साच स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी: एक SMC अध्यापक के भरोसे चल रहा पूरा विद्यालय, अभिभावकों ने दी आंदोलन की चेतावनी। हिम संदेश पांगी जनजातीय क्षेत्र पांगी घाटी के साच स्थित राजकीय प्राथमिक केंद्रीय विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है। विद्यालय में प्री-प्राइमरी सहित कुल 27 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, लेकिन उनके भविष्य की जिम्मेदारी इस समय मात्र एक अस्थायी SMC (स्कूल प्रबंधन समिति) अध्यापक के कंधों पर टिकी हुई है। जानकारी के अनुसार, यह विद्यालय पिछले कई वर्षों से अध्यापकों की कमी से जूझ रहा है। बीते वर्ष यहां एक केंद्रीय मुख्य अध्यापक सहित एक अन्य मुख्य अध्यापक की तैनाती की गई थी। हालांकि, नवंबर माह में एक अध्यापक सेवानिवृत्त हो गए, जिन्हें चार माह का सेवा विस्तार दिया गया था। अब इसी माह उनकी सेवाएं पूरी तरह समाप्त हो चुकी हैं। वहीं, दूसरे अध्यापक का भी तबादला हो जाने से विद्यालय पूरी तरह खाली हो गया है। वर्तमान स्थिति यह है कि पूरे विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था केवल एक SMC अध्यापक के भरोसे चल रही है, जो न तो स्थायी है और न ही पर्याप्त। इससे बच्चों की पढ़ाई पर गंभीर असर पड़ रहा है। विद्यालय, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय साच के अंतर्गत आता है, लेकिन वहां से भी किसी अध्यापक की अस्थायी या स्थायी तैनाती नहीं की गई है। इस लापरवाही ने अभिभावकों की चिंता और आक्रोश दोनों बढ़ा दिए हैं। स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष रविंद्र सिंह ने प्रशासन और शिक्षा विभाग पर सवाल उठाते हुए कहा कि विद्यालय पिछले एक वर्ष से शिक्षकों की भारी कमी से जूझ रहा है। अब हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि विद्यालय बंद होने के कगार पर पहुंच गया है और बच्चों का भविष्य अंधकार में डूबता नजर आ रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि विद्यालय में न तो पर्याप्त शिक्षक हैं और न ही कोई चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, जिससे स्कूल संचालन और अधिक प्रभावित हो रहा है। रविंद्र सिंह ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर विद्यालय में अध्यापकों की नियुक्ति नहीं की जाती है, तो सभी अभिभावक अपने बच्चों के साथ किलाड़ मुख्यालय में धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। यह मामला जनजातीय क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत को उजागर करता है, जहां मूलभूत सुविधाओं के अभाव में बच्चों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है।
साच स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी: एक SMC अध्यापक के भरोसे चल रहा पूरा विद्यालय, अभिभावकों ने दी आंदोलन की चेतावनी। हिम संदेश पांगी जनजातीय क्षेत्र पांगी घाटी के साच स्थित राजकीय प्राथमिक केंद्रीय विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है। विद्यालय में प्री-प्राइमरी सहित कुल 27 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, लेकिन उनके भविष्य की जिम्मेदारी इस समय मात्र एक अस्थायी SMC (स्कूल प्रबंधन समिति) अध्यापक के कंधों पर टिकी हुई है। जानकारी के अनुसार, यह विद्यालय पिछले कई वर्षों से अध्यापकों की कमी से जूझ रहा है। बीते वर्ष यहां एक केंद्रीय मुख्य अध्यापक सहित एक अन्य मुख्य अध्यापक की तैनाती की गई थी। हालांकि, नवंबर माह में एक अध्यापक सेवानिवृत्त हो गए, जिन्हें चार माह का सेवा विस्तार दिया गया था। अब इसी माह उनकी सेवाएं पूरी तरह समाप्त हो चुकी हैं। वहीं, दूसरे अध्यापक का भी तबादला हो जाने से विद्यालय पूरी तरह खाली हो गया है। वर्तमान स्थिति यह है कि पूरे विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था केवल एक SMC अध्यापक के भरोसे चल रही है, जो न तो स्थायी है और न ही पर्याप्त। इससे बच्चों की पढ़ाई पर गंभीर असर पड़ रहा है। विद्यालय, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय साच के अंतर्गत आता है, लेकिन वहां से भी किसी अध्यापक की अस्थायी या स्थायी तैनाती नहीं की गई है। इस लापरवाही ने अभिभावकों की चिंता और आक्रोश दोनों बढ़ा दिए हैं। स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष रविंद्र सिंह ने प्रशासन और शिक्षा विभाग पर सवाल उठाते हुए कहा कि विद्यालय पिछले एक वर्ष से शिक्षकों की भारी कमी से जूझ रहा है। अब हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि विद्यालय बंद होने के कगार पर पहुंच गया है और बच्चों का भविष्य अंधकार में डूबता नजर आ रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि विद्यालय में न तो पर्याप्त शिक्षक हैं और न ही कोई चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, जिससे स्कूल संचालन और अधिक प्रभावित हो रहा है। रविंद्र सिंह ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर विद्यालय में अध्यापकों की नियुक्ति नहीं की जाती है, तो सभी अभिभावक अपने बच्चों के साथ किलाड़ मुख्यालय में धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। यह मामला जनजातीय क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत को उजागर करता है, जहां मूलभूत सुविधाओं के अभाव में बच्चों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है।
- Post by Till The End News1
- सुजानपुर खाड़ी देशों में युद्ध के चलते पेट्रो पदार्थो की कमी चल रही है। इसी कड़ी के तहत हमीरपुर जिला के सुजानपुर उपमंडल में बुधवार को लोगों द्वारा गैस एजेंसी का घेराव किया गया और गैस एजेंसी मलिक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की है। लोगों को एलपीजी गैस की एक महीने से सप्लाई नहीं मिल रही है। जिसके चलते आज लोगों ने हमीरपुर से पालमपुर जाने वाली सड़क के बीच अपने वाहन लगाकर सड़क को बंद कर दिया। जिस कारण सड़क के दोनों और लंबा यातायात जाम लग गया। जिसकी सूचना सुजानपुर पुलिस को मिली और सुजानपुर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस द्वारा कड़ी मशक्कत के बाद करीब आधे घंटे बाद सड़क को खुलवाया गया इसके बाद वाहनों की आवाजाही सुचारू रूप से शुरू हुई। स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस की देखरेख में अब गैस का वितरण करवाया जा रहा है2
- धर्मपुर विधानसभा के मेरे वीर माता-बहनों, बुजुर्गों और युवा साथियों, सुन लो एक बात साफ़ और सीधे शब्दों में — आज समय आ गया है जागने का, लड़ने का और अपने हक के लिए खड़े होने का। आप अपने समाज और हिमाचल की अपनी पार्टी राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी से जुड़ रहे हो, इसके लिए मैं आप सभी का दिल से स्वागत और अभिनंदन करता हूँ। 🙏 याद रखो — भाजपा और कांग्रेस के लोग आपके पास आएंगे, आपको फोन करेंगे, लालच देंगे, डराने की कोशिश करेंगे, लेकिन आपको झुकना नहीं है, टूटना नहीं है, डरना नहीं है। अब डरने की बारी उनकी है, हमारी नहीं। 🔥 यह लड़ाई कुर्सी की नहीं है, यह लड़ाई अपने समाज की इज्जत, अपने अधिकार और अपने बच्चों के भविष्य की है। अगर आज हम खामोश रहे, तो आने वाली पीढ़ियां हमें कभी माफ नहीं करेंगी। अब समय आ गया है — एकजुट होने का, अपनी ताकत दिखाने का और अन्याय के खिलाफ खुलकर आवाज़ उठाने का। हम लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से उन नीतियों और कानूनों का विरोध करेंगे, जिन्हें हम अपने समाज के लिए गलत मानते हैं। हम झुकेंगे नहीं, रुकेंगे नहीं, और अपने हक की लड़ाई लड़ते रहेंगे। 💪🚩 जय भवानी 🚩 जय माँ जालपा 🙏 जय बाबा कमलाहिया 🙏 जय दादा परशुराम 🚩 आपका अपना बेटा और भाई — जो समाज की हर आवाज़ उठाने के लिए हमेशा मैदान में खड़ा है। ब्यास ठाकुर उपाध्यक्ष, जिला मंडी राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी1
- हमीरपुर नगर निगम के आयुक्त राकेश शर्मा के आदेशानुसार शहर एवं निगम के आसपास क्षेत्रों में विभिन्न संस्थाओं,व्यापारिक प्रतिष्ठानों,कोचिंग एवं शैक्षिक संस्थानों ,रोजगार प्रदाता एवं अन्य व्यावसायिक कंपनियों द्वारा लगाए गए अनियमित विज्ञापन होर्डिंग एवं अन्य प्रचार सामग्री द्वारा शहर एवं नगर निगम के आसपास क्षेत्र में बढ़ते दृश्य प्रदूषण करने वाली होर्डिंग्स को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है । आज नगर निगम हमीरपुर की टीम ने हमीरपुर शहर के बीच और भोटा चौक से लेकर नादौन चौक तक अनियमित ,अव्यवस्थित एवं गैर कानूनी तरीके से लगाए गए विज्ञापन ,होर्डिंग,पोस्टर्स, बैनर्स को हटाया । आपको बता दें कि नगर निगम के पास अव्यवस्थित तरीके से लगाए गए विज्ञापन एवं होडिंग्स के बारे में लोगो के द्वारा शिकायत की जा रही थी । इन होर्डिंग्स के कारण न केवल शहर की सुंदरता को ग्रहण लगता है इसके साथ ही आने-जाने वाले लोगों खासकर बुजुर्गों एवं बच्चों के लिए भी खतरे का सबक बना हुआ है । मार्च अप्रैल के महीने में खासकर यह देखा गया है की कोचिंग एवं शैक्षिक संस्थाओं में आपसी प्रतिस्पर्धा के कारण अनियमित विज्ञापनों एवं होर्डिंग्स की संख्या में भरी इजाफा होता है और इश्तहार वालों ने भी शहर की गली मोहल्लों में कोई दीवार नहीं छोड़ते है । वहीं नगर निगम के आयुक्त राकेश शर्मा ने बताया कि शहर को साफ और सुंदर रखने के लिए मुहिम छेड़ी गई है। उन्होंने बताया कि हमीरपुर शहर साफ सुथरा है और उसकी स्वच्छता बनाए रखने के लिए नगर निगम द्वारा यह कदम उठाया गया है। नगर निगम हमीरपुर की टीम ने हमीरपुर शहर के बीच और भोटा चौक से लेकर नादौन चौक तक अनियमित ,अव्यवस्थित एवं गैर कानूनी तरीके से लगाए गए विज्ञापन ,होर्डिंग,पोस्टर्स, बैनर्स को हटाया गया है।2
- रिपोर्ट 1 अप्रैल बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। गत वर्ष बरसात में क्षतिग्रस्त में बाईपास सड़क का कार्य प्रगति पर है और यहां 70 मीटर लंबी कंक्रीट दीवार निर्माणाधीन है ठेकेदार निर्माण कार्य में लगा हुआ है और कार्य लगभग अंतिम चरण पर है1
- हिमाचल प्रदेश में टोल टैक्स की बढ़ी हुई दरों को लेकर अब विरोध तेज होता जा रहा है। पंजाब और हिमाचल की विभिन्न जत्थेबंदियों ने एकजुट होकर सरकार के फैसले के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सीमावर्ती क्षेत्र मैहतपुर में लोगों ने सड़कों पर उतरकर चक्का जाम कर दिया, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार ने पहले टोल बढ़ोतरी वापस लेने का संदेश देकर लोगों को गुमराह किया, लेकिन बाद में अचानक नई दरें लागू कर दीं। इस फैसले से न केवल व्यापार पर असर पड़ने की बात कही जा रही है, बल्कि आम लोगों के रोजमर्रा के आवागमन पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ने का दावा किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।2
- भगोट में देवी भागवत कथा का 5वां दिन | देवी पुराण का दिव्य वर्णन | श्रद्धालु हुए भाव-विभोर 🙏1
- Post by Till The End News1
- हमीरपुर सीबीएसई स्कूल बनने के बाद पहली बार एडमिशन के लिए आज सुबह से ही शहीद कैप्टन मृदुल शर्मा मैमोरियल सीनियर सैकेंडरी स्कूल हमीरपुर में अभिभावकों के साथ बच्चों की भीड देखी गई है। बता दे कि स्कूल में 1140 सीटें सीबीएसई के द्वारा सातवीं से लेकर जमा दो तक के छात्रों के लिए आवंटित की गई है और आज पहले दिन ही सीबीएसई में पढने के लिए बच्चों ने खासी दिलचस्पी दिखाते हुए प्रवेश लेने के लिए उत्साह दिखाया हैं वहीं सीबीएसई में प्रवेश पाने वाले छात्रों ने भी सीबीएसई में प्रवेश पाने के बाद खुशी जाहिर करते हुए कहा कि सीबीएसई में पढने के लिए इंतजार कर रहे थे और एचपी बोर्ड से सीबीएसई में पढाई करके अपना भविष्य उज्जवल बनाएंगे। वहीं कुछ छात्रों ने मुख्यमंत्री सुक्खू का भी सीबीएसई स्कूल खोलने के लिए धन्यवाद किया है। स्कूल प्रिंसीपल मुश्ताक मुहम्मद ने कहा कि वर्ष 2026-27 के सत्र का आज पहला दिन है और अभिभावकों के द्वारा बच्चेों की एडमिशन के लिए भीड लगी है क्यांेिक पहले आओ पहले पाओ के तर्ज पर एडमिशन दी जा रही है। उन्होंने बताया कि कुल 1140 सीटें आबटित की गई है और पन्द्रह अपै्रल तक एडमिशन क्रम जारी रहेगा।2