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लखनऊ के थाना अलीगंज क्षेत्र के सेक्टर-डी स्थित भवन संख्या 02813 में 22 जून 2026 को हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 9 अन्य घायल हुए हैं। पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक मकान मालिक सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हादसे के बाद भवन में धुआं भर जाने से कई छात्र और अन्य लोग इसकी चपेट में आ गए। कुछ लोगों ने जान बचाने के लिए इमारत से नीचे छलांग लगा दी, जिससे वे घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर सर्विस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चलाया। घायलों का उपचार अस्पताल में जारी है। इस घटना के संबंध में थाना अलीगंज में मुकदमा दर्ज कर विस्तृत विवेचना शुरू की गई है। जांच के दौरान भवन के संचालन, अग्नि सुरक्षा मानकों, फायर एनओसी तथा अन्य वैधानिक अनुमतियों की गहनता से पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने इस मामले में मकान मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, गेमिंग जोन संचालक तुषांक कृष्ण जायसवाल, पेट शॉप संचालक राम कृष्ण उपाध्याय और संबंधित संस्थानों से जुड़े सुरेश कुमार साहू को गिरफ्तार किया है। पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ ने स्पष्ट किया है कि मामले की निष्पक्ष एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है और जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मृतकों एवं घायलों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है तथा शासन-प्रशासन द्वारा उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

3 hrs ago
user_NATIONAL INDIA TV
NATIONAL INDIA TV
Local News Reporter बख्शी का तालाब, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
3 hrs ago

लखनऊ के थाना अलीगंज क्षेत्र के सेक्टर-डी स्थित भवन संख्या 02813 में 22 जून 2026 को हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 9 अन्य घायल हुए हैं। पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक मकान मालिक सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हादसे के बाद भवन में धुआं भर जाने से कई छात्र और अन्य लोग इसकी चपेट में आ गए। कुछ लोगों ने जान बचाने के लिए इमारत से नीचे छलांग लगा दी,

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जिससे वे घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर सर्विस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चलाया। घायलों का उपचार अस्पताल में जारी है। इस घटना के संबंध में थाना अलीगंज में मुकदमा दर्ज कर विस्तृत विवेचना शुरू की गई है। जांच के दौरान भवन के संचालन, अग्नि सुरक्षा मानकों, फायर एनओसी तथा अन्य वैधानिक अनुमतियों की गहनता से पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने इस मामले में मकान मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, गेमिंग

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जोन संचालक तुषांक कृष्ण जायसवाल, पेट शॉप संचालक राम कृष्ण उपाध्याय और संबंधित संस्थानों से जुड़े सुरेश कुमार साहू को गिरफ्तार किया है। पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ ने स्पष्ट किया है कि मामले की निष्पक्ष एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है और जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मृतकों एवं घायलों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है तथा शासन-प्रशासन द्वारा उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

More news from Lucknow and nearby areas
  • लखनऊ महानगर पुलिस ने दो वाहन चोरों को गिरफ्तार कर उनके पास से चोरी की अपाचे बाइक बरामद की है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सर्वोदय नगर, गाजीपुर निवासी 27 वर्षीय उबैद खान और गोपालपुरवा, महानगर निवासी 20 वर्षीय शीबू के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी की गई अपाचे बाइक (UP60 AA 8766) बरामद की है। पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर बंध रोड, अकबरनगर क्षेत्र में सौमिल वन के पास से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान दोनों ने बालूशाहनगर स्थित राजकीय कॉलोनी से बाइक चोरी करने की बात कबूल की। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में उपनिरीक्षक अनुराग कुमार सिंह, उपनिरीक्षक राजबरन यादव, उपनिरीक्षक पंकज यादव और कांस्टेबल शिवम कुमार शामिल रहे।
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    लखनऊ महानगर पुलिस ने दो वाहन चोरों को गिरफ्तार कर उनके पास से चोरी की अपाचे बाइक बरामद की है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सर्वोदय नगर, गाजीपुर निवासी 27 वर्षीय उबैद खान और गोपालपुरवा, महानगर निवासी 20 वर्षीय शीबू के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी की गई अपाचे बाइक (UP60 AA 8766) बरामद की है।

पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर बंध रोड, अकबरनगर क्षेत्र में सौमिल वन के पास से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान दोनों ने बालूशाहनगर स्थित राजकीय कॉलोनी से बाइक चोरी करने की बात कबूल की। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में उपनिरीक्षक अनुराग कुमार सिंह, उपनिरीक्षक राजबरन यादव, उपनिरीक्षक पंकज यादव और कांस्टेबल शिवम कुमार शामिल रहे।
    user_आदर्श मीडिया एसोसिएशन (रजि.)
    आदर्श मीडिया एसोसिएशन (रजि.)
    Voice of people Bakshi Ka Talab, Lucknow•
    9 hrs ago
  • राजधानी लखनऊ के अलीगंज सेक्टर-डी में 22 जून 2026 को हुए एक दर्दनाक अग्निकांड से पूरा क्षेत्र शोकाकुल है, जिसमें मासूम बच्चों सहित कई लोगों की असमय मृत्यु हो गई थी। इस हृदयविदारक घटना से प्रभावित दिवंगत आत्माओं की शांति और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करने के उद्देश्य से भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने एक भावपूर्ण कैंडल मार्च और श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। इस दुखद अवसर पर पार्षद हरिश्चंद्र लोधी जी, मंडल अध्यक्ष सुश्री रीना चौरसिया जी, मंडल उपाध्यक्ष सौरभ त्रिपाठी जी और मंडल महामंत्री संदीप पाठक जी सहित भारतीय जनता पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर मोमबत्तियां जलाईं और दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि वे मृतकों की आत्मा को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिवारों को इस असीम दुःख को सहने की शक्ति दें। कार्यक्रम में मौजूद सभी जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इसके साथ ही, उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ किए जाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। भारतीय जनता पार्टी परिवार, अलीगंज पूर्व मंडल 3 मंडल, लखनऊ की ओर से यह विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई, जिसमें ईश्वर से दिवंगत आत्माओं को शांति और शोकाकुल परिवारों को संबल देने की प्रार्थना की गई। यह रिपोर्ट विमल चौबे द्वारा संकलित की गई।
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    राजधानी लखनऊ के अलीगंज सेक्टर-डी में 22 जून 2026 को हुए एक दर्दनाक अग्निकांड से पूरा क्षेत्र शोकाकुल है, जिसमें मासूम बच्चों सहित कई लोगों की असमय मृत्यु हो गई थी। इस हृदयविदारक घटना से प्रभावित दिवंगत आत्माओं की शांति और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करने के उद्देश्य से भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने एक भावपूर्ण कैंडल मार्च और श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया।

इस दुखद अवसर पर पार्षद हरिश्चंद्र लोधी जी, मंडल अध्यक्ष सुश्री रीना चौरसिया जी, मंडल उपाध्यक्ष सौरभ त्रिपाठी जी और मंडल महामंत्री संदीप पाठक जी सहित भारतीय जनता पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर मोमबत्तियां जलाईं और दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि वे मृतकों की आत्मा को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिवारों को इस असीम दुःख को सहने की शक्ति दें।

कार्यक्रम में मौजूद सभी जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इसके साथ ही, उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ किए जाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। भारतीय जनता पार्टी परिवार, अलीगंज पूर्व मंडल 3 मंडल, लखनऊ की ओर से यह विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई, जिसमें ईश्वर से दिवंगत आत्माओं को शांति और शोकाकुल परिवारों को संबल देने की प्रार्थना की गई। यह रिपोर्ट विमल चौबे द्वारा संकलित की गई।
    user_Sameer Safder naqvi
    Sameer Safder naqvi
    Video Creator सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के लखनऊ में एक दोना-पत्तल फैक्ट्री में मजदूरों को 11 महीने तक बंधक बनाकर रखा गया, जहाँ उन्हें अमानवीय यातनाएं दी गईं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन मजदूरों को हंटर से बेतहाशा पीटा जाता था, भाले से शरीर को दागा जाता था और उन पर कुत्ते भी छोड़े जाते थे। इस क्रूर व्यवहार के चलते कई मजदूरों के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे, जबकि कुछ के हाथ-पांव मार-मारकर सुजा दिए गए थे। फैक्ट्री में काम खत्म होने के बाद इन मजदूरों को एक लॉकअप में बंद कर दिया जाता था और उन्हें पूरे 24 घंटे में केवल एक बार खाना मिलता था।
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    उत्तर प्रदेश के लखनऊ में एक दोना-पत्तल फैक्ट्री में मजदूरों को 11 महीने तक बंधक बनाकर रखा गया, जहाँ उन्हें अमानवीय यातनाएं दी गईं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन मजदूरों को हंटर से बेतहाशा पीटा जाता था, भाले से शरीर को दागा जाता था और उन पर कुत्ते भी छोड़े जाते थे।

इस क्रूर व्यवहार के चलते कई मजदूरों के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे, जबकि कुछ के हाथ-पांव मार-मारकर सुजा दिए गए थे। फैक्ट्री में काम खत्म होने के बाद इन मजदूरों को एक लॉकअप में बंद कर दिया जाता था और उन्हें पूरे 24 घंटे में केवल एक बार खाना मिलता था।
    user_आशीष कुमार मिश्रा
    आशीष कुमार मिश्रा
    Court reporter Sadar, Lucknow•
    4 hrs ago
  • लखनऊ के अलीगंज थाना क्षेत्र में स्थित एक कॉम्पलेक्स में आग लगने की एक दुखद घटना सामने आई है। इस घटना के संबंध में जॉइंट सीपी द्वारा एक बाइट (जानकारी) भी दी गई है।
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    लखनऊ के अलीगंज थाना क्षेत्र में स्थित एक कॉम्पलेक्स में आग लगने की एक दुखद घटना सामने आई है। इस घटना के संबंध में जॉइंट सीपी द्वारा एक बाइट (जानकारी) भी दी गई है।
    user_Anurag Kashyap
    Anurag Kashyap
    Local News Reporter Sadar, Lucknow•
    5 hrs ago
  • अलीगंज अग्निकांड के मामले में निलंबित किए गए एफएसएसओ कमलेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र भेजकर अपने खिलाफ हुई कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सिंह ने दावा किया है कि उन्हें भवनों से संबंधित एनओसी जारी करने जैसे अधिकार प्राप्त नहीं थे, जिसके चलते उन्हें इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। अपने पत्र में कमलेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि भवनों की एनओसी और अन्य महत्वपूर्ण निर्णय मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। उन्होंने इस पूरे प्रकरण में जिम्मेदारियों की निष्पक्ष जांच कराकर वास्तविक जवाबदेही तय करने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, सिंह ने दमकल के मौके पर देरी से पहुंचने के मुद्दे को भी उठाया है और इसकी भी विस्तृत जांच की आवश्यकता पर जोर दिया है। फिलहाल, अलीगंज अग्निकांड से संबंधित जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया निरंतर जारी है, जिसमें विभिन्न विभागों की भूमिका की गहन पड़ताल की जा रही है।
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    अलीगंज अग्निकांड के मामले में निलंबित किए गए एफएसएसओ कमलेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र भेजकर अपने खिलाफ हुई कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सिंह ने दावा किया है कि उन्हें भवनों से संबंधित एनओसी जारी करने जैसे अधिकार प्राप्त नहीं थे, जिसके चलते उन्हें इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है।

अपने पत्र में कमलेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि भवनों की एनओसी और अन्य महत्वपूर्ण निर्णय मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। उन्होंने इस पूरे प्रकरण में जिम्मेदारियों की निष्पक्ष जांच कराकर वास्तविक जवाबदेही तय करने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, सिंह ने दमकल के मौके पर देरी से पहुंचने के मुद्दे को भी उठाया है और इसकी भी विस्तृत जांच की आवश्यकता पर जोर दिया है।

फिलहाल, अलीगंज अग्निकांड से संबंधित जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया निरंतर जारी है, जिसमें विभिन्न विभागों की भूमिका की गहन पड़ताल की जा रही है।
    user_ᴛʜᴇ ʟᴜᴄᴋɴᴏᴡ ᴄʀɪᴍᴇ
    ᴛʜᴇ ʟᴜᴄᴋɴᴏᴡ ᴄʀɪᴍᴇ
    Court reporter लखनऊ, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • लखनऊ के थाना अलीगंज क्षेत्र के सेक्टर-डी स्थित भवन संख्या 02813 में 22 जून 2026 को हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 9 अन्य घायल हुए हैं। पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक मकान मालिक सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हादसे के बाद भवन में धुआं भर जाने से कई छात्र और अन्य लोग इसकी चपेट में आ गए। कुछ लोगों ने जान बचाने के लिए इमारत से नीचे छलांग लगा दी, जिससे वे घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर सर्विस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चलाया। घायलों का उपचार अस्पताल में जारी है। इस घटना के संबंध में थाना अलीगंज में मुकदमा दर्ज कर विस्तृत विवेचना शुरू की गई है। जांच के दौरान भवन के संचालन, अग्नि सुरक्षा मानकों, फायर एनओसी तथा अन्य वैधानिक अनुमतियों की गहनता से पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने इस मामले में मकान मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, गेमिंग जोन संचालक तुषांक कृष्ण जायसवाल, पेट शॉप संचालक राम कृष्ण उपाध्याय और संबंधित संस्थानों से जुड़े सुरेश कुमार साहू को गिरफ्तार किया है। पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ ने स्पष्ट किया है कि मामले की निष्पक्ष एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है और जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मृतकों एवं घायलों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है तथा शासन-प्रशासन द्वारा उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
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    लखनऊ के थाना अलीगंज क्षेत्र के सेक्टर-डी स्थित भवन संख्या 02813 में 22 जून 2026 को हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 9 अन्य घायल हुए हैं। पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक मकान मालिक सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

हादसे के बाद भवन में धुआं भर जाने से कई छात्र और अन्य लोग इसकी चपेट में आ गए। कुछ लोगों ने जान बचाने के लिए इमारत से नीचे छलांग लगा दी, जिससे वे घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर सर्विस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चलाया। घायलों का उपचार अस्पताल में जारी है।

इस घटना के संबंध में थाना अलीगंज में मुकदमा दर्ज कर विस्तृत विवेचना शुरू की गई है। जांच के दौरान भवन के संचालन, अग्नि सुरक्षा मानकों, फायर एनओसी तथा अन्य वैधानिक अनुमतियों की गहनता से पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने इस मामले में मकान मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, गेमिंग जोन संचालक तुषांक कृष्ण जायसवाल, पेट शॉप संचालक राम कृष्ण उपाध्याय और संबंधित संस्थानों से जुड़े सुरेश कुमार साहू को गिरफ्तार किया है।

पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ ने स्पष्ट किया है कि मामले की निष्पक्ष एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है और जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मृतकों एवं घायलों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है तथा शासन-प्रशासन द्वारा उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
    user_NATIONAL INDIA TV
    NATIONAL INDIA TV
    Local News Reporter बख्शी का तालाब, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • लखनऊ में हाल ही में हुए एक दर्दनाक अग्निकांड हादसे के बावजूद, जिम्मेदार अधिकारी सुरक्षा मानकों को लेकर कोई सबक नहीं ले रहे हैं। मोहनलालगंज क्षेत्र में हाईटेंशन लाइनों के ठीक नीचे विद्या अस्पताल संचालित हो रहा है, जो कभी भी एक बड़े हादसे का कारण बन सकता है। यह अस्पताल 11000 और 44000 हाईटेंशन लाइनों के नीचे संचालित है, और सूत्रों के अनुसार, इसके पास फायर एनओसी नहीं है। इसके बावजूद, यह एक आयुष्मान कार्ड स्पेशलिटी अस्पताल के रूप में कार्य कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य सभी जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर स्थिति को अनदेखा कर 'धृतराष्ट्र' बने हुए हैं, मानो वे किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हों। मोहनलालगंज क्षेत्र में ऐसे कई निजी अस्पताल बिना आवश्यक सुरक्षा मानकों के संचालित हो रहे हैं। इसी क्रम में, रायबरेली रोड स्थित वृंदावन कॉलोनी सेक्टर 6 में संचालित कृष्ण लाइफ लाइन हॉस्पिटल के पास भी फायर एनओसी नहीं है, जो एक और बड़े खतरे की ओर इशारा करता है।
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    लखनऊ में हाल ही में हुए एक दर्दनाक अग्निकांड हादसे के बावजूद, जिम्मेदार अधिकारी सुरक्षा मानकों को लेकर कोई सबक नहीं ले रहे हैं। मोहनलालगंज क्षेत्र में हाईटेंशन लाइनों के ठीक नीचे विद्या अस्पताल संचालित हो रहा है, जो कभी भी एक बड़े हादसे का कारण बन सकता है। यह अस्पताल 11000 और 44000 हाईटेंशन लाइनों के नीचे संचालित है, और सूत्रों के अनुसार, इसके पास फायर एनओसी नहीं है। इसके बावजूद, यह एक आयुष्मान कार्ड स्पेशलिटी अस्पताल के रूप में कार्य कर रहा है।

स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य सभी जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर स्थिति को अनदेखा कर 'धृतराष्ट्र' बने हुए हैं, मानो वे किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हों। मोहनलालगंज क्षेत्र में ऐसे कई निजी अस्पताल बिना आवश्यक सुरक्षा मानकों के संचालित हो रहे हैं। इसी क्रम में, रायबरेली रोड स्थित वृंदावन कॉलोनी सेक्टर 6 में संचालित कृष्ण लाइफ लाइन हॉस्पिटल के पास भी फायर एनओसी नहीं है, जो एक और बड़े खतरे की ओर इशारा करता है।
    user_आदर्श मीडिया एसोसिएशन (रजि.)
    आदर्श मीडिया एसोसिएशन (रजि.)
    Voice of people Bakshi Ka Talab, Lucknow•
    9 hrs ago
  • लखनऊ के अलीगंज में हुए अग्निकांड स्थल पर एक कर्मचारी ने फायर डिपार्टमेंट की 'पोल खोल' दी, यानी उनकी कार्यप्रणाली से जुड़े कुछ सच उजागर किए। इस घटनाक्रम के बाद पुलिस ने उस कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया है।
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    लखनऊ के अलीगंज में हुए अग्निकांड स्थल पर एक कर्मचारी ने फायर डिपार्टमेंट की 'पोल खोल' दी, यानी उनकी कार्यप्रणाली से जुड़े कुछ सच उजागर किए। इस घटनाक्रम के बाद पुलिस ने उस कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया है।
    user_Sameer Safder naqvi
    Sameer Safder naqvi
    Video Creator सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • जनहित सर्व समाज सेवा समिति की राष्ट्रीय अध्यक्षा सोनी शुक्ला कांति ने भारत तिवारी की कथित तौर पर कानून के रखवालों द्वारा 'क्रूरता' से की गई हत्या पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक दिख रहा यह आक्रोश किसी एक परिवार का दुख नहीं, बल्कि पूरे समाज की आत्मा की तड़प है, और जिस व्यवस्था पर सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, वह अब 'आईसीयू' में जा चुकी है। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि वे अपनी चुप्पी तोड़ें, क्योंकि खामोश रहना भी गुनाह है और यह त्रासदी किसी के भी घर का दरवाज़ा खटखटा सकती है। सत्ता के गलियारों में बैठे लोगों को चेतावनी देते हुए सोनी शुक्ला कांति ने प्रशासन के सामने 6 मजबूत मांगें रखीं। इनमें बेकसूर भारत तिवारी को 'शहीद' का दर्जा देने, पीड़ित परिवार को तुरंत 2 करोड़ रुपये की सम्मानजनक आर्थिक सहायता प्रदान करने, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने, दोषियों को केवल निलंबित न कर नौकरी से बर्खास्त करने और वर्दी की आड़ में छिपे उन 'हत्यारों' पर धारा 302 (हत्या) के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की मांग शामिल है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने स्पष्ट रूप से यह भी कहा कि वे 'खून का बदला सिर्फ खून' के सिद्धांत से सहमत हैं, और जिस तरह निहत्थे भारत तिवारी का 'एनकाउंटर' हुआ, उसी तरह कथित तौर पर एनकाउंटर करने वाले पुलिसकर्मियों का भी 'एनकाउंटर' होना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि 'शहीद भारत तिवारी' के नाम पर एक पार्क बने, जिसमें उनकी प्रतिमा लगाई जाए और जिन पुलिसकर्मियों ने यह 'एनकाउंटर' किया, उनकी भी प्रतिमा वहां लगे ताकि 'हिसाब बराबर हो'। सोनी शुक्ला कांति ने जनता से अपील की कि वे लोकतंत्र में अपनी ताकत को पहचानें, अपनी आवाज बुलंद करें, और सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को साझा करके 'सोए हुए सिस्टम' को हिलाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमारी खामोशी ही अत्याचारियों का सबसे बड़ा हौसला है। समिति ने प्रण लिया है कि जब तक भारत तिवारी की बूढ़ी मां को न्याय और दोषियों को सजा नहीं मिल जाती, तब तक यह कलम नहीं रुकेगी, यह आवाज नहीं थमेगी और उनका संघर्ष कमजोर नहीं पड़ेगा। उन्होंने 'न्याय की मशाल' घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान करते हुए 'भारत तिवारी को न्याय दो!' और 'इंकलाब जिंदाबाद!' का नारा दिया।
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    जनहित सर्व समाज सेवा समिति की राष्ट्रीय अध्यक्षा सोनी शुक्ला कांति ने भारत तिवारी की कथित तौर पर कानून के रखवालों द्वारा 'क्रूरता' से की गई हत्या पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक दिख रहा यह आक्रोश किसी एक परिवार का दुख नहीं, बल्कि पूरे समाज की आत्मा की तड़प है, और जिस व्यवस्था पर सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, वह अब 'आईसीयू' में जा चुकी है। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि वे अपनी चुप्पी तोड़ें, क्योंकि खामोश रहना भी गुनाह है और यह त्रासदी किसी के भी घर का दरवाज़ा खटखटा सकती है।

सत्ता के गलियारों में बैठे लोगों को चेतावनी देते हुए सोनी शुक्ला कांति ने प्रशासन के सामने 6 मजबूत मांगें रखीं। इनमें बेकसूर भारत तिवारी को 'शहीद' का दर्जा देने, पीड़ित परिवार को तुरंत 2 करोड़ रुपये की सम्मानजनक आर्थिक सहायता प्रदान करने, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने, दोषियों को केवल निलंबित न कर नौकरी से बर्खास्त करने और वर्दी की आड़ में छिपे उन 'हत्यारों' पर धारा 302 (हत्या) के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की मांग शामिल है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने स्पष्ट रूप से यह भी कहा कि वे 'खून का बदला सिर्फ खून' के सिद्धांत से सहमत हैं, और जिस तरह निहत्थे भारत तिवारी का 'एनकाउंटर' हुआ, उसी तरह कथित तौर पर एनकाउंटर करने वाले पुलिसकर्मियों का भी 'एनकाउंटर' होना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि 'शहीद भारत तिवारी' के नाम पर एक पार्क बने, जिसमें उनकी प्रतिमा लगाई जाए और जिन पुलिसकर्मियों ने यह 'एनकाउंटर' किया, उनकी भी प्रतिमा वहां लगे ताकि 'हिसाब बराबर हो'।

सोनी शुक्ला कांति ने जनता से अपील की कि वे लोकतंत्र में अपनी ताकत को पहचानें, अपनी आवाज बुलंद करें, और सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को साझा करके 'सोए हुए सिस्टम' को हिलाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमारी खामोशी ही अत्याचारियों का सबसे बड़ा हौसला है। समिति ने प्रण लिया है कि जब तक भारत तिवारी की बूढ़ी मां को न्याय और दोषियों को सजा नहीं मिल जाती, तब तक यह कलम नहीं रुकेगी, यह आवाज नहीं थमेगी और उनका संघर्ष कमजोर नहीं पड़ेगा। उन्होंने 'न्याय की मशाल' घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान करते हुए 'भारत तिवारी को न्याय दो!' और 'इंकलाब जिंदाबाद!' का नारा दिया।
    user_Soni Shukla
    Soni Shukla
    Police Officer सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
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