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सीमलवाड़ा कॉलेज में संकायों व फैकल्टी की कमी पर फूटा छात्रों का गुस्सा, BPVM ने दी आंदोलन की चेतावनी डूंगरपुर जिले के राजकीय महाविद्यालय सीमलवाड़ा में व्याख्याताओं की कमी और अन्य शैक्षणिक समस्याओं को लेकर भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा (बीपीवीएम) ने कड़ा रुख अपनाया है। मोर्चा के ब्लॉक संयोजक विनेश डेंडोर के नेतृत्व में छात्र प्रतिनिधियों ने कॉलेज प्राचार्य को ज्ञापन सौंपकर सभी संकायों में रिक्त पदों पर जल्द से जल्द फैकल्टी नियुक्त करने की मांग की। छात्रों का कहना है कि पर्याप्त व्याख्याता नहीं होने के कारण उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है, जिससे उनके भविष्य पर संकट मंडरा रहा है। ​ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए अतिशीघ्र समस्याओं का समाधान नहीं किया और शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं की, तो भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा उग्र आंदोलन के लिए विवश होगा। इस दौरान वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता कमलेश डेंडोर, ब्लॉक संयोजक कांतिलाल डामोर, कॉलेज इकाई अध्यक्ष जयेश डामोर और उपाध्यक्ष बादल खराड़ी सहित कई छात्र नेता मौजूद रहे। ​प्रदर्शन के दौरान प्रवक्ता नीलेश हाडात, मीडिया प्रभारी अजय रोत, महासचिव शीतल ननोमा और सचिव रवीना हिरात ने भी अपनी बात रखी। इस अवसर पर जितेंद्र आमलिया, राहुल रोत, चंदा सरपोटा, सीमा अहारी, पायल भमात समेत महाविद्यालय के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे, जिन्होंने कॉलेज प्रशासन के विरुद्ध एकजुटता दिखाई।

9 hrs ago
user_संतोष व्यास पत्रकार
संतोष व्यास पत्रकार
Local News Reporter डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
9 hrs ago

सीमलवाड़ा कॉलेज में संकायों व फैकल्टी की कमी पर फूटा छात्रों का गुस्सा, BPVM ने दी आंदोलन की चेतावनी डूंगरपुर जिले के राजकीय महाविद्यालय सीमलवाड़ा में व्याख्याताओं की कमी और अन्य शैक्षणिक समस्याओं को लेकर भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा (बीपीवीएम) ने कड़ा रुख अपनाया है। मोर्चा के ब्लॉक संयोजक विनेश डेंडोर के नेतृत्व में छात्र प्रतिनिधियों ने कॉलेज प्राचार्य को ज्ञापन सौंपकर सभी संकायों में रिक्त पदों पर जल्द से जल्द फैकल्टी नियुक्त करने की मांग की। छात्रों का कहना है कि पर्याप्त व्याख्याता नहीं होने के कारण उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है, जिससे उनके भविष्य पर संकट मंडरा रहा है। ​ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए अतिशीघ्र समस्याओं का समाधान नहीं किया और शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं की, तो भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा उग्र आंदोलन के लिए विवश होगा। इस दौरान वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता कमलेश डेंडोर, ब्लॉक संयोजक कांतिलाल डामोर, कॉलेज इकाई अध्यक्ष जयेश डामोर और उपाध्यक्ष बादल खराड़ी सहित कई छात्र नेता मौजूद रहे। ​प्रदर्शन के दौरान प्रवक्ता नीलेश हाडात, मीडिया प्रभारी अजय रोत, महासचिव शीतल ननोमा और सचिव रवीना हिरात ने भी अपनी बात रखी। इस अवसर पर जितेंद्र आमलिया, राहुल रोत, चंदा सरपोटा, सीमा अहारी, पायल भमात समेत महाविद्यालय के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे, जिन्होंने कॉलेज प्रशासन के विरुद्ध एकजुटता दिखाई।

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  • राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी ने संसद के उच्च सदन में जनजातीय समाज से जुड़े एक अत्यंत संवेदनशील विषय को उठाते हुए देशभर में जबरन धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिए कठोर केंद्रीय कानून बनाने की मांग की है। उन्होंने सभापति महोदय के माध्यम से सदन का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि संविधान सभी नागरिकों को धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार देता है, किन्तु छल, बल, प्रलोभन या दबाव के माध्यम से किया गया धर्मांतरण एक गंभीर अपराध है, जिसे किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। सांसद डॉ. सोलंकी ने कहा कि आज जनजातीय क्षेत्रों में सुनियोजित तरीके से धर्मांतरण की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिसमें आर्थिक लालच, शिक्षा, नौकरी, इलाज तथा सामाजिक दबाव जैसे माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है। यह स्थिति न केवल जनजातीय समाज की सांस्कृतिक पहचान के लिए खतरा है, बल्कि सामाजिक संतुलन और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने सदन को अवगत कराया कि आदिवासी समाज सदियों से अपनी परंपराओं, संस्कृति और सनातन मूल्यों के साथ जुड़ा रहा है, किन्तु वर्तमान में धर्मांतरण के कारण इनकी मूल पहचान पर संकट उत्पन्न हो गया है। गांवों में सामाजिक तनाव भी लगातार बढ़ रहा है, जो भविष्य के लिए गंभीर संकेत है। डॉ. सोलंकी ने यह भी कहा कि कई राज्यों में धर्मांतरण रोकने के लिए कानून बने हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद पूरे देश में एक समान और प्रभावी केंद्रीय कानून की आवश्यकता है, जिससे इस समस्या पर ठोस नियंत्रण किया जा सके। उन्होंने सुझाव दिया कि जबरन एवं प्रलोभन देकर किए गए धर्मांतरण के विरुद्ध कड़े दंड का प्रावधान होना चाहिए। साथ ही, जो व्यक्ति धर्मांतरण कर चुके हैं, उन्हें जनजातीय आरक्षण के दायरे से बाहर किया जाए, ताकि वास्तविक पात्रों के अधिकारों की रक्षा हो सके। सांसद ने संविधान के अनुच्छेद 342 में आवश्यक संशोधन की मांग भी रखी, जिससे जनजातीय समाज के हितों को और अधिक सशक्त किया जा सके। डॉ. सोलंकी ने 24 मार्च 2026 को माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित दिए गए निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इसी प्रकार की स्पष्ट व्यवस्था जनजातीय समाज के लिए भी लागू की जानी चाहिए। अंत में उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपरा और पहचान की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं तथा जबरन धर्मांतरण पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए।
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    राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी ने संसद के उच्च सदन में जनजातीय समाज से जुड़े एक अत्यंत संवेदनशील विषय को उठाते हुए देशभर में जबरन धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिए कठोर केंद्रीय कानून बनाने की मांग की है।
उन्होंने सभापति महोदय के माध्यम से सदन का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि संविधान सभी नागरिकों को धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार देता है, किन्तु छल, बल, प्रलोभन या दबाव के माध्यम से किया गया धर्मांतरण एक गंभीर अपराध है, जिसे किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
सांसद डॉ. सोलंकी ने कहा कि आज जनजातीय क्षेत्रों में सुनियोजित तरीके से धर्मांतरण की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिसमें आर्थिक लालच, शिक्षा, नौकरी, इलाज तथा सामाजिक दबाव जैसे माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है। यह स्थिति न केवल जनजातीय समाज की सांस्कृतिक पहचान के लिए खतरा है, बल्कि सामाजिक संतुलन और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने सदन को अवगत कराया कि आदिवासी समाज सदियों से अपनी परंपराओं, संस्कृति और सनातन मूल्यों के साथ जुड़ा रहा है, किन्तु वर्तमान में धर्मांतरण के कारण इनकी मूल पहचान पर संकट उत्पन्न हो गया है। गांवों में सामाजिक तनाव भी लगातार बढ़ रहा है, जो भविष्य के लिए गंभीर संकेत है।
डॉ. सोलंकी ने यह भी कहा कि कई राज्यों में धर्मांतरण रोकने के लिए कानून बने हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद पूरे देश में एक समान और प्रभावी केंद्रीय कानून की आवश्यकता है, जिससे इस समस्या पर ठोस नियंत्रण किया जा सके।
उन्होंने सुझाव दिया कि जबरन एवं प्रलोभन देकर किए गए धर्मांतरण के विरुद्ध कड़े दंड का प्रावधान होना चाहिए। साथ ही, जो व्यक्ति धर्मांतरण कर चुके हैं, उन्हें जनजातीय आरक्षण के दायरे से बाहर किया जाए, ताकि वास्तविक पात्रों के अधिकारों की रक्षा हो सके।
सांसद ने संविधान के अनुच्छेद 342 में आवश्यक संशोधन की मांग भी रखी, जिससे जनजातीय समाज के हितों को और अधिक सशक्त किया जा सके।
डॉ. सोलंकी ने 24 मार्च 2026 को माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित दिए गए निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इसी प्रकार की स्पष्ट व्यवस्था जनजातीय समाज के लिए भी लागू की जानी चाहिए।
अंत में उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपरा और पहचान की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं तथा जबरन धर्मांतरण पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए।
    user_Santosh Vyas
    Santosh Vyas
    डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • जबरन धर्मांतरण पर बने कठोर केंद्रीय कानून, आदिवासी पहचान बचाना राष्ट्रीय जिम्मेदारी : डॉ. सोलंकी संवाददाता - संतोष व्यास ​नई दिल्ली/डूंगरपुर। राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी ने संसद के उच्च सदन में जनजातीय समाज के अस्तित्व और पहचान का मुद्दा उठाते हुए जबरन धर्मांतरण पर देशव्यापी रोक लगाने के लिए एक कठोर केंद्रीय कानून बनाने की पुरजोर वकालत की है। सदन को संबोधित करते हुए डॉ. सोलंकी ने स्पष्ट किया कि संविधान प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता का सम्मान होना चाहिए, लेकिन छल, प्रलोभन और दबाव के आधार पर कराया जा रहा धर्मांतरण एक अक्षम्य अपराध है। उन्होंने चेतावनी दी कि जनजातीय क्षेत्रों में आर्थिक लालच, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की आड़ में सुनियोजित तरीके से हो रहा धर्मांतरण न केवल आदिवासी संस्कृति के लिए खतरा है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक समरसता के लिए भी गंभीर चुनौती बन गया है। ​सांसद डॉ. सोलंकी ने जोर देकर कहा कि आदिवासी समाज सदियों से अपनी सनातन परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को सहेजता रहा है, लेकिन वर्तमान स्थितियों के कारण उनकी मूल पहचान संकट में है। उन्होंने सुझाव दिया कि देश में अलग-अलग राज्य कानूनों के स्थान पर एक समान और प्रभावी केंद्रीय कानून की आवश्यकता है, जिसमें दोषियों के लिए कड़े दंड का प्रावधान हो। इसके साथ ही, उन्होंने एक महत्वपूर्ण मांग रखते हुए कहा कि जो व्यक्ति धर्मांतरण कर चुके हैं, उन्हें जनजातीय आरक्षण के लाभ से वंचित किया जाना चाहिए ताकि वास्तविक पात्रों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। ​अपने संबोधन के दौरान डॉ. सोलंकी ने संविधान के अनुच्छेद 342 में आवश्यक संशोधन की आवश्यकता जताई। उन्होंने 24 मार्च 2026 को अनुसूचित जाति वर्ग के संबंध में आए माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते हुए आग्रह किया कि इसी प्रकार की स्पष्ट न्यायिक और संवैधानिक व्यवस्था जनजातीय समाज के लिए भी लागू की जाए। उन्होंने सरकार से अपील की कि जनजातीय अस्मिता की रक्षा को राष्ट्रीय जिम्मेदारी मानते हुए जबरन धर्मांतरण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए जाएं।
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    जबरन धर्मांतरण पर बने कठोर केंद्रीय कानून, आदिवासी पहचान बचाना राष्ट्रीय जिम्मेदारी : डॉ. सोलंकी
संवाददाता - संतोष व्यास
​नई दिल्ली/डूंगरपुर। राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी ने संसद के उच्च सदन में जनजातीय समाज के अस्तित्व और पहचान का मुद्दा उठाते हुए जबरन धर्मांतरण पर देशव्यापी रोक लगाने के लिए एक कठोर केंद्रीय कानून बनाने की पुरजोर वकालत की है। सदन को संबोधित करते हुए डॉ. सोलंकी ने स्पष्ट किया कि संविधान प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता का सम्मान होना चाहिए, लेकिन छल, प्रलोभन और दबाव के आधार पर कराया जा रहा धर्मांतरण एक अक्षम्य अपराध है। उन्होंने चेतावनी दी कि जनजातीय क्षेत्रों में आर्थिक लालच, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की आड़ में सुनियोजित तरीके से हो रहा धर्मांतरण न केवल आदिवासी संस्कृति के लिए खतरा है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक समरसता के लिए भी गंभीर चुनौती बन गया है।
​सांसद डॉ. सोलंकी ने जोर देकर कहा कि आदिवासी समाज सदियों से अपनी सनातन परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को सहेजता रहा है, लेकिन वर्तमान स्थितियों के कारण उनकी मूल पहचान संकट में है। उन्होंने सुझाव दिया कि देश में अलग-अलग राज्य कानूनों के स्थान पर एक समान और प्रभावी केंद्रीय कानून की आवश्यकता है, जिसमें दोषियों के लिए कड़े दंड का प्रावधान हो। इसके साथ ही, उन्होंने एक महत्वपूर्ण मांग रखते हुए कहा कि जो व्यक्ति धर्मांतरण कर चुके हैं, उन्हें जनजातीय आरक्षण के लाभ से वंचित किया जाना चाहिए ताकि वास्तविक पात्रों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
​अपने संबोधन के दौरान डॉ. सोलंकी ने संविधान के अनुच्छेद 342 में आवश्यक संशोधन की आवश्यकता जताई। उन्होंने 24 मार्च 2026 को अनुसूचित जाति वर्ग के संबंध में आए माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते हुए आग्रह किया कि इसी प्रकार की स्पष्ट न्यायिक और संवैधानिक व्यवस्था जनजातीय समाज के लिए भी लागू की जाए। उन्होंने सरकार से अपील की कि जनजातीय अस्मिता की रक्षा को राष्ट्रीय जिम्मेदारी मानते हुए जबरन धर्मांतरण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए जाएं।
    user_संतोष व्यास पत्रकार
    संतोष व्यास पत्रकार
    Local News Reporter डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • धंबोला. राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय डूका में 27 से 28 मार्च 2026 तक आयोजित ब्लॉक स्तरीय संस्थाप्रधान वाकपीठ की दो दिवसीय संगोष्ठी का शनिवार को समापन हुआ। कार्यक्रम में राजकीय एवं निजी विद्यालयों के कुल 296 संस्था प्रधानों सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। समापन समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता निमिषा भगोरा ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में सुरेश भोई, महेंद्र कुमार भगोरा, रूपचंद भगोरा, प्रकाश पाटीदार सहित अनेक गणमान्यजन मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न शैक्षिक विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार प्रस्तुत किए। पीयूष जैन ने पुस्तकालय के प्रभावी उपयोग, गोपाल त्रिवेदी ने खेलकूद, एसीबीईओ मनोज कुमार कलाल ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं, रामराय आचार्य ने एफएल एन 2020, अशोक डामोर ने गतिविधि आधारित शिक्षण, दिलीप सिंह चौहान ने स्काउट-गाइड तथा हितेश लबाना ने डिजिटल शिक्षण सामग्री पर जानकारी दी। मुख्य ब्लॉक शिक्षाधिकारी हमराज सिंह चौहान ने ब्लॉक की शैक्षिक उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए शेष कार्यों को समयबद्ध पूरा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के सतत प्रयासों से ब्लॉक रैंकिंग में और सुधार संभव है। कार्यक्रम में वाकपीठ की नवीन कार्यकारिणी का भी निर्विरोध गठन किया गया, जिसमें अध्यक्ष दिव्यकांत शाह एवं सचिव जितेंद्र पाटीदार को चुना गया। आगामी सत्र के विभिन्न शैक्षिक एवं खेलकूद आयोजन स्थलों की भी घोषणा की गई। समारोह में 15 सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान पगड़ी, माला एवं उपर्णा ओढ़ाकर किया गया। स्थानीय विद्यालय के संस्था प्रधान द्वारा विद्यालय की उपलब्धियों एवं प्रगति से अतिथियों को अवगत कराया गया। अध्यक्ष निमिषा भगोरा ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक समाज का दर्पण होता है और नव निर्माण में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। वहीं मुख्य अतिथि ताराचंद भगोरा ने संसाधनों की कमी के बावजूद उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम देने पर शिक्षकों की सराहना की। ग्रामीण प्रतिनिधि कल्याण सिंह डामोर ने क्षेत्रीय समस्याओं को मंच पर रखा। कार्यक्रम का संचालन रमेशचंद्र लबाना ने किया तथा अंत में आभार मनोज कुमार कलाल ने व्यक्त किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण एवं ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
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    धंबोला. राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय डूका में 27 से 28 मार्च 2026 तक आयोजित ब्लॉक स्तरीय संस्थाप्रधान वाकपीठ की दो दिवसीय संगोष्ठी का शनिवार को समापन हुआ। कार्यक्रम में राजकीय एवं निजी विद्यालयों के कुल 296 संस्था प्रधानों सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। समापन समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता निमिषा भगोरा ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में सुरेश भोई, महेंद्र कुमार भगोरा, रूपचंद भगोरा, प्रकाश पाटीदार सहित अनेक गणमान्यजन मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न शैक्षिक विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार प्रस्तुत किए। पीयूष जैन ने पुस्तकालय के प्रभावी उपयोग, गोपाल त्रिवेदी ने खेलकूद, एसीबीईओ मनोज कुमार कलाल ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं, रामराय आचार्य ने एफएल एन 2020, अशोक डामोर ने गतिविधि आधारित शिक्षण, दिलीप सिंह चौहान ने स्काउट-गाइड तथा हितेश लबाना ने डिजिटल शिक्षण सामग्री पर जानकारी दी। मुख्य ब्लॉक शिक्षाधिकारी हमराज सिंह चौहान ने ब्लॉक की शैक्षिक उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए शेष कार्यों को समयबद्ध पूरा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के सतत प्रयासों से ब्लॉक रैंकिंग में और सुधार संभव है। कार्यक्रम में वाकपीठ की नवीन कार्यकारिणी का भी निर्विरोध गठन किया गया, जिसमें अध्यक्ष दिव्यकांत शाह एवं सचिव जितेंद्र पाटीदार को चुना गया। आगामी सत्र के विभिन्न शैक्षिक एवं खेलकूद आयोजन स्थलों की भी घोषणा की गई।
समारोह में 15 सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान पगड़ी, माला एवं उपर्णा ओढ़ाकर किया गया। स्थानीय विद्यालय के संस्था प्रधान द्वारा विद्यालय की उपलब्धियों एवं प्रगति से अतिथियों को अवगत कराया गया। अध्यक्ष निमिषा भगोरा ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक समाज का दर्पण होता है और नव निर्माण में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। वहीं मुख्य अतिथि ताराचंद भगोरा ने संसाधनों की कमी के बावजूद उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम देने पर शिक्षकों की सराहना की। ग्रामीण प्रतिनिधि कल्याण सिंह डामोर ने क्षेत्रीय समस्याओं को मंच पर रखा। कार्यक्रम का संचालन रमेशचंद्र लबाना ने किया तथा अंत में आभार मनोज कुमार कलाल ने व्यक्त किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण एवं ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
    user_मुकेश कुमार आर. पंड्या
    मुकेश कुमार आर. पंड्या
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • सीमलवाड़ा। पीठ कस्बे में दिगम्बर जैन समाज के लिए शनिवार का दिन अत्यंत श्रद्धा और उत्साह से भरा रहा, जब आचार्य अपर्ण सागर जी महाराज का पाडली से विहार करते हुए पीठ नगर में मंगल प्रवेश हुआ। उनके आगमन पर समूचा जैन समाज भक्ति भाव में सराबोर नजर आया और श्रद्धालुओं ने आचार्य श्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। दिगम्बर जैन समाज अध्यक्ष राजकुमार डेचिया ने जानकारी देते हुए बताया कि आचार्य श्री के पावन सानिध्य में भगवान सुमतिनाथ का जन्म, ज्ञान एवं मोक्ष कल्याणक पर्व अत्यंत श्रद्धा और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना, धार्मिक अनुष्ठान एवं प्रवचन आयोजित हुए, जिनमें बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। आचार्य अपर्ण सागर जी महाराज ने अपने प्रवचनों में धर्म, संयम और सदाचार का संदेश देते हुए कहा कि मनुष्य जीवन का वास्तविक उद्देश्य आत्मकल्याण और मोक्ष की प्राप्ति है। उन्होंने श्रद्धालुओं को अहिंसा, सत्य और तप के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम के अंतर्गत आचार्य श्री की आहार चर्या भी विधिवत सम्पन्न हुई, जिसमें समाज के लोगों ने विनम्र भाव से सहभागिता निभाई। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में अपार उत्साह देखने को मिला। आचार्य श्री का आगामी विहार पीठ से बड़ौदा की ओर रहेगा, जहां वे विभिन्न स्थानों पर धर्म प्रचार-प्रसार करेंगे। इस अवसर पर अशोक भूता, डॉ. देवीलाल, कोदरलाल डेचिया, हसमुख कोठारी, राकेश कोठारी, विशाल कोठारी, सुनील भूता सहित अनेक समाजजन उपस्थित रहे।
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    सीमलवाड़ा। पीठ कस्बे में दिगम्बर जैन समाज के लिए शनिवार का दिन अत्यंत श्रद्धा और उत्साह से भरा रहा, जब आचार्य अपर्ण सागर जी महाराज का पाडली से विहार करते हुए पीठ नगर में मंगल प्रवेश हुआ। उनके आगमन पर समूचा जैन समाज भक्ति भाव में सराबोर नजर आया और श्रद्धालुओं ने आचार्य श्री का गर्मजोशी से स्वागत किया।
दिगम्बर जैन समाज अध्यक्ष राजकुमार डेचिया ने जानकारी देते हुए बताया कि आचार्य श्री के पावन सानिध्य में भगवान सुमतिनाथ का जन्म, ज्ञान एवं मोक्ष कल्याणक पर्व अत्यंत श्रद्धा और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना, धार्मिक अनुष्ठान एवं प्रवचन आयोजित हुए, जिनमें बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
आचार्य अपर्ण सागर जी महाराज ने अपने प्रवचनों में धर्म, संयम और सदाचार का संदेश देते हुए कहा कि मनुष्य जीवन का वास्तविक उद्देश्य आत्मकल्याण और मोक्ष की प्राप्ति है। उन्होंने श्रद्धालुओं को अहिंसा, सत्य और तप के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम के अंतर्गत आचार्य श्री की आहार चर्या भी विधिवत सम्पन्न हुई, जिसमें समाज के लोगों ने विनम्र भाव से सहभागिता निभाई। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में अपार उत्साह देखने को मिला।
आचार्य श्री का आगामी विहार पीठ से बड़ौदा की ओर रहेगा, जहां वे विभिन्न स्थानों पर धर्म प्रचार-प्रसार करेंगे। इस अवसर पर अशोक भूता, डॉ. देवीलाल, कोदरलाल डेचिया, हसमुख कोठारी, राकेश कोठारी, विशाल कोठारी, सुनील भूता सहित अनेक समाजजन उपस्थित रहे।
    user_Gunwant kalal
    Gunwant kalal
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • ब्राइट डे स्कूल की छात्रा सुहानी जवोत का नवोदय विद्यालय में चयन हर खबर वागड़ कुआं/ डूंगरपुर। ब्राइट डे स्कूल की होनहार छात्रा सुहानी जवोत ने नवोदय विद्यालय कक्षा 6 की प्रवेश परिक्षा में 81% के साथ जिले में 45 वा स्थान प्राप्त किया हे उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता पिता ओर विद्यालय के शिक्षक गण को दिया हे ज्ञात रहे ब्राइट डे विद्यालय द्वारा सैनिक स्कूल ,नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा के लिए प्रोत्साहित किया जाता हे विद्यालय के 3 विद्यार्थीयो ने सैनिक स्कूल एंट्रेंस एग्जाम के लिए क्वालीफाई हुए हे जानकारी विद्यालय के प्राचार्य नरेंद्र सिंह ने दी।
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    ब्राइट डे स्कूल की छात्रा सुहानी जवोत का नवोदय विद्यालय में चयन
हर खबर वागड़ कुआं/ डूंगरपुर। ब्राइट डे स्कूल की होनहार छात्रा सुहानी जवोत ने नवोदय विद्यालय कक्षा 6 की  प्रवेश परिक्षा में 81% के साथ जिले में 45 वा स्थान  प्राप्त किया  हे उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता पिता ओर विद्यालय के शिक्षक गण को दिया हे ज्ञात रहे ब्राइट डे विद्यालय द्वारा सैनिक स्कूल ,नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा के लिए प्रोत्साहित किया जाता हे विद्यालय के 3 विद्यार्थीयो ने सैनिक स्कूल एंट्रेंस एग्जाम के लिए क्वालीफाई हुए हे जानकारी विद्यालय के प्राचार्य नरेंद्र सिंह ने दी।
    user_राकेश कलाल रिपोर्टर
    राकेश कलाल रिपोर्टर
    Local News Reporter चिखली, डूंगरपुर, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • Post by Pachuram Meena
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    Post by Pachuram Meena
    user_Pachuram Meena
    Pachuram Meena
    धरियावद, प्रतापगढ़, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उइके शनिवार को डूंगरपुर प्रवास पर रहे। बांसवाड़ा से अहमदाबाद जाते समय कुछ देर के लिए डूंगरपुर रुके मंत्री उइके का सर्किट हाउस पहुंचने पर शनिवार शाम 4 बजे भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने मीडिया से रूबरू होते हुए केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं और जनजातीय विकास के विजन को साझा किया।
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    केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उइके शनिवार को डूंगरपुर प्रवास पर रहे। बांसवाड़ा से अहमदाबाद जाते समय कुछ देर के लिए डूंगरपुर रुके मंत्री उइके का सर्किट हाउस पहुंचने पर शनिवार शाम 4 बजे भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने मीडिया से रूबरू होते हुए केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं और जनजातीय विकास के विजन को साझा किया।
    user_Dungarpur Fast News
    Dungarpur Fast News
    डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • वरदा थानाधिकारी की मौजूदगी में बांधे परिंडे संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच जहां आम इंसान पानी की किल्लत से जूझ रहा है, वहीं बेजुबान पक्षियों के लिए भी दाना-पानी का संकट खड़ा हो गया है। पक्षियों की इसी पीड़ा को समझते हुए एमएमबी ग्रुप डूंगरपुर द्वारा मस्तान बाबा की स्मृति में परिंडे बांधो अभियान की शुरुआत की गई है। शनिवार को ग्रुप के कार्यालय ए.के. मोटर गैरेज पर आयोजित कार्यक्रम में वरदा थानाधिकारी रिजवान खान के सानिध्य में पक्षियों के लिए परिंडे बांधकर उनमें दाना-पानी की व्यवस्था की गई। ​थानाधिकारी रिजवान खान ने ग्रुप के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि एमएमबी ग्रुप ने पूरे संभाग में समाज सेवा के क्षेत्र में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि इंसानियत को कायम रखने के लिए ग्रुप द्वारा भामाशाहों के सहयोग से किए जा रहे ये कार्य सराहनीय हैं और भीषण गर्मी में पक्षियों के लिए यह अभियान किसी वरदान से कम नहीं है। ​ग्रुप सदर नूर मोहम्मद मकरानी ने बताया कि मस्तान बाबा की याद में ग्रुप लगातार जनहित के कार्यों में जुटा है। ग्रुप का लक्ष्य केवल परिंडे बांधना ही नहीं, बल्कि ऐसी जगहों का चयन करना है जहां नियमित रूप से दाना और पानी की निगरानी की जा सके। कार्यक्रम की शुरुआत में थानाधिकारी रिजवान खान और गिरिराज सिंह का ग्रुप सदर मकरानी द्वारा शाल ओढ़ाकर एवं मोमेंटो भेंट कर इस्तकबाल किया गया। इस दौरान ग्रुप के सदस्य और कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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    वरदा थानाधिकारी की मौजूदगी में बांधे परिंडे
संवाददाता - संतोष व्यास
डूंगरपुर। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच जहां आम इंसान पानी की किल्लत से जूझ रहा है, वहीं बेजुबान पक्षियों के लिए भी दाना-पानी का संकट खड़ा हो गया है। पक्षियों की इसी पीड़ा को समझते हुए एमएमबी ग्रुप डूंगरपुर द्वारा मस्तान बाबा की स्मृति में परिंडे बांधो अभियान की शुरुआत की गई है। शनिवार को ग्रुप के कार्यालय ए.के. मोटर गैरेज पर आयोजित कार्यक्रम में वरदा थानाधिकारी रिजवान खान के सानिध्य में पक्षियों के लिए परिंडे बांधकर उनमें दाना-पानी की व्यवस्था की गई।
​थानाधिकारी रिजवान खान ने ग्रुप के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि एमएमबी ग्रुप ने पूरे संभाग में समाज सेवा के क्षेत्र में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि इंसानियत को कायम रखने के लिए ग्रुप द्वारा भामाशाहों के सहयोग से किए जा रहे ये कार्य सराहनीय हैं और भीषण गर्मी में पक्षियों के लिए यह अभियान किसी वरदान से कम नहीं है।
​ग्रुप सदर नूर मोहम्मद मकरानी ने बताया कि मस्तान बाबा की याद में ग्रुप लगातार जनहित के कार्यों में जुटा है। ग्रुप का लक्ष्य केवल परिंडे बांधना ही नहीं, बल्कि ऐसी जगहों का चयन करना है जहां नियमित रूप से दाना और पानी की निगरानी की जा सके। कार्यक्रम की शुरुआत में थानाधिकारी रिजवान खान और गिरिराज सिंह का ग्रुप सदर मकरानी द्वारा शाल ओढ़ाकर एवं मोमेंटो भेंट कर इस्तकबाल किया गया। इस दौरान ग्रुप के सदस्य और कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
    user_संतोष व्यास पत्रकार
    संतोष व्यास पत्रकार
    Local News Reporter डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • डूंगरपुर। प्रदेश में पढ़ रही भीषण गर्मी के इस दौर में जहां इंसानों को पानी की तकलीफ़ हो रही है वहीं इन बेजुबान परिंदों को भी पानी के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है इनकी इसी तकलीफ़ को ध्यान में रखते हुए आज एम एम बी ग्रुप डूंगरपुर के आफीस ऐ के मोटर गैरेज पर वरदा थाना अधिकारी रिजवान खान के सानिध्य में पक्षियों के लिए परिंडे बांधकर उसमें दाना पानी की व्यवस्था की गई। सदर नूर मोहम्मद मकरानी ने बताया कि ग्रुप मस्तान बाबा की याद में लगातार जनहित के कार्यों को अंजाम देता आ रहा है और इन बेजुबानों के लिए भी ग्रुप लगातार प्रयासरत है की उन जगहों पर परिंडे बांधे जाएं जहां पर नियमित रूप से उनमें दाना पानी की व्यवस्था हो सके, वरदा थाना अधिकारी रिजवान खान ने कहा कि ग्रुप मस्तान बाबा की याद में समाज सेवा के कामों में हमेशा तत्पर रहता है और इस ग्रुप ने पूरे संभाग में समाज सेवा में अपना विशेष स्थान बनाया है और हर वो काम जो इंसानियत को क़ायम रखा सकता है उस काम को ग्रुप के द्वारा भामाशाहों का सहयोग लेकर बाबा की याद में आयोजित किया जाता है। सर्वप्रथम ग्रुप के ऑफिस आने पर वरदा थाना अधिकारी रिजवान खान और गिरिराज सिंह का ग्रुप सदर मकरानी ने शाल व मोमेंटो तो देकर इस्तबाल किया।
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    डूंगरपुर। प्रदेश में पढ़ रही भीषण गर्मी के इस दौर में जहां इंसानों को पानी की तकलीफ़ हो रही है वहीं इन बेजुबान परिंदों को भी पानी के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है इनकी इसी तकलीफ़ को ध्यान में रखते हुए आज एम एम बी ग्रुप डूंगरपुर के आफीस ऐ के मोटर गैरेज पर वरदा थाना अधिकारी रिजवान खान के सानिध्य में पक्षियों के लिए परिंडे बांधकर उसमें दाना पानी की व्यवस्था की गई। सदर नूर मोहम्मद मकरानी ने बताया कि ग्रुप मस्तान बाबा की याद में लगातार जनहित के कार्यों को अंजाम देता आ रहा है और इन बेजुबानों के लिए भी ग्रुप लगातार प्रयासरत है की उन जगहों पर परिंडे बांधे जाएं जहां पर नियमित रूप से उनमें दाना पानी की व्यवस्था हो सके, वरदा थाना अधिकारी रिजवान खान ने कहा कि ग्रुप मस्तान बाबा की याद में समाज सेवा के कामों में हमेशा तत्पर रहता है और इस ग्रुप ने पूरे संभाग में समाज सेवा में अपना विशेष स्थान बनाया है और हर वो काम जो इंसानियत को क़ायम रखा सकता है उस काम को ग्रुप के द्वारा भामाशाहों का सहयोग लेकर बाबा की याद में आयोजित किया जाता है। सर्वप्रथम ग्रुप के ऑफिस आने पर वरदा थाना अधिकारी रिजवान खान और गिरिराज सिंह का ग्रुप सदर मकरानी ने शाल व मोमेंटो तो देकर इस्तबाल किया।
    user_Santosh Vyas
    Santosh Vyas
    डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    11 hrs ago
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