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सेवा में, माननीय मुख्यमंत्री जी मध्यप्रदेश शासन विषय: सामाजिक कुरीतियों पर नियंत्रण एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के न्यायसंगत उपयोग हेतु निवेदन। महोदय, सविनय निवेदन है कि वर्तमान समय में समाज में दिखावे, फिजूलखर्ची एवं सामाजिक कुरीतियों के कारण आर्थिक असमानता बढ़ती जा रही है। विवाह, मृत्यु भोज, डीजे-डांस जैसे आयोजनों में अत्यधिक धन खर्च करने की प्रवृत्ति से गरीब एवं मध्यम वर्ग पर अनावश्यक दबाव बन रहा है। इस संदर्भ में समाजहित एवं राष्ट्र निर्माण की भावना से निम्न सुझाव आपके समक्ष प्रस्तुत हैं— विवाह समारोहों में प्राप्त होने वाली अत्यधिक राशि पर नियंत्रण हेतु, निर्धारित सीमा से अधिक धनराशि का 50 प्रतिशत भाग शासन द्वारा सामाजिक कल्याण कोष में जमा किया जाए। महंगे एवं दिखावटी कार्यक्रमों (जैसे भव्य विवाह, डीजे, सजावट आदि) पर 50% जीएसटी अथवा विशेष कर लगाया जाए, ताकि गरीब–अमीर की होड़ पर अंकुश लग सके। जो व्यक्ति या परिवार— मृत्यु भोज जैसी कुप्रथाओं को बढ़-चढ़कर करते हैं, जुआ, सट्टा खेलते पाए जाते हैं, अथवा शराब एवं अन्य नशों में धन का दुरुपयोग करते हैं, उन्हें जनकल्याणकारी योजनाओं एवं शासकीय सुविधाओं (जैसे राशन कार्ड, बीपीएल लाभ, सम्मान निधि आदि) से वंचित किया जाए। हमारा मानना है कि जो लोग फिजूलखर्ची और नशे में धन व्यर्थ करते हैं, उन्हें सरकारी सहायता लेने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए, जबकि वास्तविक जरूरतमंद आज भी सहायता से वंचित हैं। माननीय मुख्यमंत्री जी से निवेदन है कि उपरोक्त विषयों पर गंभीरता से विचार कर सामाजिक सुधार, आर्थिक न्याय एवं राष्ट्र निर्माण की दिशा में आवश्यक नीति निर्णय लेने की कृपा करें।

3 hrs ago
user_रवि मोहने पार्षद
रवि मोहने पार्षद
Youth Social Services Organisation Shadhora, Ashoknagar•
3 hrs ago

सेवा में, माननीय मुख्यमंत्री जी मध्यप्रदेश शासन विषय: सामाजिक कुरीतियों पर नियंत्रण एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के न्यायसंगत उपयोग हेतु निवेदन। महोदय, सविनय निवेदन है कि वर्तमान समय में समाज में दिखावे, फिजूलखर्ची एवं सामाजिक कुरीतियों के कारण आर्थिक असमानता बढ़ती जा रही है। विवाह, मृत्यु भोज, डीजे-डांस जैसे आयोजनों में अत्यधिक धन खर्च करने की प्रवृत्ति से गरीब एवं मध्यम वर्ग पर अनावश्यक दबाव बन रहा है। इस संदर्भ में समाजहित एवं राष्ट्र निर्माण की भावना से निम्न सुझाव आपके समक्ष प्रस्तुत हैं— विवाह समारोहों में प्राप्त होने वाली अत्यधिक राशि पर नियंत्रण हेतु, निर्धारित सीमा से अधिक धनराशि का 50 प्रतिशत भाग शासन द्वारा सामाजिक कल्याण कोष में जमा किया जाए। महंगे एवं दिखावटी कार्यक्रमों (जैसे भव्य विवाह, डीजे, सजावट आदि) पर 50% जीएसटी अथवा विशेष कर लगाया जाए, ताकि गरीब–अमीर की होड़ पर अंकुश लग सके। जो व्यक्ति या परिवार— मृत्यु भोज जैसी कुप्रथाओं को बढ़-चढ़कर करते हैं, जुआ, सट्टा खेलते पाए जाते हैं, अथवा शराब एवं अन्य नशों में धन का दुरुपयोग करते हैं, उन्हें जनकल्याणकारी योजनाओं एवं शासकीय सुविधाओं (जैसे राशन कार्ड, बीपीएल लाभ, सम्मान निधि आदि) से वंचित किया जाए। हमारा मानना है कि जो लोग फिजूलखर्ची और नशे में धन व्यर्थ करते हैं, उन्हें सरकारी सहायता लेने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए, जबकि वास्तविक जरूरतमंद आज भी सहायता से वंचित हैं। माननीय मुख्यमंत्री जी से निवेदन है कि उपरोक्त विषयों पर गंभीरता से विचार कर सामाजिक सुधार, आर्थिक न्याय एवं राष्ट्र निर्माण की दिशा में आवश्यक नीति निर्णय लेने की कृपा करें।

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  • नाबालिग से दुष्कर्म, गोचर भूमि अतिक्रमण व चांदा मऊ आगजनी कांड को लेकर करणी सेना व हिंदू संगठनों का उग्र प्रदर्शन
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    नाबालिग से दुष्कर्म, गोचर भूमि अतिक्रमण व चांदा मऊ आगजनी कांड को लेकर करणी सेना व हिंदू संगठनों का उग्र प्रदर्शन
    user_Mp news 24live
    Mp news 24live
    Journalist बीना, सागर, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • Osho death celebration at home chhipabarod
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    Osho death celebration at home chhipabarod
    user_Jagdish Chandra Sharma
    Jagdish Chandra Sharma
    Dancer छिपाबड़ौद, बारां, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • सफेद फूलों की चादर से महकने लगा 'काला सोना', काश्तकारों ने बढ़ाई 'चौकसी'- हरनावदाशाहजी. हाड़ौती के खेतों में इन दिनों कुदरत का एक अलग ही नजारा देखने को मिल रहा है। 'काले सोने' के नाम से मशहूर अफीम की फसल अब अपने पूरे यौवन पर आने लगी है। सर्दी की ओस और हल्की सुनहरी धूप के बीच अफीम के खेतों में खिल रहे सफेद मनमोहक फूल हर किसी का मन मोह रहे हैं। लेकिन इन फूलों की खूबसूरती के पीछे किसान की कड़ी मेहनत और रात-भर का पहरा भी छुपा है। श्वेत फूलों की चादर और खुशहाली की उम्मीद- अफीम की फसल पर आए फूल इस बात का संकेत हैं कि अब फसल परिपक्वता की ओर बढ़ रही है। कुछ ही दिनों में इन फूलों की पंखुड़ियां गिर जाएंगी और हरे डोडे (फल) निकल आएंगे, जिनसे 'काला सोना' यानी अफीम का दूध निकाला जाएगा। काश्तकारों के लिए यह केवल एक फसल नहीं, बल्कि साल भर की वह उम्मीद है जिससे उनके घर की आर्थिक स्थिति तय होती है। परिंदा भी पर न मार सके, इसलिए 'चौकसी' सख्त- फसल के यौवन पर आते ही किसानों की धड़कनें भी बढ़ गई हैं। इसकी सुरक्षा के लिए काश्तकारों ने खेतों पर डेरा डालकर दिन-रात का पहरा शुरू कर दिया है। क्योंकि नीलगाय, आवारा पशु और खास तौर पर 'तोतों' (जो डोडों को काटकर ले जाते हैं) से फसल को बचाने के लिए किसानों ने खेतों पर ही झोपड़ियां बनाकर पडाव डाल दिए हैं। नेट का सुरक्षा कवच: कई प्रगतिशील किसानों ने पूरी फसल को ऊपर से जाली (नेट) से ढंक दिया है ताकि पक्षी फसल को नुकसान न पहुंचा सकें। कुछ इलाकों में तो किसान टॉर्च और लाठी लेकर रात-रात भर गश्त कर रहे हैं ताकि कीमती फसल सुरक्षित रहे। मौसम की मेहरबानी पर टिकी निगाहें- अफीम की खेती बेहद संवेदनशील होती है। किसानों का कहना है कि इस समय मौसम का साफ रहना बहुत जरूरी है। यदि अचानक बादल छाते हैं या बेमौसम बारिश होती है, तो डोडे में दूध की मात्रा कम हो सकती है और घटिया (अफीम की क्वालिटी) पर असर पड़ सकता है। फिलहाल, खिली हुई धूप को देखकर किसानों के चेहरे पर संतोष की लकीरें दिखाई दे रही हैं। विभाग की भी रहती है पैनी नजर नारकोटिक्स विभाग के कड़े नियमों के बीच हो रही इस खेती की एक-एक इंच जमीन और एक-एक ग्राम अफीम का हिसाब सरकार के पास होता है। यही कारण है कि किसान इसे अपनी संतान की तरह पालते हैं ताकि तौल के समय विभाग के मानकों पर उनकी फसल खरी उतरे और उनका लाइसेंस बरकरार रहे। "अफीम की खेती हमारे लिए किसी तपस्या से कम नहीं है। फूल आने के बाद से जब तक अफीम घर न आ जाए, हमें चैन की नींद नहीं आती।"
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    सफेद फूलों की चादर से महकने लगा 'काला सोना',
काश्तकारों ने बढ़ाई 'चौकसी'-
हरनावदाशाहजी. 
हाड़ौती के खेतों में इन दिनों कुदरत का एक अलग ही नजारा देखने को मिल रहा है। 'काले सोने' के नाम से मशहूर अफीम की फसल अब अपने पूरे यौवन पर आने लगी है। सर्दी की ओस और हल्की सुनहरी धूप के बीच अफीम के खेतों में खिल रहे सफेद मनमोहक फूल हर किसी का मन मोह रहे हैं। लेकिन इन फूलों की खूबसूरती के पीछे किसान की कड़ी मेहनत और रात-भर का पहरा भी छुपा है।
श्वेत फूलों की चादर और खुशहाली की उम्मीद-
अफीम की फसल पर आए फूल इस बात का संकेत हैं कि अब फसल परिपक्वता की ओर बढ़ रही है। कुछ ही दिनों में इन फूलों की पंखुड़ियां गिर जाएंगी और हरे डोडे (फल) निकल आएंगे, जिनसे 'काला सोना' यानी अफीम का दूध निकाला जाएगा। काश्तकारों के लिए यह केवल एक फसल नहीं, बल्कि साल भर की वह उम्मीद है जिससे उनके घर की आर्थिक स्थिति तय होती है।
परिंदा भी पर न मार सके, इसलिए 'चौकसी' सख्त-
फसल के यौवन पर आते ही किसानों की धड़कनें भी बढ़ गई हैं। इसकी सुरक्षा के लिए काश्तकारों ने खेतों पर डेरा डालकर दिन-रात का पहरा शुरू कर दिया है।
क्योंकि नीलगाय, आवारा पशु और खास तौर पर 'तोतों' (जो डोडों को काटकर ले जाते हैं) से फसल को बचाने के लिए किसानों ने खेतों पर ही झोपड़ियां बनाकर पडाव डाल दिए हैं।
नेट का सुरक्षा कवच: कई प्रगतिशील किसानों ने पूरी फसल को ऊपर से जाली (नेट) से ढंक दिया है ताकि पक्षी फसल को नुकसान न पहुंचा सकें।
कुछ इलाकों में तो किसान टॉर्च और लाठी लेकर रात-रात भर गश्त कर रहे हैं ताकि कीमती फसल सुरक्षित रहे।
मौसम की मेहरबानी पर टिकी निगाहें-
अफीम की खेती बेहद संवेदनशील होती है। किसानों का कहना है कि इस समय मौसम का साफ रहना बहुत जरूरी है। यदि अचानक बादल छाते हैं या बेमौसम बारिश होती है, तो डोडे में दूध की मात्रा कम हो सकती है और घटिया (अफीम की क्वालिटी) पर असर पड़ सकता है। फिलहाल, खिली हुई धूप को देखकर किसानों के चेहरे पर संतोष की लकीरें दिखाई दे रही हैं।
विभाग की भी रहती है पैनी नजर
नारकोटिक्स विभाग के कड़े नियमों के बीच हो रही इस खेती की एक-एक इंच जमीन और एक-एक ग्राम अफीम का हिसाब सरकार के पास होता है। यही कारण है कि किसान इसे अपनी संतान की तरह पालते हैं ताकि तौल के समय विभाग के मानकों पर उनकी फसल खरी उतरे और उनका लाइसेंस बरकरार रहे।
"अफीम की खेती हमारे लिए किसी तपस्या से कम नहीं है। फूल आने के बाद से जब तक अफीम घर न आ जाए, हमें चैन की नींद नहीं आती।"
    user_Pramod jain
    Pramod jain
    Journalist Chhipabarod, Baran•
    7 hrs ago
  • विधायक भूपेंद्र सिंह ने नर्मदा मैया से मांगा आशीर्वाद
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    विधायक भूपेंद्र सिंह ने नर्मदा मैया से मांगा आशीर्वाद
    user_प्रफुल्ल बोहरे
    प्रफुल्ल बोहरे
    Reporter Khurai, Sagar•
    10 min ago
  • करैरा विधानसभा के अंतर्गत ग्राम पंचायत हाजीनगर के पास पहाड़िया पर स्थित प्राचीन सिद्ध बाबा के यहां पर कुछ ऐसा चमत्कार हुआ जिसको देखने के लिए उमड़ने लगी सैकड़ो की भीड देखें इस वीडियो में संवाददाता जिला क्राइम रिपोर्टर गजेन्द्र सिंह कुशवाह के साथ खास रिपोर्ट
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    करैरा विधानसभा के अंतर्गत ग्राम पंचायत हाजीनगर के पास पहाड़िया पर स्थित प्राचीन सिद्ध बाबा के यहां पर कुछ ऐसा चमत्कार हुआ जिसको देखने के लिए उमड़ने लगी सैकड़ो की भीड 
देखें इस वीडियो में संवाददाता जिला क्राइम रिपोर्टर  गजेन्द्र सिंह कुशवाह 
के साथ खास रिपोर्ट
    user_गजेन्द्र सिंह मीडिया प्रभारी
    गजेन्द्र सिंह मीडिया प्रभारी
    Journalist Shivpuri, Madhya Pradesh•
    1 hr ago
  • ग्वालियर संभाग में अनिल मिश्रा बाबा साहब को अपमानित कर रहा है वकीलों में विवाद होते दिख रहा है दिल्ली के हाई कोर्ट वकील ने अनिल मिश्रा को चुनौती दी अनिल मिश्रा पर एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की जा रही स की नस लगना चाहिए उसे पर अनिल मिश्रा पर
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    ग्वालियर संभाग में अनिल मिश्रा बाबा साहब को अपमानित कर रहा है वकीलों में विवाद होते दिख रहा है दिल्ली के हाई कोर्ट वकील ने अनिल मिश्रा को चुनौती दी अनिल मिश्रा पर एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की जा रही स की नस लगना चाहिए उसे पर अनिल मिश्रा पर
    user_Suraj Singh Mourya
    Suraj Singh Mourya
    Tour Guide शिवपुरी, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • दिल्ली की हवा इतनी गंदी हो गई है कि मार्क्स और ऑक्सीजन चाहिए ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने की कोशिश करें
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    दिल्ली की हवा इतनी गंदी हो गई है कि मार्क्स और ऑक्सीजन चाहिए ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने की कोशिश करें
    user_S Prajapati
    S Prajapati
    Video Creator बामोरी, गुना, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • भव्य हिन्दू सम्मेलन गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हरनावदाशाहजी. सनातन संस्कृति के मूल्यों को सुदृढ़ करने तथा समाज में एकता और जागरूकता के संदेश के बीच रविवार को कोटडा भगवान में उत्साह,अनुशासन एवं सामाजिक समरसता के साथ भव्य हिन्दू सम्मेलन सम्पन्न हुआ। इस दौरान कथावाचक भूपेन्द्र ने सम्बोधित किया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सुरेन्द्र नागर ने अपने प्रभावशाली उद्बोधन में हिन्दू समाज के संगठन, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए युवाओं से सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में मातृशक्ति एवं युवा उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में भारत माता की आरती के साथ संयोजक बद्रीलाल द्वारा अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
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    भव्य हिन्दू सम्मेलन गरिमामय वातावरण में सम्पन्न
हरनावदाशाहजी.
सनातन संस्कृति के मूल्यों को सुदृढ़ करने तथा समाज में एकता और जागरूकता के संदेश के बीच रविवार को कोटडा भगवान में उत्साह,अनुशासन एवं सामाजिक समरसता के साथ भव्य हिन्दू सम्मेलन  सम्पन्न हुआ।  इस दौरान कथावाचक भूपेन्द्र ने सम्बोधित किया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सुरेन्द्र नागर ने अपने प्रभावशाली उद्बोधन में हिन्दू समाज के संगठन, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए युवाओं से सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
सम्मेलन में बड़ी संख्या में मातृशक्ति एवं युवा उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में भारत माता की आरती के साथ संयोजक बद्रीलाल द्वारा अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
    user_Pramod jain
    Pramod jain
    Journalist Chhipabarod, Baran•
    7 hrs ago
  • करैरा के क्षेत्र ग्राम हाजीनगर के पास पहाड़ियां पर सिद्ध बाबा के यहां हुआ चमत्कार देखिए वीडियो के माध्यम से गजेंद्र सिंह जिला ब्यूरो संवाददाता के द्वारा
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    करैरा के क्षेत्र ग्राम हाजीनगर के पास पहाड़ियां पर सिद्ध बाबा के यहां हुआ चमत्कार देखिए वीडियो के माध्यम से गजेंद्र सिंह जिला ब्यूरो संवाददाता के द्वारा
    user_गजेन्द्र सिंह मीडिया प्रभारी
    गजेन्द्र सिंह मीडिया प्रभारी
    Journalist Shivpuri, Madhya Pradesh•
    1 hr ago
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