Shuru
Apke Nagar Ki App…
धंबोला पुलिस ने अवैध शराब तस्करी का किया भंडाफोड़, बाड़मेर का तस्कर गिरफ्तार डूंगरपुर जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन स्वच्छता' के तहत धंबोला थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध शराब से भरी एक कार जब्त की है। थानाधिकारी देवेन्द्र देवल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गेंजी-माण्डली मार्ग पर नाकाबंदी के दौरान दिल्ली नंबर की एक स्विफ्ट डिजायर कार को रुकवाया। तलाशी लेने पर कार की डिग्गी और सीटों के बीच से कुल 22 कार्टून अंग्रेजी शराब और बीयर बरामद की गई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1 लाख रुपये है। पुलिस ने मौके से आरोपी चालक धर्माराम जाट, निवासी बाड़मेर को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी इस शराब को तस्करी कर गुजरात ले जा रहा था। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
Santosh vyas
धंबोला पुलिस ने अवैध शराब तस्करी का किया भंडाफोड़, बाड़मेर का तस्कर गिरफ्तार डूंगरपुर जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन स्वच्छता' के तहत धंबोला थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध शराब से भरी एक कार जब्त की है। थानाधिकारी देवेन्द्र देवल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गेंजी-माण्डली मार्ग पर नाकाबंदी के दौरान दिल्ली नंबर की एक स्विफ्ट डिजायर कार को रुकवाया। तलाशी लेने पर कार की डिग्गी और सीटों के बीच से कुल 22 कार्टून अंग्रेजी शराब और बीयर बरामद की गई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1 लाख रुपये है। पुलिस ने मौके से आरोपी चालक धर्माराम जाट, निवासी बाड़मेर को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी इस शराब को तस्करी कर गुजरात ले जा रहा था। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
More news from राजस्थान and nearby areas
- डूंगरपुर। राजस्थान सरकार द्वारा पेश किए गए हालिया बजट पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) के बांसवाडा-डूंगरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद राजकुमार रोत ने इसे अन्यायपूर्ण और निराशाजनक करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बजट में आदिवासी बहुल क्षेत्रों के साथ सौतेला व्यवहार किया गया है। रोत के अनुसार, राज्य के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को उम्मीद थी कि सरकार बड़ी भर्तियों की घोषणा करेगी, लेकिन संविदा भर्तियों के भरोसे छोड़ देना उनकी उम्मीदों पर पानी फेरने जैसा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लगभग सभी विभागों में पद खाली पड़े हैं, फिर भी स्थाई नौकरियों के बजाय संविदा को प्राथमिकता देना युवाओं के साथ अन्याय है। शिक्षा के गिरते स्तर पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में स्कूलों के हालात बेहद खराब हैं। वहां भौतिक सुविधाओं का भारी अभाव है। स्कूलों में कमरे, शौचालय और चारदीवारी तक नहीं है। स्थिति इतनी विकट है कि बच्चे पेड़ों के नीचे या किराए के कमरों में पढ़ने को मजबूर हैं। सांसद ने बताया कि सुविधाओं की कमी के कारण कई बच्चे स्कूल छोड़ने (ड्रॉप आउट) पर मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने मांग की थी कि शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए कम से कम ढाई से तीन हजार करोड़ का बजट चाहिए था, लेकिन सरकार ने महज 250-300 करोड़ की घोषणा की है, जो ऊंट के मुंह में जीरा समान है। सिंचाई और पलायन के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए रोत ने कहा कि डूंगरपुर, बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ जैसे जिलों की जनता रोजगार की तलाश में गुजरात और महाराष्ट्र की ओर पलायन करती है। इस पलायन को रोकने के लिए माही और कड़ाणा बांध के पानी को नदियों और तालाबों से जोड़ने की बड़ी सिंचाई परियोजना की आवश्यकता थी, जिसे बजट में पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। साथ ही, क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाओं के बावजूद ट्राइबल टूरिज्म कॉरिडोर की मांग को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भौगोलिक रूप से सुंदर इस इलाके को टूरिज्म हब बनाने का जो सपना पिछली सरकार के दौरान देखा गया था, वर्तमान सरकार ने उसकी उपेक्षा कर स्थानीय जनता की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।1
- #jal jaghal jameen ki ladai #mp Rajkumar ji Roat1
- Post by Rahul Gameti1
- बांसवाड़ा लिओ सर्कल पर 100बाईक बिना हेलमेट के कर रहे थे साफ़ आधिकारीयो ने रोका टोका,पूछा क्यू नहीं लगाते हेलमेट,फिर बाईक सवार को हाथों से पहनाया हेलमेट1
- राज्य के प्रस्तुत बजट को लेकर प्रदेशभर के कर्मचारियों, संविदा कार्मिकों, मानदेय कार्मिकों एवं पेंशनरों में भारी आक्रोश व निराशा है। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ जयपुर ने बजट को कर्मचारियों के प्रति घोर निराशाजनक बताया। महासंघ के अनुसार बजट भाषण में कर्मचारियों के मुद्दों पर मात्र कुछ मिनट चर्चा हुई, लेकिन न पदोन्नति विसंगति, न वेतन विसंगति और न ही आठवें वेतन आयोग को लेकर कोई ठोस घोषणा की गई। केवल समितियों के गठन की बात कर सरकार ने कर्मचारियों को भ्रमित किया है। प्रदेश के 8.50 लाख कर्मचारियों, 5 लाख संविदा कर्मियों एवं 2.5 लाख से अधिक मानदेय कर्मियों के हित में कोई ठोस निर्णय नहीं होने से रोष और बढ़ गया है। महासंघ ने इसे सरकार की असंवेदनशीलता व संवादहीनता बताया। इसी के चलते अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के बैनर तले 12 फरवरी 2026 को प्रदेश के लाखों कर्मचारी हड़ताल पर रहकर राष्ट्रव्यापी हड़ताल को पूरी ताकत से सफल करेंगे तथा जिला मुख्यालयों पर बजट की प्रतियां जलाकर विरोध दर्ज कराएंगे।1
- Post by Rdx raj ra फ्री1
- उदयपुर जिले के मावली तहसील के अंतर्गत नीलकंठ महादेव राणेरा की पाल पर तीन दिवसीय महाशिवरात्रि मेला महोत्सव की तैयारियाँ शुरू हो गई है।जानकारी के अनुसार मेले में दुकानें सजने लगी है सभी दुकानदारो को प्लाट आवंटित कर दिए गए हैं। डोलर चकरी झूले बच्चों के खिलौने की दुकानें खाने पिने की दुकानें सज चुकी है। समीती पुर्व अध्यक्ष शंकर प्रसाद गाडरी ने बताया कि मेले के उद्घाटन हेतु चितौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी, विधायक उदयलाल डागी, मावली विधानसभा प्रभारी कृष्ण गोपाल पालीवाल, मावली विधायक पुष्कर लाल डागी को निमंत्रण पत्र दिया है। मेले का उद्घाटन 14 फ़रवरी को किया जाएगा। इसी के साथ मन्दिर के सामने पहाड़ी पर 31 फ़ीट लम्बी त्रिशूल व 51 फ़ीट लम्बा भगवा ध्वज लगाया जाएगा। त्रिशूल भामाशाह शम्भु गुर्जर नेगडीया व राम लाल गाडरी भगीमा का खेडा के सहयोग से नीलकंठ महादेव विकास समिति के तत्वावधान में स्थापित की जाएगी। साथ ही क्षेत्र के आस पास के गांवों के श्रद्धालुओं की उपस्थिति में हवन पूजन के साथ स्थापित की जाएगी। समिति अध्यक्ष माँगीलाल चौबीसा पुर्व अध्यक्ष शंकर प्रसाद गाडरी सचिव ललित सिंह भाटी सह कोषाध्यक्ष जगदीश लौहार उपाध्यक्ष भेरूलाल जाट अमरचंद जाट बालु गाडरी मिडिया प्रभारी सोनु लौहार के सांनिध्य में मेले की तैयारियां शुरू हुई।1
- डूंगरपुर। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और अखिल भारतीय राज्य कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर गुरुवार को जिला मुख्यालय पर ऐतिहासिक प्रदर्शन देखने को मिला। बजट में कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी से आक्रोशित अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के बैनर तले हजारों कर्मचारियों ने नेहरू पार्क से कलेक्ट्रेट तक विशाल रैली निकालकर अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया। राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में आयोजित इस रैली के बाद कलेक्ट्रेट पर एक विशाल आमसभा हुई, जहां वक्ताओं ने राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर गर्जना की। सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप सभा को संबोधित करते हुए महासंघ के जिला अध्यक्ष हेमंत कुमार खराड़ी ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि हाल ही में पेश किया गया राज्य बजट पूरी तरह निराशाजनक है, जिसमें कर्मचारियों की जायज मांगों को सिरे से नकार दिया गया है। खराड़ी ने चेतावनी दी कि कर्मचारी पिछले एक साल से लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार की संवेदनहीनता उन्हें उग्र आंदोलन के लिए मजबूर कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में यह संघर्ष और भी व्यापक रूप लेगा। कर्मचारियों ने रैली के माध्यम से सात सूत्री संकल्प मांग पत्र को दोहराया। उनकी प्रमुख मांगों में वेतन विसंगति एवं 8, 16, 24 और 32 वर्ष की सेवा पर चयनित वेतनमान लागू करना और केंद्र के समान पे-लेवल की स्वीकृति, पुरानी पेंशन योजना को सुरक्षित रखना और PFRDA के पास जमा राजस्थान के कर्मचारियों की ₹53,000 करोड़ की राशि वापस लेना, सार्वजनिक क्षेत्र के विनिवेश, पीपीपी मॉडल और राष्ट्रीय मोनेटाइजेशन पाइपलाइन का पुरजोर विरोध, संविदा व मानदेय कर्मियों को स्थाई करने के साथ-साथ तृतीय श्रेणी शिक्षकों के लिए पारदर्शी तबादला नीति लागू करना, कार्यालय समय के बाद डिजिटल कार्य के बढ़ते बोझ और कर्मचारियों के शोषण को तुरंत बंद करने की मांग की गई। आमसभा में चिराग कोठारी, राजेंद्र कलाल, नरेंद्र मीणा और लक्ष्मण मनात सहित कई कर्मचारी नेताओं ने भी विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के बीच मजदूर विरोधी लेबर कोड को निरस्त करना अनिवार्य है। साथ ही, आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों को समय पर लागू करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। सभा का संचालन धनराज खराड़ी ने किया। इस अवसर पर मोहन लाल यादव, सूरजमल मनात, हरिदेव हीरात, मणिलाल मालीवाड़, पुष्पा वरहात, रामकुमार कटारा, गौरव रोत, नारायण भोराइयाँ, अरविंद, दिनेश यादव, पायल परमार, राजश्री बरंडा, लालशंकर यादव, देवीलाल गोड़, वासुदेव परमार, महेश रोत और जवाहर लाल मीणा सहित बड़ी संख्या में योजना कर्मी और कर्मचारी उपस्थित रहे।1