मंदसौर खबर रामप्रसाद धनगर कि खास रिपोर्ट सच लिखने की सज़ा? पत्रकार पर झूठी शिकायत का दबाव, एसपी दफ्तर पहुंचा पत्रकारों का हुजूम मंदसौर: जिले में पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर सवाल खड़े करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने वाले पत्रकार ललित शंकर धाकड़ के खिलाफ कथित रूप से झूठी और आधारहीन शिकायत दर्ज करवाई गई, जिसके विरोध में जिलेभर के पत्रकार एकजुट हो गए। सोमवार को बड़ी संख्या में पत्रकारों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।पत्रकारों ने आरोप लगाया कि यह कोई सामान्य शिकायत नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश है, जिसका मकसद एक ईमानदार पत्रकार को दबाना और उसकी छवि को धूमिल करना है। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि ललित शंकर धाकड़ वर्षों से अवैध गतिविधियों, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताओं को उजागर करते आ रहे हैं, जिससे कुछ लोग असहज हैं और इसी कारण उन्हें टारगेट किया जा रहा है।मामले में यह भी सामने आया कि नगर सुरक्षा समिति से जुड़े एक युवक के माध्यम से शिकायत करवाई गई, जिसमें एनआरसी से जुड़े अनिल नामक व्यक्ति का नाम चर्चा में है। पत्रकारों का कहना है कि शिकायत पूरी तरह तथ्यहीन है और इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर माहौल बनाने की कोशिश की गई, ताकि पत्रकार पर मानसिक और सामाजिक दबाव बनाया जा सके।ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि करीब दो माह पूर्व सोशल मीडिया पर एक सामान्य प्रतिक्रिया को आधार बनाकर अब विवाद खड़ा किया गया है, जो न केवल हास्यास्पद है बल्कि दुर्भावनापूर्ण भी है। पत्रकारों ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला बताते हुए कहा कि अगर आज इस तरह की साजिशों को नहीं रोका गया, तो कल कोई भी स्वतंत्र पत्रकार सुरक्षित नहीं रहेगा। मंदसौर खबर रामप्रसाद धनगर कि खास रिपोर्ट सच लिखने की सज़ा? पत्रकार पर झूठी शिकायत का दबाव, एसपी दफ्तर पहुंचा पत्रकारों का हुजूम मंदसौर: जिले में पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर सवाल खड़े करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने वाले पत्रकार ललित शंकर धाकड़ के खिलाफ कथित रूप से झूठी और आधारहीन शिकायत दर्ज करवाई गई, जिसके विरोध में जिलेभर के पत्रकार एकजुट हो गए। सोमवार को बड़ी संख्या में पत्रकारों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।पत्रकारों ने आरोप लगाया कि यह कोई सामान्य शिकायत नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश है, जिसका मकसद एक ईमानदार पत्रकार को दबाना और उसकी छवि को धूमिल करना है। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि ललित शंकर धाकड़ वर्षों से अवैध गतिविधियों, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताओं को उजागर करते आ रहे हैं, जिससे कुछ लोग असहज हैं और इसी कारण उन्हें टारगेट किया जा रहा है।मामले में यह भी सामने आया कि नगर सुरक्षा समिति से जुड़े एक युवक के माध्यम से शिकायत करवाई गई, जिसमें एनआरसी से जुड़े अनिल नामक व्यक्ति का नाम चर्चा में है। पत्रकारों का कहना है कि शिकायत पूरी तरह तथ्यहीन है और इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर माहौल बनाने की कोशिश की गई, ताकि पत्रकार पर मानसिक और सामाजिक दबाव बनाया जा सके।ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि करीब दो माह पूर्व सोशल मीडिया पर एक सामान्य प्रतिक्रिया को आधार बनाकर अब विवाद खड़ा किया गया है, जो न केवल हास्यास्पद है बल्कि दुर्भावनापूर्ण भी है। पत्रकारों ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला बताते हुए कहा कि अगर आज इस तरह की साजिशों को नहीं रोका गया, तो कल कोई भी स्वतंत्र पत्रकार सुरक्षित नहीं रहेगा।
मंदसौर खबर रामप्रसाद धनगर कि खास रिपोर्ट सच लिखने की सज़ा? पत्रकार पर झूठी शिकायत का दबाव, एसपी दफ्तर पहुंचा पत्रकारों का हुजूम मंदसौर: जिले में पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर सवाल खड़े करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने वाले पत्रकार ललित शंकर धाकड़ के खिलाफ कथित रूप से झूठी और आधारहीन शिकायत दर्ज करवाई गई, जिसके विरोध में जिलेभर के पत्रकार एकजुट हो गए। सोमवार को बड़ी संख्या में पत्रकारों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।पत्रकारों ने आरोप लगाया कि यह कोई सामान्य शिकायत नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश है, जिसका मकसद एक ईमानदार पत्रकार को दबाना और उसकी छवि को धूमिल करना है। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि ललित शंकर धाकड़ वर्षों से अवैध गतिविधियों, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताओं को उजागर करते आ रहे हैं, जिससे कुछ लोग असहज हैं और इसी कारण उन्हें टारगेट किया जा रहा है।मामले में यह भी सामने आया कि नगर सुरक्षा समिति से जुड़े एक युवक के माध्यम से शिकायत करवाई गई, जिसमें एनआरसी से जुड़े अनिल नामक व्यक्ति का नाम चर्चा में है। पत्रकारों का कहना है कि शिकायत पूरी तरह तथ्यहीन है और इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर माहौल बनाने की कोशिश की गई, ताकि पत्रकार पर मानसिक और सामाजिक दबाव बनाया जा सके।ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि करीब दो माह पूर्व सोशल मीडिया पर एक सामान्य प्रतिक्रिया को आधार बनाकर अब विवाद खड़ा किया गया है, जो न केवल हास्यास्पद है बल्कि दुर्भावनापूर्ण भी है। पत्रकारों ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला बताते हुए कहा कि अगर आज इस तरह की साजिशों को नहीं रोका गया, तो कल कोई भी स्वतंत्र पत्रकार सुरक्षित नहीं रहेगा। मंदसौर खबर रामप्रसाद धनगर कि खास रिपोर्ट सच लिखने की सज़ा? पत्रकार पर झूठी शिकायत का दबाव, एसपी दफ्तर पहुंचा पत्रकारों का हुजूम मंदसौर: जिले में पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर सवाल खड़े करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने वाले पत्रकार ललित शंकर धाकड़ के खिलाफ कथित रूप से झूठी और आधारहीन शिकायत दर्ज करवाई गई, जिसके विरोध में जिलेभर के पत्रकार एकजुट हो गए। सोमवार को बड़ी संख्या में पत्रकारों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।पत्रकारों ने आरोप लगाया कि यह कोई सामान्य शिकायत नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश है, जिसका मकसद एक ईमानदार पत्रकार को दबाना और उसकी छवि को धूमिल करना है। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि ललित शंकर धाकड़ वर्षों से अवैध गतिविधियों, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताओं को उजागर करते आ रहे हैं, जिससे कुछ लोग असहज हैं और इसी कारण उन्हें टारगेट किया जा रहा है।मामले में यह भी सामने आया कि नगर सुरक्षा समिति से जुड़े एक युवक के माध्यम से शिकायत करवाई गई, जिसमें एनआरसी से जुड़े अनिल नामक व्यक्ति का नाम चर्चा में है। पत्रकारों का कहना है कि शिकायत पूरी तरह तथ्यहीन है और इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर माहौल बनाने की कोशिश की गई, ताकि पत्रकार पर मानसिक और सामाजिक दबाव बनाया जा सके।ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि करीब दो माह पूर्व सोशल मीडिया पर एक सामान्य प्रतिक्रिया को आधार बनाकर अब विवाद खड़ा किया गया है, जो न केवल हास्यास्पद है बल्कि दुर्भावनापूर्ण भी है। पत्रकारों ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला बताते हुए कहा कि अगर आज इस तरह की साजिशों को नहीं रोका गया, तो कल कोई भी स्वतंत्र पत्रकार सुरक्षित नहीं रहेगा।
- मंदसौर ब्रेकिंग रामप्रसाद धनगर कि खास रिपोर्ट गांधीसागर जलाशय में अवैध शिकार: 3 आरोपी गिरफ्तार, करंट से मगरमच्छ की मौत* मंदसौर के गांधीसागर जलाशय (संजीत क्षेत्र) में बिजली का करंट फैलाकर मछलियों का अवैध शिकार करने वाले पश्चिम बंगाल के तीन आरोपियों को पुलिस और वन विभाग ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से शिकार में प्रयुक्त बैटरी और बिजली के तार बरामद किए गए हैं। इस अवैध गतिविधि के दौरान करंट की चपेट में आने से एक मगरमच्छ की भी मृत्यु हो गई, जिसका पोस्टमार्टम कर अंतिम संस्कार कर दिया गया है। प्रशासन ने आरोपियों पर मत्स्य और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कठोर कार्यवाही शुरू कर दी है और क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है।1
- Post by Shivraj Singh ahirwar1
- Post by Manoj Kumar1
- Post by हर खबर आपके साथ1
- ताल:- बीती रात ताल के कोट नीचे इलाके में विवाह समारोह में डीजे वालों की कानफोडू प्रतियोगिता में एक घर का चिराग हमेशा के लिए बुझ गया ताल की कई सामाजिक संस्थाओं ने और ताल व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष नटवर सोनी द्वारा भी कई बार सोशल मीडिया के माध्यम से भी कई बार पुलिस प्रशासन को अवगत कराया गया किन्तु प्रशासन के कान पर कोई असर नहीं हुआ घटना के बाद भी डीजे पर कोई प्रतिबंध नहीं लगा है शायद प्रशासन को इसी को इंतजार था।1
- मोड़क क्षेत्र के सहरावदा में रविवार सुबह एक शादी समारोह के दोरान गैस सिलेंडर में आग लग गई सिलेंडर जैसे बफका तो आनन-फानन में लोगों में अफरातफरी मच गई, सूचना मिलते हीं मोड़क थाना पुलिस मौके पर पहुंची और गैस सिलेंडर भट्टी को टेंट से निकाल गैस सिलेंडर को वहां से दूर सहरावदा बिड में लें गए जहां उस पर मिट्टी और पानी कि मदद से आग पर काबू पाया जा सका,तब जाकर लोगों ने राहत कि सांस लीं1
- रामगंजमंडी नगर पालिका के सामने सफाईकर्मियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। नगर पालिका कर्मचारी संघ के बैनर तले जुटे कर्मचारियों ने प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा। सोमवार शाम करीब 4:30 बजे कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि लंबे समय से सफाई व्यवस्था में समान कार्य विभाजन नहीं होने, कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार और प्रशासनिक अनदेखी के कारण हालात बिगड़ रहे हैं। आरोप लगाया कि सफाई कार्य के प्रभारी द्वारा दिखावटी अभियान चलाकर अधिकारियों और आमजन को गुमराह किया जा रहा है, जबकि वास्तविक समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने कहा कि करीब एक साल से 28 सूत्रीय मांग पत्र लंबित है, जिस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनकी प्रमुख मांगों में प्लेसमेंट प्रथा समाप्त कर नियमित भर्ती, सफाई कार्य का समान बंटवारा, सेवानिवृत्त कर्मचारियों को समय पर भुगतान, वरिष्ठता सूची का प्रकाशन, जमादार पदों पर पदोन्नति, आवासीय भूखंड आवंटन सहित अन्य सुविधाएं शामिल हैं। इसके अलावा कर्मचारियों ने महिला सफाईकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार के आरोप भी लगाए और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की होगी।1
- Post by Manoj Kumar1