एम्स रायबरेली में अग्नि सुरक्षा सप्ताह: जागरूकता और आपदा प्रबंधन पर जोर रायबरेली: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायबरेली में कार्यकारी निदेशक डॉ. अमिता जैन के नेतृत्व में 04 से 10 मई 2026 तक 'अग्नि सुरक्षा सप्ताह' मनाया गया। भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य संस्थान में सुरक्षा जागरूकता और आपदा प्रबंधन को सुदृढ़ करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा अग्नि सुरक्षा शपथ के साथ हुआ। सप्ताह के दौरान आईसीयू और ऑपरेशन थिएटर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों के लिए तकनीकी वेबिनार और आंतरिक सुरक्षा ऑडिट आयोजित किए गए। विद्यार्थियों के लिए क्विज और पोस्टर प्रतियोगिताएं हुईं, जबकि आवासीय परिसर में अग्निशामक यंत्रों का प्रदर्शन किया गया। मुख्य आकर्षण 09 मई को जिला अग्निशमन विभाग के सहयोग से वार्ड 4C में आयोजित 'फायर मॉक ड्रिल' और रेस्क्यू ऑपरेशन रहा। इसमें आपातकालीन निकासी और आग पर नियंत्रण का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। संस्थान प्रशासन के अनुसार, इस आयोजन से कर्मचारियों और विद्यार्थियों की आपदा से निपटने की क्षमता में वृद्धि हुई है, जिससे मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
एम्स रायबरेली में अग्नि सुरक्षा सप्ताह: जागरूकता और आपदा प्रबंधन पर जोर रायबरेली: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायबरेली में कार्यकारी निदेशक डॉ. अमिता जैन के नेतृत्व में 04 से 10 मई 2026 तक 'अग्नि सुरक्षा सप्ताह' मनाया गया। भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य संस्थान में सुरक्षा जागरूकता और आपदा प्रबंधन को सुदृढ़ करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा अग्नि सुरक्षा शपथ के साथ हुआ। सप्ताह के दौरान आईसीयू और ऑपरेशन थिएटर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों के लिए तकनीकी वेबिनार और आंतरिक सुरक्षा ऑडिट आयोजित किए गए। विद्यार्थियों के लिए क्विज और पोस्टर प्रतियोगिताएं हुईं, जबकि आवासीय परिसर में अग्निशामक यंत्रों का प्रदर्शन किया गया। मुख्य आकर्षण 09 मई को जिला अग्निशमन विभाग के सहयोग से वार्ड 4C में आयोजित 'फायर मॉक ड्रिल' और रेस्क्यू ऑपरेशन रहा। इसमें आपातकालीन निकासी और आग पर नियंत्रण का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। संस्थान प्रशासन के अनुसार, इस आयोजन से कर्मचारियों और विद्यार्थियों की आपदा से निपटने की क्षमता में वृद्धि हुई है, जिससे मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
- कड़ाके की धूप पीड़ित महिलाओं बुजुर्गों का प्रदर्शन, जिलाधिकारी कार्यालय के सामने रायबरेली: कड़ाके की धूप पीड़ित महिलाओं बुजुर्गों का प्रदर्शन, जिलाधिकारी कार्यालय के सामने दो दर्जन से अधिक ऑल इंडिया उद्योग व्यापार मंडल प्रदेश अध्यक्ष जीसी सिह चौहान के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन, अलग-अलग थानों के मामलों में पुलिस पर भी लगे गंभीर आरोप रिपोर्टर राजन श्रीवास्तव1
- मैं गांव का कॉमेडी वीडियो बनाता हूं आप लोगों को ऐसे हंसता हूं मनोरंजन करवाताहूं1
- रायबरेली जिला अस्पताल की बदहाली: व्हीलचेयर न मिली तो बेटे ने पीठ पर लादा पिता, वीडियो वायरल रायबरेली (उत्तर प्रदेश): सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की लगातार लचर स्थिति एक बार फिर हो गई है। रायबरेली जिला अस्पताल में व्हीलचेयर न मिलने पर एक बेटे को अपने बीमार पिता को पीठ पर लादकर पूरे अस्पताल में भटकना पड़ा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है l महाराजगंज थाना क्षेत्र के सोथी गांव निवासी एक युवक अपने गंभीर रूप से बीमार पिता को इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचा। अस्पताल पहुंचते ही परेशानी शुरू हो गई। स्टाफ से व्हीलचेयर मांगी गई तो बार-बार यही जवाब मिला कि "व्हीलचेयर उपलब्ध नहीं है"। पिता की हालत बिगड़ती देख बेटा मजबूरन उन्हें अपनी पीठ पर लादकर डॉक्टर के चैंबर और विभिन्न वार्डों तक ले गया। यह दर्दनाक मंजर अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों ने मोबाइल पर कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। लोग इसे ‘कलयुग का श्रवण कुमार’ कह रहे हैं l मात्र तीन दिन पहले भी फर्श पर लेटे मरीज का वीडियो वायरल बताते चलें कि महज तीन दिन पहले भी रायबरेली जिला अस्पताल का एक और वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक पीड़ित परिवार को इलाज के अभाव में फर्श पर लेटे हुए दिखाया गया था। लगातार हो रही ऐसी घटनाएं जिला अस्पताल की बदहाली को उजागर कर रही हैं। अस्पताल अधीक्षक या जिला स्वास्थ्य अधिकारी की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यह घटना न केवल एक परिवार की मजबूरी की कहानी है, बल्कि उत्तर प्रदेश के जिला अस्पतालों में व्याप्त स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली और संवेदनहीनता का जीता-जागता प्रमाण है।2
- रायबरेली:पीएम मोदी के नेतृत्व में देश अपनी संस्कृति और आस्था केंद्रों को पुनरुद्धार कर रहा है - अभिलाष कौशल रायबरेली:पीएम मोदी के नेतृत्व में देश अपनी संस्कृति और आस्था केंद्रों को पुनरुद्धार कर रहा है - अभिलाष कौशल ऊंचाहार , रायबरेली । सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत सोमवार को क्षेत्र के गौरी शंकरन शिवालय हमीदपुर बड़ागांव में भव्य आयोजन किया गया । जिसमें भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रांतीय मंत्री अभिलाष कौशल ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में देश अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित कर रहा है । इसी प्रकार ऊंचाहार के गौरी शंकरन मंदिर का पुनरुद्धार ऊंचाहार विधायक डॉ मनोज पांडेय ने करवाकर स्थानीय धार्मिक विरासत को विकसित करने का काम किया है। इससे मंदिर में हवन पूजन किया गया । यहां बड़ा आयोजन हुआ , जिसमें सैकड़ों लोग उत्सव का हिस्सा बने । कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता आशीष तिवारी और पूर्व जिला पंचायत सदस्य राजा जितेंद्र सिंह भी मौजूद रहे । भाजपा नेताओं ने कहा हमारे मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं हमारी पहचान हैं , ये हमारा आत्मविश्वास है । द्वादशज्योतिरलिंगों में प्रथम सोमनाथ मंदिर पर विदेशी आक्रांताओं ने अनगिनत हमले किए , लूटा गया , इसके बावजूद पूरे आत्मविश्वास के साथ धार्मिक आस्था बढ़ती गई। पीएम मोदी ने हमारी धार्मिक विरासत को पुनर्जीवित करके देश के आत्मविश्वास को पुनर्जागृत किया है । ओबीसी मोर्चा के प्रांतीय मंत्री ने कहा कि गौरी शंकरन भोलेनाथ की विशेष कृपा हमारे विधायक जी पर है और आज उन्हीं की कृपा से राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में आसीन हुए है।इस आयोजन में प्रमुख रूप मंडल अध्यक्ष पवन सिंह , बुदुन पांडेय , रीना पाल , विनीत कौशल , विनय शुक्ल , अमरेश यादव , राजेंद्र तिवारी बाबा , अनुभव सिंह , सूरज तिवारी सहित सैकड़ो लोग मौजूद थे। इसके अलावा खंड विकास अधिकारी सुनील कुमार सिंह , महेंद्र सिंह यादव ने भी पूजा अर्चना करके समारोह का हिस्सा बने ।1
- पीएम मोदी के नेतृत्व में देश अपनी संस्कृति और आस्था केंद्रों को पुनरुद्धार कर रहा है - अभिलाष कौशल सलोन , रायबरेली । सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत सोमवार को क्षेत्र के गौरी शंकरन शिवालय हमीदपुर बड़ागांव में भव्य आयोजन किया गया । जिसमें भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रांतीय मंत्री अभिलाष कौशल ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में देश अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित कर रहा है । इसी प्रकार ऊंचाहार के गौरी शंकरन मंदिर का पुनरुद्धार ऊंचाहार विधायक डॉ मनोज पांडेय ने करवाकर स्थानीय धार्मिक विरासत को विकसित करने का काम किया है। इससे मंदिर में हवन पूजन किया गया । यहां बड़ा आयोजन हुआ , जिसमें सैकड़ों लोग उत्सव का हिस्सा बने । कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता आशीष तिवारी और पूर्व जिला पंचायत सदस्य राजा जितेंद्र सिंह भी मौजूद रहे । भाजपा नेताओं ने कहा हमारे मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं हमारी पहचान हैं , ये हमारा आत्मविश्वास है । द्वादशज्योतिरलिंगों में प्रथम सोमनाथ मंदिर पर विदेशी आक्रांताओं ने अनगिनत हमले किए , लूटा गया , इसके बावजूद पूरे आत्मविश्वास के साथ धार्मिक आस्था बढ़ती गई। पीएम मोदी ने हमारी धार्मिक विरासत को पुनर्जीवित करके देश के आत्मविश्वास को पुनर्जागृत किया है । ओबीसी मोर्चा के प्रांतीय मंत्री ने कहा कि गौरी शंकरन भोलेनाथ की विशेष कृपा हमारे विधायक जी पर है और आज उन्हीं की कृपा से राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में आसीन हुए है।इस आयोजन में प्रमुख रूप मंडल अध्यक्ष पवन सिंह , बुदुन पांडेय , रीना पाल , विनीत कौशल , विनय शुक्ल , अमरेश यादव , राजेंद्र तिवारी बाबा , अनुभव सिंह , सूरज तिवारी सहित सैकड़ो लोग मौजूद थे। इसके अलावा खंड विकास अधिकारी सुनील कुमार सिंह , महेंद्र सिंह यादव ने भी पूजा अर्चना करके समारोह का हिस्सा बने ।1
- लापता व्यक्ति मिलने पर सलोन थाना में सुपुर्द कराया गया रायबरेली सलोन थाना क्षेत्र के अंतर्गत कहुआ मदापुर निवासी रामफल उर्फ भुल्ली जो कि बीते 3 मई को लापता हुए थे और 10 मई दिन रविवार को ऊंचाहार कंदरावा चौराहा के पास देखा गया वहां के लोगों द्वारा रामफल जी के परिजनों को सूचित किया गया बिना देरी किए परिजन सुबह 9 बजे कंदरावा ऊंचाहार से रामफल जी को वापस लाया गया और सलोन थाना में सुपुर्द कराकर घर के लिए रवाना हुए गुमशुदा के मिलने पर परिजनों में खुशियों का माहौल बना है1
- जिला अस्पताल बदहाल,रायबरेली में इलाज कराने पहुंचे बुजुर्ग को नहीं मिली व्हीलचेयर1
- प्यार, शादी और फिर मौत: उत्तर प्रदेश से रूह कंपा देने वाला वीडियो वायरल प्यार, शादी और फिर मौत: उत्तर प्रदेश से रूह कंपा देने वाला वीडियो वायरल उत्तर प्रदेश से एक झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां प्यार के नाम पर मिली बेरुखी ने एक युवती की जान ले ली। वायरल वीडियो के अनुसार, युवती ने परिवार के खिलाफ जाकर कोर्ट मैरिज की थी। पति ने शादी से पहले ताउम्र साथ निभाने का वादा किया था, लेकिन हकीकत इसके उलट निकली। शादी के कुछ समय बाद ही पति ने न केवल उसका ख्याल रखना छोड़ दिया, बल्कि उसे साथ रखने से भी इनकार कर दिया। बीमारी की हालत में युवती इलाज और अपनों के साथ के लिए तड़पती रही, और अंततः उसने दम तोड़ दिया। सबसे हृदय विदारक दृश्य तब दिखा जब सूचना मिलने पर मृतक की बहन वहां पहुंची और अपनी बहन के शव को ई-रिक्शे में लादकर घर ले गई। बिलखती बहन बस यही कह रही थी, "अगर थोड़ा भी ध्यान रखा होता, तो आज मेरी बहन जिंदा होती।" यह घटना सोशल मीडिया पर भावुकता और आक्रोश पैदा कर रही है।1