Shuru
Apke Nagar Ki App…
लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्रामा सेंटर पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने अस्पताल में उपचाराधीन लोगों और उनके परिजनों से मुलाकात कर इस घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की। अस्पताल में अखिलेश यादव ने डॉक्टरों से घायलों की स्थिति के बारे में जानकारी ली और उनके लिए बेहतर इलाज उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह एक बेहद दुखद घटना है और प्रभावित परिवारों के दर्द में पूरा समाज सहभागी है। सपा अध्यक्ष ने पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। उन्होंने हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग भी की। ट्रामा सेंटर में उनके दौरे के दौरान पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद थे।
ᴛʜᴇ ʟᴜᴄᴋɴᴏᴡ ᴄʀɪᴍᴇ
लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्रामा सेंटर पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने अस्पताल में उपचाराधीन लोगों और उनके परिजनों से मुलाकात कर इस घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की। अस्पताल में अखिलेश यादव ने डॉक्टरों से घायलों की स्थिति के बारे में जानकारी ली और उनके लिए बेहतर इलाज उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह एक बेहद दुखद घटना है और प्रभावित परिवारों के दर्द में पूरा समाज सहभागी है। सपा अध्यक्ष ने पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। उन्होंने हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग भी की। ट्रामा सेंटर में उनके दौरे के दौरान पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद थे।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्रामा सेंटर पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने अस्पताल में उपचाराधीन लोगों और उनके परिजनों से मुलाकात कर इस घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की। अस्पताल में अखिलेश यादव ने डॉक्टरों से घायलों की स्थिति के बारे में जानकारी ली और उनके लिए बेहतर इलाज उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह एक बेहद दुखद घटना है और प्रभावित परिवारों के दर्द में पूरा समाज सहभागी है। सपा अध्यक्ष ने पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। उन्होंने हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग भी की। ट्रामा सेंटर में उनके दौरे के दौरान पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद थे।1
- लखनऊ महानगर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए चोरी की अपाचे बाइक बरामद कर दो वाहन चोरों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सर्वोदय नगर, गाजीपुर निवासी उबैद खान (27 वर्ष) और महानगर के गोपालपुरवा निवासी शीबू (20 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी की गई अपाचे बाइक, जिसका नंबर UP60 AA 8766 है, बरामद की है। पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर अकबरनगर क्षेत्र में सौमिल वन के पास बंध रोड से इन दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान, दोनों ने बालूशाहनगर स्थित राजकीय कॉलोनी से बाइक चोरी करने की बात स्वीकार की। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक अनुराग कुमार सिंह, उपनिरीक्षक राजबरन यादव, उपनिरीक्षक पंकज यादव और कांस्टेबल शिवम कुमार शामिल थे।1
- लखनऊ से संवाददाता आशीष मिश्रा की ब्रेकिंग न्यूज़ के अनुसार, राम मंदिर के चढ़ावे की गिनती में तीन बड़े बदलाव किए गए हैं। अब महासचिव चंपत राय फैसले नहीं ले रहे हैं, और उनकी भूमिका को सीमित कर दिया गया है। मंदिर की जिम्मेदारी अब अयोध्या के जिलाधिकारी (DM) ने संभाल ली है, और मंदिर के ट्रस्टी भी फैसले नहीं ले रहे हैं। चंपत राय पर भी जांच की आंच है और उन्हें कारसेवकपुरम में ही रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने चढ़ावे की चोरी और हेरफेर को लेकर ट्रस्ट से पूरी रिपोर्ट तलब की है, जिस पर निर्माण समिति के अध्यक्ष ने इसे श्रद्धालुओं की आस्था के साथ बहुत बड़ा विश्वासघात बताया है। इस मामले में कड़ी निगरानी और जांच की जा रही है, जिसके तहत 1600 कर्मचारियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी जांच तीन हिस्सों — आपराधिक जांच, फाइनेंशियल ऑडिट और सिस्टम सुधार के सुझाव — में पूरी कर ली है।1
- लखनऊ के अलीगंज में हुए अग्निकांड को लेकर सांसद डिंपल यादव ने गहरा दुख व्यक्त किया है और पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएँ प्रकट की हैं। उन्होंने इस घटना को 'बेहद दुखद' बताते हुए कहा कि इसमें हुई जनहानि ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। मीडिया से बातचीत के दौरान, डिंपल यादव ने राहत-बचाव व्यवस्था और आपदा प्रबंधन को लेकर कई सवाल उठाए। उन्होंने इस हादसे की निष्पक्ष जांच की मांग की और कहा कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। सांसद ने घायल व्यक्तियों के समुचित इलाज और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की भी मांग की। उन्होंने ज़ोर दिया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा अत्यंत आवश्यक है।1
- लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड में 15 घरों के चिराग बुझ गए, जिससे पूरे इलाके में मातम पसरा है। यह दर्दनाक घटना कथित तौर पर लालच और लापरवाही का नतीजा बताई जा रही है, जिसने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। इस हृदय विदारक हादसे में फंसे ज़्यादातर बच्चों ने अपने घरों पर आखिरी कॉल की, जो उनके परिवारजनों के लिए हमेशा एक भयानक याद बनकर रहेगी। पोस्टमॉर्टम के दौरान भी भावुक दृश्य देखने को मिले, जहाँ एक बहन चीख-चीखकर रोती रही, वहीं एक बच्चा अपने पिता की लाश से लिपटकर ‘पापा, उठ जाओ!’ कहकर बिलखता रहा। संवाददाता आशीष मिश्रा की इस रिपोर्ट में, इस त्रासदी के बाद यह सवाल उठ रहा है कि लखनऊ अग्निकांड का असली गुनहगार कौन है और इसकी जवाबदेही किसकी तय की जाएगी।1
- गुजरात के खेड़ा जिले में लव जिहाद का एक अत्यंत घिनौना मामला सामने आया है, जहाँ एक नाबालिग हिन्दू लड़की को तीन साल तक लगातार ब्लैकमेल कर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। यह भयावह घटना तब शुरू हुई जब एक दोस्त ने पीड़िता को पहले प्रेम जाल में फँसाया, और फिर उसे अपने 10 दोस्तों के सामने 'परोस' दिया। पुलिस ने इस प्रकरण में त्वरित कार्रवाई करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। इस गंभीर मामले में POCSO अधिनियम और अन्य सख्त धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पीड़िता को तत्काल सुरक्षा प्रदान की गई है और मामले की विस्तृत जाँच लगातार जारी है। यह घटना एक बार फिर इस बात को रेखांकित करती है कि लव जिहाद जैसी चुनौतियों का सामना करने के लिए समाज को कितना अधिक सतर्क और सख्त होने की आवश्यकता है।1
- जनहित सर्व समाज सेवा समिति की राष्ट्रीय अध्यक्षा सोनी शुक्ला कांति ने भारत तिवारी के कथित एनकाउंटर पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा है कि कानून के रखवालों ने अपनी क्रूरता से एक बेकसूर की जान ले ली है। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि जब जुल्म हद से बढ़ जाए, तो खामोश रहना भी गुनाह होता है। उनका कहना है कि सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक जो आक्रोश दिख रहा है, वह किसी एक परिवार का दुख नहीं, बल्कि पूरे समाज की आत्मा की तड़प है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब सुरक्षा की जिम्मेदारी वाले हाथ ही किसी निहत्थे पर उठने लगें, तो समझ लेना चाहिए कि व्यवस्था आईसीयू में जा चुकी है, और आज अगर चुप्पी साधी गई तो कल यह त्रासदी किसी के भी घर का दरवाजा खटखटा सकती है। समिति ने सत्ता के गलियारों में बैठे लोगों को कान खोलकर सुनने की चेतावनी देते हुए प्रशासन के सामने 6 मजबूत मांगें रखी हैं। इन मांगों में बेकसूर भारत तिवारी को 'शहीद' का दर्जा देने, पीड़ित परिवार को तुरंत ₹2 करोड़ की सम्मानजनक आर्थिक सहायता देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी की गारंटी देने की मांग शामिल है। इसके अतिरिक्त, दोषियों को सिर्फ निलंबित करके मामले को ठंडे बस्ते में न डालने की बजाय उन्हें नौकरी से बर्खास्त करने और वर्दी की आड़ में छिपे हत्यारों पर धारा 302 (हत्या) के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल की सलाखों के पीछे भेजने की पुरजोर मांग की गई है। समिति ने एक बेहद कड़े रुख के साथ यह भी कहा कि जिस तरीके से भारत तिवारी निहत्थे थे और उनका एनकाउंटर हुआ, उसी तरीके से सरकार को भी उन पुलिसकर्मियों का एनकाउंटर करना चाहिए, जिन्होंने यह कृत्य किया है। साथ ही, उस स्थान पर 'शहीद भरत तिवारी' के नाम से एक पार्क बनाकर उनकी प्रतिमा स्थापित करने और एनकाउंटर करने वाले पुलिसकर्मियों की भी प्रतिमा लगाने की मांग की गई है, ताकि 'हिसाब बराबर' हो सके। सोनी शुक्ला कांति ने देश की जनता से अपील की है कि लोकतंत्र में जनता ही जनार्दन होती है, और उनकी एक आवाज, सोशल मीडिया पर एक शेयर और जमीन पर एक कदम इस सोए हुए सिस्टम को हिलाने की ताकत रखता है। उन्होंने इस ताकत को पहचानने और एक सुर में बोलने का आह्वान करते हुए कहा कि हमारी खामोशी ही अत्याचारियों का सबसे बड़ा हौसला है। उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा कि जब तक भारत तिवारी की बूढ़ी मां को उसका हक नहीं मिल जाता और दोषियों को सजा नहीं मिल जाती, तब तक न यह कलम रुकेगी, न यह आवाज थमेगी और न ही यह संघर्ष कमजोर पड़ेगा। उन्होंने जनता से न्याय की इस मशाल को घर-घर तक पहुंचाने की अपील के साथ 'भारत तिवारी को न्याय दो' और 'इंकलाब जिंदाबाद' के नारे लगाए।1