लखीसराय के रामगढ़ चौक पुलिस ने बुधवार को 26 साल पुराने एक हत्या के मामले में फरार चल रहे एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्त के खिलाफ न्यायालय से कुर्की-जप्ती का वारंट जारी किया गया था और वह लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बच रहा था। रामगढ़ चौक थाना अध्यक्ष चुन्नू कुमार ने बताया कि एएसआई राजकुमार सिंह को गुप्त सूचना मिली थी कि हलसी थाना कांड संख्या 19/1999 (धारा 302 यानी हत्या) में वांछित अभियुक्त अपने गांव में छिपा हुआ है। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने संकट टोला, नंदनामा गांव में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने संकट टोला, नंदनामा गांव निवासी दिवाकर मांझी के पुत्र बन्नू मांझी को गिरफ्तार कर लिया। थाना अध्यक्ष के अनुसार, बन्नू मांझी वर्ष 1999 में हलसी थाना क्षेत्र में हुई हत्या के मामले में अभियुक्त था और घटना के बाद से ही फरार चल रहा था। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने उसकी गिरफ्तारी के लिए कुर्की-जप्ती का वारंट जारी किया था। गिरफ्तारी के बाद अभियुक्त को न्यायिक प्रक्रिया पूरी करने के लिए न्यायालय भेज दिया गया है। थाना अध्यक्ष चुन्नू कुमार ने यह भी बताया कि पुलिस लंबे समय से लंबित मामलों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चला रही है और न्यायालय से जारी वारंटों के आधार पर ऐसे अभियुक्तों को चिन्हित कर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में कानून का राज स्थापित होने का संदेश गया है।
लखीसराय के रामगढ़ चौक पुलिस ने बुधवार को 26 साल पुराने एक हत्या के मामले में फरार चल रहे एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्त के खिलाफ न्यायालय से कुर्की-जप्ती का वारंट जारी किया गया था और वह लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बच रहा था। रामगढ़ चौक थाना अध्यक्ष चुन्नू कुमार ने बताया कि एएसआई राजकुमार सिंह को गुप्त सूचना मिली थी कि हलसी थाना कांड संख्या 19/1999 (धारा 302 यानी हत्या) में वांछित अभियुक्त अपने गांव में छिपा हुआ है। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने संकट टोला, नंदनामा गांव में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने संकट टोला, नंदनामा गांव निवासी दिवाकर मांझी के पुत्र बन्नू मांझी को गिरफ्तार कर लिया। थाना अध्यक्ष के अनुसार, बन्नू मांझी वर्ष 1999 में हलसी थाना क्षेत्र में हुई हत्या के मामले में अभियुक्त था और घटना के बाद से ही फरार चल रहा था। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने उसकी गिरफ्तारी के लिए कुर्की-जप्ती का वारंट जारी किया था। गिरफ्तारी के बाद अभियुक्त को न्यायिक प्रक्रिया पूरी करने के लिए न्यायालय भेज दिया गया है। थाना अध्यक्ष चुन्नू कुमार ने यह भी बताया कि पुलिस लंबे समय से लंबित मामलों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चला रही है और न्यायालय से जारी वारंटों के आधार पर ऐसे अभियुक्तों को चिन्हित कर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में कानून का राज स्थापित होने का संदेश गया है।
- लखीसराय के रामगढ़ चौक पुलिस ने बुधवार को 26 साल पुराने एक हत्या के मामले में फरार चल रहे एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्त के खिलाफ न्यायालय से कुर्की-जप्ती का वारंट जारी किया गया था और वह लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बच रहा था। रामगढ़ चौक थाना अध्यक्ष चुन्नू कुमार ने बताया कि एएसआई राजकुमार सिंह को गुप्त सूचना मिली थी कि हलसी थाना कांड संख्या 19/1999 (धारा 302 यानी हत्या) में वांछित अभियुक्त अपने गांव में छिपा हुआ है। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने संकट टोला, नंदनामा गांव में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने संकट टोला, नंदनामा गांव निवासी दिवाकर मांझी के पुत्र बन्नू मांझी को गिरफ्तार कर लिया। थाना अध्यक्ष के अनुसार, बन्नू मांझी वर्ष 1999 में हलसी थाना क्षेत्र में हुई हत्या के मामले में अभियुक्त था और घटना के बाद से ही फरार चल रहा था। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने उसकी गिरफ्तारी के लिए कुर्की-जप्ती का वारंट जारी किया था। गिरफ्तारी के बाद अभियुक्त को न्यायिक प्रक्रिया पूरी करने के लिए न्यायालय भेज दिया गया है। थाना अध्यक्ष चुन्नू कुमार ने यह भी बताया कि पुलिस लंबे समय से लंबित मामलों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चला रही है और न्यायालय से जारी वारंटों के आधार पर ऐसे अभियुक्तों को चिन्हित कर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में कानून का राज स्थापित होने का संदेश गया है।1
- पूरी तरह प्राकृतिक विधि से उगाया गया एक खीरे का पौधा मात्र 40 दिनों में फल देने के लिए तैयार हो गया है। इस पौधे पर ढेर सारे फूल आए हैं, इसकी हरियाली बेहद शानदार दिख रही है, और इस पर लगे खीरे अब तोड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।1
- वृद्धा पेंशन योजना से संबंधित दावों की हकीकत अब सामने आ रही है, जिससे इस योजना की कथित सफलताओं की पोल खुल गई है। इस प्रतिकूल स्थिति के चलते, अनेक बुजुर्ग महिलाएं विभिन्न दफ्तरों के बार-बार चक्कर काटते-काटते शारीरिक और मानसिक रूप से थक चुकी हैं।1
- जमुई जिले के खैरा स्थित 16वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB) परिसर में दो दिवसीय अंतर-बटालियन फुटबॉल प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ हुआ। इस प्रतियोगिता का उद्घाटन 16वीं वाहिनी के कमांडेंट अनिल कुमार पठानिया के निर्देशन में किया गया। इसमें क्षेत्रक मुख्यालय (विशेष प्रचालन), गया के अधीन आने वाली 16वीं, 26वीं, 29वीं, 32वीं और 35वीं वाहिनी की टीमें हिस्सा ले रही हैं। प्रतियोगिता के पहले दिन हुए मुकाबलों में 16वीं वाहिनी ने 29वीं वाहिनी को 7-3 के शानदार अंतर से हराया, वहीं दूसरे मैच में 32वीं वाहिनी ने 35वीं वाहिनी को 2-1 से शिकस्त देकर अगले दौर में अपनी जगह पक्की की। उद्घाटन समारोह के दौरान, कमांडेंट अनिल कुमार पठानिया ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं हैं, बल्कि ये अनुशासन, टीम भावना, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता जैसे गुणों को विकसित करने में भी सहायक होते हैं। उन्होंने सभी खिलाड़ियों से खेल भावना के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की अपील की। मैच के दौरान खिलाड़ियों ने अपने बेहतरीन खेल कौशल का प्रदर्शन किया, जिससे दर्शक काफी उत्साहित हुए और उन्होंने तालियों से खिलाड़ियों का खूब उत्साहवर्धन किया।1
- शेखपुरा शहर के रेलवे स्टेशन के समीप स्थित एक होटल में बुधवार को एक युवक का शव फंदे से लटका मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतक युवक ने मंगलवार रात करीब 10 बजे होटल में कमरा लिया था। होटल के रजिस्टर में उसने अपना नाम प्रिंस राज, पिता तापेश्वर प्रसाद, निवासी जहानाबाद दर्ज कराया था। होटल प्रबंधन द्वारा उपलब्ध कराए गए आधार कार्ड में भी यही विवरण अंकित बताया जा रहा है। बुधवार सुबह काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुलने पर होटल कर्मियों को संदेह हुआ। दरवाजा खोलने पर युवक का शव कमरे के अंदर फंदे से झूलता हुआ मिला, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। नगर थाना पुलिस ने घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस फिलहाल होटल के कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है और घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज के साथ-साथ अन्य सभी पहलुओं की भी गंभीरता से जांच कर रही है। फिलहाल युवक की मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले की वास्तविक स्थिति और मौत की वजह सामने आ पाएगी।1
- लखीसराय के हनुमान नगर निवासी विष्णु देव राम पिछले 18 दिनों से लापता हैं, जिससे उनके परिजन अत्यधिक परेशान हैं। उनके पुत्र मनु कुमार और पत्नी सहिंता देवी ने बताया कि विष्णु देव राम 22 जून को शेखपुरा जिले के बिलोनी गांव में अपनी बहन के यहां गए थे। वहां से वह अपने भगीना लोकेश राम, जो बिलोनी गांव के निवासी मथुरा राम के पुत्र हैं, के साथ हुसैन गांव में अपने भतीजे कुणाल कुमार से मिलने गए, जिसका इलाज वहां चल रहा था। हुसैन गांव से वापसी में, विष्णु देव राम अपने भगीना लोकेश राम के साथ बाइक से लखीसराय आने के लिए शेखपुरा बाजार पहुंचे, जहाँ उन्हें गया-हावड़ा ट्रेन पकड़नी थी। शेखपुरा बाजार में वाहन चेकिंग के कारण लोकेश राम ने विष्णु देव राम को बाजार में ही उतार दिया और खुद वापस लौट गए। तब से विष्णु देव राम आज तक गायब हैं। इस मामले में शेखपुरा रेलवे थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है, लेकिन अभी तक उनका कहीं भी पता नहीं चल पाया है। परिजन लगातार दूरभाष पर अपने रिश्तेदारों से संपर्क कर रहे हैं, लेकिन कहीं से भी कोई सूचना नहीं मिल रही है, जिससे वे पूरी तरह से हताश हैं। विष्णु देव राम की पत्नी सहिंता देवी ने आम लोगों से अपील की है कि अगर किसी को वीडियो और फोटो में दिख रहे विष्णु देव राम कहीं दिखते या मिलते हैं, तो कृपया दूरभाष संख्या 7654856702 पर इसकी जानकारी दें। उन्होंने यह भी बताया कि अगर कोई उस वृद्ध व्यक्ति को लेकर आता है, तो उन्हें आने-जाने का किराया और प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।1
- लखीसराय के गरसंडा गांव निवासी छोटू यादव के 35 वर्षीय पुत्र सरवन यादव इलाज के लिए पटना ले जाए गए थे, लेकिन श्री साईं कृपा हॉस्पिटल से रहस्यमय तरीके से लापता हो गए हैं। सरवन यादव 1 जुलाई को एक दुर्घटना में घायल हुए थे, जिसका इलाज पहले लखीसराय के एक निजी क्लीनिक में हुआ। हालत गंभीर होने पर परिजन 2 जुलाई को उन्हें बेहतर उपचार के लिए पटना स्थित श्री साईं कृपा हॉस्पिटल ले गए और आईसीयू में भर्ती कराया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में रात करीब 2:00 बजे उन्हें आईसीयू से बाहर भेज दिया गया। आधे घंटे बाद जब वे अंदर गए, तो सरवन वहां नहीं थे। जब परिजनों ने इलाज से जुड़े कागजात मांगे, तो अस्पताल कर्मियों ने उन्हें फाड़ दिया। इस घटना के बाद, परिजनों ने पटना के रामकृष्णा नगर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई, लेकिन पांच दिन बीत जाने के बावजूद न तो अस्पताल की ओर से युवक के जीवित या मृत होने की कोई जानकारी मिली है और न ही पुलिस प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई की है। पीड़ित परिवार का दावा है कि उलटे उन्हें धमकाया जा रहा है कि "यहां से चले जाओ, वरना आप लोगों पर ही एफआईआर कर देंगे"। न्याय की गुहार लगाते हुए परिजनों ने मंगलवार को बिल्लो पंचायत में आयोजित 'सहयोग शिविर' में आवेदन देकर जिला प्रशासन से मामले की उच्च स्तरीय जांच और सरवन यादव की बरामदगी की मांग की है। शिविर में मौजूद पदाधिकारियों ने उनका आवेदन स्वीकार कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।1
- प्रकृति की एक अद्भुत रचना, विष्णुकांत का एक सुंदर नीला फूल पूरी तरह से खिला हुआ देखा गया है। यह मनमोहक दृश्य मन को शांति और आनंद से भर देता है, इसकी खूबसूरती देखते ही बनती है।1
- एक सोशल मीडिया पोस्ट में झारखंड राज्य में बेटियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। पोस्ट में पाठकों से आग्रह किया गया है कि वे एक वीडियो देखें और स्वयं इस स्थिति पर फैसला करें, जिससे यह संकेत मिलता है कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा एक चिंता का विषय है।1