शनिवार को चिकारड़ा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, मंगलवाड़ से राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तीन दिवसीय कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु एक जनजागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। खंड मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. लोकेश कुमार जिंगोनिया के निर्देशन में रवाना किया गया यह प्रचार वाहन पूरे डूंगला उपखंड में भ्रमण करते हुए राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने के लिए आमजन को जागरूक करना है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. पंकज कुमार कीर ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत क्षेत्र में कुल 54 पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं। इन सभी बूथों पर 28 जून को 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की दो बूंद पिलाई जाएगी। इसके पश्चात, 29 और 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों को पोलियो की खुराक देंगी जो छूट गए होंगे, ताकि कोई भी बच्चा इस अभियान से वंचित न रहे। यह अभियान चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, चित्तौड़गढ़ और जिला स्वास्थ्य समिति, चित्तौड़गढ़ के निर्देशन में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें "दो बूंद जिंदगी की, बच्चों को पिलाएं – पोलियो भगाएं" का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। इस अवसर पर डॉ. लोकेश कुमार जिंगोनिया, डॉ. पंकज कुमार कीर, लोकेन्द्र सिंह चौहान, गोपाल लाल रेगर, शंकरलाल गुर्जर, मोहम्मद मोहसीन, ललित कुमार शर्मा, गणपतलाल मीणा, सैली थॉमस, मंजू रेगर, राहुल लक्सकार और धनराज माली सहित स्वास्थ्य विभाग का स्टाफ उपस्थित रहा।
शनिवार को चिकारड़ा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, मंगलवाड़ से राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तीन दिवसीय कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु एक जनजागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। खंड मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. लोकेश कुमार जिंगोनिया के निर्देशन में रवाना किया गया यह प्रचार वाहन पूरे डूंगला उपखंड में भ्रमण करते हुए राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने के लिए
आमजन को जागरूक करना है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. पंकज कुमार कीर ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत क्षेत्र में कुल 54 पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं। इन सभी बूथों पर 28 जून को 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की दो बूंद पिलाई जाएगी। इसके पश्चात, 29 और 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों को पोलियो की खुराक देंगी जो छूट गए होंगे, ताकि कोई भी बच्चा इस अभियान से वंचित
न रहे। यह अभियान चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, चित्तौड़गढ़ और जिला स्वास्थ्य समिति, चित्तौड़गढ़ के निर्देशन में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें "दो बूंद जिंदगी की, बच्चों को पिलाएं – पोलियो भगाएं" का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। इस अवसर पर डॉ. लोकेश कुमार जिंगोनिया, डॉ. पंकज कुमार कीर, लोकेन्द्र सिंह चौहान, गोपाल लाल रेगर, शंकरलाल गुर्जर, मोहम्मद मोहसीन, ललित कुमार शर्मा, गणपतलाल मीणा, सैली थॉमस, मंजू रेगर, राहुल लक्सकार और धनराज माली सहित स्वास्थ्य विभाग का स्टाफ उपस्थित रहा।
- शनिवार को चिकारड़ा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, मंगलवाड़ से राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तीन दिवसीय कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु एक जनजागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। खंड मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. लोकेश कुमार जिंगोनिया के निर्देशन में रवाना किया गया यह प्रचार वाहन पूरे डूंगला उपखंड में भ्रमण करते हुए राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने के लिए आमजन को जागरूक करना है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. पंकज कुमार कीर ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत क्षेत्र में कुल 54 पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं। इन सभी बूथों पर 28 जून को 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की दो बूंद पिलाई जाएगी। इसके पश्चात, 29 और 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों को पोलियो की खुराक देंगी जो छूट गए होंगे, ताकि कोई भी बच्चा इस अभियान से वंचित न रहे। यह अभियान चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, चित्तौड़गढ़ और जिला स्वास्थ्य समिति, चित्तौड़गढ़ के निर्देशन में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें "दो बूंद जिंदगी की, बच्चों को पिलाएं – पोलियो भगाएं" का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। इस अवसर पर डॉ. लोकेश कुमार जिंगोनिया, डॉ. पंकज कुमार कीर, लोकेन्द्र सिंह चौहान, गोपाल लाल रेगर, शंकरलाल गुर्जर, मोहम्मद मोहसीन, ललित कुमार शर्मा, गणपतलाल मीणा, सैली थॉमस, मंजू रेगर, राहुल लक्सकार और धनराज माली सहित स्वास्थ्य विभाग का स्टाफ उपस्थित रहा।3
- तेलिया पंचायत से संबंधित खजूरी रोड का दो बार चयन हो चुका है, जिसकी जानकारी देने वाले व्यक्ति ने इसे 'अपना' बताया है।1
- उदयपुर जिले के घासा मंडल की एक बैठक हनुमान मंदिर पर विधानसभा प्रत्याशी कृष्ण गोपाल पालीवाल के नेतृत्व में आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य डिजिटल लर्निंग, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस और ‘संविधान हत्या दिवस’ के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले पखवाड़ा कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करना था। इसके अतिरिक्त, विभिन्न संगठनात्मक विषयों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर, कार्यक्रम प्रभारी मोहब्बत सिंह राव, घासा मंडल अध्यक्ष पर्वत सिंह कीतावत, पूर्व मंडल अध्यक्ष गणेश लाल कुम्हार और मुख्य अतिथि व विधानसभा प्रभारी कृष्ण गोपाल पालीवाल ने कार्यकर्ताओं को डिजिटल लर्निंग, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस और ‘संविधान हत्या दिवस’ से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रदान की।1
- मुंबई लोकल ट्रेन में गेट बंद करने को लेकर हुए एक मामूली विवाद ने सनसनीखेज रूप ले लिया। इस घटना में 21 साल के एक मासूम युवक को चाकू मारकर बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी चलती ट्रेन से कूदकर मौके से फरार हो गया।1
- धरियावद राजमहल के ठाकुर भानुप्रताप सिंह राणावत ने मोहर्रम के दर्शन किए। इस अवसर पर, समाजजनों ने उनका साफा बांधकर भव्य स्वागत किया।1
- चित्तौड़गढ़ में भाजपा शासन के 12 वर्ष पूरे होने पर सांसद सीपी जोशी ने एक प्रेसवार्ता आयोजित कर केंद्र सरकार की उपलब्धियों, विकास कार्यों और योजनाओं का ब्यौरा प्रस्तुत किया। भाजपा इन वर्षों को विकास, सुशासन और राष्ट्र निर्माण का कालखंड बता रही है। हालांकि, इसी समय चित्तौड़गढ़ जिले में आमजन के जीवन, किसानों की जमीन, पर्यावरण, जल स्रोतों, रोजगार और भविष्य की पीढ़ियों से जुड़े कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जो अब जिले की राजनीति का प्रमुख विमर्श बन गए हैं। इस विरोधाभास के केंद्र में यह प्रश्न है कि विकास का मॉडल कैसा हो – क्या यह केवल उद्योगों और परियोजनाओं की संख्या से मापा जाएगा या जनता की सुरक्षित जिंदगी, स्वच्छ हवा, पानी और रोजगार से भी। बड़ीसादड़ी क्षेत्र में जेरोफिक्स अपशिष्ट को लेकर उपजा विवाद अब केवल गंदगी हटाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह प्रशासनिक निगरानी, पर्यावरण सुरक्षा और जिम्मेदारी तय करने का मुद्दा बन चुका है। ग्रामीणों और संघर्ष समिति का आरोप है कि बड़े पैमाने पर अपशिष्ट डाले जाने से जनस्वास्थ्य को खतरा है और वे इस मामले की पारदर्शी जांच तथा भविष्य में ऐसी स्थिति को रोकने के लिए व्यवस्था की मांग कर रहे हैं, क्योंकि यह मामला अब जनता के विश्वास की परीक्षा बन चुका है। इसी तरह, चंदेरिया में हिन्दुस्तान जिंक के फर्टिलाइजर प्लांट और बेगूं, निंबाहेड़ा सहित अन्य क्षेत्रों में खनन परियोजनाओं को लेकर भी विकास और पर्यावरण के बीच बहस तेज है। जहां परियोजना समर्थक निवेश, रोजगार और आर्थिक मजबूती का तर्क देते हैं, वहीं ग्रामीण और पर्यावरण से जुड़े लोग जल, हवा, मिट्टी और स्थानीय स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों के अध्ययन की मांग करते हैं। जनता का सवाल है कि क्या कागजों पर पर्यावरणीय सुरक्षा पर्याप्त है या इसका असर जमीन पर भी दिखेगा, क्योंकि हवा और पानी रिपोर्टों में नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी में महसूस होते हैं। ग्रामीणों का मानना है कि उद्योग जरूरी हैं, लेकिन विकास ऐसा होना चाहिए जिसमें आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधन सुरक्षित रहें। चित्तौड़गढ़ के अफीम किसान वर्षों से लाइसेंस व्यवस्था, उत्पादन नीति, लागत, मौसम की मार और गुणवत्ता मानकों से जुड़ी समस्याओं का स्थायी समाधान चाहते हैं, विशेषकर जब सरकार किसान सम्मान और कृषि विकास की बात करती है। उनकी चिंता केवल फसल तक सीमित नहीं, बल्कि परिवार, भविष्य और आर्थिक सुरक्षा से जुड़ी है। वहीं, जिले में उद्योग और बड़े प्रोजेक्ट होने के बावजूद स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता न मिलने का सवाल उठ रहा है। ग्रामीण युवा कौशल विकास और स्थायी रोजगार के ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं ताकि विकास केवल जमीन लेने तक सीमित न रहे, बल्कि स्थानीय समाज को उसका हिस्सा भी मिले। इसके अतिरिक्त, विश्व धरोहर चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को जहां विरासत संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण माना गया, वहीं यह सवाल भी उठा कि वर्षों तक अतिक्रमण होने पर निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी रही, और अब जनता केवल कार्रवाई तक सीमित न रहकर स्थायी व्यवस्था चाहती है। इन 12 सालों की उपलब्धियों के दावों के बीच, चित्तौड़गढ़ में उठ रहे ये जनमुद्दे संकेत देते हैं कि जनता अब केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि ठोस परिणाम चाहती है। जनता सवाल कर रही है कि क्या किसान मजबूत हुए, क्या अफीम किसान सुरक्षित हैं, युवाओं को पर्याप्त रोजगार मिला और उद्योगों के साथ पर्यावरण सुरक्षित रहेगा? चित्तौड़गढ़ आज ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहां औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार की संभावनाओं के साथ-साथ पर्यावरण, किसान और स्थानीय समुदाय के अधिकारों की चुनौती है। लोकतंत्र में सरकारों की सफलता केवल परियोजनाओं की संख्या से नहीं बल्कि जनता के विश्वास से तय होती है। विकास आवश्यक है, लेकिन ऐसा विकास जो इंसान, प्रकृति और भविष्य तीनों को साथ लेकर चले। आने वाले समय में जिले की सियासत इसी मूल प्रश्न से तय होगी: 'विकास किसका, कीमत किसकी और लाभ किस तक?'।1
- श्री सांवलियाजी मंदिर के भीतर एक गेट खोला जाएगा। हालांकि, यह सवाल उठाया जा रहा है कि रथयात्रा मार्ग और डेयरी गेट सहित मंदिर के बाहर के गेट पहले की तरह कब खुलेंगे।1
- उदयपुर जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देश पर खेरवाड़ा थाना पुलिस ने आबकारी अधिनियम के तहत एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस अभियान के तहत, पुलिस टीम ने आबकारी अधिनियम की धारा 19/54 के अंतर्गत दर्ज कुल 07 अलग-अलग मामलों का निस्तारण किया। इन सभी मामलों में जब्त की गई कुल 1,017 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब को नियमानुसार नष्ट कर दिया गया। यह पूरी कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजना सुखवाल और वृत्ताधिकारी ऋषभदेव राजीव राहड़ के पर्यवेक्षण में संपन्न हुई।1