बज्जू थाना क्षेत्र के ग्रांधी गांव में एक विवाहिता द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में पुलिस ने उसके पति, सास और ननद के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इन तीनों पर आत्महत्या के लिए उकसाने और लगातार प्रताड़ना देने का आरोप लगाया गया है। भेलू निवासी विश्वजीतसिंह ने पुलिस को अपनी बहन पार्वती कंवर की आत्महत्या के संबंध में रिपोर्ट दी है, जिसमें उन्होंने पति जीतुसिंह उर्फ जितेन्द्र सिंह, सास गंगाकंवर और ननद विमला कंवर को जिम्मेदार ठहराया है। पार्वती कंवर का विवाह वर्ष 2010 में ग्रांधी निवासी जीतुसिंह पुत्र भगवानसिंह से हुआ था। रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआती वैवाहिक जीवन सामान्य रहने के बावजूद, पिछले लगभग पांच वर्षों से पार्वती कंवर को उसके पति, सास और ननद द्वारा लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। उसे बार-बार ताने दिए जाते थे, उसके साथ मारपीट की जाती थी और उसे अपने पीहर पक्ष से मिलने या बात करने से भी रोका जाता था। परिजनों ने आरोप लगाया है कि पार्वती को परिवार के किसी भी विवाह, समारोह या शोक कार्यक्रम में शामिल नहीं होने दिया जाता था, और यहां तक कि उसकी सगी बहनों के विवाह में भी उसे पीहर नहीं भेजा गया। परिवार के बुजुर्गों द्वारा ससुराल पक्ष को कई बार समझाने की कोशिश की गई, लेकिन प्रताड़ना जारी रही। पार्वती कंवर कभी-कभी छिपकर फोन पर अपने भाई को अपनी पीड़ा और ससुराल पक्ष के दुर्व्यवहार के बारे में बताती थी। इसी लगातार मानसिक वेदना और प्रताड़ना के कारण पार्वती कंवर ने 25 मई 2026 को अपने ससुराल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका के भाई ने पति, सास और ननद के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। बज्जू पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बज्जू थाना क्षेत्र के ग्रांधी गांव में एक विवाहिता द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में पुलिस ने उसके पति, सास और ननद के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इन तीनों पर आत्महत्या के लिए उकसाने और लगातार प्रताड़ना देने का आरोप लगाया गया है। भेलू निवासी विश्वजीतसिंह ने पुलिस को अपनी बहन पार्वती कंवर की आत्महत्या के संबंध में रिपोर्ट दी है, जिसमें उन्होंने पति जीतुसिंह उर्फ जितेन्द्र सिंह, सास गंगाकंवर और ननद विमला कंवर को जिम्मेदार ठहराया है। पार्वती कंवर का विवाह वर्ष 2010 में ग्रांधी निवासी जीतुसिंह पुत्र भगवानसिंह से हुआ था। रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआती वैवाहिक जीवन सामान्य रहने के बावजूद, पिछले लगभग पांच वर्षों से पार्वती कंवर को उसके पति, सास और ननद द्वारा लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। उसे बार-बार ताने दिए जाते थे, उसके साथ मारपीट की जाती थी और उसे अपने पीहर पक्ष से मिलने या बात करने से भी रोका जाता था। परिजनों ने आरोप लगाया है कि पार्वती को परिवार के किसी भी विवाह, समारोह या शोक कार्यक्रम में शामिल नहीं होने दिया जाता था, और यहां तक कि उसकी सगी बहनों के विवाह में भी उसे पीहर नहीं भेजा गया। परिवार के बुजुर्गों द्वारा ससुराल पक्ष को कई बार समझाने की कोशिश की गई, लेकिन प्रताड़ना जारी रही। पार्वती कंवर कभी-कभी छिपकर फोन पर अपने भाई को अपनी पीड़ा और ससुराल पक्ष के दुर्व्यवहार के बारे में बताती थी। इसी लगातार मानसिक वेदना और प्रताड़ना के कारण पार्वती कंवर ने 25 मई 2026 को अपने ससुराल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका के भाई ने पति, सास और ननद के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। बज्जू पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
- अधिमास (पुरुषोत्तम मास) के पावन अवसर पर रविवार को उपखंड मुख्यालय स्थित कपिल मुनि सरोवर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। अल सुबह से ही हजारों श्रद्धालु सरोवर पहुँचने लगे और पवित्र स्नान कर धर्म लाभ अर्जित किया। दिनभर सरोवर घाटों और मंदिर परिसरों में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही, जिससे पूरा तीर्थ क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर नज़र आया। सनातन परंपरा में अधिमास को अत्यंत पुण्यदायी माना गया है, जिसमें तीर्थ स्नान, पूजा-अर्चना, जप, तप, दान और धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व होता है। इसी मान्यता के चलते दूर-दराज क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने कपिल मुनि सरोवर में स्नान करने के बाद बारह महादेव, पंच मंदिर, गंगाजी मंदिर, सत्यनारायण भगवान मंदिर सहित अन्य देवालयों में पहुँचकर पूजा-अर्चना की तथा परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल कामना की। मंदिरों में दिनभर धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन और दान-पुण्य के कार्यक्रम चलते रहे, जहाँ भक्तों ने भगवान के दर्शन कर अधिमास के पुण्य का लाभ लिया। बारह महादेव मंदिर के संचालक वीरेंद्र नारायण ने बताया कि अधिमास के दौरान मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया, जहाँ भक्तों ने श्रद्धा भाव से दान-पुण्य किया। पुजारी विनोद सेवग ने इस बात पर जोर दिया कि कपिल मुनि सरोवर में स्नान एवं दर्शन करने से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति और पुण्य की प्राप्ति होती है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण तहसील परिसर, बैंक क्षेत्र, गज्जू चौक और मुख्य बाजार में वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी लगातार मुस्तैद रहे और ट्रैफिक संचालन में जुटे रहे। दिनभर तीर्थ क्षेत्र में मेले जैसा माहौल बना रहा, जिससे दुकानों और प्रसाद विक्रेताओं के यहाँ भी अच्छी चहल-पहल रही।1
- पेपर लीक के महत्वपूर्ण मुद्दे पर हो रही चर्चा के दौरान पुलिस के पहुँचने से माहौल एकाएक गरमा गया। इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताते हुए, संजय सिंह ने तीखा विरोध व्यक्त किया और स्पष्ट सवाल उठाया कि आखिर युवाओं के भविष्य से जुड़े इन गंभीर मुद्दों पर चर्चा होने से किसे परेशानी है?1
- बीकानेर के बंगला नगर स्थित वार्ड नंबर 19 में स्थानीय लोगों को काफी समय से पानी की समस्या और दूषित जल आपूर्ति का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या को लेकर, वार्ड नंबर 19 के पार्षद मानक लाल जी कुमावत ने आज जलदाय विभाग के कार्यालय पर सीधा प्रदर्शन किया। इसके साथ ही, उन्होंने विधायक सेवा केंद्र पर भी इस संबंध में एक ज्ञापन प्रस्तुत किया, जिसमें इस स्थायी समस्या के समाधान की मांग की गई है।1
- बीकानेर शहर में कांग्रेस के ए एवं बी ब्लॉक पूर्व विधानसभा क्षेत्र ने आनंद सिंह सोढा और शहजाद खान भुट्टा के नेतृत्व में जिला कलेक्टर कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन उपखंड अधिकारी को सौंपा गया, जिसमें विभिन्न जनहितैषी मुद्दों पर तत्काल समाधान की मांग की गई। पूर्व विधानसभा प्रत्याशी यशपाल गहलोत ने शहर में भीषण गर्मी के बीच व्याप्त पानी और बिजली की गंभीर समस्या पर चिंता व्यक्त की, चेतावनी दी कि यदि इन समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं किया गया, तो कांग्रेस पार्टी आंदोलन के लिए मजबूर होगी। ब्लॉक अध्यक्ष आनंद सिंह सोढा ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर आम जनता पर पड़े अतिरिक्त आर्थिक बोझ को उजागर किया, जिसके कारण घरेलू उपयोग की वस्तुओं के दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं। बी ब्लॉक अध्यक्ष शहजाद खान भुट्टा ने NEET पेपर लीक प्रकरण को विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की। उन्होंने घरेलू गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों को लेकर भी केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की। इस विरोध प्रदर्शन में सरदार अमरजीत सिंह, जोगेंद्र जोइया, शबीर अहमद सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिन्होंने इन मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद की।1
- नागौर सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हनुमान बेनीवाल ने जयपुर के कोटपूतली स्थित अजीतपुरा-कुजोता क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों पर खनन माफियाओं द्वारा की गई कथित ताबड़तोड़ फायरिंग की घटना को कानून व्यवस्था के लिए खुली चुनौती बताया है। उन्होंने इस घटना को बेहद शर्मनाक और भयावह करार दिया, क्योंकि यह तब हुई जब ग्रामीण अपने जल, जंगल, जमीन और पर्यावरण की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से धरने पर बैठे थे। सांसद बेनीवाल ने जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल पहुंचकर इस घटना में घायल हुए नागरिकों से मुलाकात की और चिकित्सकों को उनके बेहतर उपचार के निर्देश दिए। सांसद बेनीवाल ने इस घटना को अवैध खनन में लिप्त तत्वों के बुलंद हौसले और आम नागरिकों में असुरक्षा की भावना का प्रमाण बताया। उन्होंने स्पष्ट आरोप लगाया कि इस प्रकार की घटना सत्ता में बैठे लोगों के संरक्षण के बिना असंभव है। बेनीवाल ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी, अवैध खनन के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने और भविष्य में किसी भी माफिया को कानून हाथ में लेने की हिम्मत न करने देने की सुनिश्चितता की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसी घटनाओं पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो यह पूरे प्रदेश की कानून व्यवस्था के लिए खतरे की घंटी साबित होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री पर धरातल की जानकारी न होने और सरकार के आधा दर्जन मंत्रियों के भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप भी लगाया। इस बीच, सोमवार को नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल के जयपुर स्थित आवास पर भैराणा धाम को रिको की अवाप्ति से बचाने के लिए आंदोलन कर रहे साधु-संतों ने भी उनसे मुलाकात की। संतों ने सांसद को सरकार के साथ हुई अपनी वार्ता और विभिन्न मुद्दों पर गहन चर्चा से अवगत कराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि 27 मई की रात को रिको को हटाने सहित अन्य मांगों पर सरकार की तरफ से जो सहमति व्यक्त की गई थी, उस पर वे तटस्थ हैं और जब तक रिको वापस नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। बेनीवाल ने साधु-संतों को इस आंदोलन में हर कदम पर साथ रहने का आश्वासन दिया और कहा कि भैराणा धाम की आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने राज्य सरकार को साधु-संतों को बरगलाने या धोखा देने के खिलाफ चेतावनी दी, अन्यथा इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साधु-संतों ने राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी को आंदोलन में साथ खड़े होने के लिए धन्यवाद दिया, जिस पर सांसद ने इसे अपना फर्ज बताया। हनुमान बेनीवाल ने जोर देकर कहा कि सरकार का इकबाल खत्म हो चुका है, यही वजह है कि माफियाओं की हिम्मत बढ़ी है।2
- जोधपुर में डाली बाई मंदिर के पास चौक रिंग रोड पर बारिश के साथ बहुत तेज़ हवाएँ चल रही हैं।1
- बज्जू थाना क्षेत्र के ग्रांधी गांव में एक विवाहिता द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में पुलिस ने उसके पति, सास और ननद के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इन तीनों पर आत्महत्या के लिए उकसाने और लगातार प्रताड़ना देने का आरोप लगाया गया है। भेलू निवासी विश्वजीतसिंह ने पुलिस को अपनी बहन पार्वती कंवर की आत्महत्या के संबंध में रिपोर्ट दी है, जिसमें उन्होंने पति जीतुसिंह उर्फ जितेन्द्र सिंह, सास गंगाकंवर और ननद विमला कंवर को जिम्मेदार ठहराया है। पार्वती कंवर का विवाह वर्ष 2010 में ग्रांधी निवासी जीतुसिंह पुत्र भगवानसिंह से हुआ था। रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआती वैवाहिक जीवन सामान्य रहने के बावजूद, पिछले लगभग पांच वर्षों से पार्वती कंवर को उसके पति, सास और ननद द्वारा लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। उसे बार-बार ताने दिए जाते थे, उसके साथ मारपीट की जाती थी और उसे अपने पीहर पक्ष से मिलने या बात करने से भी रोका जाता था। परिजनों ने आरोप लगाया है कि पार्वती को परिवार के किसी भी विवाह, समारोह या शोक कार्यक्रम में शामिल नहीं होने दिया जाता था, और यहां तक कि उसकी सगी बहनों के विवाह में भी उसे पीहर नहीं भेजा गया। परिवार के बुजुर्गों द्वारा ससुराल पक्ष को कई बार समझाने की कोशिश की गई, लेकिन प्रताड़ना जारी रही। पार्वती कंवर कभी-कभी छिपकर फोन पर अपने भाई को अपनी पीड़ा और ससुराल पक्ष के दुर्व्यवहार के बारे में बताती थी। इसी लगातार मानसिक वेदना और प्रताड़ना के कारण पार्वती कंवर ने 25 मई 2026 को अपने ससुराल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका के भाई ने पति, सास और ननद के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। बज्जू पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।1
- फलोदी में परिवहन निगम के एक बस चालक और एक परिचालक के साथ निजी बस संचालक के लोगों द्वारा हाथापाई और मारपीट की गई। इस घटना में परिवहन निगम के कर्मचारियों को निजी बस संचालक से जुड़े व्यक्तियों के हमले का सामना करना पड़ा।1