Shuru
Apke Nagar Ki App…
विदिशा के मुखर्जी नगर क्षेत्र में ट्रेनिंग देकर घर-घर जाकर जनगणना कार्य करने के लिए आदेश मध्य प्रदेश जनगणना प्रभारी जनगणना प्रभारी ने लिया विदिशा के मुखर्जी नगर में जनगणना मैं कार्यरत अधिकारियों से उन्होंने अपना परिचय देते हुए कार्य को समझा और देखा बही विदिशा कलेक्टर द्वारा जनगणना में कार्य कर्मचारियों से वार्तालाप किया वहीं चर्चा के दौरान बताया घर घर जाकर जनगणना की सटीक जानकारी पूर्ण करेंगे इस मौके पर दिशा कलेक्टर अंशुल गुप्ता एवं प्रशासनिक टीम नगर पालिका सीएमओ दुर्गेश सिंह ठाकुर मौजूद रहे .…............विदिशा से विनोद मेहरा 6266257808 खबरों के लिए संपर्क करें ..........….............. . ... .... . . . . . .. . .. . . . . . ... .
Vinod Mehra
विदिशा के मुखर्जी नगर क्षेत्र में ट्रेनिंग देकर घर-घर जाकर जनगणना कार्य करने के लिए आदेश मध्य प्रदेश जनगणना प्रभारी जनगणना प्रभारी ने लिया विदिशा के मुखर्जी नगर में जनगणना मैं कार्यरत अधिकारियों से उन्होंने अपना परिचय देते हुए कार्य को समझा और देखा बही विदिशा कलेक्टर द्वारा जनगणना में कार्य कर्मचारियों से वार्तालाप किया वहीं चर्चा के दौरान बताया घर घर जाकर जनगणना की सटीक जानकारी पूर्ण करेंगे इस मौके पर दिशा कलेक्टर अंशुल गुप्ता एवं प्रशासनिक टीम नगर पालिका सीएमओ दुर्गेश सिंह ठाकुर मौजूद रहे .…............विदिशा से विनोद मेहरा 6266257808 खबरों के लिए संपर्क करें ..........….............. . ... .... . . . . . .. . .. . . . . . ... .
More news from Madhya Pradesh and nearby areas
- Post by Vineet maheshwari1
- "झूठों ने झूठों से कहा है सच बोलो, सरकारी ऐलान हुआ है सच बोलो!" मशहूर शायर राहत इंदौरी साहब के इसी शेर के साथ सुनिए एक चौंकाने वाली खबर, क्योंकि क्या 40 साल से सरकारी फाइलों के मकड़जाल में फंसी रायसेन की ट्रेन अब सीधा आसमान से टपकेगी? जी हाँ, केके की नजर से देखिए तो रायसेन वालों के लिए एक ऐसा झुनझुना आया है जिसकी आवाज सीधे सैटेलाइट से गूंजेगी, क्योंकि 2010-11 के रेल बजट में जिस लाइन ने सिर्फ पन्नों पर छुक-छुक की थी, अब अप्रैल 2026 में रेलवे बोर्ड ने भोपाल-रायसेन-गैरतगंज-बेगमगंज होते हुए छतरपुर तक की उसी नई ब्रॉडगेज लाइन के सर्वे के लिए पूरे 69 लाख रुपये का प्रारंभिक बजट फाइनली पास कर दिया है! अब केके की नजर से इस 69 लाख के खेल को जरा करीब से समझिए... इस बार सिस्टम की पुरानी इंचीटेप से नहीं, बल्कि अत्याधुनिक 'सैटेलाइट और हवाई सर्वेक्षण' से जमीन नापी जाएगी, मतलब अफसर जमीन पर आएं या न आएं, आसमान से विकास की 3D फोटो जरूर खींच ली जाएगी! पर अपनी सीट बेल्ट अभी मत बांधिए, क्योंकि ये सिर्फ एक 'सर्वे' का कागजी शिलान्यास है, लोहे की पटरियों का नहीं, और जिस देश में 40 साल में फाइलें सिर्फ एक टेबल से दूसरी टेबल तक खिसकती हैं, वहां ट्रेन को हकीकत के स्टेशन तक आते-आते कहीं हमारी अगली पीढ़ी ही टिकट कटाने के लिए न खड़ी मिले! इसलिए केके की नजर से ये बिल्कुल साफ है कि ये 69 लाख का ताजा 'ट्रेंडिंग मुद्दा' कागजी विकास की एक और लॉलीपॉप भी हो सकता है। तो सिस्टम और सरकार से अंत में केके का सीधा सवाल- क्या इस बार वाकई रायसेन के स्टेशन पर छुक-छुक गाड़ी की असली सीटी बजेगी या फिर एक बार और सैटेलाइट के नाम पर जनता की आंखों में सिर्फ हवाई धूल झोंक दी जाएगी? जवाब सोचिएगा जरूर, और जाते-जाते दुष्यंत कुमार जी का ये मशहूर शेर इस पूरे सिस्टम के नाम- "सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं, मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए!"1
- Post by AM NEWS1
- जबलपुर के बरगी डैम में 20 साल पुराना क्रूज़ डूबने से कई लोगों की मौत, क्या है पूरी सच्चाई ?1
- Post by PS24NEWS1
- Post by Rahul Sharma1
- Post by AM NEWS1
- Post by PS24NEWS1
- Post by शाहिद खान रिपोर्टर1