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अभिषेक कुमार ई-मीडिया द्वारा साझा किए गए एक वायरल वीडियो को लेकर यह सवाल उठाया जा रहा है कि इसमें गलती लड़के की है या लड़की की।
Abhishek Kumar eMedia
अभिषेक कुमार ई-मीडिया द्वारा साझा किए गए एक वायरल वीडियो को लेकर यह सवाल उठाया जा रहा है कि इसमें गलती लड़के की है या लड़की की।
More news from बिहार and nearby areas
- अभिषेक कुमार eMedia ने एक महत्वपूर्ण संदेश जारी करते हुए लोगों को आगाह किया है कि 'ऐसी गलती कभी ना करें'। यह चेतावनी 'वायरल वीडियो का सच' विषय के तहत दी गई है, जिसमें अभिषेक कुमार eMedia ने दर्शकों से कुछ विशेष गलतियों से बचने का आग्रह किया है।1
- बिहार सरकार से कुशवाहा नगर धनौती गांव के ग्रामीणों ने शिकायत की है कि उनके गांव में व्यवस्था सही नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में न तो कोई स्कूल है और न ही आंगनवाड़ी केंद्र। इसके अतिरिक्त, गांव में उचित भवन और चापाकल (हैंडपंप) जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। इन कमियों के कारण गरीब बच्चों को पढ़ाई करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने सरकार से अनुरोध किया है कि वे उनकी इन मांगों को पूरा करें ताकि गांव में बेहतर सुविधाएं मिल सकें।1
- रोहतास जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा ने बीते मध्य रात्रि सासाराम सदर अस्पताल में जल जमाव की समस्या और शहर में जाम की समस्या से निजात दिलाने को लेकर औचक जायज़ा लिया। जिलाधिकारी के मध्य रात्रि में सड़क और सदर अस्पताल के अचानक निरीक्षण से अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा ने बताया कि उन्होंने सासाराम सदर अस्पताल में जल जमाव की समस्या का विधिवत जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने क्षतिग्रस्त नाले की तत्काल मरम्मत कराने तथा जल जमाव से मुक्ति दिलाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने सदर अस्पताल सासाराम के चिकित्सकों को मरीजों का इलाज करने के लिए ससमय ड्यूटी पर पहुँचने और दवा को सूची के साथ उपलब्ध रखने का भी निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, जाम की समस्या से निपटने के लिए भी उन्होंने जायज़ा लेने के बाद कई निर्देश जारी किए। उन्होंने यातायात के नियमों के अनुपालन हेतु ट्रैफिक पुलिस की उपस्थिति सुनिश्चित करने और लोगों के बीच जागरूकता लाने के निर्देश दिए। रोहतास जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा ने जल जमाव और जाम दोनों समस्याओं को लेकर यह जायज़ा लिया और कड़े निर्देश जारी किए।2
- Post by Bimlesh patel1
- बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार लगातार सरकारी अस्पतालों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं, और उन्होंने अब खुद एक सरकारी अस्पताल में अपनी आँखों की जाँच कराकर जनता के सामने एक उदाहरण पेश किया है। इस कदम का व्यापक स्वागत किया जा रहा है। लेखक के अनुसार, शुरुआत में उन्हें यह विश्वास नहीं था कि मंत्री इस तरह ज़मीनी स्तर पर काम करेंगे, लेकिन मंत्री का खुद सरकारी अस्पताल की सेवाओं पर भरोसा दिखाना राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संदेश है। हालांकि, इस पहल की असली परीक्षा तब होगी जब बिहार के हर सरकारी अस्पताल में आम लोगों को भी बिना किसी सिफारिश के, समय पर और बेहतर इलाज मिलना शुरू हो जाएगा। यदि यह बदलाव वास्तव में ज़मीन पर दिखाई देता है, तो इस पहल को ऐतिहासिक माना जाएगा।1
- चरपोखरी प्रखंड मुख्यालय स्थित पंचायती राज भवन में लगभग एक साल बाद आयोजित पंचायत समिति की सामान्य बैठक पूरी तरह से हंगामेदार रही, जहाँ जनप्रतिनिधियों का गुस्सा फूट पड़ा। इस बैठक के दौरान स्वास्थ्य, बिजली, मनरेगा सहित कई विभागों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए गए। बैठक में पिछली बैठक की पुष्टि, मनरेगा की समीक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, पीएचईडी और जन वितरण प्रणाली जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होनी थी, लेकिन यह जल्द ही आरोप-प्रत्यारोप और तीखे सवालों में बदल गई। जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों से सीधा जवाब मांगा और कई मामलों में घोर लापरवाही का आरोप लगाया। पूर्व प्रमुख ललन प्रसाद सिंह ने स्वास्थ्य विभाग पर बड़ा हमला करते हुए कहा कि व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। वहीं, पूर्व उप प्रमुख पप्पू कुमार शाह ने बिजली विभाग के कनीय अभियंता पर नाराजगी जताते हुए बलिहारी और मनैनी गाँव में जर्जर तार बदलने की माँग की; उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अभियंता फोन तक नहीं उठाते, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी हो रही है। मुखिया लाल मुक्ति पासवान ने बैठक में यह गंभीर आरोप लगाया कि जानबूझकर एक साल तक पंचायत समिति की बैठक नहीं कराई गई, ताकि विकास कार्यों को रोका जा सके और चुपके से फंड की निकासी की जा सके। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग पर सीधा हमला बोलते हुए यह भी कहा कि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के स्तर पर अवैध वसूली हो रही है और ड्यूटी में भारी लापरवाही बरती जा रही है, यहाँ तक कि इमरजेंसी में आने वाले मरीजों का इलाज चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों से कराया जा रहा है, जिसे उन्होंने बेहद गंभीर मामला बताया। बैठक में उठे इन गंभीर मुद्दों ने स्पष्ट कर दिया है कि चरपोखरी में कई विभागों की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है और यदि जल्द सुधार नहीं हुआ, तो यह मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है, जिससे यह भी संकेत मिलता है कि चरपोखरी में 'सिस्टम फेल' हो चुका है। इस हंगामेदार बैठक के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी मोनिका कुमारी, प्रखंड प्रमुख रामचंद्र सिंह यादव, उप प्रमुख दीपक चौधरी, अभिषेक यादव, रीना देवी, मुखिया पप्पू कुमार साह, प्रवीण कुमार राजू, पूजा देवी, दशरथ यादव सहित कई जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।1
- औरंगाबाद के गोह थाना क्षेत्र के दरधा गांव में एक युवक को विवाहिता से संबंधित सोशल मीडिया स्टेटस डालना महंगा पड़ गया। बुधवार को इसी बात को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले, जिसमें एक पक्ष के आधा दर्जन लोग घायल हो गए। घायलों में बशीर साह, मोकिम साह, अक़ीम साह, परवीना खातून और कुछ अन्य लोग शामिल हैं। दरअसल, गांव के ही रिजवान की बेटी के साथ दो साल पहले बशीर का प्रेम प्रसंग था। हालांकि, परिजनों ने लड़की की सहमति से उसकी शादी किसी दूसरे लड़के से कर दी थी। इसके बावजूद बशीर लगातार उस युवती से संबंधित पोस्ट अपने इंस्टाग्राम और फेसबुक अकाउंट पर स्टेटस के रूप में लगा रहा था। बशीर की इन हरकतों से परेशान होकर लोगों ने कई बार उसे समझाया, यहां तक कि युवती के परिजनों ने भी कई बार समझौता करने का प्रयास किया, लेकिन बशीर अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। बुधवार को एक बार फिर नए स्टेटस को लेकर हुए विवाद को सुलझाने के लिए दोनों पक्षों के बीच बातचीत चल रही थी। इसी दौरान तू-तू-मैं-मैं के साथ कहासुनी हुई, जो जल्द ही गाली-गलौज और मारपीट में बदल गई। इस मारपीट का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें एक पक्ष के लोग दूसरे पक्ष पर लाठी-डंडों से लगातार हमला करते दिख रहे हैं। मामले में थानाध्यक्ष राजीव कुमार ने बताया कि पीड़ित पक्ष से आवेदन मिलने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।1