चंदौली के नौगढ़ ब्लॉक में महत्वाकांक्षी 'अमृत सरोवर योजना' की स्थानीय स्तर पर हो रही उपेक्षा की एक 'जीती-जागती मिसाल' सामने आई है। 'देश के महान सपूत और वीर चक्र विजेता' के नाम पर बने 'वीर अब्दुल हमीद अमृत सरोवर' में 'बूंद-भर पानी' भी नहीं है, जिससे जिम्मेदार अधिकारियों और ग्राम पंचायत द्वारा योजना को 'ठेंगा दिखाने' का आरोप लगाया गया है। जल संरक्षण के तमाम बड़े-बड़े दावों के बावजूद यह सरोवर पूरी तरह सूखा पड़ा है, जो शासन की मूल मंशा और इस पर खर्च हुए 'लाखों रुपयों' पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस अमृत सरोवर के निर्माण और सुंदरीकरण के नाम पर सरकारी खजाने से 'लाखों रुपये' का बजट निकाला जा चुका है। जहाँ कागजों पर इसे 'हरा-भरा और पानी से लबालब' दिखाया जा रहा है, वहीं हकीकत में सरोवर में 'सिर्फ धूल उड़ रही' है, क्योंकि न तो पानी रोकने की कोई सही व्यवस्था की गई और न ही पानी के इनलेट (आवक) रास्तों को दुरुस्त किया गया। भीषण गर्मी के इस मौसम में, जब पानी की एक-एक बूंद के लिए हाहाकार मचा है, स्थानीय लोगों ने बताया कि इस सरोवर में पानी होने से 'आसपास के मवेशियों और जंगली पशु-पक्षियों' को पीने का पानी मिलता और 'क्षेत्र का भूजल स्तर' भी सुधरता। हालांकि, 'अधिकारियों और ठेकेदारों की लापरवाही' के चलते यह केवल एक सूखा गड्ढा बनकर रह गया है, जो 'कागजों पर जल संरक्षण, धरातल पर सिर्फ धूल' की स्थिति को दर्शाता है।
चंदौली के नौगढ़ ब्लॉक में महत्वाकांक्षी 'अमृत सरोवर योजना' की स्थानीय स्तर पर हो रही उपेक्षा की एक 'जीती-जागती मिसाल' सामने आई है। 'देश के महान सपूत और वीर चक्र विजेता' के नाम पर बने 'वीर अब्दुल हमीद अमृत सरोवर' में 'बूंद-भर पानी' भी नहीं है, जिससे जिम्मेदार अधिकारियों और ग्राम पंचायत द्वारा योजना को 'ठेंगा दिखाने' का आरोप लगाया गया
है। जल संरक्षण के तमाम बड़े-बड़े दावों के बावजूद यह सरोवर पूरी तरह सूखा पड़ा है, जो शासन की मूल मंशा और इस पर खर्च हुए 'लाखों रुपयों' पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस अमृत सरोवर के निर्माण और सुंदरीकरण के नाम पर सरकारी खजाने से 'लाखों रुपये' का बजट निकाला जा चुका है। जहाँ कागजों
पर इसे 'हरा-भरा और पानी से लबालब' दिखाया जा रहा है, वहीं हकीकत में सरोवर में 'सिर्फ धूल उड़ रही' है, क्योंकि न तो पानी रोकने की कोई सही व्यवस्था की गई और न ही पानी के इनलेट (आवक) रास्तों को दुरुस्त किया गया। भीषण गर्मी के इस मौसम में, जब पानी की एक-एक बूंद के लिए हाहाकार मचा है, स्थानीय
लोगों ने बताया कि इस सरोवर में पानी होने से 'आसपास के मवेशियों और जंगली पशु-पक्षियों' को पीने का पानी मिलता और 'क्षेत्र का भूजल स्तर' भी सुधरता। हालांकि, 'अधिकारियों और ठेकेदारों की लापरवाही' के चलते यह केवल एक सूखा गड्ढा बनकर रह गया है, जो 'कागजों पर जल संरक्षण, धरातल पर सिर्फ धूल' की स्थिति को दर्शाता है।
- चंदौली के नौगढ़ ब्लॉक में महत्वाकांक्षी 'अमृत सरोवर योजना' की स्थानीय स्तर पर हो रही उपेक्षा की एक 'जीती-जागती मिसाल' सामने आई है। 'देश के महान सपूत और वीर चक्र विजेता' के नाम पर बने 'वीर अब्दुल हमीद अमृत सरोवर' में 'बूंद-भर पानी' भी नहीं है, जिससे जिम्मेदार अधिकारियों और ग्राम पंचायत द्वारा योजना को 'ठेंगा दिखाने' का आरोप लगाया गया है। जल संरक्षण के तमाम बड़े-बड़े दावों के बावजूद यह सरोवर पूरी तरह सूखा पड़ा है, जो शासन की मूल मंशा और इस पर खर्च हुए 'लाखों रुपयों' पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस अमृत सरोवर के निर्माण और सुंदरीकरण के नाम पर सरकारी खजाने से 'लाखों रुपये' का बजट निकाला जा चुका है। जहाँ कागजों पर इसे 'हरा-भरा और पानी से लबालब' दिखाया जा रहा है, वहीं हकीकत में सरोवर में 'सिर्फ धूल उड़ रही' है, क्योंकि न तो पानी रोकने की कोई सही व्यवस्था की गई और न ही पानी के इनलेट (आवक) रास्तों को दुरुस्त किया गया। भीषण गर्मी के इस मौसम में, जब पानी की एक-एक बूंद के लिए हाहाकार मचा है, स्थानीय लोगों ने बताया कि इस सरोवर में पानी होने से 'आसपास के मवेशियों और जंगली पशु-पक्षियों' को पीने का पानी मिलता और 'क्षेत्र का भूजल स्तर' भी सुधरता। हालांकि, 'अधिकारियों और ठेकेदारों की लापरवाही' के चलते यह केवल एक सूखा गड्ढा बनकर रह गया है, जो 'कागजों पर जल संरक्षण, धरातल पर सिर्फ धूल' की स्थिति को दर्शाता है।4
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- बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मां मुंडेश्वरी धाम धर्मशाला में आयोजित सहयोग शिविर में अपना संबोधन दिया। इस दौरान उन्होंने शिविर में उपस्थित लोगों को संबोधित किया।1
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- वाराणसी में सिगरा पुलिस ने रोडवेज बस स्टैंड के पास बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन तस्करों को अवैध अंग्रेजी शराब के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से कुल 37 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद की है। इस बरामदगी में 153 पाउच, 33 अन्य पाउच और विभिन्न ब्रांड की शराब शामिल है, जिसे जब्त कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।1
- Post by Rakesh official 951