चैत्र नवरात्र के प्रथम दिन मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब बरेली। चैत्र नवरात्र के प्रथम दिन शहर के प्रमुख देवी मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा और पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। किला क्षेत्र के साहूकारा नो देवी मंदिर में प्रातः 5 बजे से ही पूजा-अर्चना शुरू हो गई थी, जहां श्रद्धालुओं ने मां शैलपुत्री की विधि-विधान से पूजा कर सुख-समृद्धि की कामना की। इसके अलावा ललिता देवी मंदिर, कालीबाड़ी मंदिर और नव दुर्गा मंदिर में भी भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। नवरात्र के अवसर पर शहर के प्रमुख मंदिरों को विशेष रूप से सजाया गया है और पूरे नौ दिनों तक विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा। 84 घंटा मंदिर, नव दुर्गा मंदिर, कालीबाड़ी मंदिर और त्रिवटीनाथ स्थित देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है। मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ने यह साबित कर दिया कि नवरात्र का पर्व लोगों के लिए आस्था और विश्वास का विशेष प्रतीक है।
चैत्र नवरात्र के प्रथम दिन मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब बरेली। चैत्र नवरात्र के प्रथम दिन शहर के प्रमुख देवी मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा और पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। किला क्षेत्र के साहूकारा नो देवी मंदिर में प्रातः 5 बजे से ही पूजा-अर्चना शुरू हो गई थी, जहां श्रद्धालुओं ने मां शैलपुत्री की विधि-विधान से पूजा कर सुख-समृद्धि की कामना की। इसके अलावा ललिता देवी मंदिर, कालीबाड़ी मंदिर और नव दुर्गा मंदिर में भी भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। नवरात्र के अवसर पर शहर के प्रमुख मंदिरों को विशेष रूप से सजाया गया है और पूरे नौ दिनों तक विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा। 84 घंटा मंदिर, नव दुर्गा मंदिर, कालीबाड़ी मंदिर और त्रिवटीनाथ स्थित देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है। मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ने यह साबित कर दिया कि नवरात्र का पर्व लोगों के लिए आस्था और विश्वास का विशेष प्रतीक है।
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- बरेली की ऐतिहासिक किला जामा मस्जिद में अलविदा जुमे की नमाज़ अदा करने के बाद जब हज़ारों की संख्या में नमाज़ी मस्ज़िद से बाहर निकले, तो बाहर खड़ी अमन कमेटी की टीम ने फूलों की बारिश कर उनका शानदार इस्तकबाल किया। हर तरफ मोहब्बत की खुशबू और भाईचारे का पैगाम नज़र आया। इस आयोजन की अगुवाई डॉक्टर कदिर अहमद (प्रदेश अध्यक्ष) ने की, जिनके नेतृत्व में यह कार्यक्रम एकता की मिसाल बन गया। इस मौके पर हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समुदाय के लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद-उल-फितर की मुबारकबाद दी। प्रशासन की मौजूदगी: कार्यक्रम में किला सीओ सिटी भी विशेष रूप से मौजूद रहे, जिन्होंने सुरक्षा व्यवस्था संभालने के साथ-साथ इस अनोखी पहल और सामाजिक समन्वय की खुलकर सराहना की। डॉक्टर कदिर अहमद का बयान: डॉक्टर. कदिर अहमद ने कहा कि "फूलों की यह वर्षा इस बात का प्रतीक है कि बरेली हमेशा से मोहब्बत और भाईचारे का शहर रहा है। हमारा मकसद है कि आने वाली पीढ़ियां भी इस विरासत को आगे बढ़ाएं।"1
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- बरेली के थाना कैण्ट क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई के दौरान बड़ा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। प्रशासन और राजस्व टीम की संयुक्त छापेमारी के दौरान खनन माफियाओं ने न सिर्फ सरकारी कार्य में बाधा डाली, बल्कि टीम पर पथराव और हमला भी किया। बताया जा रहा है कि देर रात छापेमारी के दौरान जैसे ही टीम मौके पर पहुंची, खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया। कई ट्रैक्टर-ट्रॉली मौके से भागने लगे, जबकि कुछ को टीम ने मौके पर ही पकड़ लिया। इसी दौरान एक इकोस्पोर्ट कार में सवार आरोपी मौके पर पहुंचे और जबरन पकड़े गए वाहनों को छुड़ाने का प्रयास किया। हालात इतने बिगड़ गए कि टीम पर हमला कर दिया गया और वाहन से टक्कर मारने की कोशिश में एक कर्मचारी घायल भी हो गया। मामला यहीं नहीं रुका—आरोप है कि माफियाओं ने ग्रामीणों को भड़काकर टीम पर सामूहिक हमला कराने की कोशिश भी की। हालांकि पुलिस बल के पहुंचने के बाद स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। ⚡ प्रशासन का बड़ा एक्शन कार्रवाई के दौरान कई ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहन जब्त किए गए, जिनका इस्तेमाल अवैध खनन में किया जा रहा था। 6 माफियाओं पर केस दर्ज इस पूरे मामले में 6 खनन माफियाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है और अन्य लोगों की पहचान भी की जा रही है। पर्यावरण और कानून पर खतरा अधिकारियों ने साफ कहा है कि अवैध खनन न सिर्फ सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी गंभीर खतरा है। ऐसे मामलों में किसी को बख्शा नहीं जाएगा। स्थानीय लोगों ने सराहा एक्शन स्थानीय निवासियों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र में अवैध खनन पर रोक लगेगी और कानून व्यवस्था मजबूत होगी।2
- पहले नवरात्र पर बरेली के मंदिरों में उमड़ी आस्था की भीड़, नेकपुर ललिता देवी मंदिर में लंबी कतारें1