// प्रेसनोट- थाना अयोध्यानगर भोपाल // *किराए पर लगवाने का झाँसा देकर गाड़ियां बेचने वाले गिरोह का हुआ पर्दाफाश, इनोवा, XUV सहित 05 चारपहिया वाहन जप्त ।* * आरोपी टीकमगढ़, सागर, दमोह से किराए पर गाड़ी लाकर भोपाल में करते थे विक्रय। * आरोपी देहात क्षेत्र के लोगो को बनाते थे निशाना। सरकारी विभाग में लगवाकर अच्छा किराया देने का देते थे झांसा। * भोपाल लाकर खरीददार को मजबूरी बताकर सस्ते दामो पर बेच देते थे वाहन । * गिरोह का भंडाफोड, 01 गिरफ्तार, और अब तक 05 चारपहिया वाहन जब्त, कुल कीमत लगभग 80 लाख रुपए। * डीसीपी जोन -2, श्री विवेक सिंह के निर्देशन में जालसाजों पर कड़ी कार्यवाही। * प्रकरण में और भी कई वाहन बरामद होने की है संभावना। नगरीय पुलिस भोपाल में जालसाजों और धोखाधड़ी गिरोह पर सख्त कार्यवाही हेतु पुलिस आयुक्त श्री संजय कुमार (भापुसे) एवं अति. पुलिस आयुक्त श्री अवधेश गोस्वामी (भापुसे) द्वारा निर्देशित किया गया है । उक्त दिशा निर्देशो के तारतम्य मे पुलिस उपायुक्त जोन-02 श्री विवेक सिंह (भापुसे) के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त श्री गौतम सोलंकी के पर्यवेक्षण तथा सहायक पुलिस आयुक्त एम.पी.नगर संभाग श्री मनीष भारद्वाज (भापुसे) के मार्गदर्शन मे थाना प्रभारी निरीक्षक महेश लिल्हारे के नेतृत्व मे गठित टीम ने किराए पर चारपहिया वाहन लाकर भोपाल में खरीदारों को सस्ते दाम पर विक्रय कर गायब होने वाले जालसाज गिरोह का पर्दाफाश कर 01 आरोपी को गिरफ्तार किया एवं इनोवा, XUV 500, बोलेरो सहित कुल 05 चारपहिया वाहन कीमत लगभग 80 लाख रुपए के जब्त करने में सफलता अर्जित की। घटना का विवरणः- दिनांक 12.04.2026 को फरियादी मनोज मिश्रा निवासी टीकमगढ की रिपोर्ट अनुसार उनकी गाड़ी महिन्द्रा एक्सयूव्ही 500 रजिस्ट्रेशन नं. MP36 C 2572 एयरपोर्ट पर किराये से चलवाने का झांसा देकर आरोपी आलोक चौबे ने 45000/- रूपये प्रति माह के हिसाब से किराया अनुबंध बनाकर गाड़ी ली थी, साथ ही गाड़ी लगाने के लिए गारंटी के तौर पर बतौर जमानत 35000/- रूपये भी लिए । आलोक द्वारा गाड़ी टीकमगढ़ से भोपाल लाकर पहले महिने में किराया भेजा गया, उसके बाद किराया देना बंद कर दिया। जब वाहन मालिक फरियादी मनोज मिश्रा ने पता किया तो पता चला कि आरोपी आलोक द्वारा अपने अन्य साथी के साथ मिलकर धोखाधड़ीपूर्वक वह गाड़ी कहीं बेच दी है। उक्त रिपोर्ट पर थाना अयोध्यानगर में आरोपी आलोक चौबे एवं अरविन्द के विरूध्द अपराध क्र. 164/26 धारा 318(4), 316(2), 3(5) बी.एन.एस. का कायम कर विवेचना में लिया गया । दौराने विवेचना फरार और गायब गिरोह के सदस्य आरोपी आलोक चौबे की पतारसी कर आरोपी आलोक चौबे को पकड़कर अपराध के विषय में पूछताछ की गई, आरोपी आलोक ने अपने अन्य साथी नर्मदा, अरविंद मिश्रा के साथ मिलकर फरियादी मनोज एवं अन्य व्यक्तियों से उनके वाहन किराए पर लगाने के नाम पर टीकमगढ़ से भोपाल लेकर आना और भोपाल में सस्ते दामों पर किसी अन्य व्यक्ति को बेचना स्वीकार किया। आरोपी आलोक की निशादेही पर घटना में बेची गई महिन्द्रा एक्सयूव्ही 500 के साथ साथ इसी प्रकार किराए पर लाकर बेची गई और भी 04 गाड़िया - 02 बुलेरो, 02 इनोवा कुल 05 चारपहिया वाहन कीमत लगभग 80 लाख रुपये का मसरुका जब्त करने में सफलता प्राप्त की । प्रकरण में अन्य आरोपी फरार हैं जिनकी तलाश जारी हैं । जप्त वाहन – 1. महिन्द्रा एक्सयूव्ही 500 रजिस्ट्रेशन क्र. MP36 C 2572, 2. महिन्द्रा बुलेरो कार रजिस्ट्रेशन क्र. MP36ZJ-3583, 3. महिन्द्रा बुलेरो कार रजिस्ट्रेशन क्र. MP15CA-9957, 4. इनोवा कार रजिस्ट्रेशन क्र. MPTA-7855, 5. इनोवा कार रजिस्ट्रेशन क्र. MP04TA-4790 आरोपीः– 1. आलोक चौबे पिता मुन्नालाल चौबे उम्र 25 साल, निवासी खउमुलया कोलार रोड अमरावत कला भोपाल शिक्षा- 10वी व्यवसाय- प्रायवेट कार्य । सराहनीय भूमिका – थाना प्रभारी श्री महेश लिल्हारे, उनि. सुदील देशमुख, उनि. विजय सिह कर्चुली, सउनि. मनोज कछवाहा, प्रआऱ 1177 अमित व्यास, प्रआर.3178 बृजेश सिंह, प्रआर 2233 रूपेश सिह जादौन, प्रआर 3330 अतुल सिह, प्र.आर.316 भागवत कुशवाहा, आर. 3040 अजय कुमार, आर.1055 प्रदीप दामले की सराहनीय भूमिका रही ।
// प्रेसनोट- थाना अयोध्यानगर भोपाल // *किराए पर लगवाने का झाँसा देकर गाड़ियां बेचने वाले गिरोह का हुआ पर्दाफाश, इनोवा, XUV सहित 05 चारपहिया वाहन जप्त ।* * आरोपी टीकमगढ़, सागर, दमोह से किराए पर गाड़ी लाकर भोपाल में करते थे विक्रय। * आरोपी देहात क्षेत्र के लोगो को बनाते थे निशाना। सरकारी विभाग में लगवाकर अच्छा किराया देने का देते थे झांसा। * भोपाल लाकर खरीददार को मजबूरी बताकर सस्ते दामो पर बेच देते थे वाहन । * गिरोह का भंडाफोड, 01 गिरफ्तार, और अब तक 05 चारपहिया वाहन जब्त, कुल कीमत लगभग 80 लाख रुपए। * डीसीपी जोन -2, श्री विवेक सिंह के निर्देशन में जालसाजों पर कड़ी कार्यवाही। * प्रकरण में और भी कई वाहन बरामद होने की है संभावना। नगरीय पुलिस भोपाल में जालसाजों और धोखाधड़ी गिरोह पर सख्त कार्यवाही हेतु पुलिस आयुक्त श्री संजय कुमार (भापुसे) एवं अति. पुलिस आयुक्त श्री अवधेश गोस्वामी (भापुसे) द्वारा निर्देशित किया गया है । उक्त दिशा निर्देशो के तारतम्य मे पुलिस उपायुक्त जोन-02 श्री विवेक सिंह (भापुसे) के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त श्री गौतम सोलंकी के पर्यवेक्षण तथा सहायक पुलिस आयुक्त एम.पी.नगर संभाग श्री मनीष भारद्वाज (भापुसे) के मार्गदर्शन मे थाना प्रभारी निरीक्षक महेश लिल्हारे के नेतृत्व मे गठित टीम ने किराए पर चारपहिया वाहन लाकर भोपाल में खरीदारों को सस्ते दाम पर विक्रय कर गायब होने वाले जालसाज गिरोह का पर्दाफाश कर 01 आरोपी को गिरफ्तार किया एवं इनोवा, XUV 500, बोलेरो सहित कुल 05 चारपहिया वाहन कीमत लगभग 80 लाख रुपए के जब्त करने में सफलता अर्जित की। घटना का विवरणः- दिनांक 12.04.2026 को फरियादी मनोज मिश्रा निवासी टीकमगढ की रिपोर्ट अनुसार उनकी गाड़ी महिन्द्रा एक्सयूव्ही 500 रजिस्ट्रेशन नं. MP36 C 2572 एयरपोर्ट पर किराये से चलवाने का झांसा देकर आरोपी आलोक चौबे ने 45000/- रूपये प्रति माह के हिसाब से किराया अनुबंध बनाकर गाड़ी ली थी, साथ ही गाड़ी लगाने के लिए गारंटी के तौर पर बतौर जमानत 35000/- रूपये भी लिए । आलोक द्वारा गाड़ी टीकमगढ़ से भोपाल लाकर पहले महिने में किराया भेजा गया, उसके बाद किराया देना बंद कर दिया। जब वाहन मालिक फरियादी मनोज मिश्रा ने पता किया तो पता चला कि आरोपी आलोक द्वारा अपने अन्य साथी के साथ मिलकर धोखाधड़ीपूर्वक वह गाड़ी कहीं बेच दी है। उक्त रिपोर्ट पर थाना अयोध्यानगर में आरोपी आलोक चौबे एवं अरविन्द के विरूध्द अपराध क्र. 164/26 धारा 318(4), 316(2), 3(5) बी.एन.एस. का कायम कर विवेचना में लिया गया । दौराने विवेचना फरार और गायब गिरोह के सदस्य आरोपी आलोक चौबे की पतारसी कर आरोपी आलोक चौबे को पकड़कर अपराध के विषय में पूछताछ की गई, आरोपी आलोक ने अपने अन्य साथी नर्मदा, अरविंद मिश्रा के साथ मिलकर फरियादी मनोज एवं अन्य व्यक्तियों से उनके वाहन किराए पर लगाने के नाम पर टीकमगढ़ से भोपाल लेकर आना और भोपाल में सस्ते दामों पर किसी अन्य व्यक्ति को बेचना स्वीकार किया। आरोपी आलोक की निशादेही पर घटना में बेची गई महिन्द्रा एक्सयूव्ही 500 के साथ साथ इसी प्रकार किराए पर लाकर बेची गई और भी 04 गाड़िया - 02 बुलेरो, 02 इनोवा कुल 05 चारपहिया वाहन कीमत लगभग 80 लाख रुपये का मसरुका जब्त करने में सफलता प्राप्त की । प्रकरण में अन्य आरोपी फरार हैं जिनकी तलाश जारी हैं । जप्त वाहन – 1. महिन्द्रा एक्सयूव्ही 500 रजिस्ट्रेशन क्र. MP36 C 2572, 2. महिन्द्रा बुलेरो कार रजिस्ट्रेशन क्र. MP36ZJ-3583, 3. महिन्द्रा बुलेरो कार रजिस्ट्रेशन क्र. MP15CA-9957, 4. इनोवा कार रजिस्ट्रेशन क्र. MPTA-7855, 5. इनोवा कार रजिस्ट्रेशन क्र. MP04TA-4790 आरोपीः– 1. आलोक चौबे पिता मुन्नालाल चौबे उम्र 25 साल, निवासी खउमुलया कोलार रोड अमरावत कला भोपाल शिक्षा- 10वी व्यवसाय- प्रायवेट कार्य । सराहनीय भूमिका – थाना प्रभारी श्री महेश लिल्हारे, उनि. सुदील देशमुख, उनि. विजय सिह कर्चुली, सउनि. मनोज कछवाहा, प्रआऱ 1177 अमित व्यास, प्रआर.3178 बृजेश सिंह, प्रआर 2233 रूपेश सिह जादौन, प्रआर 3330 अतुल सिह, प्र.आर.316 भागवत कुशवाहा, आर. 3040 अजय कुमार, आर.1055 प्रदीप दामले की सराहनीय भूमिका रही ।
- Post by AM NEWS1
- Post by मो। शादाब पत्रकार1
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- Post by D K G Pradesh Prasar6
- भोपाल में हुई कांग्रेस की अहम बैठक ने एक बार फिर पार्टी की अंदरूनी राजनीति को उजागर कर दिया है। बाहर से यह बैठक सामान्य दिखी, लेकिन अंदर के संवादों में सियासी संकेत और संदेश साफ नजर आए। वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने संगठन को लेकर अपनी बात रखते हुए प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी की तारीफ भी की, लेकिन उसी तारीफ में छिपा तंज अब चर्चा का विषय बन गया है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि “दिल्ली दरबार में आपकी पकड़ हमसे ज्यादा मजबूत है, आप के.सी. वेणुगोपाल से कुछ भी लिखवा सकते हैं।” माहौल हल्का करने के लिए पटवारी ने खुद को उनका चेला बताया, लेकिन इसके बाद दिग्विजय का जवाब—“गुरु गुड़ रह गया, चेला शक्कर हो गया”—ने पूरे राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी। इस एक लाइन को सिर्फ मजाक मानना आसान है, लेकिन इसके पीछे छिपे संदेश को नजरअंदाज करना मुश्किल है। यह बयान न केवल संगठन में शक्ति संतुलन को दर्शाता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि पार्टी के भीतर सब कुछ सामान्य नहीं है। दिन में हुई इस बातचीत के बाद शाम को जीतू पटवारी का दिग्विजय सिंह के घर पहुंचना इस बात का इशारा करता है कि अंदरूनी मतभेदों को संभालने की कोशिश जारी है। राजनीति में अक्सर ऐसे बयान रिश्तों की गहराई और खींचतान दोनों को एक साथ उजागर करते हैं। अब सवाल यही है कि क्या यह केवल हल्का-फुल्का मजाक था, या फिर इसके पीछे सत्ता संतुलन और नेतृत्व की खामोश लड़ाई छिपी है। 👉 केके का सवाल: क्या कांग्रेस में सब कुछ ठीक है, या फिर “मिठास” के पीछे सियासी कड़वाहट बढ़ रही है?1
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- Post by Naved khan2
- Post by AM NEWS1