उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के बिसवां कस्बे के आदित्य श्रीवास्तव का लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग में दुखद निधन हो गया, जिससे उनके पैतृक आवास कैथी टोला पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में मातम छा गया। बेटे का शव घर आने पर परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मृतक के पिता आलोक श्रीवास्तव अपने बेटे का शव लेकर घर पहुंचे। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, रिश्तेदार, मित्रगण और प्रशासनिक अधिकारी आदित्य को अंतिम विदाई देने के लिए मौजूद रहे, जिनकी आंखें नम थीं और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों और दोस्तों ने बताया कि आदित्य एक होनहार और मेहनती युवक था, जिसने 3D आर्टिस्ट का कोर्स पूरा कर लिया था और नौकरी करते हुए परिवार की जिम्मेदारियों को भी बखूबी निभा रहा था। उसके सपनों और संघर्षों की चर्चा करते हुए मित्र भावुक हो उठे। आदित्य की असमय मृत्यु ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है, क्योंकि जिस बेटे से उन्होंने उज्ज्वल भविष्य की उम्मीदें संजो रखी थीं, उसकी अचानक मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया। अंतिम संस्कार की तैयारियों के बाद आदित्य का अंतिम संस्कार कर दिया गया और अंतिम यात्रा में शामिल लोगों ने नम आंखों से उसे विदाई दी। इस दर्दनाक हादसे के बाद बिसवां क्षेत्र में शोक और संवेदना का माहौल बना हुआ है, जहां लोग पीड़ित परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के बिसवां कस्बे के आदित्य श्रीवास्तव का लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग में दुखद निधन हो गया, जिससे उनके पैतृक आवास कैथी टोला पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में मातम छा गया। बेटे का शव घर आने पर परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मृतक के पिता आलोक श्रीवास्तव अपने बेटे का शव लेकर घर पहुंचे। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, रिश्तेदार, मित्रगण और प्रशासनिक अधिकारी आदित्य को अंतिम विदाई देने के लिए मौजूद रहे, जिनकी आंखें नम थीं और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों और दोस्तों ने बताया कि आदित्य एक होनहार और मेहनती युवक था, जिसने 3D आर्टिस्ट का कोर्स पूरा कर लिया था और नौकरी करते हुए परिवार की जिम्मेदारियों को भी बखूबी निभा रहा था। उसके सपनों और संघर्षों की चर्चा करते हुए मित्र भावुक हो उठे। आदित्य की असमय मृत्यु ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है, क्योंकि जिस बेटे से उन्होंने उज्ज्वल भविष्य की उम्मीदें संजो रखी थीं, उसकी अचानक मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया। अंतिम संस्कार की तैयारियों के बाद आदित्य का अंतिम संस्कार कर दिया गया और अंतिम यात्रा में शामिल लोगों ने नम आंखों से उसे विदाई दी। इस दर्दनाक हादसे के बाद बिसवां क्षेत्र में शोक और संवेदना का माहौल बना हुआ है, जहां लोग पीड़ित परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं।
- संवाददाता आशीष मिश्रा की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश के 38 जिलों में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप लगातार जारी है। इसी बीच, मौसम विभाग (IMD) ने जानकारी दी है कि राज्य में मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। विभाग के मुताबिक, अगले 3 से 4 दिनों में, यानी लगभग 25 से 28 जून तक, मॉनसून राज्य के कुछ हिस्सों में दस्तक दे सकता है।1
- उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले की संडीला तहसील में निबंधन व्यवस्था के निजीकरण के विरोध में अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टांप वेंडरों की संयुक्त हड़ताल 15 जून से जारी है। इसी क्रम में मंगलवार, 23 जून को सभी ने एकजुट होकर विरोध स्वरूप एक तिरंगा यात्रा निकाली। यह यात्रा अधिवक्ता भवन संडीला से शुरू हुई और मुख्य चौराहे से होते हुए कस्बे के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए इमलिया बाग चौराहे तक पहुंची। इमलिया बाग चौराहे पर सभी अधिवक्ताओं ने एक मानव श्रृंखला बनाई और सामूहिक रूप से "जन गण मन अधिनायक जय हे" का गायन किया, साथ ही "इंकलाब जिंदाबाद" के नारे लगाए। अधिवक्ता संघ संडीला के अध्यक्ष नसीम खान और मंत्री नागेंद्र मिश्रा ने संयुक्त रूप से इस तिरंगा यात्रा की अगुवाई की। उन्होंने बताया कि अधिवक्ताओं के हितों के खिलाफ जारी किए गए 2 अगस्त 2024 और 4 जून 2026 के शासनादेश जब तक वापस नहीं लिए जाते, तब तक यह आंदोलन और हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये दोनों शासनादेश अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टांप वेंडरों के हितों के विरुद्ध हैं और सरकार को इन्हें हर हाल में वापस लेना होगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि संयुक्त हड़ताल 27 जून तक लगातार जारी रहेगी। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक और स्टांप वेंडर मौजूद रहे, जिनमें राजेंद्र गुप्ता रानू, मोहम्मद आरिफ, मोहम्मद नवाब, मोहम्मद जहूर, मुईद अहमद, सत्रोहन वर्मा, बाबूलाल, हरिचंद मौर्य, राजेश कुमार आदित्य, सौरभ पांडे, अमित कुमार कश्यप, प्रमोद कुमार यादव, पवन कुमार तिवारी (राजन तिवारी), अशोक सिंह, कमलेश विश्वकर्मा, राकेश कुमार वर्मा, शिवेंद्र सिंह शिवाली, अमर सिंह यादव, नूर मोहम्मद सहित तहसील संडीला के सभी अधिवक्ता शामिल थे।1
- लखनऊ महानगर पुलिस ने दो वाहन चोरों को गिरफ्तार कर उनके पास से चोरी की अपाचे बाइक बरामद की है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सर्वोदय नगर, गाजीपुर निवासी 27 वर्षीय उबैद खान और गोपालपुरवा, महानगर निवासी 20 वर्षीय शीबू के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी की गई अपाचे बाइक (UP60 AA 8766) बरामद की है। पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर बंध रोड, अकबरनगर क्षेत्र में सौमिल वन के पास से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान दोनों ने बालूशाहनगर स्थित राजकीय कॉलोनी से बाइक चोरी करने की बात कबूल की। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में उपनिरीक्षक अनुराग कुमार सिंह, उपनिरीक्षक राजबरन यादव, उपनिरीक्षक पंकज यादव और कांस्टेबल शिवम कुमार शामिल रहे।1
- भारतीय किसान यूनियन श्रमिक जनशक्ति के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी कमलेश यादव ने लखनऊ अग्निकांड के संबंध में एक वीडियो जारी करते हुए देश और प्रदेश सरकारों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि हर कोचिंग सेंटर, होटल और रेस्टोरेंट की हर प्रकार से जांच करना सरकारों की पूरी जिम्मेदारी है। यादव ने उन तमाम विभागीय अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग की जो अलग-अलग अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि हर व्यक्ति अपने बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए कोचिंग सेंटरों में भेजता है और उम्मीद करता है कि उनकी गाढ़ी कमाई का पैसा बच्चों के भविष्य के काम आएगा। इसलिए, प्रदेश सरकार की यह पूरी जिम्मेदारी है कि वह बड़े से बड़े कोचिंग संस्थानों, होटल-रेस्टोरेंट चलाने वाले लोगों और उनकी इमारतों की हर प्रकार से जांच करवाए। चौधरी कमलेश यादव ने मानक तय करने की बात कही, जिसमें पार्किंग स्थल, बिल्डिंग की ऊंचाई, इमरजेंसी दरवाजे, जरूरत पड़ने पर फायर ब्रिगेड और अन्य गाड़ियों की पहुंच, लिफ्ट की व्यवस्था और बाहरी गेट की दूरी व ऊंचाई जैसी तमाम व्यवस्थाएं शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन सभी व्यवस्थाओं को देखकर ही लाइसेंस और अन्य अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किए जाने चाहिए। यादव ने आरोप लगाया कि लखनऊ सहित प्रदेश के अंदर ऐसी कई घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, लेकिन सरकार इन कोचिंग सेंटरों से मिलने वाली बड़ी आय के कारण हर मोड़ पर इनकी अनदेखी करती है। इस अनदेखी से गरीब व्यक्तियों और नौनिहाल युवाओं का जीवन खतरे में पड़ जाता है। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रदेश सरकार से यह भी उम्मीद जताई कि वह हर पीड़ित परिवार को हर प्रकार की मदद प्रदान करे, घायल हुए सभी बच्चों का अच्छे से अच्छा इलाज सुनिश्चित करे, और भविष्य के लिए इन घटनाओं से सीख ले।1
- लखनऊ के अलीगंज स्थित एक अपार्टमेंट में हुए भीषण अग्निकांड में 22 वर्षीय शहजान की जान चली गई, जिसके बाद सोमवार देर रात उनका शव पोस्टमार्टम के उपरांत उनके पैतृक आवास फतेहपुर कस्बे के सट्टी बाजार मोहल्ले लाया गया। शव के घर पहुंचते ही परिवार में गहरा मातम छा गया, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। शहजान अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे और तीन विवाहित बहनों के सबसे छोटे भाई थे, जिनकी असामयिक मृत्यु से पूरा परिवार गहरे सदमे में है। मोहल्ले के लोगों ने उन्हें शांत, मिलनसार और मेहनती स्वभाव का युवक बताया, जो अपने व्यवहार के कारण सभी के बीच लोकप्रिय थे। शहजान के पिता मोहम्मद इमरान ने बताया कि हादसे के दौरान बेटे का फोन आया था, जिसमें वह आग से बचाने की गुहार लगा रहा था। सूचना मिलते ही वे घटनास्थल की ओर दौड़े, लेकिन आग की लपटें इतनी भयानक थीं कि वे अंदर नहीं पहुंच पाए और कई प्रयासों के बावजूद अपने इकलौते बेटे को बचा नहीं सके। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग उनके आवास पर जुटे, जहां का माहौल बेहद गमगीन रहा; शहजान का पार्थिव शरीर देखते ही मां, बहनों और अन्य परिजनों का विलाप शुरू हो गया। मंगलवार को नम आंखों के बीच, कस्बे की बड़ी मस्जिद स्थित कब्रिस्तान में शहजान को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। उनके जनाजे में क्षेत्र के सैकड़ों लोग, रिश्तेदार, मित्र और शुभचिंतक शामिल हुए, जिन्होंने मरहूम की मगफिरत और शोक संतप्त परिवार को सब्र अता करने की दुआ की।1
- लखनऊ के थाना अलीगंज क्षेत्र के सेक्टर-डी स्थित भवन संख्या 02813 में 22 जून 2026 को हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 9 अन्य घायल हुए हैं। पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक मकान मालिक सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हादसे के बाद भवन में धुआं भर जाने से कई छात्र और अन्य लोग इसकी चपेट में आ गए। कुछ लोगों ने जान बचाने के लिए इमारत से नीचे छलांग लगा दी, जिससे वे घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर सर्विस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चलाया। घायलों का उपचार अस्पताल में जारी है। इस घटना के संबंध में थाना अलीगंज में मुकदमा दर्ज कर विस्तृत विवेचना शुरू की गई है। जांच के दौरान भवन के संचालन, अग्नि सुरक्षा मानकों, फायर एनओसी तथा अन्य वैधानिक अनुमतियों की गहनता से पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने इस मामले में मकान मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, गेमिंग जोन संचालक तुषांक कृष्ण जायसवाल, पेट शॉप संचालक राम कृष्ण उपाध्याय और संबंधित संस्थानों से जुड़े सुरेश कुमार साहू को गिरफ्तार किया है। पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ ने स्पष्ट किया है कि मामले की निष्पक्ष एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है और जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मृतकों एवं घायलों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है तथा शासन-प्रशासन द्वारा उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।3
- लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड में कुल 15 लोगों की जान चली गई है, जिसने न केवल जिंदगियां लीं बल्कि कई परिवारों के सपनों को भी राख कर दिया। यह हृदयविदारक घटना उन घरों में मातम लेकर आई है, जहाँ खुशियों का माहौल था। इस दुखद हादसे का शिकार होने वालों में निलेश कुमार और अनामिका सामंत भी शामिल हैं, जो जल्द ही शादी के बंधन में बंधने वाले थे और अपनी शादी की तैयारियों में व्यस्त थे। जिन घरों में शहनाई बजने की तैयारी थी, वहां अब गहरे शोक का माहौल है। अब इन परिवारों के परिजन अपनों को अंतिम विदाई देने की तैयारियों में जुटे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में गम और मायूसी छाई हुई है।1
- लखनऊ में हाल ही में हुए एक दर्दनाक अग्निकांड हादसे के बावजूद, जिम्मेदार अधिकारी सुरक्षा मानकों को लेकर कोई सबक नहीं ले रहे हैं। मोहनलालगंज क्षेत्र में हाईटेंशन लाइनों के ठीक नीचे विद्या अस्पताल संचालित हो रहा है, जो कभी भी एक बड़े हादसे का कारण बन सकता है। यह अस्पताल 11000 और 44000 हाईटेंशन लाइनों के नीचे संचालित है, और सूत्रों के अनुसार, इसके पास फायर एनओसी नहीं है। इसके बावजूद, यह एक आयुष्मान कार्ड स्पेशलिटी अस्पताल के रूप में कार्य कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य सभी जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर स्थिति को अनदेखा कर 'धृतराष्ट्र' बने हुए हैं, मानो वे किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हों। मोहनलालगंज क्षेत्र में ऐसे कई निजी अस्पताल बिना आवश्यक सुरक्षा मानकों के संचालित हो रहे हैं। इसी क्रम में, रायबरेली रोड स्थित वृंदावन कॉलोनी सेक्टर 6 में संचालित कृष्ण लाइफ लाइन हॉस्पिटल के पास भी फायर एनओसी नहीं है, जो एक और बड़े खतरे की ओर इशारा करता है।1
- लखनऊ के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र के शेरपुर इलाके में स्थित प्रसिद्ध इरम स्कूल के एक कमरे में अचानक भीषण आग लग गई। कमरे से तेज लपटें और धुआं उठता देख स्कूल परिसर और आसपास के पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया, जिससे चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की टीमें राहत कार्य के लिए तुरंत मौके पर पहुंच गईं। यह पूरा क्षेत्र लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के प्रवर्तन ज़ोन-7 के अंतर्गत आता है। राजधानी के अलीगंज में हाल ही में हुई एक बड़ी त्रासदी के बाद प्रशासन इस घटना को लेकर बेहद संवेदनशील है। फिलहाल, आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है और स्थिति को जल्द से जल्द काबू में करने के प्रयास जारी हैं।2