हैंडओवर'। बिजली विभाग का कारनामा, बिना तार के ही जला दी बत्ती! भ्रष्टाचार का करंट: बस्ती में बिजली विभाग के जे.ई. और इंजीनियर घेरे में। अंधेर नगरी, चौपट विभाग: बस्ती में विकास की खुली पोल, वायरल हुआ वीडियो। बस्ती का 'अजूबा': बिना खंभे-तार वाली बिजली सप्लाई, वैज्ञानिक भी हैरान! सावधान! बस्ती में बिजली विभाग 'हवा' से पहुंचा रहा है करंट, मीटर को मिला झाड़ियों में आराम। बस्ती, उत्तर प्रदेश।।‌उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सख्त निर्देश है कि सरकारी धन का बंदरबांट करने वाले जेल की सलाखों के पीछे होंगे। लेकिन बस्ती जनपद के हर्रैया फीडर क्षेत्र में बिजली विभाग के इंजीनियरों और कार्यदाई संस्था ने मिलकर भ्रष्टाचार की एक ऐसी पटकथा लिखी है, जो प्रदेश के पूरे सिस्टम को शर्मसार कर रही है। गांव चोरखरी के पुरवा कठोवा में विकास के नाम पर जो तमाशा हुआ है, वह जांच का नहीं बल्कि तत्काल कार्रवाई का विषय है। भ्रष्टाचार की 'झाड़ियों' में मिला सरकारी मीटर विभाग की लापरवाही और भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा तो देखिए—जिस मीटर को ट्रांसफार्मर की शोभा बढ़ानी चाहिए थी और सरकारी राजस्व का हिसाब रखना था, वह गांव के किनारे झाड़ियों में लावारिस पड़ा मिला। यह इस बात का सीधा प्रमाण है कि कार्यदाई संस्था और विभाग के बीच साठगांठ का खेल किस स्तर पर खेला गया है। अधूरे काम पर 'हैंडओवर' का खेल, आखिर क्यों? जनता का सीधा सवाल है कि जब काम धरातल पर पूरा ही नहीं हुआ, तो विभाग ने इस लाइन को हैंडओवर कैसे ले लिया? मकसद पर सवाल: अगर निर्धारित स्थान तक बिजली पहुंचानी ही नहीं थी, तो लाखों रुपये खर्च कर लाइन बनाने का ढोंग क्यों रचा गया? खामोश जिम्मेदार: इस गंभीर धांधली पर जब विभाग के जेई (JE) से लेकर अभियंता (Xen) तक से जवाब मांगा जाता है, तो सबकी बोलती बंद हो जाती है। अधिकारियों की यह चुप्पी उनके भ्रष्टाचार में लिप्त होने की पुष्टि करती है। कागजी 'रोशनी' और धरातल पर 'अंधेरा' सरकारी फाइलों में शायद यह गांव अब 'रोशन' हो चुका होगा, लेकिन हकीकत यह है कि यहाँ न खंभे खड़े हुए और न ही तार खींचे गए। हैरानी की बात यह है कि बिना कार्य पूर्ण हुए बिजली विभाग के जिम्मेदारों ने लाइन का हैंडओवर भी ले लिया। बड़ा सवाल: बिना भौतिक सत्यापन (Physical Verification) के आखिर कैसे उच्चाधिकारियों ने कागजों पर हस्ताक्षर कर दिए? साठगांठ का खेल: कार्यदाई संस्था को भुगतान करने की जल्दी में विभाग ने यह भी देखना उचित नहीं समझा कि जिस जनता के लिए यह योजना आई थी, उस तक एक यूनिट बिजली भी पहुँचेगी या नहीं। झाड़ियों में पड़ा लोकतंत्र का 'मीटर' भ्रष्टाचार की सबसे वीभत्स तस्वीर तब सामने आई जब ट्रांसफार्मर पर लगने वाला सरकारी मीटर झाड़ियों में लावारिस पड़ा मिला। यह मीटर सिर्फ एक उपकरण नहीं, बल्कि जनता के टैक्स का पैसा है। इसे झाड़ियों में फेंकना यह दर्शाता है कि भ्रष्टाचार करने वालों के मन में न तो शासन का भय है और न ही जनता के प्रति कोई जवाबदेही। अफसरों की 'मौन' सहमति? जब इस मामले में अवर अभियंता (JE) और अधिशासी अभियंता से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनका रवैया टालमटोल वाला रहा। साहबों के पास जनता के सवालों का कोई जवाब नहीं है। अफसरों की यह चुप्पी चीख-चीख कर कह रही है कि इस बंदरबांट में ऊपर से नीचे तक सबकी हिस्सेदारी तय है। सोशल मीडिया पर उड़ रही है विभाग की किरकिरी अपूर्ण लाइन और झाड़ियों में पड़े मीटर का वीडियो अब सोशल मीडिया के हर प्लेटफॉर्म पर "मुंह चिढ़ाता बिजली विभाग" शीर्षक से वायरल हो रहा है। ग्रामीण अब आक्रोशित हैं और उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री, ऊर्जा मंत्री और जिले के आला अधिकारियों को शिकायती पत्र भेजकर इस 'घोटाले' की जांच की मांग की है। जनता के चुभते सवाल: बिना काम पूरा हुए कार्यदाई संस्था को पैसा कैसे अवमुक्त (Release) कर दिया गया? क्या दोषी जेई और इंजीनियरों की संपत्ति की जांच होगी? क्या पुरवा कठोवा के ग्रामीणों को कभी असली बिजली नसीब होगी या वे सिर्फ कागजों पर ही उजाला देखेंगे? यह मामला केवल एक गांव का नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र में बैठे उन 'दीमकों' का है जो विकास की योजनाओं को खोखला कर रहे हैं। अब देखना यह है कि क्या बस्ती प्रशासन इन भ्रष्टाचारियों पर बुलडोजर जैसी कार्रवाई करता है या फिर मामला विभागीय जांच की फाइलों में हमेशा के लिए दफन हो जाएगा।सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने खोली पोल बिजली विभाग की इस 'अदृश्य लाइन' का वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। यह वीडियो न केवल विभाग की कार्यप्रणाली का मखौल उड़ा रहा है, बल्कि सरकारी दावों को भी मुंह चिढ़ा रहा है। ग्रामीण अब खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। इस घोर भ्रष्टाचार की शिकायत मुख्यमंत्री से लेकर विभाग के मंत्री और तमाम उच्चाधिकारियों तक पहुंच चुकी है। सवाल बड़ा है: क्या इन कुर्सीधारी भ्रष्टाचारियों पर योगी का 'चाबुक' चलेगा? या फिर जांच के नाम पर फाइलों को दबाकर जनता को अंधेरे में ही रखा जाएगा?
    2
    अजीत मिश्रा (खोजी)
बस्ती में 'हवा' में दौड़ रही बिजली: भ्रष्टाचार के 'करंट' से झुलसा सिस्टम, झाड़ियों में मिला सरकारी सम्मान!
ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल उत्तर प्रदेश।
बिजली विभाग का 'खुला खेल फर्रुखाबादी': काम अधूरा, फिर भी कर लिया लाइनों का बंदरबांट!
हर्रैया फीडर का महाघोटाला: साहब! तार-खंभे तो आए नहीं, ये बिजली क्या हवा में दौड़ रही है?
साहब मौन, सिस्टम फेल: बस्ती में बिजली विभाग की धांधली का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल।
सरकारी धन की डकैती: झाड़ियों में फेंका सरकारी मीटर, जिम्मेदार अधिकारियों ने साधी चुप्पी।
पुरवा कठोवा के ग्रामीणों के साथ भद्दा मजाक: काम पूरा नहीं, पर विभाग ने ले लिया 'हैंडओवर'।
बिजली विभाग का कारनामा, बिना तार के ही जला दी बत्ती!
भ्रष्टाचार का करंट: बस्ती में बिजली विभाग के जे.ई. और इंजीनियर घेरे में।
अंधेर नगरी, चौपट विभाग: बस्ती में विकास की खुली पोल, वायरल हुआ वीडियो।
बस्ती का 'अजूबा': बिना खंभे-तार वाली बिजली सप्लाई, वैज्ञानिक भी हैरान!
सावधान! बस्ती में बिजली विभाग 'हवा' से पहुंचा रहा है करंट, मीटर को मिला झाड़ियों में आराम।
बस्ती, उत्तर प्रदेश।।‌उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सख्त निर्देश है कि सरकारी धन का बंदरबांट करने वाले जेल की सलाखों के पीछे होंगे। लेकिन बस्ती जनपद के हर्रैया फीडर क्षेत्र में बिजली विभाग के इंजीनियरों और कार्यदाई संस्था ने मिलकर भ्रष्टाचार की एक ऐसी पटकथा लिखी है, जो प्रदेश के पूरे सिस्टम को शर्मसार कर रही है। गांव चोरखरी के पुरवा कठोवा में विकास के नाम पर जो तमाशा हुआ है, वह जांच का नहीं बल्कि तत्काल कार्रवाई का विषय है।
भ्रष्टाचार की 'झाड़ियों' में मिला सरकारी मीटर
विभाग की लापरवाही और भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा तो देखिए—जिस मीटर को ट्रांसफार्मर की शोभा बढ़ानी चाहिए थी और सरकारी राजस्व का हिसाब रखना था, वह गांव के किनारे झाड़ियों में लावारिस पड़ा मिला। यह इस बात का सीधा प्रमाण है कि कार्यदाई संस्था और विभाग के बीच साठगांठ का खेल किस स्तर पर खेला गया है।
अधूरे काम पर 'हैंडओवर' का खेल, आखिर क्यों?
जनता का सीधा सवाल है कि जब काम धरातल पर पूरा ही नहीं हुआ, तो विभाग ने इस लाइन को हैंडओवर कैसे ले लिया?
मकसद पर सवाल: अगर निर्धारित स्थान तक बिजली पहुंचानी ही नहीं थी, तो लाखों रुपये खर्च कर लाइन बनाने का ढोंग क्यों रचा गया?
खामोश जिम्मेदार: इस गंभीर धांधली पर जब विभाग के जेई (JE) से लेकर अभियंता (Xen) तक से जवाब मांगा जाता है, तो सबकी बोलती बंद हो जाती है। अधिकारियों की यह चुप्पी उनके भ्रष्टाचार में लिप्त होने की पुष्टि करती है।
कागजी 'रोशनी' और धरातल पर 'अंधेरा'
सरकारी फाइलों में शायद यह गांव अब 'रोशन' हो चुका होगा, लेकिन हकीकत यह है कि यहाँ न खंभे खड़े हुए और न ही तार खींचे गए। हैरानी की बात यह है कि बिना कार्य पूर्ण हुए बिजली विभाग के जिम्मेदारों ने लाइन का हैंडओवर भी ले लिया।
बड़ा सवाल: बिना भौतिक सत्यापन (Physical Verification) के आखिर कैसे उच्चाधिकारियों ने कागजों पर हस्ताक्षर कर दिए?
साठगांठ का खेल: कार्यदाई संस्था को भुगतान करने की जल्दी में विभाग ने यह भी देखना उचित नहीं समझा कि जिस जनता के लिए यह योजना आई थी, उस तक एक यूनिट बिजली भी पहुँचेगी या नहीं।
झाड़ियों में पड़ा लोकतंत्र का 'मीटर'
भ्रष्टाचार की सबसे वीभत्स तस्वीर तब सामने आई जब ट्रांसफार्मर पर लगने वाला सरकारी मीटर झाड़ियों में लावारिस पड़ा मिला। यह मीटर सिर्फ एक उपकरण नहीं, बल्कि जनता के टैक्स का पैसा है। इसे झाड़ियों में फेंकना यह दर्शाता है कि भ्रष्टाचार करने वालों के मन में न तो शासन का भय है और न ही जनता के प्रति कोई जवाबदेही।
अफसरों की 'मौन' सहमति?
जब इस मामले में अवर अभियंता (JE) और अधिशासी अभियंता से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनका रवैया टालमटोल वाला रहा। साहबों के पास जनता के सवालों का कोई जवाब नहीं है। अफसरों की यह चुप्पी चीख-चीख कर कह रही है कि इस बंदरबांट में ऊपर से नीचे तक सबकी हिस्सेदारी तय है।
सोशल मीडिया पर उड़ रही है विभाग की किरकिरी
अपूर्ण लाइन और झाड़ियों में पड़े मीटर का वीडियो अब सोशल मीडिया के हर प्लेटफॉर्म पर "मुंह चिढ़ाता बिजली विभाग" शीर्षक से वायरल हो रहा है। ग्रामीण अब आक्रोशित हैं और उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री, ऊर्जा मंत्री और जिले के आला अधिकारियों को शिकायती पत्र भेजकर इस 'घोटाले' की जांच की मांग की है।
जनता के चुभते सवाल:
बिना काम पूरा हुए कार्यदाई संस्था को पैसा कैसे अवमुक्त (Release) कर दिया गया?
क्या दोषी जेई और इंजीनियरों की संपत्ति की जांच होगी?
क्या पुरवा कठोवा के ग्रामीणों को कभी असली बिजली नसीब होगी या वे सिर्फ कागजों पर ही उजाला देखेंगे?
यह मामला केवल एक गांव का नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र में बैठे उन 'दीमकों' का है जो विकास की योजनाओं को खोखला कर रहे हैं। अब देखना यह है कि क्या बस्ती प्रशासन इन भ्रष्टाचारियों पर बुलडोजर जैसी कार्रवाई करता है या फिर मामला विभागीय जांच की फाइलों में हमेशा के लिए दफन हो जाएगा।सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने खोली पोल
बिजली विभाग की इस 'अदृश्य लाइन' का वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। यह वीडियो न केवल विभाग की कार्यप्रणाली का मखौल उड़ा रहा है, बल्कि सरकारी दावों को भी मुंह चिढ़ा रहा है। ग्रामीण अब खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। इस घोर भ्रष्टाचार की शिकायत मुख्यमंत्री से लेकर विभाग के मंत्री और तमाम उच्चाधिकारियों तक पहुंच चुकी है।
सवाल बड़ा है: क्या इन कुर्सीधारी भ्रष्टाचारियों पर योगी का 'चाबुक' चलेगा? या फिर जांच के नाम पर फाइलों को दबाकर जनता को अंधेरे में ही रखा जाएगा?
    user_अजीत मिश्रा (खोजी)
    अजीत मिश्रा (खोजी)
    बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • अयोध्या के नगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत नाका चुंगी स्थित मैरिज लान में आयोजित होने जा रही मेला प्रदर्शनी को तत्काल प्रभाव से बंद करने की मांग की गई है अयोध्या जिला अधिकारी को स्थानीय निवासियों दुकानदारों ने सामूहिक पत्र सौंप कर तत्काल प्रभाव से बंद करने की मांग उठी, जिसमें दर्जनों हस्ताक्षरों कताओ ने आरोप लगाया कि हर वर्ष लगने वाला मेला प्रदर्शनी अवैध है शिकायती पत्र के अनुसार मेला प्रदर्शनी का लाइसेंस स्थानीय पुलिस मिली भगत कर, मनमाफिक आख्या लगवा कर और नगर मजिस्ट्रेट से तथ्य छिपा कर प्राप्त किया जाता है नाका चुंगी से लेकर फतेहगंज मार्ग तक मकबरा फ्लावर घनी आबादी है मैरिज लोन में आगामी मेला प्रदर्शनी आयोजित होने के कारण मुख मार्ग काफी भीड़ भीषण जमावड़ा हो जाता है जम के कारण आम जनमानस जनता अग्निशमन वाहन, एम्बुलेंस, की गाड़ियों घंटो जाम में फंसे रहते हैं । सभी लोगों ने जनहित सुरक्षा की समस्या को देखते हुए मांग किया है कि मैरिज लाल में मेला प्रदर्शनी की अनुमति न देने की सिफारिश की है और भविष्य में ऐसे आयोजनों को पूर्णतया प्रतिबंधित किया जाए।
    3
    अयोध्या के नगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत नाका चुंगी स्थित मैरिज लान में आयोजित होने जा रही मेला प्रदर्शनी को तत्काल प्रभाव से बंद करने की मांग की गई है
अयोध्या जिला अधिकारी को स्थानीय निवासियों दुकानदारों ने सामूहिक पत्र सौंप कर तत्काल प्रभाव से बंद करने की मांग उठी, जिसमें दर्जनों हस्ताक्षरों कताओ ने आरोप लगाया कि हर वर्ष लगने वाला मेला प्रदर्शनी अवैध है शिकायती पत्र के अनुसार मेला प्रदर्शनी का लाइसेंस स्थानीय पुलिस मिली भगत कर, मनमाफिक आख्या लगवा कर और नगर मजिस्ट्रेट से तथ्य छिपा कर प्राप्त किया जाता है
नाका चुंगी से लेकर फतेहगंज मार्ग तक मकबरा फ्लावर घनी आबादी है मैरिज लोन में आगामी मेला प्रदर्शनी आयोजित होने के कारण मुख मार्ग काफी भीड़ भीषण जमावड़ा हो जाता है जम के कारण आम जनमानस जनता अग्निशमन वाहन, एम्बुलेंस, की गाड़ियों  घंटो जाम में फंसे रहते हैं । सभी लोगों ने जनहित  सुरक्षा की समस्या को देखते हुए मांग किया है कि मैरिज लाल में मेला प्रदर्शनी की अनुमति न देने की सिफारिश की है और भविष्य में ऐसे आयोजनों को पूर्णतया प्रतिबंधित किया जाए।
    user_Vipin pandey
    Vipin pandey
    Local News Reporter फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    12 min ago
  • भदार (अयोध्या): रिपोर्ट, दुर्गा सिंह तारुन थाना क्षेत्र के भदार खुर्द अंतर्गत दुबे का पूरा गांव में बृहस्पतिवार दोपहर अज्ञात कारणों से लगी आग ने भारी तबाही मचाई। इस अग्निकांड में एक पशुपालक की दो भैंसों की जलकर मौत हो गई, जबकि भूसौले में रखा भारी मात्रा में अनाज व अन्य सामान जलकर राख हो गया। मिली जानकारी के अनुसार, गांव निवासी विजय कुमार प्रजापति के भूसौले में दोपहर करीब 12 बजे अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। भूसौले के अंदर दो भैंसें बंधी हुई थीं और वहीं पास में करीब 10 क्विंटल गेहूं, एक क्विंटल सरसों, भारी मात्रा में भूसा, उपले और लकड़ियां रखी थीं। आग की लपटें उठती देख ग्रामीण मौके पर दौड़े और निजी संसाधनों से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। हालांकि, अथक प्रयासों के बावजूद खूंटे से बंधी भैंसों को बचाया नहीं जा सका और उनकी झुलसकर मौके पर ही मौत हो गई। सूचना के बाद फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंची और अवशेष बची आग पर पूरी तरह काबू पाया। घटना की सूचना मिलने पर राजस्व टीम, पुलिस कर्मी और पशु चिकित्सक मौके पर पहुंचे और नुकसान का आकलन किया। इस दौरान समाजसेवी व जिला पंचायत सदस्य पद प्रत्याशी सुजीत यादव, वर्तमान जिला पंचायत सदस्य रामस्वरूप फैजाबादी, पूर्व प्रधान राम भारत यादव और ग्राम प्रधान वेद राम निषाद ने पीड़ित परिवार से मिलकर ढांढस बंधाया और प्रशासन से मुआवजे की मांग की।
    2
    भदार (अयोध्या): रिपोर्ट, दुर्गा सिंह 
तारुन थाना क्षेत्र के भदार खुर्द अंतर्गत दुबे का पूरा गांव में बृहस्पतिवार दोपहर अज्ञात कारणों से लगी आग ने भारी तबाही मचाई। इस अग्निकांड में एक पशुपालक की दो भैंसों की जलकर मौत हो गई, जबकि भूसौले में रखा भारी मात्रा में अनाज व अन्य सामान जलकर राख हो गया।
मिली जानकारी के अनुसार, गांव निवासी विजय कुमार प्रजापति के भूसौले में दोपहर करीब 12 बजे अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। भूसौले के अंदर दो भैंसें बंधी हुई थीं और वहीं पास में करीब 10 क्विंटल गेहूं, एक क्विंटल सरसों, भारी मात्रा में भूसा, उपले और लकड़ियां रखी थीं।
आग की लपटें उठती देख ग्रामीण मौके पर दौड़े और निजी संसाधनों से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। हालांकि, अथक प्रयासों के बावजूद खूंटे से बंधी भैंसों को बचाया नहीं जा सका और उनकी झुलसकर मौके पर ही मौत हो गई। सूचना के बाद फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंची और अवशेष बची आग पर पूरी तरह काबू पाया।
घटना की सूचना मिलने पर राजस्व टीम, पुलिस कर्मी और पशु चिकित्सक मौके पर पहुंचे और नुकसान का आकलन किया। इस दौरान समाजसेवी व जिला पंचायत सदस्य पद प्रत्याशी सुजीत यादव, वर्तमान जिला पंचायत सदस्य रामस्वरूप फैजाबादी, पूर्व प्रधान राम भारत यादव और ग्राम प्रधान वेद राम निषाद ने पीड़ित परिवार से मिलकर ढांढस बंधाया और प्रशासन से मुआवजे की मांग की।
    user_Durga Singh
    Durga Singh
    Electrician बीकापुर, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    49 min ago
  • फर्जी उम्र, फर्जी जॉब कार्ड, करोड़ों का खेल! सिंघनी का ‘20 साल का प्रधान’ सवालों के घेरे में, कार्रवाई शून्य
    1
    फर्जी उम्र, फर्जी जॉब कार्ड, करोड़ों का खेल! सिंघनी का ‘20 साल का प्रधान’ सवालों के घेरे में, कार्रवाई शून्य
    user_पत्रकार नीलम सिंह
    पत्रकार नीलम सिंह
    Faizabad, Ayodhya•
    6 hrs ago
  • रुदौली सीएचसी विवाद: पत्रकार को फंसाने की साजिश के आरोप, वायरल ऑडियो से मचा हड़कंप खबरें प्रकाशित होने के बाद लगातार प्रयास किए जाने के दावे अयोध्या। रुदौली तहसील क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) रुदौली से जुड़ा मामला इन दिनों चर्चा में है। एक पत्रकार को कथित रूप से साजिश के तहत फंसाने के आरोप सामने आए हैं। इस बीच सामने आए एक वायरल ऑडियो ने पूरे प्रकरण को नया मोड़ दे दिया है। सूत्रों के अनुसार, यह ऑडियो मार्च 2026 का बताया जा रहा है। इसमें एक नर्स अपने परिजनों से बातचीत के दौरान दबाव और आंतरिक हालात को लेकर गंभीर बातें करती सुनाई दे रही है। हालांकि, ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है। मामले में सीएचसी रुदौली की अधीक्षक डॉ. फातिमा हसन रिजवी का नाम चर्चा में है। आरोप है कि खबरें प्रकाशित होने के बाद पत्रकार को फंसाने के लिए लगातार प्रयास किए गए। यह भी कहा जा रहा है कि उनके कार्यकाल में पहले भी विवाद सामने आते रहे हैं। हाल के एक प्रकरण में, एक संविदा एएनएम द्वारा कथित उत्पीड़न से आहत होकर आत्महत्या का प्रयास करने की बात सामने आई थी, जिसमें प्रारंभिक जांच के बाद मामला ठंडे बस्ते में डाल दिए जाने की चर्चा है। पीड़ित पत्रकार का कहना है कि उसने पूर्व में उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत देकर निष्पक्ष जांच की मांग की थी, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि 20 अप्रैल 2026 को रुदौली कोतवाली में अधीक्षक की ओर से उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया, जिसे वह सुनियोजित कार्रवाई बता रहा है। वायरल ऑडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल तेज बताई जा रही है, हालांकि अब तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वायरल ऑडियो की सत्यता की पुष्टि जांच के बाद ही संभव होगी। सभी आरोप संबंधित पक्षों के दावों पर आधारित हैं और मामला जांच के अधीन है।)
    1
    रुदौली सीएचसी विवाद: पत्रकार को फंसाने की साजिश के आरोप, वायरल ऑडियो से मचा हड़कंप
खबरें प्रकाशित होने के बाद लगातार प्रयास किए जाने के दावे
अयोध्या।
रुदौली तहसील क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) रुदौली से जुड़ा मामला इन दिनों चर्चा में है। एक पत्रकार को कथित रूप से साजिश के तहत फंसाने के आरोप सामने आए हैं। इस बीच सामने आए एक वायरल ऑडियो ने पूरे प्रकरण को नया मोड़ दे दिया है।
सूत्रों के अनुसार, यह ऑडियो मार्च 2026 का बताया जा रहा है। इसमें एक नर्स अपने परिजनों से बातचीत के दौरान दबाव और आंतरिक हालात को लेकर गंभीर बातें करती सुनाई दे रही है। हालांकि, ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।
मामले में सीएचसी रुदौली की अधीक्षक डॉ. फातिमा हसन रिजवी का नाम चर्चा में है। आरोप है कि खबरें प्रकाशित होने के बाद पत्रकार को फंसाने के लिए लगातार प्रयास किए गए। यह भी कहा जा रहा है कि उनके कार्यकाल में पहले भी विवाद सामने आते रहे हैं। हाल के एक प्रकरण में, एक संविदा एएनएम द्वारा कथित उत्पीड़न से आहत होकर आत्महत्या का प्रयास करने की बात सामने आई थी, जिसमें प्रारंभिक जांच के बाद मामला ठंडे बस्ते में डाल दिए जाने की चर्चा है।
पीड़ित पत्रकार का कहना है कि उसने पूर्व में उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत देकर निष्पक्ष जांच की मांग की थी, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि 20 अप्रैल 2026 को रुदौली कोतवाली में अधीक्षक की ओर से उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया, जिसे वह सुनियोजित कार्रवाई बता रहा है।
वायरल ऑडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल तेज बताई जा रही है, हालांकि अब तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
वायरल ऑडियो की सत्यता की पुष्टि जांच के बाद ही संभव होगी। सभी आरोप संबंधित पक्षों के दावों पर आधारित हैं और मामला जांच के अधीन है।)
    user_Awadh Speed news
    Awadh Speed news
    Faizabad, Ayodhya•
    8 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.