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हमीरपुर - एक बार फिर से सड़को पर उतरा Gen अल्फा ,पक्की सड़क की मांग को लेकर gen अल्फा का कलेक्टरेट में हल्ला बोल ।। एक बार फिर से सड़को पर उतरा Gen अल्फा , पक्की सड़क की मांग को लेकर gen अल्फा का कलेक्टरेट में हल्ला बोल, बड़ी संख्या में डीएम कार्यालय परिसर पहुंचे बच्चे व उनके अभिभावक, बच्चो ने कहाँ - पक्की सड़क न होने की दशा में होती है विद्यालय जाने में दिक्क़त, बारिश के बाद कीचड़ में तब्दील हो जाती है कच्ची सड़क, मौके पर पहुंचे अधिकारियो के आश्वासन के बाद प्रदर्शन हुआ समाप्त, सदर तहसील के भौली गांव से मुख्यालय की ओर आने वाली सड़क को लेकर किया गया प्रदर्शन...
Sheelu Nishad
हमीरपुर - एक बार फिर से सड़को पर उतरा Gen अल्फा ,पक्की सड़क की मांग को लेकर gen अल्फा का कलेक्टरेट में हल्ला बोल ।। एक बार फिर से सड़को पर उतरा Gen अल्फा , पक्की सड़क की मांग को लेकर gen अल्फा का कलेक्टरेट में हल्ला बोल, बड़ी संख्या में डीएम कार्यालय परिसर पहुंचे बच्चे व उनके अभिभावक, बच्चो ने कहाँ - पक्की सड़क न होने की दशा में होती है विद्यालय जाने में दिक्क़त, बारिश के बाद कीचड़ में तब्दील हो जाती है कच्ची सड़क, मौके पर पहुंचे अधिकारियो के आश्वासन के बाद प्रदर्शन हुआ समाप्त, सदर तहसील के भौली गांव से मुख्यालय की ओर आने वाली सड़क को लेकर किया गया प्रदर्शन...
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- Hamirpur: हमीरपुर में मिलावट खोरों पर प्रशासन का एक्शन, एसडीएम ने मिठाई की दुकानों पर की छापेमारी, दुकानदार ने अपनी ही मिठाई खाने से किया इनकार, अधिकारियों के बार बार कहने पर भी नहीं खाई मिठाई, मिलावटी मिठाई को मौके पर कराया गया नष्ट, मौदहा कोतवाली के जयभावनी स्वीट्स का मामला1
- हमीरपुर :बारिश के बाद बदहाल हुआ रास्ता, ग्रामीणों का आवागमन दुश्वार मौदहा, हमीरपुर। मौदहा विकासखंड क्षेत्र के सायर उपरी गांव में बारिश के बाद रास्ते की हालत बेहद खराब हो गई है। रास्ते पर जगह-जगह जलभराव और कीचड़ होने से ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। कीचड़ और पानी के बीच से होकर बच्चों को स्कूल जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ते की समस्या को लेकर कई बार ग्राम प्रधान से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से जल्द रास्ते की मरम्मत और जलभराव की समस्या का समाधान कराकर आवागमन सुचारु कराने की मांग की है।1
- मौदहा कोतवाली पुलिस में नशीला पाउडर खिलाकर यात्रियों को लूटने वाले तीन आरोपियों को दबोचा 🔴 डिग्री कॉलेज रोड पुलिया के पास पुलिस ने की गिरफ्तारी 🔴 तीनों के कब्जे से 103 ग्राम अल्प्राजोलम बरामद 🔴 बस-टैक्सी में यात्रियों से दोस्ती कर खाने में मिलाते थे नशीला पाउडर 🔴 यात्री के बेहोश/नींद में जाने के बाद बैग व कीमती सामान करते थे पार 🔴 हरियाणा और राजस्थान के रहने वाले हैं तीनों आरोपी 🔴 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज, भेजे गए न्यायिक अभिरक्षा में1
- कालपी में सरकारी नजूल भूमि की कथित बिक्री और अभिलेखों में हेरफेर के आरोप, जांच में अनियमितताओं का मामला सामने आया। कालपी में सरकारी नजूल भूमि की बिक्री के आरोपों से हड़कंप, जांच में अभिलेखों में अनियमितताओं का खुलासा! गाटा संख्या 165 और भूखंड संख्या 1407-1409 को लेकर बढ़ा विवाद, सेवानिवृत्त पालिका कर्मचारी और भूमाफियाओं की कथित मिलीभगत की जांच कालपी/जालौन। कालपी के अदलसराय इलाके में सरकारी नजूल भूमि की कथित बिक्री और अभिलेखों में हेरफेर के आरोपों ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज शिकायत के बाद प्रकरण तहसीलदार कालपी तक पहुंचा, जहां 19 अगस्त को सदर लेखपाल द्वारा की गई जांच में राजस्व अभिलेखों में अनियमितताओं का मामला सामने आने की बात दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता अमर सिंह अहिरवार एडवोकेट ने मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि अदलसराय, कालपी खास स्थित गाटा संख्या 165, वर्ग-12(ख), राज्य सरकार की नजूल भूमि तथा नगर पालिका परिषद कालपी के भूखंड संख्या 1407 को कथित रूप से कूटरचित अभिलेखों और मिलीभगत के जरिए निजी लाभ के लिए इस्तेमाल किया गया। शिकायत में नगर पालिका के एक पूर्व/सेवानिवृत्त कर्मचारी और कुछ कथित भूमाफियाओं की भूमिका की जांच की मांग की गई है। नाप-जोख पर भी उठे गंभीर सवाल शिकायत में 13 जुलाई 2026 को नगर पालिका के राजस्व निरीक्षक द्वारा की गई नाप-जोख पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि भूखंड संख्या 1409 के रकबे को कथित रूप से भूखंड संख्या 1407 में शामिल दर्शाया गया, जिससे सरकारी भूमि की स्थिति प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। मामले की गंभीरता इस बात से भी बढ़ गई है कि शिकायतकर्ता ने संबंधित भूमि का दोबारा राजस्व और नगर पालिका अभिलेखों के आधार पर निष्पक्ष सीमांकन कराने की मांग की है। जांच रिपोर्ट में सामने आईं अनियमितताओं की बात IGRS पर दर्ज शिकायत संख्या 40016526017150 की उपलब्ध स्थिति के अनुसार मामला राजस्व एवं आपदा विभाग से संबंधित है और इसे तहसीलदार कालपी को अग्रसारित किया गया है। जांच विवरण में बताया गया है कि गाटा संख्या 165, वर्ग 12(ख) की सरकारी भूमि के संबंध में जांच की गई। जांच विवरण में राज्य सरकार की नजूल भूमि से संबंधित अभिलेखों में अनियमितताओं की बात दर्ज है। साथ ही, एक सेवानिवृत्त नगर पालिका कर्मचारी और कुछ कथित भूमाफियाओं द्वारा सरकारी भूमि के अनधिकृत विक्रय के आरोपों का भी उल्लेख किया गया है। मकान बने तो विवाद और गहराया जांच के दौरान यह भी सामने आने की बात कही गई है कि कई लोगों के निर्मित मकान कथित अतिक्रमण की सीमा में आने लगे हैं। इसके बाद स्थानीय स्तर पर विवाद और आक्रोश की स्थिति बनने की बात जांच रिपोर्ट में दर्ज की गई है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि सरकारी नजूल भूमि के अभिलेखों में वास्तव में हेरफेर हुआ है तो यह किस स्तर पर हुआ और इसके पीछे कौन लोग जिम्मेदार हैं? साथ ही, यदि जमीन का कथित रूप से अनधिकृत विक्रय हुआ है तो उसमें शामिल लोगों की भूमिका और दस्तावेजों की वैधता भी जांच का अहम हिस्सा होगी। प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती मामले में शिकायतकर्ता ने मांग की है कि गाटा संख्या 165 तथा नगर पालिका के भूखंड संख्या 1407 और 1409 का दोबारा निष्पक्ष सीमांकन कराया जाए। साथ ही 13 जुलाई की नाप-जोख रिपोर्ट, राजस्व अभिलेख, नगर पालिका के रिकॉर्ड और कथित बिक्री से जुड़े दस्तावेजों की जांच कराई जाए। फिलहाल उपलब्ध जांच विवरण में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि नहीं हुई है। किसी व्यक्ति की दोषसिद्धि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होगी। लेकिन सरकारी नजूल भूमि और अभिलेखों में कथित अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक जांच पर सभी की निगाहें टिक गई हैं। अब देखना यह है कि जांच आगे बढ़ने पर सरकारी जमीन के कथित खेल की परतें खुलती हैं या मामला फिर कागजी कार्रवाई तक ही सीमित रह जाता है। #Kalpi #Jalaun #KalpiNews #JalaunNews #BreakingNews #NuzulLand #SarkariJameen #GovernmentLand #Bhumafiya #LandScam #RevenueDepartment #NagarPalikaKalpi #IGRS #JalaunAdministration #RevenueNews #UPNews #UttarPradesh #LandFraud #GroundReport #BigBreaking #LatestNews1
- कानपुर देहात निवादा गांव में प्रधान व सचिव पर ग्रामीणों ने लगाया आरोप आपको बताते हैं पूरा मामला उत्तर प्रदेश कानपुर देहात के राजपुर ब्लॉक खंड के दुर्गा राजपुर गांव के माजरा मोहम्मदपुर नवादा का है जहां पर ग्रामीण ने आरोप लगाया कि प्रधान व सचिव ने मिलकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया है और गलत तरीके से बी में हेरा फेरी कर पैसे निकाले हैं जब सच आया सामने तो लोग चौके आखिर क्या है पूरा मामला जाने।1
- मुख्य विकास अधिकारी ने माती विकास भवन स्थित विभिन्न कार्यालयों का किया निरीक्षण, दिए आवश्यक दिशा-निर्देश मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल ने माती विकास भवन परिसर में स्थित विभिन्न विभागीय कार्यालयों का निरीक्षण कर कार्यालयीय व्यवस्थाओं, अभिलेखों के रख-रखाव एवं जनसामान्य को प्रदान की जा रही सेवाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति, कार्यालयों की स्वच्छता, अभिलेखों के संधारण तथा लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। निरिक्षण के समय मौके पर समाज कल्याण विभाग की चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पूजा , जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय से कनिष्ठ सहायक सुरेन्द्र बहादुर , अश्वनी त्रिवेदी (डीसी० sbm), उपायुक्त स्वत: रोजगार कार्यालय से डीएमएम निखा सचान, पूजा वर्मा डीएमएम एवम अंकित , लघु सिचाई कार्यालय के राकेश कुमार सचान (प्रधान सहायक), शशिकांत वर्मा (कनिष्ठ सहायक), हिमांशु कुमार जायसवाल (कनिष्ठ सहायक), कमलेश कनोजिया (चतुर्थ श्रेणी कर्म०) कृषि विभाग से मोहित मिश्रा (आकस्मिक अवकाश) पर थे परन्तु इनके द्वारा मानव संपदा पोर्टल पर सक्षम अधिकारी से अनुमति नहीं ली गयी है वहीँ ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के मह्नेद्र वर्मा (चतुर्थ श्रेणी कर्म०) बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए गए जिस पर उन्होंने समबन्धित कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण मांगने तथा समय पर कार्यालय पहुँचने के सख्त निर्देश दिए। मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की प्राथमिकताओं एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तथा प्राप्त होने वाली जन शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि कार्यालयों में आने वाले प्रत्येक नागरिक के साथ संवेदनशील एवं सकारात्मक व्यवहार किया जाए तथा उनकी समस्याओं का यथासंभव त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालयों में स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने, अभिलेखों को सुव्यवस्थित रखने तथा विभागीय कार्यों में पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, विभिन्न योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति करने पर बल दिया। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों को गति प्रदान करें तथा शासन की मंशा के अनुरूप जनहितकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।1
- मौदहानगर की तहसील परिसर को बानी पानी की टंकी के अंदर फंसे तीन बंदर 🔴 बंदरों की चीख सुनकर तहसील प्रशासन को मिली जानकारी सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने शुरू किया रेस्क्यू* *🔴 ड्रोन कैमरे से टंकी के अंदर बंदरों की हुई पुष्टि रस्सी के सहारे तीनों बंदरों को सुरक्षित बाहर निकाला* *🔴 रेस्क्यू के बाद तीनों बंदर सुरक्षित स्थान की ओर रवाना एसडीएम करनवीर सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर किया सहयोग*1
- हमीरपुर :जिलाधिकारी के निर्देश पर विद्यालयों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों का सघन निरीक्षण, लापरवाही पर 4 प्रधानाध्यापक निलंबित एवं 9 को कारण बताओ नोटिस हमीरपुर।जनपद में प्राथमिक विद्यालयों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों में शिक्षकों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं बच्चों की कम उपस्थिति तथा मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता को लेकर प्राप्त हो रही शिकायतों एवं मीडिया में प्रकाशित खबरों को जिलाधिकारी श्री अभिषेक गोयल द्वारा गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को विद्यालयों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों का सघन निरीक्षण कर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में बेसिक शिक्षा विभाग एवं संबंधित अधिकारियों द्वारा जनपद में व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया गया। निरीक्षण के दौरान अगस्त माह में लापरवाही एवं अनियमितता पाए जाने पर 4 प्रधानाध्यापकों को निलंबित किया गया है, जबकि 9 प्रधानाध्यापकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी श्री अरुण कुमार सिंह ने बताया कि मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता में लापरवाही पाए जाने वाले विद्यालयों में भी नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की गई है तथा संबंधितों को भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न होने की स्पष्ट चेतावनी दी गई है। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी द्वारा सभी शिक्षकों एवं संबंधित अधिकारियों को विद्यालयों में शत-प्रतिशत शिक्षक उपस्थिति सुनिश्चित करने, बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने तथा मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता एवं स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण अभियान निरंतर जारी रहेगा तथा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।1
- कागजों में चारा, गौशाला में हाहाकार! कासिमपुर गौशाला की बदहाली पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा चारा-पानी से लेकर गोवंश की मौत और कथित धमकी तक के आरोप, ग्रामीणों ने एसडीएम से मांगी औचक जांच माधौगढ़ (जालौन) ग्राम पंचायत कासिमपुर की गौशाला में कथित अव्यवस्थाओं को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। गुरुवार को ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी माधौगढ़ मनोज प्रकाश को ज्ञापन सौंपकर गौशाला की व्यवस्थाओं की निष्पक्ष और बिना पूर्व सूचना के औचक जांच कराने की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी कागजों में गौशाला की व्यवस्थाएं दुरुस्त दिखाई जा रही हैं, लेकिन मौके पर चारा, पानी, छाया, साफ-सफाई और उपचार जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति बेहद चिंताजनक है। ग्रामीणों का कहना है कि गौशाला में कई गोवंश कमजोर और अस्वस्थ हालत में बताए जा रहे हैं। ज्ञापन में एक गोवंश की मौत और उसके निस्तारण को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों के निरीक्षण की जानकारी पहले से पहुंच जाने पर व्यवस्थाओं को आनन-फानन में ठीक-ठाक दिखाने का प्रयास किया जाता है। ऐसे में ग्रामीणों ने मांग की कि अचानक और गोपनीय तरीके से निरीक्षण कराया जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। सवाल सिर्फ व्यवस्था का नहीं, बेजुबानों की जिंदगी का है ग्रामीणों ने गौशाला में मौजूद गोवंशों की वास्तविक संख्या का सत्यापन कराने, प्रतिदिन उपलब्ध कराए जा रहे चारे-पानी की जांच, दवाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई, छाया और उपचार व्यवस्था का स्थलीय निरीक्षण कराने की मांग की है। साथ ही सरकारी धन से होने वाले खर्च का भी रिकॉर्ड से मिलान कराने की मांग उठाई गई है। मामले को लेकर ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि गौशाला की कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाने और आवाज उठाने पर उन्हें धमकाया गया तथा झूठे मुकदमे में फंसाने की चेतावनी दी गई। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। ग्रामीणों ने पूछा—अगर सब ठीक है तो औचक जांच से डर कैसा? ग्रामीणों का कहना है कि गौशाला में यदि वास्तव में सभी व्यवस्थाएं मानकों के अनुरूप हैं तो प्रशासन को बिना किसी पूर्व सूचना के निरीक्षण कराकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। इससे न केवल ग्रामीणों की शिकायतों का समाधान होगा, बल्कि सरकारी व्यवस्था पर भी लोगों का भरोसा मजबूत होगा। ज्ञापन देने वालों में महेंद्र सिंह परिहार, हुकुम सिंह, नेकसे, अंजनी कुमार, रामेश, देवीदास, कल्लू, डीके कुशवाहा और सुमित समेत अन्य ग्रामीण मौजूद रहे। अब बड़ा सवाल यह है कि ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की प्रशासन कितनी गंभीरता से जांच करता है और जांच में क्या सामने आता है। बेजुबान गोवंश की देखभाल के नाम पर यदि कहीं लापरवाही या सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि होती है तो जिम्मेदारी तय होना बेहद जरूरी है। काश, हर ग्राम पंचायत के ग्रामीण इसी तरह बेजुबानों की आवाज बनकर सामने आएं, ताकि किसी गौशाला में गोवंश भूख-प्यास, बीमारी या बदइंतजामी का शिकार न हो। आपकी क्या राय है? क्या गौशालाओं की नियमित औचक जांच होनी चाहिए? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। #जालौन #माधौगढ़ #कासिमपुर #कासिमपुरगौशाला #एसडीएममाधौगढ़ #जालौनन्यूज #ब्रेकिंगन्यूज #यूपी_न्यूज #उत्तरप्रदेश #ग्रामीणसमस्या #प्रशासन #JalaunNews #Madhogarh #BreakingNews1