पीठ में आचार्य अपर्ण सागर जी का भव्य मंगल प्रवेश, जैन समाज ने किया जोरदार स्वागत सीमलवाड़ा। पीठ कस्बे में दिगम्बर जैन समाज के लिए शनिवार का दिन अत्यंत श्रद्धा और उत्साह से भरा रहा, जब आचार्य अपर्ण सागर जी महाराज का पाडली से विहार करते हुए पीठ नगर में मंगल प्रवेश हुआ। उनके आगमन पर समूचा जैन समाज भक्ति भाव में सराबोर नजर आया और श्रद्धालुओं ने आचार्य श्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। दिगम्बर जैन समाज अध्यक्ष राजकुमार डेचिया ने जानकारी देते हुए बताया कि आचार्य श्री के पावन सानिध्य में भगवान सुमतिनाथ का जन्म, ज्ञान एवं मोक्ष कल्याणक पर्व अत्यंत श्रद्धा और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना, धार्मिक अनुष्ठान एवं प्रवचन आयोजित हुए, जिनमें बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। आचार्य अपर्ण सागर जी महाराज ने अपने प्रवचनों में धर्म, संयम और सदाचार का संदेश देते हुए कहा कि मनुष्य जीवन का वास्तविक उद्देश्य आत्मकल्याण और मोक्ष की प्राप्ति है। उन्होंने श्रद्धालुओं को अहिंसा, सत्य और तप के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम के अंतर्गत आचार्य श्री की आहार चर्या भी विधिवत सम्पन्न हुई, जिसमें समाज के लोगों ने विनम्र भाव से सहभागिता निभाई। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में अपार उत्साह देखने को मिला। आचार्य श्री का आगामी विहार पीठ से बड़ौदा की ओर रहेगा, जहां वे विभिन्न स्थानों पर धर्म प्रचार-प्रसार करेंगे। इस अवसर पर अशोक भूता, डॉ. देवीलाल, कोदरलाल डेचिया, हसमुख कोठारी, राकेश कोठारी, विशाल कोठारी, सुनील भूता सहित अनेक समाजजन उपस्थित रहे।
पीठ में आचार्य अपर्ण सागर जी का भव्य मंगल प्रवेश, जैन समाज ने किया जोरदार स्वागत सीमलवाड़ा। पीठ कस्बे में दिगम्बर जैन समाज के लिए शनिवार का दिन अत्यंत श्रद्धा और उत्साह से भरा रहा, जब आचार्य अपर्ण सागर जी महाराज का पाडली से विहार करते हुए पीठ नगर में मंगल प्रवेश हुआ। उनके आगमन पर समूचा जैन समाज भक्ति भाव में सराबोर नजर आया और श्रद्धालुओं ने आचार्य श्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। दिगम्बर जैन समाज अध्यक्ष राजकुमार डेचिया ने जानकारी देते हुए बताया कि आचार्य श्री के पावन सानिध्य में भगवान सुमतिनाथ का जन्म, ज्ञान एवं मोक्ष कल्याणक पर्व अत्यंत श्रद्धा और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना, धार्मिक अनुष्ठान एवं प्रवचन आयोजित हुए, जिनमें बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। आचार्य अपर्ण सागर जी महाराज ने अपने प्रवचनों में धर्म, संयम और सदाचार का संदेश देते हुए कहा कि मनुष्य जीवन का वास्तविक उद्देश्य आत्मकल्याण और मोक्ष की प्राप्ति है। उन्होंने श्रद्धालुओं को अहिंसा, सत्य और तप के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम के अंतर्गत आचार्य श्री की आहार चर्या भी विधिवत सम्पन्न हुई, जिसमें समाज के लोगों ने विनम्र भाव से सहभागिता निभाई। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में अपार उत्साह देखने को मिला। आचार्य श्री का आगामी विहार पीठ से बड़ौदा की ओर रहेगा, जहां वे विभिन्न स्थानों पर धर्म प्रचार-प्रसार करेंगे। इस अवसर पर अशोक भूता, डॉ. देवीलाल, कोदरलाल डेचिया, हसमुख कोठारी, राकेश कोठारी, विशाल कोठारी, सुनील भूता सहित अनेक समाजजन उपस्थित रहे।
- सीमलवाड़ा। पीठ कस्बे में दिगम्बर जैन समाज के लिए शनिवार का दिन अत्यंत श्रद्धा और उत्साह से भरा रहा, जब आचार्य अपर्ण सागर जी महाराज का पाडली से विहार करते हुए पीठ नगर में मंगल प्रवेश हुआ। उनके आगमन पर समूचा जैन समाज भक्ति भाव में सराबोर नजर आया और श्रद्धालुओं ने आचार्य श्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। दिगम्बर जैन समाज अध्यक्ष राजकुमार डेचिया ने जानकारी देते हुए बताया कि आचार्य श्री के पावन सानिध्य में भगवान सुमतिनाथ का जन्म, ज्ञान एवं मोक्ष कल्याणक पर्व अत्यंत श्रद्धा और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना, धार्मिक अनुष्ठान एवं प्रवचन आयोजित हुए, जिनमें बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। आचार्य अपर्ण सागर जी महाराज ने अपने प्रवचनों में धर्म, संयम और सदाचार का संदेश देते हुए कहा कि मनुष्य जीवन का वास्तविक उद्देश्य आत्मकल्याण और मोक्ष की प्राप्ति है। उन्होंने श्रद्धालुओं को अहिंसा, सत्य और तप के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम के अंतर्गत आचार्य श्री की आहार चर्या भी विधिवत सम्पन्न हुई, जिसमें समाज के लोगों ने विनम्र भाव से सहभागिता निभाई। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में अपार उत्साह देखने को मिला। आचार्य श्री का आगामी विहार पीठ से बड़ौदा की ओर रहेगा, जहां वे विभिन्न स्थानों पर धर्म प्रचार-प्रसार करेंगे। इस अवसर पर अशोक भूता, डॉ. देवीलाल, कोदरलाल डेचिया, हसमुख कोठारी, राकेश कोठारी, विशाल कोठारी, सुनील भूता सहित अनेक समाजजन उपस्थित रहे।1
- ब्राइट डे स्कूल की छात्रा सुहानी जवोत का नवोदय विद्यालय में चयन हर खबर वागड़ कुआं/ डूंगरपुर। ब्राइट डे स्कूल की होनहार छात्रा सुहानी जवोत ने नवोदय विद्यालय कक्षा 6 की प्रवेश परिक्षा में 81% के साथ जिले में 45 वा स्थान प्राप्त किया हे उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता पिता ओर विद्यालय के शिक्षक गण को दिया हे ज्ञात रहे ब्राइट डे विद्यालय द्वारा सैनिक स्कूल ,नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा के लिए प्रोत्साहित किया जाता हे विद्यालय के 3 विद्यार्थीयो ने सैनिक स्कूल एंट्रेंस एग्जाम के लिए क्वालीफाई हुए हे जानकारी विद्यालय के प्राचार्य नरेंद्र सिंह ने दी।1
- डूंगरपुर। घर में घरेलू काम करने के दौरान महिला के ऊपर घर का छज्जा गिरने से महिला गम्भीर रूप से घायल हो गई। जिस पर महिला को पहले पुनाली सीएचसी ओर उसके बाद डुंगरपुर अस्पताल लाया गया। जहा महिला का उपचार चल रहा है।वही छज्जा गिरने से महिला के सर में गंभीर पहुंचे के साथ ही पैर में भी गंभीर चोट पहुंची है।1
- राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी ने संसद के उच्च सदन में जनजातीय समाज से जुड़े एक अत्यंत संवेदनशील विषय को उठाते हुए देशभर में जबरन धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिए कठोर केंद्रीय कानून बनाने की मांग की है। उन्होंने सभापति महोदय के माध्यम से सदन का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि संविधान सभी नागरिकों को धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार देता है, किन्तु छल, बल, प्रलोभन या दबाव के माध्यम से किया गया धर्मांतरण एक गंभीर अपराध है, जिसे किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। सांसद डॉ. सोलंकी ने कहा कि आज जनजातीय क्षेत्रों में सुनियोजित तरीके से धर्मांतरण की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिसमें आर्थिक लालच, शिक्षा, नौकरी, इलाज तथा सामाजिक दबाव जैसे माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है। यह स्थिति न केवल जनजातीय समाज की सांस्कृतिक पहचान के लिए खतरा है, बल्कि सामाजिक संतुलन और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने सदन को अवगत कराया कि आदिवासी समाज सदियों से अपनी परंपराओं, संस्कृति और सनातन मूल्यों के साथ जुड़ा रहा है, किन्तु वर्तमान में धर्मांतरण के कारण इनकी मूल पहचान पर संकट उत्पन्न हो गया है। गांवों में सामाजिक तनाव भी लगातार बढ़ रहा है, जो भविष्य के लिए गंभीर संकेत है। डॉ. सोलंकी ने यह भी कहा कि कई राज्यों में धर्मांतरण रोकने के लिए कानून बने हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद पूरे देश में एक समान और प्रभावी केंद्रीय कानून की आवश्यकता है, जिससे इस समस्या पर ठोस नियंत्रण किया जा सके। उन्होंने सुझाव दिया कि जबरन एवं प्रलोभन देकर किए गए धर्मांतरण के विरुद्ध कड़े दंड का प्रावधान होना चाहिए। साथ ही, जो व्यक्ति धर्मांतरण कर चुके हैं, उन्हें जनजातीय आरक्षण के दायरे से बाहर किया जाए, ताकि वास्तविक पात्रों के अधिकारों की रक्षा हो सके। सांसद ने संविधान के अनुच्छेद 342 में आवश्यक संशोधन की मांग भी रखी, जिससे जनजातीय समाज के हितों को और अधिक सशक्त किया जा सके। डॉ. सोलंकी ने 24 मार्च 2026 को माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित दिए गए निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इसी प्रकार की स्पष्ट व्यवस्था जनजातीय समाज के लिए भी लागू की जानी चाहिए। अंत में उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपरा और पहचान की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं तथा जबरन धर्मांतरण पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए।1
- जबरन धर्मांतरण पर बने कठोर केंद्रीय कानून, आदिवासी पहचान बचाना राष्ट्रीय जिम्मेदारी : डॉ. सोलंकी संवाददाता - संतोष व्यास नई दिल्ली/डूंगरपुर। राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी ने संसद के उच्च सदन में जनजातीय समाज के अस्तित्व और पहचान का मुद्दा उठाते हुए जबरन धर्मांतरण पर देशव्यापी रोक लगाने के लिए एक कठोर केंद्रीय कानून बनाने की पुरजोर वकालत की है। सदन को संबोधित करते हुए डॉ. सोलंकी ने स्पष्ट किया कि संविधान प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता का सम्मान होना चाहिए, लेकिन छल, प्रलोभन और दबाव के आधार पर कराया जा रहा धर्मांतरण एक अक्षम्य अपराध है। उन्होंने चेतावनी दी कि जनजातीय क्षेत्रों में आर्थिक लालच, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की आड़ में सुनियोजित तरीके से हो रहा धर्मांतरण न केवल आदिवासी संस्कृति के लिए खतरा है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक समरसता के लिए भी गंभीर चुनौती बन गया है। सांसद डॉ. सोलंकी ने जोर देकर कहा कि आदिवासी समाज सदियों से अपनी सनातन परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को सहेजता रहा है, लेकिन वर्तमान स्थितियों के कारण उनकी मूल पहचान संकट में है। उन्होंने सुझाव दिया कि देश में अलग-अलग राज्य कानूनों के स्थान पर एक समान और प्रभावी केंद्रीय कानून की आवश्यकता है, जिसमें दोषियों के लिए कड़े दंड का प्रावधान हो। इसके साथ ही, उन्होंने एक महत्वपूर्ण मांग रखते हुए कहा कि जो व्यक्ति धर्मांतरण कर चुके हैं, उन्हें जनजातीय आरक्षण के लाभ से वंचित किया जाना चाहिए ताकि वास्तविक पात्रों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। अपने संबोधन के दौरान डॉ. सोलंकी ने संविधान के अनुच्छेद 342 में आवश्यक संशोधन की आवश्यकता जताई। उन्होंने 24 मार्च 2026 को अनुसूचित जाति वर्ग के संबंध में आए माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते हुए आग्रह किया कि इसी प्रकार की स्पष्ट न्यायिक और संवैधानिक व्यवस्था जनजातीय समाज के लिए भी लागू की जाए। उन्होंने सरकार से अपील की कि जनजातीय अस्मिता की रक्षा को राष्ट्रीय जिम्मेदारी मानते हुए जबरन धर्मांतरण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए जाएं।1
- संत श्री आशारामजी बापू की प्रेरणा से श्री योग वेदांत सेवा समिति द्वारा निकाली जा रही 8 दिवसीय 800 किमी भगवन्नाम संकीर्तन यात्रा का कुशलगढ़ नगर में भव्य स्वागत किया गया। लगभग 4 घंटे तक चली इस यात्रा में 50 से अधिक वाहनों पर सजे भगवान एवं आसारामजी के चित्र आकर्षण का केंद्र रहे। लक्ष्मी नगर से प्रारंभ हुई शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए दौलपुरा आश्रम पहुंची, जहां समापन हुआ। मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा व आरती से स्वागत किया। सफेद वस्त्रधारी अनुयायी व केसरिया परिधान में महिलाएं भजन-कीर्तन करते हुए नजर आईं। प्रदेश प्रभारी चेनाराम कुमावत, दीपांजलि कुलकर्णी व प्रभारी डॉक्टर अजीत बोस ने भक्ति, सेवा व जागरण का संदेश दिया। पूर्व पालिका अध्यक्ष राघवेश चरपोटा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी यात्रा की सराहना की। यात्रा में 500 से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए। अंत में दौलपुरा आश्रम में भजन-कीर्तन, सत्साहित्य, शरबत व प्रसाद वितरण हुआ, जिससे पूरा नगर भक्तिमय वातावरण में डूबा नजर आया।1
- धंबोला.?शिक्षा के मंदिर में जब ज्ञान देने वाले ही कम पड़ जाएं, तो विद्यार्थियों की चिंता स्वाभाविक है। ऐसा ही दृश्य शनिवार को सीमलवाड़ा स्थित राजकीय महाविद्यालय में देखने को मिला, जहां फैकल्टी की भारी कमी और अन्य समस्याओं को लेकर छात्रों ने आवाज बुलंद की। भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा के नेतृत्व में, ब्लॉक संयोजक विनेश डेंडोर के सान्निध्य में विद्यार्थियों ने एकत्रित होकर महाविद्यालय प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसके बाद प्राचार्य को ज्ञापन सौंपकर जल्द समाधान की मांग की गई। ज्ञापन में छात्रों ने स्पष्ट रूप से बताया कि कॉलेज के कई विषयों में व्याख्याताओं की भारी कमी बनी हुई है, जिससे नियमित कक्षाएं संचालित नहीं हो पा रही हैं। परिणामस्वरूप विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और उनका शैक्षणिक भविष्य दांव पर लगा हुआ है। छात्र संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि महाविद्यालय में अन्य मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है, जिस पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। संगठन के पदाधिकारियों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस दौरान वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता कमलेश डेंडोर, युवा मोर्चा ब्लॉक संयोजक कांतिलाल डामोर, कॉलेज इकाई अध्यक्ष जयेश डामोर, उपाध्यक्ष बादल खराड़ी, वरिष्ठ कार्यकर्ता जितेंद्र आमलिया, प्रवक्ता नीलेश हाडात, मीडिया प्रभारी अजय रोत, राहुल रोत, महासचिव शीतल ननोमा, सचिव रवीना हिरात, सह सचिव चंदा सरपोटा, सीमा अहारी, पायल भमात सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।1
- सीमलवाड़ा । सीमलवाड़ा के राजकीय महाविद्यालय में विभिन्न विषयों की फैकल्टी की कमी और अन्य समस्याओं को लेकर भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा ने प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा। छात्र संगठन ने जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। सीमलवाड़ा स्थित राजकीय महाविद्यालय में शनिवार को भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा छात्र संगठन के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने कॉलेज की विभिन्न समस्याओं को लेकर आवाज उठाई। संगठन के ब्लॉक संयोजक विनेश डेंडोर के नेतृत्व में छात्रों ने प्राचार्य को ज्ञापन सौंपकर महाविद्यालय में व्याप्त समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की। ज्ञापन में बताया गया कि महाविद्यालय में कई संकायों एवं विषयों में व्याख्याताओं (फैकल्टी) की भारी कमी बनी हुई है, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। नियमित कक्षाएं संचालित नहीं होने के कारण छात्रों को शैक्षणिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके अलावा कॉलेज में अन्य मूलभूत समस्याओं की ओर भी ध्यान आकर्षित किया गया। छात्र संगठन ने प्राचार्य से मांग की कि विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए अतिशीघ्र सभी विषयों के लिए योग्य व्याख्याताओं की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि शैक्षणिक व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके। संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस दौरान वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता कमलेश डेंडोर, भील प्रदेश युवा मोर्चा ब्लॉक संयोजक (भंडारी) कांतिलाल डामोर, कॉलेज इकाई अध्यक्ष जयेश डामोर, उपाध्यक्ष बादल खराड़ी, वरिष्ठ कार्यकर्ता जितेंद्र आमलिया, प्रवक्ता नीलेश हाडात, मीडिया प्रभारी अजय रोत, राहुल रोत, महासचिव शीतल ननोमा, सचिव रवीना हिरात, सह सचिव चंदा सरपोटा, सीमा अहारी, पायल भमात सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।1
- चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा में क्रिटिकल केयर विंग डूंगरपुर जिले के लिए बड़ी सौगात, जल्द से जल्द कार्य पूरा करने का हमारा प्रयास : चिकित्सा मंत्री नमस्कार आप देख रहे है हर खबर वागड़ न्यूज से राकेश कुमार कलाल कुआं डूंगरपुर की रिपोर्ट हर खबर वागड़ डूंगरपुर। चिकित्सा एवं स्वास्थ मंत्री आज आज रहे डूंगरपुर जिले के दौरे पर चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में क्रिटिकल केयर विंग डूंगरपुर जिले के लिए बहुत बड़ी सौगात है तथा हमारा प्रयास है कि इसका कार्य जल्द से जल्द पूरा हो ताकि इसकी सेवाओं का लाभ आमजन को मिल सकें। यह बात शनिवार को डूंगरपुर जिले के दौरे पर पहुंचे चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने जिला अस्पताल के अंदर निर्माणाधीन क्रिटिकल केयर विंग के निरीक्षण के दौरान कही। उन्होंने निर्माणाधीन क्रिटिकल केयर विंग भवन का निरीक्षण किया तथा अब तक हुए कार्य, कार्य पूर्ण होने की समयावधि, आवश्यक चिकित्सा संसाधनों के लिए टेंडर, वर्क आर्डर एवं प्रक्रियाओं की जानकारी ली। उन्होंने कार्य को शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिए ताकि चिकित्सा सेवाओं का बेहतर लाभ मरीजों को मिल सकें। डूंगरपुर जिला चिकित्सालय में 18700 लाख की लागत से क्रिटिकल केयर विंग का भवन का निर्माण हो रहा है। *ओपीडी के नए भवन हेतु भी प्रस्ताव मांगा* इस अवसर पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री खींवसर ने कहा कि डूंगरपुर जिले में ओपीडी लेवल बहुत ज्यादा है तथा मरीजों को बेहतर सुविधा मिल सकें इस हेतु प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों को नये भवन हेतु प्रस्ताव बनाकर भेजने निर्देश दिए हैं, जिससे ओपीडी हेतु नए भवन एवं उसके साथ पार्किंग की भी बेहतर व्यवस्था का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि डूंगरपुर को चिकित्सा सेवा क्षेत्र में अव्वल बनाने का हमारा प्रयास है ताकि यहां के निवासियों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकें। *फूड कॉर्नर की सराहा* इस दौरान उन्होंने चिकित्सालय में मरीजों एवं उनके साथ आए परिवारजन को उचित मूल्य पर भोजन उपलब्ध कराने के लिए की गई फूड कॉर्नर का निरीक्षण करते हुए उसकी सराहना की। उन्होंने इस दौरान वहां पर भोजन कर रहें लोगों से संवाद कर जानकारी भी ली। *युवाओं को रोजगार देने के लिए प्रतिबद्ध* उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा युवाओं को रोजगार देने की प्रतिबद्धता को निभाते हुए चिकित्सकों एवं नर्सिंग कर्मियों की भर्ती के बाद तथा सबसे ज्यादा नियुक्तियां जनजाति क्षेत्र में ही दी गई ताकि चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर किया जा सकें। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों के आगे पढ़ाई हेतु जाने पर रिक्त पदों पर भी पुनः भर्ती होने पर नियुक्तियां की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा ने युवाओं को रोजगार देने के क्षेत्र में सबसे अधिक पहल करते हुए चिकित्सा क्षेत्र में पचास हजार से अधिक भर्तियां की गई है, जिसमें से लगभग तीस हजार की नियुक्तियां की गई है और आगे भी यह प्रक्रिया जारी है। हमारा प्रयास रहेगा कि युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध करवायें। निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह, अधीक्षक मेडिकल कॉलेज डॉ महेंद्र डामोर, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अलंकार गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ विपिन मीणा सहित अन्य चिकित्सा अधिकारी मौजूद रहें। इससे पूर्व चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री गजेंद्र सिंह खींवसर के जिला चिकित्सालय में पहुंचने पर जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह, मेडिकल कॉलेज अधीक्षक डॉ महेंद्र डामोर एवं अन्य चिकित्सा अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।1