डेरापुर तहसील में तहसीलदार के कथित अमर्यादित व्यवहार के विरोध में लेखपालों ने मोर्चा खोल दिया है। लेखपाल संघ ने शनिवार दोपहर दो बजे हुई आपात बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि 7 जुलाई से चरणबद्ध आंदोलन और कार्य बहिष्कार शुरू किया जाएगा। लेखपालों का आरोप है कि तहसीलदार द्वारा उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है और उन्हें लगातार कार्रवाई की धमकियाँ दी जाती हैं। इस विरोध के चलते लेखपालों ने तहसील के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप से भी बाहर निकलने का फैसला किया है। संघ ने स्पष्ट किया है कि जब तक तहसीलदार अपने व्यवहार में सुधार नहीं करते, तब तक उनके किसी भी मौखिक आदेश का पालन नहीं किया जाएगा। भविष्य में सभी प्रकार का पत्राचार और संवाद केवल राजस्व निरीक्षकों के माध्यम से ही किया जाएगा। संघ ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व में दिए गए ज्ञापनों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जबकि लेखपालों पर लगातार उत्पीड़नात्मक कार्रवाई की जा रही है। इसके अतिरिक्त, कई लेखपाल एक से अधिक क्षेत्रों का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं, जिससे उन पर कार्य का दबाव लगातार बढ़ रहा है। बैठक के बाद, लेखपाल संघ ने अपनी मांगों के संबंध में उपजिलाधिकारी शालिनी उत्तम को एक ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक किया जाएगा। इस बैठक में तहसील अध्यक्ष शिवम शुक्ला, सुनील कटियार, मनोज सचान, रितेश कटियार, अवधेश कुमार, देवेंद्र सिंह, निगम सिंह, अनुज चौबे और श्रीधर शुक्ला सहित बड़ी संख्या में लेखपाल उपस्थित रहे।
डेरापुर तहसील में तहसीलदार के कथित अमर्यादित व्यवहार के विरोध में लेखपालों ने मोर्चा खोल दिया है। लेखपाल संघ ने शनिवार दोपहर दो बजे हुई आपात बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि 7 जुलाई से चरणबद्ध आंदोलन और कार्य बहिष्कार शुरू किया जाएगा। लेखपालों का आरोप है कि तहसीलदार द्वारा उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है और उन्हें लगातार कार्रवाई की धमकियाँ दी जाती हैं। इस विरोध के चलते लेखपालों ने तहसील के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप से भी बाहर निकलने का फैसला किया है। संघ ने स्पष्ट किया है कि जब तक तहसीलदार अपने व्यवहार में सुधार नहीं करते, तब तक उनके किसी भी मौखिक आदेश का पालन नहीं किया जाएगा। भविष्य में सभी प्रकार का पत्राचार और संवाद केवल राजस्व निरीक्षकों के माध्यम से ही किया जाएगा। संघ ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व में दिए गए ज्ञापनों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जबकि लेखपालों पर लगातार उत्पीड़नात्मक कार्रवाई की जा रही है। इसके अतिरिक्त, कई लेखपाल एक से अधिक क्षेत्रों का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं, जिससे उन पर कार्य का दबाव लगातार बढ़ रहा है। बैठक के बाद, लेखपाल संघ ने अपनी मांगों के संबंध में उपजिलाधिकारी शालिनी उत्तम को एक ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक किया जाएगा। इस बैठक में तहसील अध्यक्ष शिवम शुक्ला, सुनील कटियार, मनोज सचान, रितेश कटियार, अवधेश कुमार, देवेंद्र सिंह, निगम सिंह, अनुज चौबे और श्रीधर शुक्ला सहित बड़ी संख्या में लेखपाल उपस्थित रहे।
- डेरापुर तहसील में तहसीलदार के कथित अमर्यादित व्यवहार के विरोध में लेखपालों ने मोर्चा खोल दिया है। लेखपाल संघ ने शनिवार दोपहर दो बजे हुई आपात बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि 7 जुलाई से चरणबद्ध आंदोलन और कार्य बहिष्कार शुरू किया जाएगा। लेखपालों का आरोप है कि तहसीलदार द्वारा उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है और उन्हें लगातार कार्रवाई की धमकियाँ दी जाती हैं। इस विरोध के चलते लेखपालों ने तहसील के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप से भी बाहर निकलने का फैसला किया है। संघ ने स्पष्ट किया है कि जब तक तहसीलदार अपने व्यवहार में सुधार नहीं करते, तब तक उनके किसी भी मौखिक आदेश का पालन नहीं किया जाएगा। भविष्य में सभी प्रकार का पत्राचार और संवाद केवल राजस्व निरीक्षकों के माध्यम से ही किया जाएगा। संघ ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व में दिए गए ज्ञापनों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जबकि लेखपालों पर लगातार उत्पीड़नात्मक कार्रवाई की जा रही है। इसके अतिरिक्त, कई लेखपाल एक से अधिक क्षेत्रों का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं, जिससे उन पर कार्य का दबाव लगातार बढ़ रहा है। बैठक के बाद, लेखपाल संघ ने अपनी मांगों के संबंध में उपजिलाधिकारी शालिनी उत्तम को एक ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक किया जाएगा। इस बैठक में तहसील अध्यक्ष शिवम शुक्ला, सुनील कटियार, मनोज सचान, रितेश कटियार, अवधेश कुमार, देवेंद्र सिंह, निगम सिंह, अनुज चौबे और श्रीधर शुक्ला सहित बड़ी संख्या में लेखपाल उपस्थित रहे।1
- कानपुर देहात के झींझक रेलवे स्टेशन पर एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहाँ ट्रैक पार करते समय ट्रेन की चपेट में आने से झारखंड के एक 50 वर्षीय मजदूर संस्कृत लोहरा की मौत हो गई। संस्कृत लोहरा, जो झारखंड प्रांत के रांची स्थित पूरियो गाँव के निवासी थे, पनकी के एक भट्ठे पर मजदूरी का काम करते थे और कानपुर के पनकी में मजदूरी का काम मिलने पर शुक्रवार को अपनी पत्नी दुलारी देवी, बेटे शिवा, शशि व छोटे बेटे के साथ झींझक स्टेशन पहुँचे थे। परिवार शाम की पैसेंजर ट्रेन का इंतजार कर रहा था। शाम करीब साढ़े 7 बजे, संस्कृत लोहरा अपने छोटे बेटे के कपड़े लेने के लिए रेलवे ट्रैक पार करके गए थे। कपड़े लेकर वे वापस डाउन प्लेटफॉर्म पर आ रहे थे तभी कानपुर की तरफ जा रही एक ट्रेन की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस दौरान उनका छोटा बेटा बाल-बाल बच गया। घटना की सूचना मिलने पर जीआरपी पुलिस ने शव को ट्रैक से हटाकर कब्जे में ले लिया और आगे की कार्यवाही शुरू की। संस्कृत लोहरा की मौत से पत्नी दुलारी सहित उनके बच्चे बिलख उठे। जीआरपी प्रभारी चौकी इंचार्ज अर्पित तिवारी ने बताया कि मृतक की जेब से यात्रा टिकट मिला है। शव का पंचायतनामा भरने के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा, जिसके बाद अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।1
- कानपुर देहात के सिकंदरा आलमपुर में एक देसी शराब के ठेके को हटाने की मांग पर ग्रामीण दूसरे दिन भी अपनी जिद पर अड़े हुए हैं। पत्रकार आशू श्रीवास्तव भी इस घटना को कवर कर रहे हैं। ग्रामवासियों का आरोप है कि यह शराब ठेका निर्धारित समय के विपरीत भी शराब बेचता है, जिसके कारण आए दिन ठेके पर उपद्रव होता रहता है। ग्रामीणों ने यह भी शिकायत की है कि ठेके पर बैठने वाला व्यक्ति शराबियों से कभी-कभी गैस सिलेंडर रख लेता है, और शराबी नग्न अवस्था में खड़े होकर पेशाब आदि करते हैं, जिससे माहौल खराब होता है। इस बीच, 'एक उम्मीद' की राष्ट्रीय अध्यक्ष दीक्षा यादव मौके पर पहुंचीं और उन्होंने ग्रामीणों को समझाने के साथ-साथ उनकी शिकायतों को भी सुना, जिसके हल निकालने का वे भरपूर प्रयास कर रही हैं। ग्रामीणों द्वारा किसी भी तरह का उपद्रव न हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए सिकंदरा थाना प्रभारी जनार्दन प्रताप सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद हैं। अभिकारी विभाग के अमर सिंह ने भी ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। ग्रामवासियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शराब का ठेका यहां से नहीं हटाया गया, तो कल तहसील दिवस पर सभी ग्रामवासी मिलकर सिकंदरा तहसील में धरना प्रदर्शन करेंगे। फिलहाल, ठेका आज भी खुला हुआ है और मौके पर पुलिस प्रशासन मौजूद है।2
- कानपुर देहात के सिकंदरा तहसील क्षेत्र के ग्राम आलमपुर में देसी शराब के ठेके को हटाने की जिद पर ग्रामीण लगातार दूसरे दिन भी अड़े रहे। इस मामले को लेकर मौके पर अधिकारियों और पुलिस बल की तैनाती देखी गई। "एक उम्मीद" की राष्ट्रीय अध्यक्ष दीक्षा यादव ने घटनास्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाने और उनकी शिकायतों को सुनने का प्रयास किया, साथ ही इसका हल निकालने का भरपूर प्रयास करने का भरोसा भी दिया। वहीं, सिकंदरा थाना प्रभारी जनार्दन प्रताप सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे ताकि ग्रामीणों द्वारा किसी भी तरह का उपद्रव न हो। आबकारी विभाग के अमर सिंह ने भी ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की। ग्रामवासियों का आरोप है कि शराब निर्धारित समय के विपरीत भी बेची जाती है, जिसके कारण ठेके पर आए दिन उपद्रव होता है। उन्होंने यह भी शिकायत की कि ठेके पर बैठने वाले व्यक्ति द्वारा शराबियों से कभी गैस सिलेंडर रख लिए जाते हैं, और शराबी नग्न अवस्था में खड़े होकर पेशाब करते हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शराब का ठेका वहां से नहीं हटाया गया, तो कल तहसील दिवस पर सभी ग्रामवासी मिलकर सिकंदरा तहसील में धरना प्रदर्शन करेंगे। फिलहाल, शराब का ठेका आज भी खुला हुआ है और मौके पर पुलिस-प्रशासन मौजूद है।4
- कानपुर देहात के मूसानगर थाने में 03 जुलाई 2026 को मिली तहरीर के आधार पर, एक नाबालिग लड़की को प्रेम जाल में फंसाकर उस पर धर्म परिवर्तन और शादी का दबाव बनाने, दुष्कर्म का प्रयास करने तथा ब्लैकमेल करने के आरोप में तीन व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक 14 वर्षीय लड़की जो अपनी पढ़ाई के लिए बस से कानपुर नगर जाती थी, उसी बस का चालक मुख्तार अहमद था। मुख्तार अहमद ने उस लड़की की पहचान अपने परिचित राज राईन से कराई थी, जिसके बाद राज राईन अक्सर लड़की से मिलने लगा। इसी दौरान, बस चालक मुख्तार अहमद और राज राईन ने मिलकर लड़की पर धर्म परिवर्तन कर उससे शादी करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। जब लड़की ने उनके प्रस्ताव को ठुकराया, तो उसे जान से मारने की धमकी दी जाने लगी। एक दिन मौका पाकर मुख्तार अहमद, राज राईन और उनके एक अन्य साथी मोनिस ने लड़की को बहला-फुसलाकर मूसानगर से बाहर ले जाकर उसके साथ छेड़खानी की और उसकी तस्वीरें खींच लीं। लड़की ने इस घटना की शिकायत अपने पिता से की, जिसके बाद वह अपने परिजनों के साथ थाने पहुंची। पुलिस ने दी गई तहरीर के आधार पर उचित धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया है। अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए दो टीमें गठित की गई थीं, जिन्होंने मुख्तार अहमद और राज राईन को गिरफ्तार कर लिया है। मोनिस की गिरफ्तारी के लिए भी एक टीम रवाना की गई है, और मामले में अन्य विधिक कार्यवाही की जा रही है।1
- कानपुर देहात के सिकंदरा थाना क्षेत्र के आलमपुर गांव में स्थित देसी शराब ठेके को हटाने की मांग को लेकर शुक्रवार को दो दर्जन से अधिक महिलाओं ने ठेके पर पहुंचकर जमकर हंगामा किया और धरने पर बैठ गईं। महिलाओं ने सुबह करीब 10 बजे से ही ठेके के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया था, जिसके चलते ठेके का संचालन बंद रहा। प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप है कि गांव में चल रहे इस शराब ठेके के कारण गांव का माहौल खराब हो रहा है। उनका कहना है कि ठेके के पास से गुजरने वाली छात्राओं और अन्य महिलाओं को असुविधा का सामना करना पड़ता है, साथ ही गांव के लोगों में शराब का सेवन बढ़ गया है और नाबालिग छात्र भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। महिलाओं ने बताया कि वे पहले भी कई बार संबंधित अधिकारियों से इस ठेके को हटाने की मांग कर चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। सूचना मिलने पर करीब 11 बजे सिकंदरा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने महिलाओं से बातचीत कर उन्हें समझा-बुझाकर शांत कराया, जिसके बाद धरना समाप्त हो गया और शराब ठेके का संचालन दोबारा शुरू करा दिया गया। सिकंदरा थाना प्रभारी निरीक्षक जनार्दन प्रताप सिंह ने बताया कि महिलाओं को समझा-बुझाकर शांत करा दिया गया है और स्थिति सामान्य है।1
- औरैया में एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे में एक रिटायर्ड फौजी की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा तब हुआ जब एक तेज रफ्तार डंपर ने उनकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। इस दुर्घटना की सूचना मिलते ही फौजी के परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुँचकर शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में आगे की जांच भी शुरू कर दी गई है।1
- सलेमपुर स्थित राधे-राधे पेट्रोल पंप पर एक युवक के साथ हुई मारपीट और जान से मारने की धमकी के मामले में थाना डेरापुर पुलिस ने चार नामजद आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। यह कार्रवाई पीड़ित की तहरीर के आधार पर की गई है। पुलिस फिलहाल मामले की जांच में जुटी है। कस्बा डेरापुर के प्रताप नगर वार्ड-10 निवासी गुफरान पुत्र शरीफ उल्लाह खान ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि 1 जुलाई की शाम करीब 6 बजे वह अपनी मोटरसाइकिल में पेट्रोल भरवाने के लिए सलेमपुर के राधे-राधे पेट्रोल पंप पर गया था। इसी दौरान कुछ युवक वहाँ पहुँचे और उसकी बाइक के सामने आकर गाली-गलौज शुरू कर दी। पीड़ित के अनुसार, जब उसने विरोध किया तो आरोपितों ने उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी भी दी। शोरगुल सुनकर मौके पर मौजूद लोगों और पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया, जिसके बाद आरोपित वहाँ से चले गए। तहरीर में वार्ड नंबर-5 कृष्णा नगर डेरापुर निवासी विकास चौबे उर्फ भीखखू पुत्र देवेंद्र चौबे, कस्बा डेरापुर निवासी अभिनव उर्फ पिंटू ठाकुर पुत्र मनोज सिंह, डेरापुर निवासी पूती राइन पुत्र छोटे लाल और डेरापुर निवासी शानू कुरैशी पुत्र शफीक कुरैशी को नामजद किया गया है। पीड़ित का कहना है कि यह पूरी घटना पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई है। इस मामले में थाना डेरापुर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी डेरापुर ने शनिवार शाम 5 बजे जानकारी दी कि तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।1