चंपारण रेंज के डीआईजी हरकिशोर राय ने सोमवार शाम करीब पांच बजे बेतिया के मझौलिया थाना का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विधि-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। पत्रकारों से बात करते हुए डीआईजी राय ने घोषणा की कि उन्होंने मझौलिया थाना को 'गोद' लिया है, जिसके परिणामस्वरूप यहां कई स्तर पर बदलाव देखने को मिलेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध पर नियंत्रण उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी और थाना को एक 'स्मार्ट थाना' के रूप में विकसित किया जाएगा। डीआईजी ने विशेष रूप से लंबित कांडों के त्वरित निष्पादन पर जोर दिया, यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि सामान्य मामलों के अनुसंधान में अनावश्यक देरी न हो। उन्होंने महत्वपूर्ण मामलों की नियमित समीक्षा करने और आपराधिक मामलों में न्यायालय को त्वरित चार्जशीट सौंपने की बात कही। इसके अतिरिक्त, डीआईजी हरकिशोर राय ने महिलाओं की शिकायतों को सम्मानपूर्वक सुनने और उन पर तुरंत कार्रवाई करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। पत्रकारों से हल्के-फुल्के अंदाज में उन्होंने अपने आगमन की जानकारी मिलने पर सवाल किया, फिर मुस्कुराते हुए कहा कि अब थाने को आदर्श बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। इस निरीक्षण के दौरान नव पदस्थापित एसडीपीओ सदर अजीत कुमार और एसएचओ अमर कुमार सहित कई अन्य पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।
चंपारण रेंज के डीआईजी हरकिशोर राय ने सोमवार शाम करीब पांच बजे बेतिया के मझौलिया थाना का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विधि-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। पत्रकारों से बात करते हुए डीआईजी राय ने घोषणा की कि उन्होंने मझौलिया थाना को 'गोद' लिया है, जिसके परिणामस्वरूप यहां कई स्तर पर बदलाव देखने को मिलेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध पर नियंत्रण उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी और थाना को एक 'स्मार्ट थाना' के रूप में विकसित किया जाएगा। डीआईजी ने विशेष रूप से लंबित कांडों के त्वरित निष्पादन पर जोर दिया, यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि सामान्य मामलों के अनुसंधान में अनावश्यक देरी न हो। उन्होंने महत्वपूर्ण मामलों की नियमित समीक्षा करने और आपराधिक मामलों में न्यायालय को त्वरित चार्जशीट सौंपने की बात कही। इसके अतिरिक्त, डीआईजी हरकिशोर राय ने महिलाओं की शिकायतों को सम्मानपूर्वक सुनने और उन पर तुरंत कार्रवाई करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। पत्रकारों से हल्के-फुल्के अंदाज में उन्होंने अपने आगमन की जानकारी मिलने पर सवाल किया, फिर मुस्कुराते हुए कहा कि अब थाने को आदर्श बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। इस निरीक्षण के दौरान नव पदस्थापित एसडीपीओ सदर अजीत कुमार और एसएचओ अमर कुमार सहित कई अन्य पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।
- नौतन के जगदिशपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत कठैया विशुनपुरा वार्ड संख्या तीन में रविवार की मध्य रात्रि अज्ञात चोरों ने एक घर में बड़ी चोरी की घटना को अंजाम दिया। चोर लाखों रुपये मूल्य के गहने, नगदी और अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो गए। पीड़ित जोखु साह ने जगदिशपुर थाना में आवेदन देकर बताया कि उनके परिवार के सभी सदस्य मोतिहारी में आयोजित एक सालगिरह समारोह में शामिल होने गए थे। देर रात घर लौटने पर उन्हें अलमारी और ट्रंक का ताला टूटा मिला, साथ ही घर का सामान भी बिखरा पड़ा था। पीड़ित के अनुसार, चोर करीब 15 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के गहने और लगभग 10 लाख रुपये नगद सहित कुल लगभग 25 लाख रुपये की चोरी कर ले गए। आशंका जताई जा रही है कि चोर छत के रास्ते घर में घुसे और सुनियोजित ढंग से वारदात को अंजाम दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई। सोमवार के दोपहर करीब तीन बजे थानाध्यक्ष निशी कुमारी ने बताया कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आगे की जांच शुरू कर दी गई है। इस घटना के बाद से इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।1
- पश्चिम चंपारण जिले में शिक्षकों की विभिन्न लंबित समस्याओं के समाधान को लेकर सोमवार को जिला शिक्षा पदाधिकारी (DPO) कार्यालय परिसर में शिक्षक नेताओं और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के बीच एक महत्वपूर्ण वार्ता हुई। यह बैठक जिला शिक्षा पदाधिकारी के सभागार में आयोजित की गई थी, जिसमें डीपीओ स्थापना कुमार अनुभव, डीपीओ माध्यमिक गार्गी कुमारी और डीपीओ पीएम पोषण योजना कुमकुम पाठक मौजूद रहे। बैठक के दौरान, शिक्षक नेताओं ने जिले के शिक्षकों से जुड़ी कई अहम समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। इन समस्याओं में नियोजित और विशिष्ट शिक्षकों की प्रोन्नति, विशिष्ट शिक्षकों का बकाया महंगाई भत्ता अंतरवेतन, प्रधान शिक्षकों का वेतन संरक्षण, आवास भत्ता, एमएसीपी लाभ, सेवा पुस्तिका संधारण, वरीय शिक्षकों को प्रभारी प्रधानाध्यापक बनाना, नियमित शिक्षकों को मध्य विद्यालय में प्रोन्नति देना और जर्जर विद्यालय भवनों का जीर्णोद्धार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल थे। शिक्षक नेताओं राहुल राज, बिपिन कुमार यादव, मनोज श्रीवास्तव, मुकेश गुप्ता, अमित श्रीवास्तव समेत अन्य प्रतिनिधियों ने अधिकारियों से इन लंबित मामलों का जल्द समाधान करने की पुरजोर मांग की। इसके जवाब में, डीपीओ स्थापना कुमार अनुभव ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए जिला शिक्षा कार्यालय स्तर से आवश्यक पहल की जाएगी और लंबित मामलों के निष्पादन की दिशा में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित होगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में रवि चौधरी, दुर्योधन बैठा, राजन यादव, संजय कुमार, जितेंद्र दुबे, सुरेश बैठा, सुरेश राम, रामप्रकाश पासवान, राजन कुमार, चंदन कुमार, हृषिकेश शुक्ला, छोटेलाल राम, अब्दुल्लाह अंसारी, हरेंद्र किशोर पांडेय, प्रकाश कुमार, अजय कुमार, साहेब यादव, ददन पासवान, खुरशेद आलम सहित सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे।1
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- नोएडा फेज 2 में वेतन, बोनस और शोषण के खिलाफ 1,000 से अधिक फैक्ट्री कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। ये श्रमिक ₹20,000 न्यूनतम वेतन और 8 घंटे की शिफ्ट की मांग कर रहे थे, जिसे वे अपना संवैधानिक अधिकार बताते हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बढ़ती महंगाई के इस दौर में ₹11,000 से ₹13,000 की पगार में गुजारा करना असंभव है। अपनी इन जायज मांगों के बीच, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर हिंसक कार्रवाई की। पुलिस ने जनता को "कीड़े-मकौड़े की तरह" मारा, जिससे यह तीखा सवाल उठा कि "क्या हम कॉक्रोच हैं?" हालाँकि पुलिस के डंडे टूट गए, लेकिन प्रदर्शनकारियों का हौसला नहीं टूटा। इस घटना ने एक बार फिर ऐसे नेताओं की आवश्यकता पर बल दिया है जो जमीनी हकीकत को समझते हों, न कि सिर्फ AC कमरों में बैठकर फैसले लेने वाले हों।1
- प्रधानमंत्री की ईंधन बचाने की अपील का भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने बेतिया में खुलेआम उल्लंघन किया। वे एक प्रशिक्षण शिविर में दर्जनों गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंचे, जिससे प्रधानमंत्री के संदेश की धज्जियां उड़ गईं। जहाँ एक ओर प्रधानमंत्री लोगों से ईंधन बचाने की अपील कर रहे थे, वहीं उनकी ही पार्टी के लोग धरातल पर इस अपील की अनदेखी करते दिखे, जबकि आम लोग केवल फोटो खिंचवाकर सोशल मीडिया पर डालकर अपनी सहभागिता निभा रहे थे।1
- बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के चनपटिया अंतर्गत कुमारबाग थाना क्षेत्र के रानीपुर रमपुरवा गांव में अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम को ग्रामीणों के भारी विरोध और आक्रोश का सामना करना पड़ा। अंचलाधिकारी के नेतृत्व में जैसे ही टीम जमीन खाली कराने पहुंची, ग्रामीण अचानक उग्र हो गए। उन्होंने प्रशासनिक टीम को घेरकर तीखी नोकझोंक शुरू कर दी और मौके पर माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल के साथ जमकर गाली-गलौज करते हुए हिंसक झड़प की। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें ग्रामीण और प्रशासनिक टीम के लोग आपस में उलझते और बहस करते दिखाई दे रहे हैं। हालाँकि, वायरल हो रहे इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि हमारा चैनल अपडेट न्यूज़ बिहार नहीं करता है। घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव का माहौल है और तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। प्रशासन इस मामले को लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गया है, और चनपटिया सीओ द्वारा कुमारबाग थाना में अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।1
- बेतिया के नगर निगम क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक मीना बाजार के ट्रैफिक चौक पर नव निर्मित सार्वजनिक शौचालय, मूत्रालय एवं स्नानघर से इस सघन शहरी क्षेत्र की एक बड़ी बुनियादी समस्या का समाधान हो गया है। महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने इस बात पर जोर देते हुए महिला एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग निर्मित आधुनिक प्रसाधन सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, साफ-सफाई व्यवस्था एवं अन्य सुविधाओं का जायजा लिया। नगर निगम प्रशासन द्वारा लगभग 15.50 लाख रुपये की लागत से निर्मित इस आधुनिक सुविधा केंद्र में पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग तीन-तीन सीट वाले शौचालय, तीन-तीन मूत्रालय तथा दो-दो स्नानघर उपलब्ध कराए गए हैं। महापौर ने बताया कि बाजार के दुकानदारों, राहगीरों और आम लोगों के लिए यह सुविधा अत्यंत जरूरी थी। मीना बाजार और ट्रैफिक चौक जैसे अत्यधिक व्यस्त एवं सघन शहरी क्षेत्र में लंबे समय से इसकी मांग की जा रही थी। खासकर व्यापारियों, रिक्शा चालकों, यात्रियों तथा खरीदारी करने आने वाले लोगों को अब इससे काफी राहत मिलेगी, और गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज की चहारदीवारी बनने के बाद क्षेत्र की यह बड़ी समस्या हल हुई है, जिससे दुकानदारों में खुशी है। महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने संबंधित कर्मियों को निर्देश दिया कि शौचालय परिसर की नियमित सफाई, जलापूर्ति एवं प्रकाश व्यवस्था हर हाल में सुचारु रखी जाए ताकि लोगों को बेहतर सुविधा मिल सके। उन्होंने दोहराया कि नगर निगम शहर को स्वच्छ, व्यवस्थित और नागरिक सुविधाओं से युक्त बनाने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। स्थानीय दुकानदारों एवं नागरिकों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होगी तथा लोगों को सार्वजनिक सुविधा के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा।1
- चंपारण रेंज के डीआईजी हरकिशोर राय ने सोमवार शाम करीब पांच बजे बेतिया के मझौलिया थाना का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विधि-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। पत्रकारों से बात करते हुए डीआईजी राय ने घोषणा की कि उन्होंने मझौलिया थाना को 'गोद' लिया है, जिसके परिणामस्वरूप यहां कई स्तर पर बदलाव देखने को मिलेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध पर नियंत्रण उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी और थाना को एक 'स्मार्ट थाना' के रूप में विकसित किया जाएगा। डीआईजी ने विशेष रूप से लंबित कांडों के त्वरित निष्पादन पर जोर दिया, यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि सामान्य मामलों के अनुसंधान में अनावश्यक देरी न हो। उन्होंने महत्वपूर्ण मामलों की नियमित समीक्षा करने और आपराधिक मामलों में न्यायालय को त्वरित चार्जशीट सौंपने की बात कही। इसके अतिरिक्त, डीआईजी हरकिशोर राय ने महिलाओं की शिकायतों को सम्मानपूर्वक सुनने और उन पर तुरंत कार्रवाई करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। पत्रकारों से हल्के-फुल्के अंदाज में उन्होंने अपने आगमन की जानकारी मिलने पर सवाल किया, फिर मुस्कुराते हुए कहा कि अब थाने को आदर्श बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। इस निरीक्षण के दौरान नव पदस्थापित एसडीपीओ सदर अजीत कुमार और एसएचओ अमर कुमार सहित कई अन्य पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।1
- कानपुर के सरसौल में आयोजित पुलिस भर्ती की परीक्षा गंभीर अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ गई, जिसके कारण दर्जनों छात्र अपना पेपर नहीं दे पाए। इस स्थिति से आक्रोशित होकर छात्रों ने सड़क जाम कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। मामले की सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए छात्रों को समझा-बुझाकर काबू पाया। हालांकि, इस घटना के बाद भी यह सवाल बरकरार है कि आखिर परीक्षा व्यवस्था में इतनी बड़ी गड़बड़ी कैसे हुई। मूल प्रश्न यही है कि क्या इस तरह की अव्यवस्थाओं के बीच पारदर्शी परीक्षाओं का ढोंग चलता रहेगा?1