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लखनऊ के अलीगंज थाना क्षेत्र में स्थित एक कॉम्पलेक्स में आग लगने की एक दुखद घटना सामने आई है। इस घटना के संबंध में जॉइंट सीपी द्वारा एक बाइट (जानकारी) भी दी गई है।

2 hrs ago
user_Anurag Kashyap
Anurag Kashyap
Local News Reporter Sadar, Lucknow•
2 hrs ago

लखनऊ के अलीगंज थाना क्षेत्र में स्थित एक कॉम्पलेक्स में आग लगने की एक दुखद घटना सामने आई है। इस घटना के संबंध में जॉइंट सीपी द्वारा एक बाइट (जानकारी) भी दी गई है।

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  • लखनऊ के अलीगंज थाना क्षेत्र में स्थित एक कॉम्पलेक्स में आग लगने की एक दुखद घटना सामने आई है। इस घटना के संबंध में जॉइंट सीपी द्वारा एक बाइट (जानकारी) भी दी गई है।
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    लखनऊ के अलीगंज थाना क्षेत्र में स्थित एक कॉम्पलेक्स में आग लगने की एक दुखद घटना सामने आई है। इस घटना के संबंध में जॉइंट सीपी द्वारा एक बाइट (जानकारी) भी दी गई है।
    user_Anurag Kashyap
    Anurag Kashyap
    Local News Reporter Sadar, Lucknow•
    2 hrs ago
  • लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्रामा सेंटर पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने अस्पताल में उपचाराधीन लोगों और उनके परिजनों से मुलाकात कर इस घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की। अस्पताल में अखिलेश यादव ने डॉक्टरों से घायलों की स्थिति के बारे में जानकारी ली और उनके लिए बेहतर इलाज उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह एक बेहद दुखद घटना है और प्रभावित परिवारों के दर्द में पूरा समाज सहभागी है। सपा अध्यक्ष ने पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। उन्होंने हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग भी की। ट्रामा सेंटर में उनके दौरे के दौरान पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद थे।
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    लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्रामा सेंटर पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने अस्पताल में उपचाराधीन लोगों और उनके परिजनों से मुलाकात कर इस घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की।

अस्पताल में अखिलेश यादव ने डॉक्टरों से घायलों की स्थिति के बारे में जानकारी ली और उनके लिए बेहतर इलाज उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह एक बेहद दुखद घटना है और प्रभावित परिवारों के दर्द में पूरा समाज सहभागी है। सपा अध्यक्ष ने पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।

उन्होंने हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग भी की। ट्रामा सेंटर में उनके दौरे के दौरान पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद थे।
    user_ᴛʜᴇ ʟᴜᴄᴋɴᴏᴡ ᴄʀɪᴍᴇ
    ᴛʜᴇ ʟᴜᴄᴋɴᴏᴡ ᴄʀɪᴍᴇ
    Court reporter लखनऊ, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • लखनऊ में हुए अलीगंज अग्निकांड के मामले में निलंबित फायर सुरक्षा सेवा अधिकारी (FSSO) कमलेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र लिखा है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने अपने खिलाफ की गई कार्रवाई पर पुनर्विचार करने की मांग की है। कमलेंद्र सिंह ने अपने पत्र में तर्क दिया है कि एक छोटे स्तर के अधिकारी पर ऐसी कार्रवाई करना अन्यायपूर्ण है, खासकर तब जब उनका कार्यक्षेत्र अत्यंत सीमित है। उन्होंने यह दावा भी किया कि फायर विभाग के भीतर सभी महत्वपूर्ण अधिकार मुख्य फायर अधिकारी (CFO) के पास होते हैं, और अग्नि सुरक्षा अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करने की प्राथमिक जिम्मेदारी भी CFO की ही होती है। इसके अतिरिक्त, निलंबित अधिकारी ने आरोप लगाया कि आग लगने की घटना के दौरान दमकल की गाड़ियाँ मौके पर देर से पहुँचीं, जिसके लिए CFO की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। सिंह ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और उनके निलंबन की कार्रवाई पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया है।
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    लखनऊ में हुए अलीगंज अग्निकांड के मामले में निलंबित फायर सुरक्षा सेवा अधिकारी (FSSO) कमलेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र लिखा है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने अपने खिलाफ की गई कार्रवाई पर पुनर्विचार करने की मांग की है।

कमलेंद्र सिंह ने अपने पत्र में तर्क दिया है कि एक छोटे स्तर के अधिकारी पर ऐसी कार्रवाई करना अन्यायपूर्ण है, खासकर तब जब उनका कार्यक्षेत्र अत्यंत सीमित है। उन्होंने यह दावा भी किया कि फायर विभाग के भीतर सभी महत्वपूर्ण अधिकार मुख्य फायर अधिकारी (CFO) के पास होते हैं, और अग्नि सुरक्षा अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करने की प्राथमिक जिम्मेदारी भी CFO की ही होती है। इसके अतिरिक्त, निलंबित अधिकारी ने आरोप लगाया कि आग लगने की घटना के दौरान दमकल की गाड़ियाँ मौके पर देर से पहुँचीं, जिसके लिए CFO की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

सिंह ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और उनके निलंबन की कार्रवाई पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया है।
    user_Sameer Safder naqvi
    Sameer Safder naqvi
    Video Creator सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • लखनऊ के अलीगंज में हुए अग्निकांड को लेकर सांसद डिंपल यादव ने गहरा दुख व्यक्त किया है और पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएँ प्रकट की हैं। उन्होंने इस घटना को 'बेहद दुखद' बताते हुए कहा कि इसमें हुई जनहानि ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। मीडिया से बातचीत के दौरान, डिंपल यादव ने राहत-बचाव व्यवस्था और आपदा प्रबंधन को लेकर कई सवाल उठाए। उन्होंने इस हादसे की निष्पक्ष जांच की मांग की और कहा कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। सांसद ने घायल व्यक्तियों के समुचित इलाज और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की भी मांग की। उन्होंने ज़ोर दिया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा अत्यंत आवश्यक है।
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    लखनऊ के अलीगंज में हुए अग्निकांड को लेकर सांसद डिंपल यादव ने गहरा दुख व्यक्त किया है और पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएँ प्रकट की हैं। उन्होंने इस घटना को 'बेहद दुखद' बताते हुए कहा कि इसमें हुई जनहानि ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है।

मीडिया से बातचीत के दौरान, डिंपल यादव ने राहत-बचाव व्यवस्था और आपदा प्रबंधन को लेकर कई सवाल उठाए। उन्होंने इस हादसे की निष्पक्ष जांच की मांग की और कहा कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

सांसद ने घायल व्यक्तियों के समुचित इलाज और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की भी मांग की। उन्होंने ज़ोर दिया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा अत्यंत आवश्यक है।
    user_ᴛʜᴇ ʟᴜᴄᴋɴᴏᴡ ᴄʀɪᴍᴇ
    ᴛʜᴇ ʟᴜᴄᴋɴᴏᴡ ᴄʀɪᴍᴇ
    Court reporter लखनऊ, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • लखनऊ से संवाददाता आशीष मिश्रा की ब्रेकिंग न्यूज़ के अनुसार, राम मंदिर के चढ़ावे की गिनती में तीन बड़े बदलाव किए गए हैं। अब महासचिव चंपत राय फैसले नहीं ले रहे हैं, और उनकी भूमिका को सीमित कर दिया गया है। मंदिर की जिम्मेदारी अब अयोध्या के जिलाधिकारी (DM) ने संभाल ली है, और मंदिर के ट्रस्टी भी फैसले नहीं ले रहे हैं। चंपत राय पर भी जांच की आंच है और उन्हें कारसेवकपुरम में ही रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने चढ़ावे की चोरी और हेरफेर को लेकर ट्रस्ट से पूरी रिपोर्ट तलब की है, जिस पर निर्माण समिति के अध्यक्ष ने इसे श्रद्धालुओं की आस्था के साथ बहुत बड़ा विश्वासघात बताया है। इस मामले में कड़ी निगरानी और जांच की जा रही है, जिसके तहत 1600 कर्मचारियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी जांच तीन हिस्सों — आपराधिक जांच, फाइनेंशियल ऑडिट और सिस्टम सुधार के सुझाव — में पूरी कर ली है।
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    लखनऊ से संवाददाता आशीष मिश्रा की ब्रेकिंग न्यूज़ के अनुसार, राम मंदिर के चढ़ावे की गिनती में तीन बड़े बदलाव किए गए हैं। अब महासचिव चंपत राय फैसले नहीं ले रहे हैं, और उनकी भूमिका को सीमित कर दिया गया है। मंदिर की जिम्मेदारी अब अयोध्या के जिलाधिकारी (DM) ने संभाल ली है, और मंदिर के ट्रस्टी भी फैसले नहीं ले रहे हैं।

चंपत राय पर भी जांच की आंच है और उन्हें कारसेवकपुरम में ही रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने चढ़ावे की चोरी और हेरफेर को लेकर ट्रस्ट से पूरी रिपोर्ट तलब की है, जिस पर निर्माण समिति के अध्यक्ष ने इसे श्रद्धालुओं की आस्था के साथ बहुत बड़ा विश्वासघात बताया है।

इस मामले में कड़ी निगरानी और जांच की जा रही है, जिसके तहत 1600 कर्मचारियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी जांच तीन हिस्सों — आपराधिक जांच, फाइनेंशियल ऑडिट और सिस्टम सुधार के सुझाव — में पूरी कर ली है।
    user_आशीष कुमार मिश्रा
    आशीष कुमार मिश्रा
    Court reporter Sadar, Lucknow•
    10 hrs ago
  • जनहित सर्व समाज सेवा समिति की राष्ट्रीय अध्यक्षा सोनी शुक्ला कांति ने भारत तिवारी के कथित एनकाउंटर पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा है कि कानून के रखवालों ने अपनी क्रूरता से एक बेकसूर की जान ले ली है। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि जब जुल्म हद से बढ़ जाए, तो खामोश रहना भी गुनाह होता है। उनका कहना है कि सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक जो आक्रोश दिख रहा है, वह किसी एक परिवार का दुख नहीं, बल्कि पूरे समाज की आत्मा की तड़प है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब सुरक्षा की जिम्मेदारी वाले हाथ ही किसी निहत्थे पर उठने लगें, तो समझ लेना चाहिए कि व्यवस्था आईसीयू में जा चुकी है, और आज अगर चुप्पी साधी गई तो कल यह त्रासदी किसी के भी घर का दरवाजा खटखटा सकती है। समिति ने सत्ता के गलियारों में बैठे लोगों को कान खोलकर सुनने की चेतावनी देते हुए प्रशासन के सामने 6 मजबूत मांगें रखी हैं। इन मांगों में बेकसूर भारत तिवारी को 'शहीद' का दर्जा देने, पीड़ित परिवार को तुरंत ₹2 करोड़ की सम्मानजनक आर्थिक सहायता देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी की गारंटी देने की मांग शामिल है। इसके अतिरिक्त, दोषियों को सिर्फ निलंबित करके मामले को ठंडे बस्ते में न डालने की बजाय उन्हें नौकरी से बर्खास्त करने और वर्दी की आड़ में छिपे हत्यारों पर धारा 302 (हत्या) के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल की सलाखों के पीछे भेजने की पुरजोर मांग की गई है। समिति ने एक बेहद कड़े रुख के साथ यह भी कहा कि जिस तरीके से भारत तिवारी निहत्थे थे और उनका एनकाउंटर हुआ, उसी तरीके से सरकार को भी उन पुलिसकर्मियों का एनकाउंटर करना चाहिए, जिन्होंने यह कृत्य किया है। साथ ही, उस स्थान पर 'शहीद भरत तिवारी' के नाम से एक पार्क बनाकर उनकी प्रतिमा स्थापित करने और एनकाउंटर करने वाले पुलिसकर्मियों की भी प्रतिमा लगाने की मांग की गई है, ताकि 'हिसाब बराबर' हो सके। सोनी शुक्ला कांति ने देश की जनता से अपील की है कि लोकतंत्र में जनता ही जनार्दन होती है, और उनकी एक आवाज, सोशल मीडिया पर एक शेयर और जमीन पर एक कदम इस सोए हुए सिस्टम को हिलाने की ताकत रखता है। उन्होंने इस ताकत को पहचानने और एक सुर में बोलने का आह्वान करते हुए कहा कि हमारी खामोशी ही अत्याचारियों का सबसे बड़ा हौसला है। उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा कि जब तक भारत तिवारी की बूढ़ी मां को उसका हक नहीं मिल जाता और दोषियों को सजा नहीं मिल जाती, तब तक न यह कलम रुकेगी, न यह आवाज थमेगी और न ही यह संघर्ष कमजोर पड़ेगा। उन्होंने जनता से न्याय की इस मशाल को घर-घर तक पहुंचाने की अपील के साथ 'भारत तिवारी को न्याय दो' और 'इंकलाब जिंदाबाद' के नारे लगाए।
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    जनहित सर्व समाज सेवा समिति की राष्ट्रीय अध्यक्षा सोनी शुक्ला कांति ने भारत तिवारी के कथित एनकाउंटर पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा है कि कानून के रखवालों ने अपनी क्रूरता से एक बेकसूर की जान ले ली है। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि जब जुल्म हद से बढ़ जाए, तो खामोश रहना भी गुनाह होता है। उनका कहना है कि सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक जो आक्रोश दिख रहा है, वह किसी एक परिवार का दुख नहीं, बल्कि पूरे समाज की आत्मा की तड़प है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब सुरक्षा की जिम्मेदारी वाले हाथ ही किसी निहत्थे पर उठने लगें, तो समझ लेना चाहिए कि व्यवस्था आईसीयू में जा चुकी है, और आज अगर चुप्पी साधी गई तो कल यह त्रासदी किसी के भी घर का दरवाजा खटखटा सकती है।

समिति ने सत्ता के गलियारों में बैठे लोगों को कान खोलकर सुनने की चेतावनी देते हुए प्रशासन के सामने 6 मजबूत मांगें रखी हैं। इन मांगों में बेकसूर भारत तिवारी को 'शहीद' का दर्जा देने, पीड़ित परिवार को तुरंत ₹2 करोड़ की सम्मानजनक आर्थिक सहायता देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी की गारंटी देने की मांग शामिल है। इसके अतिरिक्त, दोषियों को सिर्फ निलंबित करके मामले को ठंडे बस्ते में न डालने की बजाय उन्हें नौकरी से बर्खास्त करने और वर्दी की आड़ में छिपे हत्यारों पर धारा 302 (हत्या) के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल की सलाखों के पीछे भेजने की पुरजोर मांग की गई है। समिति ने एक बेहद कड़े रुख के साथ यह भी कहा कि जिस तरीके से भारत तिवारी निहत्थे थे और उनका एनकाउंटर हुआ, उसी तरीके से सरकार को भी उन पुलिसकर्मियों का एनकाउंटर करना चाहिए, जिन्होंने यह कृत्य किया है। साथ ही, उस स्थान पर 'शहीद भरत तिवारी' के नाम से एक पार्क बनाकर उनकी प्रतिमा स्थापित करने और एनकाउंटर करने वाले पुलिसकर्मियों की भी प्रतिमा लगाने की मांग की गई है, ताकि 'हिसाब बराबर' हो सके।

सोनी शुक्ला कांति ने देश की जनता से अपील की है कि लोकतंत्र में जनता ही जनार्दन होती है, और उनकी एक आवाज, सोशल मीडिया पर एक शेयर और जमीन पर एक कदम इस सोए हुए सिस्टम को हिलाने की ताकत रखता है। उन्होंने इस ताकत को पहचानने और एक सुर में बोलने का आह्वान करते हुए कहा कि हमारी खामोशी ही अत्याचारियों का सबसे बड़ा हौसला है। उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा कि जब तक भारत तिवारी की बूढ़ी मां को उसका हक नहीं मिल जाता और दोषियों को सजा नहीं मिल जाती, तब तक न यह कलम रुकेगी, न यह आवाज थमेगी और न ही यह संघर्ष कमजोर पड़ेगा। उन्होंने जनता से न्याय की इस मशाल को घर-घर तक पहुंचाने की अपील के साथ 'भारत तिवारी को न्याय दो' और 'इंकलाब जिंदाबाद' के नारे लगाए।
    user_Soni Shukla
    Soni Shukla
    Police Officer सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
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