“चंद्रशेखर के काफिले पर हमला! पुलिस पर संगीन आरोप... CBI जांच की मांग, कल तक कार्रवाई नहीं तो आंदोलन” बाराबंकी। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ‘रावण’ के काफिले पर कथित हमले का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। चंद्रशेखर आजाद ने पुलिस-प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि काफिले पर हमला पुलिस की मौजूदगी में हुआ और इसके बावजूद मौके पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। चंद्रशेखर आजाद ने मामले को लेकर अपर पुलिस अधीक्षक को दो अलग-अलग तहरीरें दी हैं। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि अगर कल तक आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो आजाद समाज पार्टी उग्र आंदोलन करेगी। बुढ़वल में रोके जाने का आरोप चंद्रशेखर आजाद के मुताबिक, वह गोंडा में विनोद साहनी के परिवार से मुलाकात करने जा रहे थे। इसी दौरान बाराबंकी के बुढ़वल में पुलिस ने उनके काफिले को रोक लिया। उनका आरोप है कि पुलिस ने धार्मिक आयोजन का हवाला देते हुए उन्हें दूसरी तरफ से निकलने के लिए कहा। चंद्रशेखर का दावा है कि इसी दौरान उनकी नजर कुछ ऐसे लोगों पर पड़ी, जो कथित तौर पर तख्तियों के पीछे पत्थर लेकर खड़े थे। ‘एसआई ने इशारा किया और शुरू हो गया पथराव’ चंद्रशेखर आजाद ने आरोप लगाया कि गोंडा पुलिस के एक एसआई ने उनकी तरफ इशारा किया, जिसके बाद वहां मौजूद लोगों ने उनके काफिले पर पथराव शुरू कर दिया। उन्होंने दावा किया कि इस दौरान एक पत्थर उनकी गाड़ी पर भी लगा। चंद्रशेखर के मुताबिक, उन्होंने गाड़ी से उतरकर मौके पर मौजूद लोगों से सवाल किया कि आखिर उन पर हमला क्यों किया गया। इसके बाद उन्होंने सीओ को मौके पर बुलवाया, लेकिन आरोप है कि सीओ की ओर से मामले में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। ‘पुलिस से मदद नहीं मिली तो वापस लौटे’ चंद्रशेखर आजाद का कहना है कि जब उन्हें पुलिस से मदद मिलती नहीं दिखाई दी तो उन्होंने वहां से वापस लौटने का फैसला किया। लेकिन उनका आरोप है कि वापसी के दौरान पहले से घात लगाए बैठे लोगों ने उनके काफिले को निशाना बनाया। इस कथित हमले में एक वाहन के क्षतिग्रस्त होने की बात कही गई है। चंद्रशेखर ने कई अन्य गाड़ियों में भी तोड़फोड़ का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि हमले में उनके एक कार्यकर्ता की आंख में नुकीली चीज लगी, जबकि एक अन्य कार्यकर्ता के सिर में चोट आई है। पुलिस की भूमिका पर सबसे बड़ा सवाल पूरे मामले में चंद्रशेखर आजाद ने पुलिस की भूमिका को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अगर पुलिस मौके पर मौजूद थी, तो फिर उनके काफिले पर हमला कैसे हुआ? उन्होंने सवाल उठाया कि पुलिस के पीछे कथित तौर पर कौन लोग खड़े थे और उन्हें वहां किसने खड़ा किया था? चंद्रशेखर ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि यह सामने आ सके कि काफिले पर हमला करने वाले लोग कौन थे और घटनाक्रम में पुलिस की भूमिका क्या रही। CBI जांच की मांग, आंदोलन की चेतावनी चंद्रशेखर आजाद ने मामले की जांच स्थानीय पुलिस के बजाय सीबीआई से कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच निष्पक्ष होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने विनोद साहनी और राम नयन को न्याय दिलाने की भी मांग की है। साथ ही पुलिस-प्रशासन को चेतावनी देते हुए चंद्रशेखर आजाद ने कहा है कि अगर कल तक इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई, तो आजाद समाज पार्टी सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी। अब बड़ा सवाल यही है कि चंद्रशेखर आजाद के लगाए आरोपों पर पुलिस प्रशासन क्या कार्रवाई करता है? क्या कथित हमले की निष्पक्ष जांच होगी? और क्या इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका की भी जांच की जाएगी? फिलहाल, इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक माहौल गरमाता नजर आ रहा है।
“चंद्रशेखर के काफिले पर हमला! पुलिस पर संगीन आरोप... CBI जांच की मांग, कल तक कार्रवाई नहीं तो आंदोलन” बाराबंकी। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ‘रावण’ के काफिले पर कथित हमले का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। चंद्रशेखर आजाद ने पुलिस-प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि काफिले पर हमला पुलिस की मौजूदगी में हुआ और इसके बावजूद मौके पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। चंद्रशेखर आजाद ने मामले को लेकर अपर पुलिस अधीक्षक को दो अलग-अलग तहरीरें दी हैं। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि अगर कल तक आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो आजाद समाज पार्टी उग्र आंदोलन करेगी। बुढ़वल में रोके जाने का आरोप चंद्रशेखर आजाद के मुताबिक, वह गोंडा में विनोद साहनी के परिवार से मुलाकात करने जा रहे थे। इसी दौरान बाराबंकी के बुढ़वल में पुलिस ने उनके काफिले को रोक लिया। उनका आरोप है कि पुलिस ने धार्मिक आयोजन का हवाला देते हुए उन्हें दूसरी तरफ से निकलने के लिए कहा। चंद्रशेखर का दावा है कि इसी दौरान उनकी नजर कुछ ऐसे लोगों पर पड़ी, जो कथित तौर पर तख्तियों के पीछे पत्थर लेकर खड़े थे। ‘एसआई ने इशारा किया और शुरू हो गया पथराव’ चंद्रशेखर आजाद ने आरोप लगाया कि गोंडा पुलिस के एक एसआई ने उनकी तरफ इशारा किया, जिसके बाद वहां मौजूद लोगों ने उनके काफिले पर पथराव शुरू कर दिया। उन्होंने दावा किया कि इस दौरान एक पत्थर उनकी गाड़ी पर भी लगा। चंद्रशेखर के मुताबिक, उन्होंने गाड़ी से उतरकर मौके पर मौजूद लोगों से सवाल किया कि आखिर उन पर हमला क्यों किया गया। इसके बाद उन्होंने सीओ को मौके पर बुलवाया, लेकिन आरोप है कि सीओ की ओर से मामले में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। ‘पुलिस से मदद नहीं मिली तो वापस लौटे’ चंद्रशेखर आजाद का कहना है कि जब उन्हें पुलिस से मदद मिलती नहीं दिखाई दी तो उन्होंने वहां से वापस लौटने का फैसला किया। लेकिन उनका आरोप है कि वापसी के दौरान पहले से घात लगाए बैठे लोगों ने उनके काफिले को निशाना बनाया। इस कथित हमले में एक वाहन के क्षतिग्रस्त होने की बात कही गई है। चंद्रशेखर ने कई अन्य गाड़ियों में भी तोड़फोड़ का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि हमले में उनके एक कार्यकर्ता की आंख में नुकीली चीज लगी, जबकि एक अन्य कार्यकर्ता के सिर में चोट आई है। पुलिस की भूमिका पर सबसे बड़ा सवाल पूरे मामले में चंद्रशेखर आजाद ने पुलिस की भूमिका को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अगर पुलिस मौके पर मौजूद थी, तो फिर उनके काफिले पर हमला कैसे हुआ? उन्होंने सवाल उठाया कि पुलिस के पीछे कथित तौर पर कौन लोग खड़े थे और उन्हें वहां किसने खड़ा किया था? चंद्रशेखर ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि यह सामने आ सके कि काफिले पर हमला करने वाले लोग कौन थे और घटनाक्रम में पुलिस की भूमिका क्या रही। CBI जांच की मांग, आंदोलन की चेतावनी चंद्रशेखर आजाद ने मामले की जांच स्थानीय पुलिस के बजाय सीबीआई से कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच निष्पक्ष होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने विनोद साहनी और राम नयन को न्याय दिलाने की भी मांग की है। साथ ही पुलिस-प्रशासन को चेतावनी देते हुए चंद्रशेखर आजाद ने कहा है कि अगर कल तक इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई, तो आजाद समाज पार्टी सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी। अब बड़ा सवाल यही है कि चंद्रशेखर आजाद के लगाए आरोपों पर पुलिस प्रशासन क्या कार्रवाई करता है? क्या कथित हमले की निष्पक्ष जांच होगी? और क्या इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका की भी जांच की जाएगी? फिलहाल, इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक माहौल गरमाता नजर आ रहा है।
- एक महिला के कान का सोने का बाला छीना गया था ई-रिक्शा सवार महिला से कान की बाली लूटी गई थी, जिसे बेचकर पैसे को अभियुक्तों द्वारा आपस में बाँट लिया गया था 03 शातिर अभियुक्तों को किया गया गिरफ्तार, कब्जे से लूटे गए जेवर को बेचने से प्राप्त कुल 17,200/- रुपये नगद व घटना में प्रयुक्त एक अदद मोटरसाइकिल बरामद थाना कोतवाली नगर पुलिस द्वारा 03 शातिर अभियुक्तों को किया गया गिरफ्तार, कब्जे से लूटे गए जेवर को बेचने से प्राप्त कुल 17,200/- रुपये नगद व घटना में प्रयुक्त एक अदद मोटरसाइकिल बरामद पुलिस अधीक्षक बाराबंकी अर्पित विजयवर्गीय के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के अन्तर्गत आज दिनांक 13.09.2026 को थाना कोतवाली नगर पुलिस टीम द्वारा मु0अ0सं0 637/2026 धारा 309(4)/317(2)/3(5) बीएनएस से सम्बन्धित प्रकाश में आए अभियुक्तगण 1. फरमान उर्फ राहिल पुत्र सलीम निवासी कैम्पल रोड थाना सहादतगंज लखनऊ, 2. अब्दुल्ला कामरान पुत्र सरवर अली निवासी अपियानगर किशोरगंज थाना सहादतगंज लखनऊ, 3. अब्दुल समद पुत्र मो0 अजीम निवासी अपियानगर किशोरगंज थाना सहादतगंज जनपद लखनऊ को रीगल होटल के पास से गिरफ्तार किया गया। अभियुक्तगण के कब्जे से विभिन्न घटनाओं से संबंधित कुल 17,200/- रुपये नगद तथा घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल (नंबर UP 32 NR 6390) बरामद की गई। पूछताछ पर ज्ञात हुआ कि अभियुक्तगण द्वारा मिलकर दिनांक 28.08.2026 को थाना कोतवाली नगर सफेदाबाद क्षेत्रान्तर्गत एक महिला के कान का सोने का बाला तथा थाना तालकटोरा क्षेत्रान्तर्गत सीएमएस वाली गली के पास ई-रिक्शा सवार महिला से कान की बाली लूटी गई थी, जिसे बेचकर पैसे को अभियुक्तों द्वारा आपस में बाँट लिया गया था। जनपद लखनऊ थाना तालकटोरा क्षेत्र की घटना के संबंध में मु0अ0सं0 172/2026 धारा 304(2)/317(2) बीएनएस थाना तालकटोरा, लखनऊ पंजीकृत है।1
- Post by राम जी दीक्षित पत्रकार1
- थाने के अंदर ही भिड़ गए दो सिपाही! कुर्सी से उठाकर जमीन पर पटका, जमकर हुई मारपीट; VIDEO वायरल होते ही दोनों लाइन हाजिर बाराबंकी। अनुशासन के लिए पहचाने जाने वाले पुलिस विभाग से जुड़ा एक सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद हड़कंप मच गया। बड्डूपुर थाने के कार्यालय के अंदर दो सिपाहियों के बीच जमकर मारपीट हुई। मामला पुलिस अधीक्षक तक पहुंचा तो दोनों सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया गया। साथ ही विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। जानकारी के मुताबिक, सामने आया सीसीटीवी फुटेज करीब 20 दिन पुराना बताया जा रहा है। वीडियो बड्डूपुर थाना कार्यालय के अंदर का है। फुटेज में दिखाई दे रहा है कि एक सिपाही कार्यालय में कुर्सी पर बैठे दूसरे सिपाही के पास पहुंचता है और अचानक उसे जमीन पर गिराकर मारपीट शुरू कर देता है। देखते ही देखते दोनों के बीच हाथापाई होने लगती है। थाने में मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने किसी तरह दोनों को अलग कराया। घटना की जानकारी पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय तक पहुंचने के बाद दोनों सिपाहियों हरि बाबू और अमरीश कुमार को लाइन हाजिर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि दोनों सिपाहियों का पहले ही बड्डूपुर थाने से अन्यत्र स्थानांतरण किया जा चुका था। वहीं, थानाध्यक्ष मनोज सोनकर ने बताया कि दोनों सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है और मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।1
- Ps ठाकुरगंज, युवक पर जानलेवा हमला,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, Ps ठाकुरगंज, युवक पर जानलेवा हमला 📍1
- लाल कुआं भेड़ी मंडी स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में गणेशोत्सव की धूम, गणपति बप्पा हुए विराजमान लखनऊ के ऐतिहासिक श्री महाकालेश्वर मंदिर में गणेशोत्सव की धूम, गणपति बप्पा हुए विराजमान *लखनऊ।* राजधानी के लाल कुआं भेड़ी मंडी स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में गणेश चतुर्थी का पावन पर्व बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। यह मंदिर सन 1645 का ऐतिहासिक शिव मंदिर है और साथ ही एक गुरुकुल भी है, जहां बच्चे शिक्षा-दीक्षा ग्रहण करते हैं। हर साल की तरह इस साल भी मंदिर परिसर में गणपति बप्पा को विराजमान किया गया है। आज गणेश चतुर्थी के प्रथम दिन वैदिक मंत्रोच्चारण और पूजा-अर्चना के साथ गणेश प्रतिमा की स्थापना की गई। गणेश प्रतिमा का विसर्जन 16 सितंबर को किया जाएगा। इस अवसर पर मंदिर में भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा। पहले दिन से ही मंदिर में भक्तों की लंबी कतार देखने को मिल रही है। मंदिर को आकर्षक रूप से सजाया गया है, जिसे देखकर भक्त मंत्रमुग्ध हो रहे हैं। जिस तरह महाराष्ट्र में गणेश उत्सव को बड़े धूमधाम से मनाया जाता है, उसी तरह अब राजधानी लखनऊ के हर क्षेत्र में भी गणेश चतुर्थी पर गणपति बप्पा के जयकारे गूंज रहे हैं। इस पूजा-अर्चना की विशेष देख-रेख और जिम्मेदारी मंदिर के श्री दण्डी स्वामी देवेन्द्रानंद महाराज जी,श्री शंकरचेतन ब्रह्मचारी जी सह-संयोजक जय देव जी और अमरेश अग्रवाल उर्फ बंटी जी एवं बाबा जी सहित सभी भक्तगणों ने संभाली है।2
- सड़क पर इस तरह गाड़ी खड़ी करना कितना सही है? मुंशी पुलिया मेट्रो स्टेशन की यह ग्राउंड रिपोर्ट देखिए। HarshaMedia UttarPradeshNews GroundReport सड़क पर इस तरह गाड़ी खड़ी करना कितना सही है? मुंशी पुलिया मेट्रो स्टेशन की यह ग्राउंड रिपोर्ट देखिए।1
- अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के अब्दुल्ला महिला कॉलेज परिसर में छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा। हॉस्टल मेस की बदहाली और सुरक्षाकर्मियों के कथित रवैये को लेकर छात्राओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। छात्राओं ने अपनी समस्याओं के समाधान और बेहतर व्यवस्था की मांग उठाई। अब सवाल है। कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस विरोध को कितनी गंभीरता से लेता है। और छात्राओं की शिकायतों पर कब तक ठोस कार्रवाई होती है? रिपोर्टर & एडिटर मो. ज़ुनैद1
- Post by राम जी दीक्षित पत्रकार1