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रोहतक: सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच सड़कों पर कूड़ा ढ़ेरी करती निगम की गाड़ियाँ. रोहतक: सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच सड़कों पर कूड़ा ढ़ेरी करती निगम की गाड़ियाँ...

1 hr ago
user_Digital Bhoomi
Digital Bhoomi
पत्रकार Rohtak, Haryana•
1 hr ago

रोहतक: सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच सड़कों पर कूड़ा ढ़ेरी करती निगम की गाड़ियाँ. रोहतक: सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच सड़कों पर कूड़ा ढ़ेरी करती निगम की गाड़ियाँ...

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    user_PPT News
    PPT News
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    user_Digital Bhoomi
    Digital Bhoomi
    पत्रकार Rohtak, Haryana•
    16 hrs ago
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    user_BCHANDEL
    BCHANDEL
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    13 min ago
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सचिन ने कहा कि गांव वालों का प्यार और सम्मान उनके लिए सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने बताया कि गांव वालों को उन पर पूरा विश्वास था और उन्हें खुद भी भरोसा था कि वह देश के लिए गोल्ड मेडल जीतकर लौटेंगे।
फाइनल मुकाबले को याद करते हुए सचिन ने बताया कि शुरुआती दो राउंड में वह पीछे चल रहे थे, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। अपने कोच की ट्रेनिंग और खुद पर भरोसे के दम पर शानदार वापसी करते हुए उन्होंने गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।
अब सचिन का अगला लक्ष्य एशियन गेम्स और ओलंपिक है। उन्होंने कहा कि आने वाले महीनों में होने वाले एशियन गेम्स में भी पदक जीतना और फिर ओलंपिक में देश के लिए इतिहास रचना उनका सपना है।
अपने प्रेरणास्रोत के बारे में बात करते हुए सचिन ने बताया कि गांव में उनके कोच ने ही उन्हें बॉक्सिंग की शुरुआत कराई। वहीं भारतीय मुक्केबाज विजेंदर सिंह और अमित पंघाल उनके आदर्श हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वह पूरी तरह देसी खान-पान अपनाते हैं और उनका पसंदीदा भोजन चूरमा है।
सचिन ने भारतीय सेना, भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) और भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (BFI) का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें हर स्तर पर पूरा सहयोग मिलता है, जिससे वह बिना किसी चिंता के अपने खेल पर ध्यान दे पाते हैं।
सचिन के कोच अनिल टेकराम ने बताया कि फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। अंतिम कुछ सेकंड तक मुकाबला किसी भी ओर जा सकता था, लेकिन आखिरी क्षणों में सचिन के दमदार पंच ने मुकाबले का रुख बदल दिया और गोल्ड भारत की झोली में आ गया।
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    user_Narender
    Narender
    भिवानी, भिवानी, हरियाणा•
    14 hrs ago
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