बांदा में बुंदेलखंड इंसाफ संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए.एस. नोमानी ने 1 जून 2026 से अशोक लाट चौराहे पर भूख हड़ताल शुरू कर दी है। नोमानी का यह अनशन अवैध खनन, बढ़ते वायु प्रदूषण, भीषण गर्मी और निरंतर घटते जंगलों के कारण प्रकृति के अस्तित्व को बचाने की एक मौन पुकार है। यह केवल एक व्यक्ति का विरोध न होकर प्रकृति की उस पीड़ा को व्यक्त करने का प्रयास है, जो वर्षों से इन गंभीर चुनौतियों से जूझ रही है। नोमानी ने जोर देकर कहा है कि जब नीतियां कमजोर पड़ जाती हैं और प्रकृति की वेदना अनसुनी की जाती है, तब लोकतंत्र में अहिंसक प्रतिरोध ही अंतिम मार्ग बचता है। उन्होंने केन नदी के सिकुड़ते प्रवाह, पहाड़ों के कटते सीने और जंगलों के उजड़ते विस्तार को केवल पर्यावरणीय संकट नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य पर मंडराता खतरा बताया। उनका यह अनशन एक सवाल और एक चेतावनी दोनों है कि क्या विकास की अंधी दौड़ में समाज अपनी नदियों, जंगलों और प्राकृतिक धरोहरों को खोने के लिए तैयार है। नोमानी का मानना है कि यदि आज भी प्रकृति की इस पुकार को नहीं सुना गया, तो इतिहास यह दर्ज करेगा कि इंसान ने अपने जीवन के मूल आधारों को नष्ट होते देखा, लेकिन फिर भी मौन बना रहा। यह भूख हड़ताल इसी मौन को तोड़ने का एक प्रयास है, क्योंकि जब नदियां कराहती हैं, जंगल सिमटते हैं और पहाड़ घायल होते हैं, तब प्रतिरोध भी एक तपस्या का रूप ले लेता है।
बांदा में बुंदेलखंड इंसाफ संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए.एस. नोमानी ने 1 जून 2026 से अशोक लाट चौराहे पर भूख हड़ताल शुरू कर दी है। नोमानी का यह अनशन अवैध खनन, बढ़ते वायु प्रदूषण, भीषण गर्मी और निरंतर घटते जंगलों के कारण प्रकृति के अस्तित्व को बचाने की एक मौन पुकार है। यह केवल एक व्यक्ति का विरोध न होकर प्रकृति की उस पीड़ा को व्यक्त करने का प्रयास है, जो वर्षों से इन गंभीर चुनौतियों से जूझ रही है। नोमानी ने जोर देकर कहा है कि जब नीतियां कमजोर पड़ जाती हैं और प्रकृति की वेदना अनसुनी की जाती है, तब लोकतंत्र में अहिंसक प्रतिरोध ही अंतिम मार्ग बचता है। उन्होंने केन नदी के सिकुड़ते प्रवाह, पहाड़ों के कटते सीने और जंगलों के उजड़ते विस्तार को केवल पर्यावरणीय संकट नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य पर मंडराता खतरा बताया। उनका यह अनशन एक सवाल और एक चेतावनी दोनों है कि क्या विकास की अंधी दौड़ में समाज अपनी नदियों, जंगलों और प्राकृतिक धरोहरों को खोने के लिए तैयार है। नोमानी का मानना है कि यदि आज भी प्रकृति की इस पुकार को नहीं सुना गया, तो इतिहास यह दर्ज करेगा कि इंसान ने अपने जीवन के मूल आधारों को नष्ट होते देखा, लेकिन फिर भी मौन बना रहा। यह भूख हड़ताल इसी मौन को तोड़ने का एक प्रयास है, क्योंकि जब नदियां कराहती हैं, जंगल सिमटते हैं और पहाड़ घायल होते हैं, तब प्रतिरोध भी एक तपस्या का रूप ले लेता है।
- हमीरपुर में पछैया लुहार समुदाय ने जिला प्रशासन से आवास और बसने के लिए स्थायी जमीन उपलब्ध कराने की मांग को लेकर एक ज्ञापन सौंपा है। इन परिवारों को अतिक्रमण हटाओ अभियान और सड़क चौड़ीकरण परियोजनाओं के चलते बेघर होने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। मौदहा कस्बे में पछैया लुहार परिवार तीन पीढ़ियों से सड़क किनारे ही गुजर-बसर कर रहे हैं। अपनी इस गंभीर समस्या और पीड़ा को लेकर समुदाय की कई महिलाएं एडीएम कार्यालय पहुंचीं, जहाँ उन्होंने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई। स्थायी आशियाना न मिलने की स्थिति में इन परिवारों के सामने भविष्य का संकट गहरा गया है।1
- यह पोस्ट वीरपाल जी लोधी राजपूत के प्रति गहरा स्नेह और सम्मान व्यक्त करती है। इसमें वीरपाल जी का उल्लेख लोधी राजपूत समुदाय से संबंधित व्यक्ति के रूप में किया गया है, जिसके साथ भावनात्मक जुड़ाव और प्रशंसा दर्शाई गई है।1
- पनवाड़ी कस्बे के मुहाल तालाब काजीपुर में बीती अर्द्धरात्रि को तेज वोल्टेज के कारण आग लग गई। यह घटना देर रात हुई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।1
- महोबा जनपद में रेवंई से धवार तक चल रहे सड़क निर्माण कार्य में कथित लापरवाही को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के दौरान न तो सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है और न ही गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिसके चलते आम जनता को असुविधा और दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, निर्माण स्थल पर पर्याप्त चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग या रात में प्रकाश व्यवस्था का कोई इंतजाम नहीं है। सड़क पर निर्माण सामग्री के बिखरे होने से राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने यह भी दावा किया है कि कई स्थानों पर कार्य की गुणवत्ता संदिग्ध प्रतीत हो रही है, जिसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। क्षेत्रवासियों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से तत्काल सड़क निर्माण कार्य का निरीक्षण करने और सुरक्षा मानकों व निर्माण गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बन रही इस सड़क में यदि शुरू से ही लापरवाही बरती गई, तो भविष्य में इसकी मजबूती और टिकाऊपन पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग जाएंगे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करने के लिए बाध्य होंगे।4
- शहर कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती अफसाना शाह ने अपने परिवार और समर्थकों के साथ अजमेर शरीफ स्थित हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह पर अकीदत के साथ हाजिरी दी। इस दौरान उन्होंने चादरपोशी की और फातेहा पढ़ी। अफसाना शाह ने देश और प्रदेश की खुशहाली, अमन-चैन, आपसी भाईचारे तथा सभी लोगों की तरक्की के लिए विशेष दुआएं मांगीं। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि ख्वाजा गरीब नवाज की शिक्षाएं इंसानियत, मोहब्बत और सद्भाव का संदेश देती हैं, जो समाज को एकता के सूत्र में बांधती हैं। दरगाह शरीफ के अलावा, श्रीमती अफसाना शाह ने तारागढ़ और सरवर शरीफ पहुंचकर भी इबादत की और देश में शांति, सौहार्द व खुशहाली कायम रहने की दुआ मांगी।3
- पनवाड़ी ब्लॉक के कोनिया गांव में एक बड़ा हादसा हो गया है, जिसमें कई लोग घायल बताए जा रहे हैं।1
- आगरा के ईदगाह बस स्टैंड पर महाराष्ट्र की एक बस में आग लग गई। आग लगने के समय इस बस में काफी यात्री मौजूद थे। इस घटना के कारण कई लोग घायल हो गए।1