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जिला प्रशासन द्वारा विभाजन के बाद जीवित बचे महानुभावों को कार्यक्रम में ससम्मान आमंत्रित कर किया गया सम्मानित विभाजन विभीषिका स्मृति से संबंधित प्रदर्शनी में दुर्लभ छायाचित्रों, दस्तावेजों एवं ऐतिहासिक तथ्यों को किया गया प्रदर्शित पलवल हरियाणा सरकार के निर्देशानुसार युवा पीढ़ी को विभाजन के इतिहास से रूबरू कराने के लिए शुक्रवार को पलवल स्थित एडवांस्ड शिक्षण संस्थान में जिला स्तरीय विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का आयोजन सम्मानजनक रूप से मनाया गया। जिला स्तरीय कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष विपिन बैंसला बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित हुए जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने की। कार्यक्रम में विभाजन के बाद जीवित बचे पलवल के महानुभावों और उनके परिजनों को सम्मानपूर्वक कार्यक्रम में आमंत्रित कर सम्मानित भी किया गया। मुख्य अतिथि विपिन बैंसला, उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर और महानुभाव ओमप्रकाश, प्रकाश चंद आहुजा और बंसीलाल ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। इससे पहले मुख्य अतिथि विपिन बैंसला और उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने जिला प्रशासन व सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग हरियाणा की ओर से विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में लगाई गई भव्य एवं आकर्षक प्रदर्शनी का अवलोकन किया मुख्य अतिथि विपिन बैंसला ने जिला स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इस दिवस का मुख्य उद्देश्य वर्ष 1947 में देश के विभाजन के दौरान विस्थापन, पीड़ा और संघर्ष झेलने वाले लोगों के त्याग एवं बलिदान को स्मरण करना तथा युवा पीढ़ी को इतिहास के इस महत्वपूर्ण अध्याय से अवगत कराना है। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसी त्रासदी थी जिसने लोगों को घर से बेघर कर दिया था। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे आपस में प्यार, प्रेम और भाईचारे के साथ रहें और देश की एकता और अखंडता को मजबूत करें। उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने कार्यक्रम में उपस्थित विभाजन के बाद  जीवित बचे पलवल के महानुभावों को नमन करते हुए कहा कि विभाजन की त्रासदी केवल इतिहास का एक अध्याय नहीं, बल्कि लोगों के जीवन से जुड़ी संवेदनाओं, संघर्ष और साहस की गाथा है। हमें उन लोगों के त्याग, धैर्य और साहस को सदैव स्मरण रखना चाहिए, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दिया। ऐसे आयोजन राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उपायुक्त ने कहा कि भारत सरकार के आह्वान पर प्रतिवर्ष 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया जाता है और विभाजन के दौरान अपने प्राण गंवाने वाले तथा विस्थापन का दर्द झेलने वाले लाखों लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य भावी पीढिय़ों को इतिहास से सीख लेने और देश की एकता एवं अखंडता को बनाए रखने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे विभाजन की विभीषिका से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों को जानें तथा राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव और भाईचारे को मजबूत बनाने में अपना योगदान दें। मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद जितेंद्र कुमार ने कहा कि हम सभी को आपस में मिलजुलकर रहना चाहिए ताकि ऐसी त्रासदी हमें फिर से न देखनी पड़े। उन्होंने कहा कि इतिहास से सीख लेकर वर्तमान और भावी पीढ़ी को देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए निरंतर प्रेरित होना चाहिए। उन्होंने सभी का कार्यक्रम में पहुंचने पर अभिनंदन करते हुए धन्यवाद किया।

22 hrs ago
user_Mahipal
Mahipal
Journalist पलवल, पलवल, हरियाणा•
22 hrs ago

जिला प्रशासन द्वारा विभाजन के बाद जीवित बचे महानुभावों को कार्यक्रम में ससम्मान आमंत्रित कर किया गया सम्मानित विभाजन विभीषिका स्मृति से संबंधित प्रदर्शनी में दुर्लभ छायाचित्रों, दस्तावेजों एवं ऐतिहासिक तथ्यों को किया गया प्रदर्शित पलवल हरियाणा सरकार के निर्देशानुसार युवा पीढ़ी को विभाजन के इतिहास से रूबरू कराने के लिए शुक्रवार को पलवल स्थित एडवांस्ड शिक्षण संस्थान में जिला स्तरीय विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का आयोजन सम्मानजनक रूप से मनाया गया। जिला स्तरीय कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष विपिन बैंसला बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित हुए जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने की। कार्यक्रम में विभाजन के बाद जीवित बचे पलवल के महानुभावों और उनके परिजनों को सम्मानपूर्वक कार्यक्रम में आमंत्रित कर सम्मानित भी किया गया। मुख्य अतिथि विपिन बैंसला, उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर और महानुभाव ओमप्रकाश, प्रकाश चंद आहुजा और बंसीलाल ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। इससे पहले मुख्य अतिथि विपिन बैंसला और उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने जिला प्रशासन व सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग हरियाणा की ओर से विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में लगाई गई भव्य एवं आकर्षक प्रदर्शनी का अवलोकन किया मुख्य अतिथि विपिन बैंसला ने जिला स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इस दिवस का मुख्य उद्देश्य वर्ष 1947 में देश के विभाजन के दौरान विस्थापन, पीड़ा और संघर्ष झेलने वाले लोगों के त्याग एवं बलिदान को स्मरण करना तथा युवा पीढ़ी को इतिहास के इस महत्वपूर्ण अध्याय से अवगत कराना है। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसी त्रासदी थी जिसने लोगों को घर से बेघर कर दिया था। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे आपस में प्यार, प्रेम और भाईचारे के साथ रहें और देश की एकता और अखंडता को मजबूत करें। उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने कार्यक्रम में उपस्थित विभाजन के बाद  जीवित बचे पलवल के महानुभावों को नमन करते हुए कहा कि विभाजन की त्रासदी केवल इतिहास का एक अध्याय नहीं, बल्कि लोगों के जीवन से जुड़ी संवेदनाओं, संघर्ष और साहस की गाथा है। हमें उन लोगों के त्याग, धैर्य और साहस को सदैव स्मरण रखना चाहिए, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दिया। ऐसे आयोजन राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उपायुक्त ने कहा कि भारत सरकार के आह्वान पर प्रतिवर्ष 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया जाता है और विभाजन के दौरान अपने प्राण गंवाने वाले तथा विस्थापन का दर्द झेलने वाले लाखों लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य भावी पीढिय़ों को इतिहास से सीख लेने और देश की एकता एवं अखंडता को बनाए रखने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे विभाजन की विभीषिका से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों को जानें तथा राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव और भाईचारे को मजबूत बनाने में अपना योगदान दें। मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद जितेंद्र कुमार ने कहा कि हम सभी को आपस में मिलजुलकर रहना चाहिए ताकि ऐसी त्रासदी हमें फिर से न देखनी पड़े। उन्होंने कहा कि इतिहास से सीख लेकर वर्तमान और भावी पीढ़ी को देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए निरंतर प्रेरित होना चाहिए। उन्होंने सभी का कार्यक्रम में पहुंचने पर अभिनंदन करते हुए धन्यवाद किया।

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  • खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने आज पलवल के नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में ध्वजारोहण किया और परेड का निरीक्षण किया। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने लोगों को संबोधित करते हुए 80 वें स्वतंत्रता दिवस एवं हरियाली तीज के पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले ज्ञात-अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि इन सेनानियों के त्याग और बलिदान से हमें आजादी मिली। महात्मा गांधी सहित असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या और तेजस्वी नेतृत्व ने अंतत: 1947 में देश को अंग्रेजी शासन से मुक्ति दिलाई। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ से अधिक भारतीयों ने विविधता में एकता, लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान के प्रति अपनी अटूट आस्था के बल पर भारत को विश्व के सबसे बड़े और सशक्त लोकतंत्र के रूप में स्थापित किया है। यह हमारी आठ दशकों की लोकतांत्रिक यात्रा है जिसने इस भारत देश को एक सशक्त, मजबूत, लोकतांत्रिक देश के रुप में स्थापित किया है। हमारे संविधान निर्माताओं ने न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के जिन मूल्यों पर लोकतंत्र की मजबूत नींव रखी थी, वह नींव समय के साथ और मजबूत हुई है।उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे हमारे वीर सैनिकों को विशेष रूप से नमन करता हूं। विपरीत परिस्थितियों में भी वे तिरंगे की आन, बान और शान को बनाए रखने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। पलवल खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि हमारी सरकार ने शहीदों के परिवारों के सम्मान और कल्याण को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए जवानों के आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी दी जा रही है। पिछले लगभग 12 वर्षों में लगभग सवा चार सौ शहीदों के आश्रितों को सरकारी नौकरी प्रदान की गई है। यह केवल सरकारी सहायता नहीं, बल्कि राष्ट्र की ओर से अपने वीर सपूतों और उनके परिवारों के प्रति कृतज्ञता की अभिव्यक्ति है। हरियाणा की धरती वीरता, त्याग और देशभक्ति की धरती है। इतिहास के पन्ने इस बात के साक्षी हैं कि 10 मई 1857 को अंबाला से उठी स्वतंत्रता आंदोलन की चिंगारी ने पूरे देश में आजादी की अलख जगाई थी। उस संघर्ष ने अंग्रेजी शासन की नींव को चुनौती दी और देशवासियों के मन में स्वतंत्रता की लौ को प्रज्वलित किया। इस गौरवपूर्ण इतिहास को आने वाली पीढय़िों तक पहुंचाने के उद्देश्य से हरियाणा सरकार द्वारा अंबाला छावनी में स्थापित किया जा रहा भव्य शहीदी स्मारक अब निर्माण के अंतिम चरण में है।यह स्मारक हमारे वीरों के त्याग, संघर्ष और देशभक्ति का स्थायी प्रतीक बनेगा। खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि पलवल जिले में पिछले समय के दौरान विकास और सौंदर्यीकरण के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं को गति मिली है। जिले में श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय जैसे महत्वपूर्ण संस्थान के माध्यम से युवाओं को आधुनिक कौशल एवं रोजगारपरक शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य किया गया है। वहीं, करोड़ों रुपए की लागत से नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्टेडियम को खेल गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनाने के साथ-साथ खेल सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पलवल शहर की सुंदरता और पहचान को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए आगरा चौक का सौंदर्यीकरण, भगवान श्री कृष्ण एवं अर्जुन की विशालकाय प्रतिमाओं की स्थापना, क्लॉक टावर का विकास तथा शहर में तिरंगा लाइटों की व्यवस्था जैसे कार्य किए गए हैं। इसके साथ ही ओवर ब्रिज के सौंदर्यीकरण से शहर के प्रमुख मार्गों का स्वरूप और अधिक आकर्षक हुआ है। महाराणा प्रताप चौक का निर्माण भी शहर के प्रमुख विकास कार्यों में शामिल है। खेलों को बढ़ावा देने के लिए खेल नर्सरी एवं अन्य खेल सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि पलवल के प्रतिभाशाली खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन कर सकें। ये सभी परियोजनाएं पलवल को आधुनिक, सुंदर, विकसित और बेहतर नागरिक सुविधाओं से युक्त शहर के रूप में आगे बढ़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। आने वाले समय में भी पलवल जिले में विकास कार्यों को नई गति देते हुए आधारभूत सुविधाओं, शिक्षा, कौशल विकास, खेल और शहर के सौंदर्यीकरण पर विशेष जोर दिया जाएगा। तिरंगा यात्रा के दौरान देश-दुनिया ने पलवल की जनता के उत्साह, जोश और देशभक्ति का अद्भुत नजारा देखा। पलवल वासियों ने जिस जुनून और एकजुटता के साथ तिरंगा यात्रा में भाग लिया, वह अपने आप में ऐतिहासिक रहा। हर हाथ में तिरंगा और हर दिल में राष्ट्रभक्ति की भावना दिखाई दी। इस अभूतपूर्व आयोजन ने पलवल का नाम देश और दुनिया में गौरवान्वित किया तथा विश्व रिकॉर्ड बनाकर जिले की नई पहचान कायम की। यह केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि राष्ट्रप्रेम, एकता और गौरव का ऐसा संदेश था, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में पलवल में रिकॉर्ड तोड विकास कार्य करवाए गए हैं। इन विकास कार्यों में पलवल के गांव दूधौला में करोड़ों रुपए की लागत से शुरू की गई श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्रदान कर रही है। जिसकी कीर्ति पूरे देश में प्रख्यात हो रही है। इसके अलावा पलवल को राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर जाम से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से करोड़ों रुपए की लागत से बनाया गया एलिवेटेड पुल भी विकास की धारा में शामिल है। एलिवेटिड पुल के बनने से पलवल को ट्रफिक जाम से निजात मिली है। इसी प्रकार पलवल को स्वच्छ और सुंदर बनाने की मुहिम के तहत शहर की कॉलोनियों, गांवों के रास्तों का निर्माण करवाया गया है। ग्रामीण आंचल में योगशालाएं और खेल स्टेडियम बनाकर देश के भविष्य को नशा से दूर रखने और खेलों से जोडक़र उनकी प्रतिभा को निखारने की दिशा में सशक्त कार्य किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को बढावा देने तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने बेटी बचाओं-बेटी पढाओं को साकार करने के मद्देनजर गांवों में राजकीय महाविद्यालय खोले जा रहे हैं। करोड़ों रुपए की लागत से हथीन के गांव स्वामीका, मंडकोला, बडौली में राजकीय महाविद्यालय खोले गए हैं तथा गांव भैंडोली में राजकीय महाविद्यालय के भवन का निर्माण प्रगति पर है। आज ही के दिन 15 अगस्त को प्रदेश में पलवल जिला के रूप में घोषित हुआ था, जिसके उपरांत पलवल लगातार विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। पलवल में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खेल स्टेडियम का निर्माण भी करवाया जाएगा। पेलक में घोषित मेडिकल कॉलेज भी स्थापित किया जाएगा , जिससे स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती व विस्तार मिलेगा। जल्द ही पलवल को मेट्रो की भी विशेष सौगात मिलेगी। खेलों के क्षेत्र में भी हरियाणा ने देश और दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। हमारे खिलाडय़िों ने अपनी मेहनत, अनुशासन और प्रतिभा से प्रदेश का नाम रोशन किया है। सरकार ने खेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, खिलाडय़िों को बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराने और प्रतिभावान युवाओं को प्रोत्साहित करने पर विशेष ध्यान दिया है। हाल ही में संपन्न ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय दल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य सहित कुल 39 पदक जीते। इनमें हरियाणा के खिलाडय़िों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। हरियाणा के खिलाडय़िों ने 10 पदक जीते, जिनमें 7 स्वर्ण पदक शामिल हैं। प्रदेश की बेटियों ने पांच स्वर्ण पदक जीतकर हरियाणा का गौरव और बढ़ाया है।
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    खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने आज पलवल के नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में ध्वजारोहण किया और परेड का निरीक्षण किया। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया।
खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने लोगों को संबोधित करते हुए  80 वें स्वतंत्रता दिवस एवं हरियाली तीज के पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले ज्ञात-अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि इन सेनानियों के त्याग और बलिदान से हमें आजादी मिली। महात्मा गांधी सहित असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या और तेजस्वी नेतृत्व ने अंतत: 1947 में देश को अंग्रेजी शासन से मुक्ति दिलाई।
उन्होंने कहा कि 140 करोड़ से अधिक भारतीयों ने विविधता में एकता, लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान के प्रति अपनी अटूट आस्था के बल पर भारत को विश्व के सबसे बड़े और सशक्त लोकतंत्र के रूप में स्थापित किया है। यह हमारी आठ दशकों की लोकतांत्रिक यात्रा है जिसने इस भारत देश को एक सशक्त, मजबूत, लोकतांत्रिक देश के रुप में स्थापित किया है। हमारे संविधान निर्माताओं ने न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के जिन मूल्यों पर लोकतंत्र की मजबूत नींव रखी थी, वह नींव समय के साथ और मजबूत हुई है।उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे हमारे वीर सैनिकों को विशेष रूप से नमन करता हूं। विपरीत परिस्थितियों में भी वे तिरंगे की आन, बान और शान को बनाए रखने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं।


पलवल खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि हमारी सरकार ने शहीदों के परिवारों के सम्मान और कल्याण को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए जवानों के आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी दी जा रही है। पिछले लगभग 12 वर्षों में लगभग सवा चार सौ शहीदों के आश्रितों को सरकारी नौकरी प्रदान की गई है। यह केवल सरकारी सहायता नहीं, बल्कि राष्ट्र की ओर से अपने वीर सपूतों और उनके परिवारों के प्रति कृतज्ञता की अभिव्यक्ति है। हरियाणा की धरती वीरता, त्याग और देशभक्ति की धरती है। इतिहास के पन्ने इस बात के साक्षी हैं कि 10 मई 1857 को अंबाला से उठी स्वतंत्रता आंदोलन की चिंगारी ने पूरे देश में आजादी की अलख जगाई थी। उस संघर्ष ने अंग्रेजी शासन की नींव को चुनौती दी और देशवासियों के मन में स्वतंत्रता की लौ को प्रज्वलित किया।
इस गौरवपूर्ण इतिहास को आने वाली पीढय़िों तक पहुंचाने के उद्देश्य से हरियाणा सरकार द्वारा अंबाला छावनी में स्थापित किया जा रहा भव्य शहीदी स्मारक अब निर्माण के अंतिम चरण में है।यह स्मारक हमारे वीरों के त्याग, संघर्ष और देशभक्ति का स्थायी प्रतीक बनेगा।
खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि पलवल जिले में पिछले समय के दौरान विकास और सौंदर्यीकरण के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं को गति मिली है। जिले में श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय जैसे महत्वपूर्ण संस्थान के माध्यम से युवाओं को आधुनिक कौशल एवं रोजगारपरक शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य किया गया है। वहीं, करोड़ों रुपए की लागत से नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्टेडियम को खेल गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनाने के साथ-साथ खेल सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पलवल शहर की सुंदरता और पहचान को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए आगरा चौक का सौंदर्यीकरण, भगवान श्री कृष्ण एवं अर्जुन की विशालकाय प्रतिमाओं की स्थापना, क्लॉक टावर का विकास तथा शहर में तिरंगा लाइटों की व्यवस्था जैसे कार्य किए गए हैं। इसके साथ ही ओवर ब्रिज के सौंदर्यीकरण से शहर के प्रमुख मार्गों का स्वरूप और अधिक आकर्षक हुआ है। महाराणा प्रताप चौक का निर्माण भी शहर के प्रमुख विकास कार्यों में शामिल है। खेलों को बढ़ावा देने के लिए खेल नर्सरी एवं अन्य खेल सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि पलवल के प्रतिभाशाली खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन कर सकें। ये सभी परियोजनाएं पलवल को आधुनिक, सुंदर, विकसित और बेहतर नागरिक सुविधाओं से युक्त शहर के रूप में आगे बढ़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। आने वाले समय में भी पलवल जिले में विकास कार्यों को नई गति देते हुए आधारभूत सुविधाओं, शिक्षा, कौशल विकास, खेल और शहर के सौंदर्यीकरण पर विशेष जोर दिया जाएगा।
तिरंगा यात्रा के दौरान देश-दुनिया ने पलवल की जनता के उत्साह, जोश और देशभक्ति का अद्भुत नजारा देखा। पलवल वासियों ने जिस जुनून और एकजुटता के साथ तिरंगा यात्रा में भाग लिया, वह अपने आप में ऐतिहासिक रहा। हर हाथ में तिरंगा और हर दिल में राष्ट्रभक्ति की भावना दिखाई दी। इस अभूतपूर्व आयोजन ने पलवल का नाम देश और दुनिया में गौरवान्वित किया तथा विश्व रिकॉर्ड बनाकर जिले की नई पहचान कायम की। यह केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि राष्ट्रप्रेम, एकता और गौरव का ऐसा संदेश था, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में पलवल में रिकॉर्ड तोड विकास कार्य करवाए गए हैं। इन विकास कार्यों में पलवल के गांव दूधौला में करोड़ों रुपए की लागत से शुरू की गई श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्रदान कर रही है। जिसकी कीर्ति पूरे देश में प्रख्यात हो रही है। इसके अलावा पलवल को राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर जाम से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से करोड़ों रुपए की लागत से बनाया गया एलिवेटेड पुल भी विकास की धारा में शामिल है। एलिवेटिड पुल के बनने से पलवल को ट्रफिक जाम से निजात मिली है। इसी प्रकार पलवल को स्वच्छ और सुंदर बनाने की मुहिम के तहत शहर की कॉलोनियों, गांवों के रास्तों का निर्माण करवाया गया है।
ग्रामीण आंचल में योगशालाएं और खेल स्टेडियम बनाकर देश के भविष्य को नशा से दूर रखने और खेलों से जोडक़र उनकी प्रतिभा को निखारने की दिशा में सशक्त कार्य किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को बढावा देने तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने बेटी बचाओं-बेटी पढाओं को साकार करने के मद्देनजर गांवों में राजकीय महाविद्यालय खोले जा रहे हैं। करोड़ों रुपए की लागत से हथीन के गांव स्वामीका, मंडकोला, बडौली में राजकीय महाविद्यालय खोले गए हैं तथा गांव भैंडोली में राजकीय महाविद्यालय के भवन का निर्माण प्रगति पर है। आज ही के दिन 15 अगस्त को प्रदेश में पलवल जिला के रूप में घोषित हुआ था, जिसके उपरांत पलवल लगातार विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। पलवल में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खेल स्टेडियम का निर्माण भी करवाया जाएगा। पेलक में घोषित मेडिकल कॉलेज भी स्थापित किया जाएगा , जिससे स्वास्थ्य सेवाओं  को मजबूती व विस्तार मिलेगा। जल्द ही पलवल को मेट्रो की भी विशेष सौगात मिलेगी।
खेलों के क्षेत्र में भी हरियाणा ने देश और दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। हमारे खिलाडय़िों ने अपनी मेहनत, अनुशासन और प्रतिभा से प्रदेश का नाम रोशन किया है। सरकार ने खेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, खिलाडय़िों को बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराने और प्रतिभावान युवाओं को प्रोत्साहित करने पर विशेष ध्यान दिया है। हाल ही में संपन्न ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय दल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य सहित कुल 39 पदक जीते। इनमें हरियाणा के खिलाडय़िों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। हरियाणा के खिलाडय़िों ने 10 पदक जीते, जिनमें 7 स्वर्ण पदक शामिल हैं। प्रदेश की बेटियों ने पांच स्वर्ण पदक जीतकर हरियाणा का गौरव और बढ़ाया है।
    user_Mahipal
    Mahipal
    Journalist पलवल, पलवल, हरियाणा•
    4 hrs ago
  • आज कैसा वक्त आ गया जो माँ बाप को अपनी लड़कियों से डरना पड़ता है। कानून व्यवस्था में उनको अपनी ही बेटी मां बाप को दुश्मन का दर्जा दिलवा देती है जिन्होंने अपनी ही कोख से ही पाला हो। यह 18 साल की उम्र का पड़ाव है सबके साथ नहीं होता। कुछ बेटियां 18 वर्ष की होने के बाद अपना फैसला लेना चाहती है। शादी अपनी मर्जी से करती है और कहती है कि मुझे अपने मां बाप से खतरा है और लड़के को भी कुछ होता हे तो उसके भी जिम्मेदार मां बाप है ।
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    आज कैसा वक्त आ गया जो माँ बाप को अपनी लड़कियों से डरना पड़ता है। कानून व्यवस्था में उनको अपनी ही बेटी मां बाप को दुश्मन का दर्जा दिलवा देती है जिन्होंने अपनी ही कोख से ही पाला हो। यह 18 साल की उम्र का पड़ाव है सबके साथ नहीं होता।
कुछ बेटियां 18 वर्ष की होने के बाद अपना फैसला लेना चाहती है।  शादी अपनी मर्जी से करती है और कहती है कि मुझे अपने मां बाप से खतरा है और लड़के को भी कुछ होता हे तो उसके भी जिम्मेदार मां बाप है  ।
    user_AMAR NAUHWAR
    AMAR NAUHWAR
    Pharmacist पलवल, पलवल, हरियाणा•
    6 hrs ago
  • AIM तेराकी स्पोर्ट्स अकैडमी के स्पोर्ट्स बॉय एंड गर्ल्स ने जल में लहराया तिरंगा
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    AIM तेराकी स्पोर्ट्स अकैडमी के स्पोर्ट्स बॉय एंड गर्ल्स ने जल में लहराया तिरंगा
    user_खबरदार पलवल
    खबरदार पलवल
    पलवल, पलवल, हरियाणा•
    20 hrs ago
  • 80 वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में हथीन के विधायक चौधरी मोहम्मद इसराईल परेड का निरीक्षण करने के उपरांत उपस्थित जनसमूह का अभिवादन करते हुए
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    80 वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में हथीन के विधायक चौधरी मोहम्मद इसराईल परेड का निरीक्षण करने के उपरांत उपस्थित जनसमूह का अभिवादन करते हुए
    user_माथुर पत्रकार
    माथुर पत्रकार
    Voice of people हथीन, पलवल, हरियाणा•
    4 hrs ago
  • आज 80वें स्वतंत्रता दिवस पर देश सभी युवाओं को मान-स्वाभिमान-सम्मान से जिने का संकल्प लेना चाहिए। मास्टर श्यौराज
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    आज 80वें स्वतंत्रता दिवस पर देश सभी युवाओं को मान-स्वाभिमान-सम्मान से जिने का संकल्प लेना चाहिए। मास्टर श्यौराज
    user_Bku lokshakti master sheoraj singh
    Bku lokshakti master sheoraj singh
    Jewar, Gautam Buddha Nagar•
    8 hrs ago
  • Post by Praveen Kumar
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    Post by Praveen Kumar
    user_Praveen Kumar
    Praveen Kumar
    Gautam Buddha Nagar, Uttar Pradesh•
    5 hrs ago
  • विधायक मोहम्मद इलियास ने 15 अगस्त के मौके पर फहराया तिरंगा झंडा अनाज मंडी पुनहाना विधायक मोहम्मद इलियास ने 15 अगस्त के मौके पर फहराया तिरंगा झंडा अनाज मंडी पुनहाना #highlight #highlightseveryone #highlightseveryonefollowers
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    विधायक मोहम्मद इलियास ने 15 अगस्त के मौके पर फहराया तिरंगा झंडा अनाज मंडी पुनहाना 
विधायक मोहम्मद इलियास ने 15 अगस्त के मौके पर फहराया तिरंगा झंडा अनाज मंडी पुनहाना #highlight #highlightseveryone #highlightseveryonefollowers
    user_Mk
    Mk
    नूंह, नूंह, हरियाणा•
    5 hrs ago
  • हरियाणा सरकार के निर्देशानुसार युवा पीढ़ी को विभाजन के इतिहास से रूबरू कराने के लिए आज पलवल स्थित एडवांस्ड शिक्षण संस्थान में जिला स्तरीय विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का आयोजन सम्मानजनक रूप से मनाया गया। जिला स्तरीय कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष विपिन बैंसला बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित हुए जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने की। कार्यक्रम में विभाजन के बाद जीवित बचे पलवल के महानुभावों और उनके परिजनों को सम्मानपूर्वक कार्यक्रम में आमंत्रित कर सम्मानित भी किया गया। मुख्य अतिथि विपिन बैंसला, उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर और महानुभाव ओमप्रकाश, प्रकाश चंद आहुजा और बंसीलाल ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। इससे पहले मुख्य अतिथि विपिन बैंसला और उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने जिला प्रशासन व सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग हरियाणा की ओर से विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में लगाई गई भव्य एवं आकर्षक प्रदर्शनी का अवलोकन किया। वीओं पलवल मुख्य अतिथि विपिन बैंसला ने जिला स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इस दिवस का मुख्य उद्देश्य वर्ष 1947 में देश के विभाजन के दौरान विस्थापन, पीड़ा और संघर्ष झेलने वाले लोगों के त्याग एवं बलिदान को स्मरण करना तथा युवा पीढ़ी को इतिहास के इस महत्वपूर्ण अध्याय से अवगत कराना है। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसी त्रासदी थी जिसने लोगों को घर से बेघर कर दिया था। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे आपस में प्यार, प्रेम और भाईचारे के साथ रहें और देश की एकता और अखंडता को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य भावी पीढियों को इतिहास से सीख लेने और देश की एकता एवं अखंडता को बनाए रखने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे विभाजन की विभीषिका से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों को जानें तथा राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव और भाईचारे को मजबूत बनाने में अपना योगदान दें। बाइट : विपिन बैसला जिला अध्यक्ष पलवल भाजपा फाइल नं 5 जिला स्तरीय कार्यक्रम में विभाजन के बाद जीवित बचे पलवल के उपस्थित महानुभावों ओमप्रकाश, प्रकाश चंद आहुजा और बंसीलाल ने अपने-अपने संस्मरण सुनाए। ओमप्रकाश ने कहा कि उनके परिवार के लिए बड़े दुख की बात थी कि वे विभाजन के दौरान पाकिस्तान से यहां आए। वहां मार-काट चल रही थी, कत्लेआम हुआ वो मंजर याद आता है तो रूह कांप जाती है और रोना आता है। उन्होंने कहा कि मैं हिन्दुस्तानियों का धन्यवादी हूं जिन्होंने हमें अपनाया। प्रकाश चंद आहुजा ने कहा कि मेरा बचपन पाकिस्तान में शुरू हुआ। विभाजन के दौरान मैं केवल 10 वर्ष का था, वहां खून की नदियां बह रही थीं। पूरा मंजर दिल दहला देने वाला था। आज भी वह मंजर याद करके आंखें भर आती हैं। उन्होंने भावुक होकर हरियाणा सरकार और जिला प्रशासन का कार्यक्रम आयोजित करवाने और उन्हें आमंत्रित करने पर दिल से धन्यवाद किया। बंसीलाल ने अपने संस्मरण सुनाते हुए बताया कि उनका जन्म पाकिस्तान के कोटला सरेमन में हुआ था। वे उस समय साढ़े चार-पांच साल के थे। विभाजन के दौरान वहां लाठियां और तलवारें चल गईं। उस दौरान मेरे पिता जी ने पाकिस्तानियों का डटकर सामना किया। मेरे पिता जी ने मेरी माता और अन्य परिजनों को यह सोचकर स्वयं ही गोली मार दी कि अब हमारा यहां जीवित रहना मुश्किल है। आज भी वह मंजर याद करके आंखें भर आती हैं।
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    हरियाणा सरकार के निर्देशानुसार युवा पीढ़ी को विभाजन के इतिहास से रूबरू कराने के लिए आज पलवल स्थित एडवांस्ड शिक्षण संस्थान में जिला स्तरीय विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का आयोजन सम्मानजनक रूप से मनाया गया। जिला स्तरीय कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष विपिन बैंसला बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित हुए जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने की। कार्यक्रम में विभाजन के बाद जीवित बचे पलवल के महानुभावों और उनके परिजनों को सम्मानपूर्वक कार्यक्रम में आमंत्रित कर सम्मानित भी किया गया।
मुख्य अतिथि विपिन बैंसला, उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर और महानुभाव ओमप्रकाश, प्रकाश चंद आहुजा और बंसीलाल ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। इससे पहले मुख्य अतिथि विपिन बैंसला और उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने जिला प्रशासन व सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग हरियाणा की ओर से विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में लगाई गई भव्य एवं आकर्षक प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
वीओं
पलवल मुख्य अतिथि विपिन बैंसला ने जिला स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इस दिवस का मुख्य उद्देश्य वर्ष 1947 में देश के विभाजन के दौरान विस्थापन, पीड़ा और संघर्ष झेलने वाले लोगों के त्याग एवं बलिदान को स्मरण करना तथा युवा पीढ़ी को इतिहास के इस महत्वपूर्ण अध्याय से अवगत कराना है। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसी त्रासदी थी जिसने लोगों को घर से बेघर कर दिया था। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे आपस में प्यार, प्रेम और भाईचारे के साथ रहें और देश की एकता और अखंडता को मजबूत करें।
उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य भावी पीढियों को इतिहास से सीख लेने और देश की एकता एवं अखंडता को बनाए रखने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे विभाजन की विभीषिका से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों को जानें तथा राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव और भाईचारे को मजबूत बनाने में अपना योगदान दें।
बाइट : विपिन बैसला जिला अध्यक्ष पलवल भाजपा फाइल नं 5
जिला स्तरीय कार्यक्रम में विभाजन के बाद जीवित बचे पलवल के उपस्थित महानुभावों ओमप्रकाश, प्रकाश चंद आहुजा और बंसीलाल ने अपने-अपने संस्मरण सुनाए। ओमप्रकाश ने कहा कि उनके परिवार के लिए बड़े दुख की बात थी कि वे विभाजन के दौरान पाकिस्तान से यहां आए। वहां मार-काट चल रही थी, कत्लेआम हुआ वो मंजर याद आता है तो रूह कांप जाती है और रोना आता है। उन्होंने कहा कि मैं हिन्दुस्तानियों का धन्यवादी हूं जिन्होंने हमें अपनाया।
प्रकाश चंद आहुजा ने कहा कि मेरा बचपन पाकिस्तान में शुरू हुआ। विभाजन के दौरान मैं केवल 10 वर्ष का था, वहां खून की नदियां बह रही थीं। पूरा मंजर दिल दहला देने वाला था। आज भी वह मंजर याद करके आंखें भर आती हैं। उन्होंने भावुक होकर हरियाणा सरकार और जिला प्रशासन का कार्यक्रम आयोजित करवाने और उन्हें आमंत्रित करने पर दिल से धन्यवाद किया।
बंसीलाल ने अपने संस्मरण सुनाते हुए बताया कि उनका जन्म पाकिस्तान के कोटला सरेमन में हुआ था। वे उस समय साढ़े चार-पांच साल के थे। विभाजन के दौरान वहां लाठियां और तलवारें चल गईं। उस दौरान मेरे पिता जी ने पाकिस्तानियों का डटकर सामना किया। मेरे पिता जी ने मेरी माता और अन्य परिजनों को यह सोचकर स्वयं ही गोली मार दी कि अब हमारा यहां जीवित रहना मुश्किल है। आज भी वह मंजर याद करके आंखें भर आती हैं।
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    Mahipal
    Journalist पलवल, पलवल, हरियाणा•
    5 hrs ago
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