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हमीरपुर में पछैया लुहार समुदाय ने जिला प्रशासन से आवास और बसने के लिए स्थायी जमीन उपलब्ध कराने की मांग को लेकर एक ज्ञापन सौंपा है। इन परिवारों को अतिक्रमण हटाओ अभियान और सड़क चौड़ीकरण परियोजनाओं के चलते बेघर होने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। मौदहा कस्बे में पछैया लुहार परिवार तीन पीढ़ियों से सड़क किनारे ही गुजर-बसर कर रहे हैं। अपनी इस गंभीर समस्या और पीड़ा को लेकर समुदाय की कई महिलाएं एडीएम कार्यालय पहुंचीं, जहाँ उन्होंने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई। स्थायी आशियाना न मिलने की स्थिति में इन परिवारों के सामने भविष्य का संकट गहरा गया है।
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हमीरपुर में पछैया लुहार समुदाय ने जिला प्रशासन से आवास और बसने के लिए स्थायी जमीन उपलब्ध कराने की मांग को लेकर एक ज्ञापन सौंपा है। इन परिवारों को अतिक्रमण हटाओ अभियान और सड़क चौड़ीकरण परियोजनाओं के चलते बेघर होने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। मौदहा कस्बे में पछैया लुहार परिवार तीन पीढ़ियों से सड़क किनारे ही गुजर-बसर कर रहे हैं। अपनी इस गंभीर समस्या और पीड़ा को लेकर समुदाय की कई महिलाएं एडीएम कार्यालय पहुंचीं, जहाँ उन्होंने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई। स्थायी आशियाना न मिलने की स्थिति में इन परिवारों के सामने भविष्य का संकट गहरा गया है।
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- हमीरपुर में भीषण गर्मी के मद्देनजर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों और शिक्षकों ने सरकारी विद्यालयों के संचालन समय में बदलाव की मांग करते हुए जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा है। शिक्षकों ने वर्तमान मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए विद्यालयों का समय सुबह 7:30 बजे से 11:30 बजे तक निर्धारित करने की मांग की है। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि लगातार बढ़ते तापमान और तेज गर्मी के कारण विद्यालय आने वाले बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी हुई है। दोपहर के समय अत्यधिक गर्मी के कारण छात्र-छात्राओं को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ने का खतरा भी बढ़ जाता है। शिक्षकों ने जिला प्रशासन से बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, विद्यालय के समय में तत्काल परिवर्तन करने का आग्रह किया है। यह ज्ञापन जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में दिया गया।1
- चित्रकूट में आषाढ़ की अमावस्या के अवसर पर श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ उमड़ पड़ी, जिसने जनसैलाब का रूप ले लिया। यह भीड़ इतनी विशाल थी कि इसने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। अमावस्या पर जुटी इस भारी भीड़ के कारण चित्रकूट में 'जम के ऊपर जाम' की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे वहां से किसी भी तरह निकलना असंभव हो गया था।1
- बांदा में जिला कबड्डी एसोसिएशन द्वारा आयोजित 15 दिवसीय कबड्डी समर कैंप सीजन-7 का समापन बेहद उत्साह और उल्लास के साथ हुआ। कैंप के आखिरी दिन खिलाड़ियों में गजब का जोश और जुनून देखने को मिला। खिलाड़ियों ने बताया कि इन 15 दिनों में उन्हें कबड्डी के नए कौशल सीखने के साथ-साथ अनुशासन, समय की महत्ता, नियमित खानपान, बड़ों का सम्मान और सीनियर खिलाड़ियों का आदर करने जैसी महत्वपूर्ण सीख भी मिली। मुस्कुराते हुए खिलाड़ियों ने कहा, "आठवां सीजन इतनी जल्दी आ जाए कि हम फिर से कैंप का हिस्सा बन सकें।" समापन दिवस पर खिलाड़ियों को मनोरंजन और सीख के साथ मैत्री कबड्डी मुकाबले खेलने का अवसर भी मिला। ये प्रतियोगिताएं चार आयु वर्गों – मिनी, सब जूनियर, जूनियर और सीनियर वर्ग में आयोजित की गईं। विजेता एवं उपविजेता टीमों के खिलाड़ियों को ट्रॉफी और आकर्षक पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर एडीएम न्यायिक माया शंकर, एसडीएम इरफान उल्लाह खान, एमिटी स्कूल के संचालक विप्रांश यादव, लेखपाल कैलाश चंद्र, डीके सिंह, एसआई राजेंद्र वर्मा, महेश जी तथा राजेंद्र जी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस कैंप को सफल बनाने में चंद्रमौली भारद्वाज, शादी जमा साहब, अरुणेश सिंह, धर्मेंद्र त्रिपाठी, कैलाश चंद्र लेखपाल, सुनील सक्सेना, अंकित कुशवाहा, नारायण सिंह, क्षितिज त्रिपाठी और विप्रांश यादव का विशेष योगदान रहा। अंत में जिला कबड्डी एसोसिएशन, बांदा के सचिव कमल सिंह यादव ने सभी अतिथियों, खिलाड़ियों, अभिभावकों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास के लिए भविष्य में भी ऐसे आयोजन निरंतर किए जाते रहेंगे। कार्यक्रम का सफल संचालन जिला कबड्डी एसोसिएशन बांदा के कोषाध्यक्ष सुनील सक्सेना ने किया।3
- बाँदा के जसपुरा थाना क्षेत्र स्थित गौरीकला गांव में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ चंद्रावल नदी में नहाने गए तीन बच्चों की गहरे पानी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुँची। स्थानीय गोताखोरों की सहायता से पुलिस ने तीनों बच्चों के शवों को नदी से बरामद कर लिया। पुलिस ने शवों का पंचनामा भरकर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे गौरीकला गांव में गहरे शोक की लहर दौड़ गई है, और हर तरफ मातम पसरा हुआ है। सीओ सदर सौरभ सिंह ने इस संदर्भ में बताया है कि मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।1
- हमीरपुर में पछैया लुहार समुदाय ने जिला प्रशासन से आवास और बसने के लिए स्थायी जमीन उपलब्ध कराने की मांग को लेकर एक ज्ञापन सौंपा है। इन परिवारों को अतिक्रमण हटाओ अभियान और सड़क चौड़ीकरण परियोजनाओं के चलते बेघर होने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। मौदहा कस्बे में पछैया लुहार परिवार तीन पीढ़ियों से सड़क किनारे ही गुजर-बसर कर रहे हैं। अपनी इस गंभीर समस्या और पीड़ा को लेकर समुदाय की कई महिलाएं एडीएम कार्यालय पहुंचीं, जहाँ उन्होंने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई। स्थायी आशियाना न मिलने की स्थिति में इन परिवारों के सामने भविष्य का संकट गहरा गया है।1
- हमीरपुर के सुमेरपुर कस्बे के वार्ड नंबर-6 में सोमवार देर रात एक घरेलू विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। पीड़ित श्यामकरण ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी को पार्लर कोर्स पर जाने से मना करने के बाद दोनों में विवाद हो गया, जिसके बाद पत्नी ने कथित तौर पर अपने मायके पक्ष के लोगों को बुला लिया। श्यामकरण के अनुसार, सोमवार रात करीब 12 बजे लगभग एक दर्जन लोग उनके घर पहुंचे और पथराव शुरू कर दिया। हमलावरों ने घर के बाहर खड़ी एक रिश्तेदार की कार को भी क्षतिग्रस्त कर दिया तथा परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी पत्नी घर छोड़ते समय 70 से 80 हजार रुपये नकद और कुछ जेवरात अपने साथ ले गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे यह पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। पीड़ित परिवार ने मामले की शिकायत पुलिस से की है, और पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। वायरल वीडियो के आधार पर भी तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है।1