प्रोफेसर फ्रांसिस बॉयल की एक हालिया साक्षात्कारों में से एक, जो बायोलॉजिकल हथियारों के विशेषज्ञ थे, इससे पहले कि उनकी मृत्यु हो जाती। उन्होंने दावा किया कि वायरस और वैक्सीन दोनों ही बायोलॉजिकल हथियार थे, जो अमेरिका में DARPA द्वारा विकसित किए गए थे। उन्होंने कोविड इंजेक्शन को बायोवेपन्स का "फ्रैंकेन-शॉट" कहा। उन्होंने कहा कि स्पाइक प्रोटीन खुद ही हथियार है और लिपिडिक नैनोपार्टिकल्स को रक्त-मस्तिष्क बाधा को पार करने के लिए डिज़ाइन किया गया था। यह कोई गलती नहीं थी। यह "सार्वजनिक स्वास्थ्य" के रूप में छिपाया गया एक सैन्य-ग्रेड मौत का वेक्टर था। उन्होंने बिल गेट्स को जनसंख्या-कमी का एक यूजेनिस्ट बताया। तो यहाँ सवाल है: किसने आदेश दिया? कौन सबसे ज्यादा लाभान्वित होता है? और नूरेमबर्ग-शैली के मुकदमे कब शुरू होंगे? 🔥 प्रोफेसर फ्रांसिस बॉयल की एक हालिया साक्षात्कारों में से एक, जो बायोलॉजिकल हथियारों के विशेषज्ञ थे, इससे पहले कि उनकी मृत्यु हो जाती। उन्होंने दावा किया कि वायरस और वैक्सीन दोनों ही बायोलॉजिकल हथियार थे, जो अमेरिका में DARPA द्वारा विकसित किए गए थे। उन्होंने कोविड इंजेक्शन को बायोवेपन्स का "फ्रैंकेन-शॉट" कहा। उन्होंने कहा कि स्पाइक प्रोटीन खुद ही हथियार है और लिपिडिक नैनोपार्टिकल्स को रक्त-मस्तिष्क बाधा को पार करने के लिए डिज़ाइन किया गया था। यह कोई गलती नहीं थी। यह "सार्वजनिक स्वास्थ्य" के रूप में छिपाया गया एक सैन्य-ग्रेड मौत का वेक्टर था। उन्होंने बिल गेट्स को जनसंख्या-कमी का एक यूजेनिस्ट बताया। तो यहाँ सवाल है: किसने आदेश दिया? कौन सबसे ज्यादा लाभान्वित होता है? और नूरेमबर्ग-शैली के मुकदमे कब शुरू होंगे? 🔥
प्रोफेसर फ्रांसिस बॉयल की एक हालिया साक्षात्कारों में से एक, जो बायोलॉजिकल हथियारों के विशेषज्ञ थे, इससे पहले कि उनकी मृत्यु हो जाती। उन्होंने दावा किया कि वायरस और वैक्सीन दोनों ही बायोलॉजिकल हथियार थे, जो अमेरिका में DARPA द्वारा विकसित किए गए थे। उन्होंने कोविड इंजेक्शन को बायोवेपन्स का "फ्रैंकेन-शॉट" कहा। उन्होंने कहा कि स्पाइक प्रोटीन खुद ही हथियार है और लिपिडिक नैनोपार्टिकल्स को रक्त-मस्तिष्क बाधा को पार करने के लिए डिज़ाइन किया गया था। यह कोई गलती नहीं थी। यह "सार्वजनिक स्वास्थ्य" के रूप में छिपाया गया एक सैन्य-ग्रेड मौत का वेक्टर था। उन्होंने बिल गेट्स को जनसंख्या-कमी का एक यूजेनिस्ट बताया। तो यहाँ सवाल है: किसने आदेश दिया? कौन सबसे ज्यादा लाभान्वित होता है? और नूरेमबर्ग-शैली के मुकदमे कब शुरू होंगे? 🔥 प्रोफेसर फ्रांसिस बॉयल की एक हालिया साक्षात्कारों में से एक, जो बायोलॉजिकल हथियारों के विशेषज्ञ थे, इससे पहले कि उनकी मृत्यु हो जाती। उन्होंने दावा किया कि वायरस और वैक्सीन दोनों ही बायोलॉजिकल हथियार थे, जो अमेरिका में DARPA द्वारा विकसित किए गए थे। उन्होंने कोविड इंजेक्शन को बायोवेपन्स का "फ्रैंकेन-शॉट" कहा। उन्होंने कहा कि स्पाइक प्रोटीन खुद ही हथियार है और लिपिडिक नैनोपार्टिकल्स को रक्त-मस्तिष्क बाधा को पार करने के लिए डिज़ाइन किया गया था। यह कोई गलती नहीं थी। यह "सार्वजनिक स्वास्थ्य" के रूप में छिपाया गया एक सैन्य-ग्रेड मौत का वेक्टर था। उन्होंने बिल गेट्स को जनसंख्या-कमी का एक यूजेनिस्ट बताया। तो यहाँ सवाल है: किसने आदेश दिया? कौन सबसे ज्यादा लाभान्वित होता है? और नूरेमबर्ग-शैली के मुकदमे कब शुरू होंगे? 🔥
- लखनऊ में भारी बारिश के चलते ठाकुरगंज के मंजू टंडन ढाल के पास स्थित कल्याणगिरि मंदिर की भारी-भरकम गिरी दीवार लखनऊ में भारी बारिश का कहर जारी, ठाकुरगंज के मंजू टंडन ढाल के पास स्थित कल्याणगिरि मंदिर की भारी-भरकम दीवार ढह गई। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।लगातार हो रही बारिश से शहर के कई इलाकों में हालात बिगड़े । जलभराव और जर्जर इमारतों से सावधान रहें !2
- लखनऊ के बीकेटी इलाके में बरसात से किसानों की खड़ी फसलें हुई बराबाद , एक किसान ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया1
- 🌹 ग़ज़ल — आतिश-ए-इश्क़ 🌹 ✍️ लेखिका एवं कवयित्री — सोनी शुक्ला ‘क्रांति’ आतिश-ए-इश्क़ कलेजे में दबी रहती, और ये दर्द-ए-दिल दिन-रात यूँ तड़पता है। 💔 जिसे चाहा था हमने अपनी जान से भी ज़्यादा, वही शख़्स आज हमसे दूर-दूर रहता है। तेरी यादों की बारिश थमती नहीं कभी, भीगी पलकों में हर लम्हा तेरा चेहरा रहता है। हमने तो वफ़ा में खुद को मिटा दिया, मगर तेरे दिल में कोई और ही रहता है। महफ़िल में मुस्कुराना सीख लिया हमने, तन्हाई में मगर ये दिल बहुत रोता रहता है। तेरे जाने के बाद भी तू गया नहीं दिल से, हर धड़कन में आज भी तेरा नाम रहता है। किससे कहें कि किस दर्द से गुजरते हैं हम, ज़ख्म चुप रहते हैं, मगर दर्द बोलता रहता है। तुझे पाने की तमन्ना अब भी बाकी है कहीं, टूटा हुआ दिल भी तेरा रास्ता तकता रहता है। सोनी, इश्क़ की ये कैसी सज़ा मिली हमको, जिसे अपना कहा वही दिल दुखाता रहता है। न शिकवा है ज़माने से, न कोई गिला तुझसे, बस मेरा नसीब ही मुझसे रूठा रहता है। आतिश-ए-इश्क़ कलेजे में दबी रहती, और ये दर्द-ए-दिल दिन-रात यूँ तड़पता है...॥ 🌹💔 ✍️ सोनी शुक्ला ‘क्रांति’ लेखिका एवं कवयित्री संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष — जनहित सर्व समाज सेवा समिति 📍 लखनऊ, उत्तर प्रदेश #ग़ज़ल #आतिश_ए_इश्क़ #दर्द_ए_दिल #इश्क़ #मोहब्बत #वफ़ा #बेवफ़ाई #सोनी_शुक्ला_क्रांति #हिंदी_साहित्य #कविता #शायरी #दर्द_भरी_ग़ज़ल 🌹 ग़ज़ल — आतिश-ए-इश्क़ 🌹 ✍️ लेखिका एवं कवयित्री — सोनी शुक्ला ‘क्रांति’ आतिश-ए-इश्क़ कलेजे में दबी रहती, और ये दर्द-ए-दिल दिन-रात यूँ तड़पता है। 💔 जिसे चाहा था हमने अपनी जान से भी ज़्यादा, वही शख़्स आज हमसे दूर-दूर रहता है। तेरी यादों की बारिश थमती नहीं कभी, भीगी पलकों में हर लम्हा तेरा चेहरा रहता है। हमने तो वफ़ा में खुद को मिटा दिया, मगर तेरे दिल में कोई और ही रहता है। महफ़िल में मुस्कुराना सीख लिया हमने, तन्हाई में मगर ये दिल बहुत रोता रहता है। तेरे जाने के बाद भी तू गया नहीं दिल से, हर धड़कन में आज भी तेरा नाम रहता है। किससे कहें कि किस दर्द से गुजरते हैं हम, ज़ख्म चुप रहते हैं, मगर दर्द बोलता रहता है। तुझे पाने की तमन्ना अब भी बाकी है कहीं, टूटा हुआ दिल भी तेरा रास्ता तकता रहता है। सोनी, इश्क़ की ये कैसी सज़ा मिली हमको, जिसे अपना कहा वही दिल दुखाता रहता है। न शिकवा है ज़माने से, न कोई गिला तुझसे, बस मेरा नसीब ही मुझसे रूठा रहता है। आतिश-ए-इश्क़ कलेजे में दबी रहती, और ये दर्द-ए-दिल दिन-रात यूँ तड़पता है...॥ 🌹💔 ✍️ सोनी शुक्ला ‘क्रांति’ लेखिका एवं कवयित्री संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष — जनहित सर्व समाज सेवा समिति 📍 लखनऊ, उत्तर प्रदेश #ग़ज़ल #आतिश_ए_इश्क़ #दर्द_ए_दिल #इश्क़ #मोहब्बत #वफ़ा #बेवफ़ाई #सोनी_शुक्ला_क्रांति #हिंदी_साहित्य #कविता #शायरी #दर्द_भरी_ग़ज़ल1
- तेज बारिश में जानकी मोड़-कुर्सी रोड पर गिरा विशाल पेड़, लगा लंबा जाम गुडंबा पुलिस ने जेसीबी की मदद से पेड़ हटवाकर यातायात कराया सुचारु लखनऊ। शनिवार को तेज बारिश और हवाओं के बीच जानकी मोड़-कुर्सी रोड पर एक विशाल पेड़ अचानक सड़क पर गिर गया। पेड़ गिरने से सड़क का आवागमन बाधित हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगने से जाम की स्थिति बन गई। बारिश के बीच जाम में फंसे राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही गुडंबा थाना प्रभारी अंजनी कुमार मिश्रा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने जेसीबी की मदद से सड़क पर गिरे पेड़ को तत्काल हटवाया। इसके बाद बाधित यातायात को सुचारु कराया गया और वाहनों का आवागमन सामान्य हो सका। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से जाम में फंसे राहगीरों को राहत मिली।3
- mere ghar ke pass pani bahut Bhra hai cheyara men sadak nhi bnva rahe hai barsat me mere ghar ke pass me pani bahut Bharta hai or yaha sadak nhi bnva rahe hai cheyar men or cheyar men se bahut kaha ki sadak bncado lekin nahi bnva rahe hai hmari yahi apil hai ki yahan sadak bn jaye bas1
- लाला लाजपत राय वार्ड की आइडियल कॉलोनी में जलभराव से जनता परेशान! बारिश होते ही सड़कों पर पानी भर जाता है और लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। आखिर कब तक स्थानीय लोग इस समस्या को झेलते रहेंगे? जनता को सिर्फ आश्वासन नहीं, स्थायी समाधान चाहिए। संबंधित जिम्मेदारों से मांग है कि जलभराव की समस्या का तत्काल संज्ञान लेकर नालियों की सफाई और जल निकासी की उचित व्यवस्था कराई जाए। जनता की परेशानी को नजरअंदाज करना बंद करो—समस्या का समाधान करो!1
- लखीमपुर खीरी के मोहल्ला गांधीनगर में निवासियों का घर से निकलना हो गया है मुश्किल मोहल्ला गांधी नगर के निवासियों ने पिछले तीन से चार दिन हुए घर से निकलना कर दिया है बंद कारण पूरे मोहल्ले में लबालब कमर से ऊपर तक पानी चल रहा है परंतु कोई सुनवाई नहीं है लखीमपुर वालो का कहना है बहुत बार शिकायत करने के बावजूद उनकी कोई सुनवाई नहीं होती है और यह हर साल दिवाली तक बारिश होने से पानी भरा रहता है1
- 🌹 ग़ज़ल — ख़ामोशी का मातम 🌹 ✍️ सोनी शुक्ला ‘क्रांति’ वो गया तो मेरे अंदर भी कुछ मर गया, मैं बची तो हूँ मगर पहले-सी मैं रही नहीं। जिसे अपना समझकर उम्र भर सजदा किया, उसके जाने के बाद कोई दुआ हुई नहीं। मैंने आवाज़ दी थी उसे आख़िरी बार मगर, मेरी आवाज़ मेरे ही घर से बाहर गई नहीं। वो कहता था—“तुम्हें छोड़कर कहाँ जाऊँगा”, आज देखो, उसकी कोई खबर आई नहीं। मेरी आँखों में जो ठहरा था एक ख़्वाब कभी, वक़्त की धूल में उसकी कोई तस्वीर रही नहीं। मैंने रिश्तों को बहुत दिल से निभाया लेकिन, मेरे हिस्से में कभी सच्ची वफ़ा आई नहीं। अब किसी से भी मोहब्बत का भरोसा कैसे हो, एक बार टूटा हुआ दिल फिर से जुड़ा नहीं। सोनी, दर्द को काग़ज़ पर उतार देती हूँ, वरना सीने में ये ख़ामोशी समाती नहीं। मैंने रोना भी बहुत चाहा मगर क्या करती, मेरी आँखों में भी अब अश्कों की जगह रही नहीं। 💔 🌹 कुछ दर्द आवाज़ नहीं करते, बस इंसान को अंदर से बदल देते हैं। 🌹 ✍️ सोनी शुक्ला ‘क्रांति’ लेखिका एवं कवयित्री संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष — जनहित सर्व समाज सेवा समिति 📍 लखनऊ, उत्तर प्रदेश 🌹 ग़ज़ल — ख़ामोशी का मातम 🌹 ✍️ सोनी शुक्ला ‘क्रांति’ वो गया तो मेरे अंदर भी कुछ मर गया, मैं बची तो हूँ मगर पहले-सी मैं रही नहीं। जिसे अपना समझकर उम्र भर सजदा किया, उसके जाने के बाद कोई दुआ हुई नहीं। मैंने आवाज़ दी थी उसे आख़िरी बार मगर, मेरी आवाज़ मेरे ही घर से बाहर गई नहीं। वो कहता था—“तुम्हें छोड़कर कहाँ जाऊँगा”, आज देखो, उसकी कोई खबर आई नहीं। मेरी आँखों में जो ठहरा था एक ख़्वाब कभी, वक़्त की धूल में उसकी कोई तस्वीर रही नहीं। मैंने रिश्तों को बहुत दिल से निभाया लेकिन, मेरे हिस्से में कभी सच्ची वफ़ा आई नहीं। अब किसी से भी मोहब्बत का भरोसा कैसे हो, एक बार टूटा हुआ दिल फिर से जुड़ा नहीं। सोनी, दर्द को काग़ज़ पर उतार देती हूँ, वरना सीने में ये ख़ामोशी समाती नहीं। मैंने रोना भी बहुत चाहा मगर क्या करती, मेरी आँखों में भी अब अश्कों की जगह रही नहीं। 💔 🌹 कुछ दर्द आवाज़ नहीं करते, बस इंसान को अंदर से बदल देते हैं। 🌹 ✍️ सोनी शुक्ला ‘क्रांति’ लेखिका एवं कवयित्री संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष — जनहित सर्व समाज सेवा समिति 📍 लखनऊ, उत्तर प्रदेश1
- आसमानी आफत से कांपा हरदोई बेनीगंज में मकान पर गिरा विशालकाय पेड़ 12 साल की मासूम मोनिका की दर्दनाक मौत कछौना में भरभराकर गिरी कच्ची दीवार, मलबे में दबने से बुजुर्ग सुंदरलाल ने तोड़ा दम,दो दिन की बारिश ने मचाई तबाही,जिले में शहर से लेकर गांव तक पानी पानी बाढ़ से हालात 52 मकान जमींदोज, 21 पशुओं की मौत....पूरा जिला 'ऑरेंज अलर्ट' पर.....एडीएम दीपाली भार्गव का बयान नुकसान का आंकलन जारी, प्रभावितों को मिलेगी मदद...आफत में फंसे लोग तुरंत मिलाएं नंबर 24 घंटे एक्टिव रहेगा जिला कंट्रोल रूम संकट की स्थिति में 9454416606 पर तुरंत करें संपर्क......... हरदोई जिले में पिछले दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश अब काल बन चुकी है। लगातार हो रही भारी बरसात से पूरा जिला बाढ़ जैसी विभीषिका झेल रहा है। इस आसमानी आफत ने जिले में दो अलग-अलग स्थानों पर दो जिंदगी को लील लिया है, जबकि कई लोग घायल हैं। प्रशासन ने पूरे जनपद को ऑरेंज अलर्ट पर रखा है। पहली दिल दहला देने वाली तस्वीर हरदोई के बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सिकंदरपुर से सामने आई है। यहाँ दो दिन से हो रही लगातार बारिश के बीच एक विशालकाय पकरिया का पेड़ भरभरा कर एक मकान पर गिर गया। हादसा इतना भयानक था कि मकान के भीतर सो रही वीरेंद्र की 12 वर्षीय मासूम बेटी मोनिका की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं इस हादसे में वीरेंद्र और उनकी पत्नी वीरमति गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मलबे के नीचे दबने से एक मवेशी बकरी ने भी दम तोड़ दिया।कुदरत के कहर की दूसरी तस्वीर कछौना कोतवाली क्षेत्र के फत्तेपुर गांव से आई। यहाँ रहने वाले 55 वर्षीय सुंदरलाल घर के बाहर बने बंगले में भूसा निकालने गए थे। तभी बारिश की वजह से सीलन खा चुकी एक कच्ची दीवार अचानक उनके ऊपर ढह गई। जब तक ग्रामीण मलबे को हटा पाते, तब तक सुंदरलाल की मलबे में दबकर मौत हो चुकी थी।लगातार हो रही इस बारिश से जिले का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है। जगह-जगह जलभराव है, पेड़ टूटे पड़े हैं और बिजली की आपूर्ति पूरी तरह ठप है। एडीएम दीपाली भार्गव के मुताबिक, अब तक जिले में 21 पशुओं की मौत और 52 मकानों के गिरने की आधिकारिक सूचना है। फसलों को भी भारी नुकसान पहुँचा है, जिसका सर्वे कराया जा रहा है।हालात की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। एडीएम दीपाली भार्गव ने प्रभावित लोगों से तत्काल सुरक्षित स्थानों, शेल्टर होम या रिश्तेदारों के यहाँ जाने की अपील की है। विशेषकर जर्जर मकानों में रह रहे लोगों को तुरंत घर खाली करने को कहा गया है।राहत और बचाव कार्य के लिए जिला मुख्यालय पर 24 घंटे संचालित रहने वाला कंट्रोल रूम एक्टिव कर दिया गया है।प्रशासन की टीमें जलभराव वाले इलाकों से पानी निकालने और प्रभावित सड़कों को दुरुस्त करने में जुटी हैं। किसी भी आपात स्थिति में जनता से तत्काल प्रशासन के सीयूजी नंबरों या कंट्रोल रूम पर संपर्क करने की अपील की गई है।1