भगवान भोलेनाथ के आशीर्वाद से गंगोत्री जाने का सौभाग्य मिला है, और लोगों को जीवन में माता गंगा के दर्शन कराने की बात कही गई है। गंगा माता का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है, और आशंका जताई गई है कि जुलाई महीने में हरिद्वार में गंगा माता का जलस्तर और भी बढ़ सकता है। इस स्थिति को देखते हुए, श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे गंगा के भीतर प्रवेश न करें, बल्कि बाहर से ही स्नान करें। सभी को सावधानी बरतने और विशेष रूप से बच्चों का ध्यान रखने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही, गंदगी न फैलाने और सफाई का विशेष ध्यान रखने पर भी ज़ोर दिया गया है। संदेश में कृष्ण भजन सब्सक्राइब करने और शारदा सिन्हा के गीत साझा करने का आग्रह किया गया है। इसमें दुर्गा माता और भोलेनाथ की जय के उद्घोष के साथ, गंगोत्री में गंगा माता के लाइव दर्शन और सावन महीने में गंगा माता, वैष्णो देवी का भी ज़िक्र है।
भगवान भोलेनाथ के आशीर्वाद से गंगोत्री जाने का सौभाग्य मिला है, और लोगों को जीवन में माता गंगा के दर्शन कराने की बात कही गई है। गंगा माता का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है, और आशंका जताई गई है कि जुलाई महीने में हरिद्वार में गंगा माता का जलस्तर और भी बढ़ सकता है। इस स्थिति को देखते हुए, श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे गंगा के भीतर प्रवेश न करें, बल्कि बाहर से ही स्नान करें। सभी को सावधानी बरतने और विशेष रूप से बच्चों का ध्यान रखने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही, गंदगी न फैलाने और सफाई का विशेष ध्यान रखने पर भी ज़ोर दिया गया है। संदेश में कृष्ण भजन सब्सक्राइब करने और शारदा सिन्हा के गीत साझा करने का आग्रह किया गया है। इसमें दुर्गा माता और भोलेनाथ की जय के उद्घोष के साथ, गंगोत्री में गंगा माता के लाइव दर्शन और सावन महीने में गंगा माता, वैष्णो देवी का भी ज़िक्र है।
- भगवान भोलेनाथ के आशीर्वाद से गंगोत्री जाने का सौभाग्य मिला है, और लोगों को जीवन में माता गंगा के दर्शन कराने की बात कही गई है। गंगा माता का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है, और आशंका जताई गई है कि जुलाई महीने में हरिद्वार में गंगा माता का जलस्तर और भी बढ़ सकता है। इस स्थिति को देखते हुए, श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे गंगा के भीतर प्रवेश न करें, बल्कि बाहर से ही स्नान करें। सभी को सावधानी बरतने और विशेष रूप से बच्चों का ध्यान रखने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही, गंदगी न फैलाने और सफाई का विशेष ध्यान रखने पर भी ज़ोर दिया गया है। संदेश में कृष्ण भजन सब्सक्राइब करने और शारदा सिन्हा के गीत साझा करने का आग्रह किया गया है। इसमें दुर्गा माता और भोलेनाथ की जय के उद्घोष के साथ, गंगोत्री में गंगा माता के लाइव दर्शन और सावन महीने में गंगा माता, वैष्णो देवी का भी ज़िक्र है।1
- भारतीय किसान यूनियन (बेदी) ने हरिद्वार के जिलाधिकारी को किसानों, मजदूरों और आमजन की विभिन्न समस्याओं को लेकर एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन राष्ट्रीय सलाहकार दाताराम चौहान, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नसीर अहमद और जिलाध्यक्ष आलिम अंसारी के नेतृत्व में दिया गया। संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो जिलाधिकारी कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा, जो सभी मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा। ज्ञापन में संगठन ने 10 प्रमुख मांगें उठाई हैं, जिनमें किसानों का लंबित गन्ना भुगतान जल्द कराना और प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर रोक लगाना शामिल है। इसके साथ ही, किसानों को खाद एवं कृषि दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही बिजली कटौती बंद करने तथा उद्योगों को प्राथमिकता देने के नाम पर गांवों की बिजली प्रभावित न करने की मांग की गई है। स्थानीय मुद्दों पर बात करते हुए, ग्राम गाडोवाली में बढ़ते नशे और सट्टे (खाईबाड़ी) के अवैध कारोबार पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की भी मांग की गई है। इसके अतिरिक्त, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा जनता के फोन न उठाने और समस्याओं की अनदेखी पर जवाबदेही तय करने का मुद्दा भी उठाया गया है। बहादराबाद के पृथ्वीराज चौहान चौक से पनचक्की एवं रघुनाथ मॉल तक दोनों ओर खड़े रहने वाले भारी वाहनों पर कार्रवाई कर जाम की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई है। संगठन ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि अधिकारी केवल मीडिया में बयान और फोटो तक सीमित हैं, जबकि जमीनी स्तर पर समस्याओं का कोई समाधान नहीं हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष मो. माजिद, तालिब अली, जावेद, राव गुलजार, सोशल मीडिया जिलाध्यक्ष राव अमजद, गढ़वाल मंडल अध्यक्ष मो. आज़म, राव नौसाद सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- विकासनगर के टिमली गांव में देर रात एक बड़ा हादसा हो गया, जहाँ चीड़ की लकड़ियों से लदा एक ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगी सीमेंट बैरिकेडिंग को तोड़ते हुए लगभग 20 फीट गहरी खाई में जा गिरा। इस दुर्घटना में ट्रक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसकी लकड़ियां चारों ओर बिखर गईं। गनीमत रही कि हादसे के समय मौके पर कोई राहगीर मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। ट्रक चालक बाल-बाल बच गया। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय लोग और संबंधित विभाग तुरंत मौके पर पहुँचे, जिन्होंने ट्रक को हटवाकर यातायात को सुचारु कराया। पुलिस इस हादसे के कारणों की गहन जाँच कर रही है। साथ ही, पहाड़ी और वन क्षेत्रों की सड़कों पर भारी वाहनों के चालकों को विशेष सावधानी बरतने और नियंत्रित गति से वाहन चलाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।1
- लक्सर क्षेत्र के डौसनी गांव में आज सुबह करीब 4:30 बजे मदनपाल नामक व्यक्ति के घर में एक खतरनाक मगरमच्छ घुस गया। घर में हलचल होने पर परिवार के सदस्य जाग गए और मगरमच्छ का तांडव देखकर दहशत में आ गए। अपनी जान बचाने के लिए परिवार को घर की छत पर चढ़ना पड़ा। घटना की सूचना लक्सर वन विभाग को दी गई, जिसके बाद वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। टीम ने मगरमच्छ को सफलतापूर्वक पकड़कर दूर गंगा नदी में छोड़ दिया। इस बचाव अभियान में वन विभाग की टीम के सदस्य गुरजंट सिंह और भोपाल सिंह शामिल रहे। खतरनाक मगरमच्छ के पकड़े जाने के बाद डौसनी गांव के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। उन्होंने वन विभाग लक्सर की टीम का बहुत-बहुत धन्यवाद किया और अपनी खुशी जाहिर की।1
- बिजनौर जिले के हल्दौर थाना क्षेत्र के हसनपुर जट गांव में एक गुलदार पिंजरे में कैद हो गया है, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों को काफी राहत मिली है। ग्रामीण लंबे समय से गुलदार के डर से परेशान थे। ग्रामीणों की शिकायत के बाद, वन विभाग ने कल गांव में पिंजरा लगाया था, और रात्रि के समय गुलदार उसमें कैद हो गया।1
- उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के ज्वालापुर में, हिंदू क्रांति दल ने एक हिंदू बहुमूल्य क्षेत्र में नमाज़ पढ़ने को लेकर अपना विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान ज्वालापुर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ज्वालापुर फाटक पर बैरीकेट लगाए और हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया।1
- हरिद्वार के गंगा घाट पर आयोजित किसान यूनियन महाकुंभ से एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें बार बालाओं द्वारा अश्लील डांस करते हुए देखा जा सकता है। इस घटना को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या इसी तरह से किसानों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। जनता जानना चाह रही है कि इस तरह के कार्यक्रम के लिए किसने अनुमति दी और क्या इस मामले में कोई कार्रवाई की जाएगी।1