उदयपुर के लोगों को टूटी सड़कों, गंदगी और बंद पड़े फाउंटेन से हो रही परेशानी के बीच एक राहत भरी खबर सामने आई है। नगर निगम उदयपुर में हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद, प्रदेश स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर के.के. गुप्ता ने अधिकारियों को कड़े शब्दों में अल्टीमेटम दिया है कि शहर की सफाई और विकास कार्य अब तय समय-सीमा में पूरे किए जाएंगे। बैठक में कचरा संग्रहण को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। अब हर 500 घरों पर एक कचरा वाहन प्रतिदिन सुबह 6:30 बजे से 10:30 बजे तक पहुँचेगा, जहाँ हर घर से गीला और सूखा कचरा अलग-अलग एकत्र किया जाएगा। साथ ही, यूजर चार्ज का भुगतान न करने वालों पर निगम सख्त कार्रवाई करेगा। व्यावसायिक क्षेत्रों के लिए भी 10 तारीख से नियमित कचरा संग्रहण की व्यवस्था शुरू की जाएगी, जिसमें शहर की लगभग 3200 दुकानें, होटल और व्यावसायिक प्रतिष्ठान शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त, शहर के सभी 111 कचरा पॉइंट दोपहर 12 बजे तक पूरी तरह साफ किए जाएंगे और शाम को दोबारा इनकी सफाई होगी, जिसकी जियो-टैग फोटो अपलोड की जाएगी और इसी आधार पर एजेंसी को भुगतान किया जाएगा। नालों की सफाई, पार्कों की बदहाली और फाउंटेन की खराब स्थिति पर भी बैठक में नाराजगी व्यक्त की गई। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि शहर के सभी फाउंटेन अगले 7 दिनों में चालू कर दिए जाएंगे, जबकि सुखाड़िया सर्किल का फाउंटेन 15 दिनों में फिर से शुरू होगा। सभी उद्यानों की सफाई और मरम्मत का काम भी अगले 15 दिनों में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। सड़कों की खराब स्थिति पर खास ध्यान दिया गया है, जहाँ बारिश से बने गड्ढों को कल से ही WBM तकनीक से भरा जाएगा, जिसकी निगरानी वार्ड प्रभारी और निरीक्षक करेंगे। एलिवेटेड ब्रिज के नीचे अधूरी सड़क का काम अब निगम खुद “रिस्क एंड कॉस्ट” पर कराएगा। अन्य निर्देशों में रात्रिकालीन सफाई, सार्वजनिक मूत्रालयों की दिन में तीन बार जेट मशीन से सफाई, बंद स्ट्रीट लाइटों को तुरंत ठीक करना और शहर की प्रमुख सड़कों पर बड़े छायादार पौधे लगाना शामिल है। निजी खाली भूखंडों पर फैली गंदगी को लेकर भी सख्त चेतावनी दी गई है; यदि भूखंड मालिक सफाई नहीं करवाते हैं, तो नगर निगम स्वयं सफाई कराकर उनसे खर्च की दस गुना राशि वसूलेगा। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि ये सभी घोषणाएँ तय समय-सीमा में जमीन पर उतर पाती हैं या नहीं। यदि ऐसा होता है, तो आने वाले दिनों में उदयपुर की तस्वीर में सकारात्मक बदलाव आ सकता है।
उदयपुर के लोगों को टूटी सड़कों, गंदगी और बंद पड़े फाउंटेन से हो रही परेशानी के बीच एक राहत भरी खबर सामने आई है। नगर निगम उदयपुर में हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद, प्रदेश स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर के.के. गुप्ता ने अधिकारियों को कड़े शब्दों में अल्टीमेटम दिया है कि शहर की सफाई और विकास कार्य अब तय समय-सीमा में पूरे किए जाएंगे। बैठक में कचरा संग्रहण को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। अब हर 500 घरों पर एक कचरा वाहन प्रतिदिन सुबह 6:30 बजे से 10:30 बजे तक पहुँचेगा, जहाँ हर घर से गीला और सूखा कचरा अलग-अलग एकत्र किया जाएगा। साथ ही, यूजर चार्ज का भुगतान न करने वालों पर निगम सख्त कार्रवाई करेगा। व्यावसायिक क्षेत्रों के लिए भी 10 तारीख से नियमित कचरा संग्रहण की व्यवस्था शुरू की जाएगी, जिसमें शहर की लगभग 3200 दुकानें, होटल और व्यावसायिक प्रतिष्ठान शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त, शहर के सभी 111 कचरा पॉइंट दोपहर 12 बजे तक पूरी तरह साफ किए जाएंगे और शाम को दोबारा इनकी सफाई होगी, जिसकी जियो-टैग फोटो अपलोड की जाएगी और इसी आधार पर एजेंसी को भुगतान किया जाएगा। नालों की सफाई, पार्कों की बदहाली और फाउंटेन की खराब स्थिति पर भी बैठक में नाराजगी व्यक्त की गई। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि शहर के सभी फाउंटेन अगले 7 दिनों में चालू कर दिए जाएंगे, जबकि सुखाड़िया सर्किल का फाउंटेन 15 दिनों में फिर से शुरू होगा। सभी उद्यानों की सफाई और मरम्मत का काम भी अगले 15 दिनों में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। सड़कों की खराब स्थिति पर खास ध्यान दिया गया है, जहाँ बारिश से बने गड्ढों को कल से ही WBM तकनीक से भरा जाएगा, जिसकी निगरानी वार्ड प्रभारी और निरीक्षक करेंगे। एलिवेटेड ब्रिज के नीचे अधूरी सड़क का काम अब निगम खुद “रिस्क एंड कॉस्ट” पर कराएगा। अन्य निर्देशों में रात्रिकालीन सफाई, सार्वजनिक मूत्रालयों की दिन में तीन बार जेट मशीन से सफाई, बंद स्ट्रीट लाइटों को तुरंत ठीक करना और शहर की प्रमुख सड़कों पर बड़े छायादार पौधे लगाना शामिल है। निजी खाली भूखंडों पर फैली गंदगी को लेकर भी सख्त चेतावनी दी गई है; यदि भूखंड मालिक सफाई नहीं करवाते हैं, तो नगर निगम स्वयं सफाई कराकर उनसे खर्च की दस गुना राशि वसूलेगा। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि ये सभी घोषणाएँ तय समय-सीमा में जमीन पर उतर पाती हैं या नहीं। यदि ऐसा होता है, तो आने वाले दिनों में उदयपुर की तस्वीर में सकारात्मक बदलाव आ सकता है।
- पिलानी नगरपालिका में शहरी सेवा शिविर का आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों का समाधान करना और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए आवेदन स्वीकार कर उनका त्वरित निस्तारण करना है। यह शिविर नागरिकों की समस्याओं के निराकरण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। पालिका अधिशासी अधिकारी सन्नी भाम्बू ने जानकारी देते हुए बताया कि 8 जुलाई तक ऊर्जा विभाग से संबंधित 57 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनका शत-प्रतिशत निस्तारण कर दिया गया है। इन शिकायतों में बिजली आपूर्ति में बाधा, खराब मीटर और ढीले तारों जैसी समस्याएं शामिल थीं। इसके अतिरिक्त, नगरपालिका द्वारा पट्टा नवीनीकरण, स्टेट ग्रांट पट्टा, धारा 69-ए और कृषि भूमि पर बसी स्वीकृत योजनाओं के तहत प्राप्त आवेदनों का भी तेजी से निस्तारण किया जा रहा है। ईओ सन्नी भाम्बू ने यह भी बताया कि यह शहरी सेवा शिविर 15 जुलाई तक जारी रहेगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी समस्याओं और शिकायतों के समाधान के लिए शिविर में आवेदन करें और सरकार की इस पहल का पूरा लाभ उठाएं।1
- उदयपुर के लोगों को टूटी सड़कों, गंदगी और बंद पड़े फाउंटेन से हो रही परेशानी के बीच एक राहत भरी खबर सामने आई है। नगर निगम उदयपुर में हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद, प्रदेश स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर के.के. गुप्ता ने अधिकारियों को कड़े शब्दों में अल्टीमेटम दिया है कि शहर की सफाई और विकास कार्य अब तय समय-सीमा में पूरे किए जाएंगे। बैठक में कचरा संग्रहण को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। अब हर 500 घरों पर एक कचरा वाहन प्रतिदिन सुबह 6:30 बजे से 10:30 बजे तक पहुँचेगा, जहाँ हर घर से गीला और सूखा कचरा अलग-अलग एकत्र किया जाएगा। साथ ही, यूजर चार्ज का भुगतान न करने वालों पर निगम सख्त कार्रवाई करेगा। व्यावसायिक क्षेत्रों के लिए भी 10 तारीख से नियमित कचरा संग्रहण की व्यवस्था शुरू की जाएगी, जिसमें शहर की लगभग 3200 दुकानें, होटल और व्यावसायिक प्रतिष्ठान शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त, शहर के सभी 111 कचरा पॉइंट दोपहर 12 बजे तक पूरी तरह साफ किए जाएंगे और शाम को दोबारा इनकी सफाई होगी, जिसकी जियो-टैग फोटो अपलोड की जाएगी और इसी आधार पर एजेंसी को भुगतान किया जाएगा। नालों की सफाई, पार्कों की बदहाली और फाउंटेन की खराब स्थिति पर भी बैठक में नाराजगी व्यक्त की गई। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि शहर के सभी फाउंटेन अगले 7 दिनों में चालू कर दिए जाएंगे, जबकि सुखाड़िया सर्किल का फाउंटेन 15 दिनों में फिर से शुरू होगा। सभी उद्यानों की सफाई और मरम्मत का काम भी अगले 15 दिनों में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। सड़कों की खराब स्थिति पर खास ध्यान दिया गया है, जहाँ बारिश से बने गड्ढों को कल से ही WBM तकनीक से भरा जाएगा, जिसकी निगरानी वार्ड प्रभारी और निरीक्षक करेंगे। एलिवेटेड ब्रिज के नीचे अधूरी सड़क का काम अब निगम खुद “रिस्क एंड कॉस्ट” पर कराएगा। अन्य निर्देशों में रात्रिकालीन सफाई, सार्वजनिक मूत्रालयों की दिन में तीन बार जेट मशीन से सफाई, बंद स्ट्रीट लाइटों को तुरंत ठीक करना और शहर की प्रमुख सड़कों पर बड़े छायादार पौधे लगाना शामिल है। निजी खाली भूखंडों पर फैली गंदगी को लेकर भी सख्त चेतावनी दी गई है; यदि भूखंड मालिक सफाई नहीं करवाते हैं, तो नगर निगम स्वयं सफाई कराकर उनसे खर्च की दस गुना राशि वसूलेगा। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि ये सभी घोषणाएँ तय समय-सीमा में जमीन पर उतर पाती हैं या नहीं। यदि ऐसा होता है, तो आने वाले दिनों में उदयपुर की तस्वीर में सकारात्मक बदलाव आ सकता है।1
- झुंझुनूं में एक शिकायतकर्ता ने बताया है कि उनके पते पर पानी की पाइपलाइन में पिछले 30 दिनों से लगातार लीकेज हो रहा है। इस लीकेज के कारण नागरिकों को वितरित किए जाने वाले पानी का लगातार दुरुपयोग हो रहा है, जिससे आम जनता को काफी कष्ट उठाना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए, शिकायतकर्ता ने संबंधित अधिकारियों से विनम्र निवेदन किया है कि पानी की पाइपलाइन को जल्द से जल्द दुरुस्त कराने की कृपा करें, ताकि पानी की बर्बादी रोकी जा सके और नागरिकों की परेशानी दूर हो।4
- Post by Shanti bai sapera1
- देश के महत्वाकांक्षी दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे परियोजना के निर्माण कार्य की गति और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से हाल ही में इसके कई महत्वपूर्ण खंडों का गहन निरीक्षण किया गया है। अधिकारियों ने दिल्ली, राजस्थान और मध्य प्रदेश में चल रहे विभिन्न पैकेजों की प्रगति का बारीकी से जायजा लिया, ताकि इस बहुप्रतीक्षित सड़क परियोजना को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जा सके। निरीक्षण के दौरान, दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में कनेक्टिविटी सुधारने वाले डीएनडी-सोहना एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे के शुरुआती खंड की समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त, दिल्ली-वडोदरा एक्सप्रेसवे के पैकेज 2, 3, 4 और 5 के निर्माण कार्यों की भी सघन जांच की गई। राजस्थान से गुजरने वाले एक्सप्रेसवे के बड़े हिस्से का भी मुआयना हुआ, जिसमें दिल्ली-वडोदरा एक्सप्रेसवे के पैकेज 6 से 15 तक शामिल थे। इस खंड में सबसे खास 8-लेन वाली मुकुंदरा सड़क सुरंग (ट्विन टनल) रही, जिसकी इंजीनियरिंग बारीकियों और निर्माण कार्य का विशेष रूप से मूल्यांकन किया गया, इसे वन्यजीवों की सुरक्षा और सुगम यातायात का उत्कृष्ट उदाहरण बताया गया है। वहीं, मध्य प्रदेश की सीमा में आने वाले दिल्ली-वडोदरा एक्सप्रेसवे के पैकेज 16, 17 और 18 के कार्यों का भी मौके पर जाकर निरीक्षण किया गया। इन लगातार हो रहे निरीक्षणों से यह स्पष्ट है कि इस विश्वस्तरीय एक्सप्रेसवे के कार्य को जल्द से जल्द पूर्ण करने पर पूरा ध्यान केंद्रित है। इस एक्सप्रेसवे के पूरी तरह चालू हो जाने से दिल्ली और मुंबई के बीच यात्रा का समय घटकर आधा रह जाएगा, जिससे न केवल यात्रियों को सुविधा होगी, बल्कि हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों के आर्थिक और औद्योगिक विकास को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।1
- नवलगढ़ में एक वीभत्स घटना सामने आई है, जहाँ एक 'कलयुगी बेटे' ने अपनी ही माँ को चाकू मारकर निर्मम तरीके से मौत के घाट उतार दिया। इस 'खौफनाक कांड' से इलाके में सनसनी फैल गई है।1