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सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज में स्थानीय लोगों ने अपने आने-जाने के लिए एक नाले के ऊपर खुद से पुल और कच्ची सड़क का निर्माण करवाया है। यहाँ पर कोई भी सड़क मौजूद नहीं है, जिसके कारण लोगों को खुद ही यह कदम उठाना पड़ा। लोगों ने अपील की है कि इस स्थान पर सड़क का निर्माण कराया जाए क्योंकि यहाँ कोई भी सड़क नहीं है।
Brij bhushan
सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज में स्थानीय लोगों ने अपने आने-जाने के लिए एक नाले के ऊपर खुद से पुल और कच्ची सड़क का निर्माण करवाया है। यहाँ पर कोई भी सड़क मौजूद नहीं है, जिसके कारण लोगों को खुद ही यह कदम उठाना पड़ा। लोगों ने अपील की है कि इस स्थान पर सड़क का निर्माण कराया जाए क्योंकि यहाँ कोई भी सड़क नहीं है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- कांग्रेस सांसद शक्ति सिंह गोहिल का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री करने का एक मामला सामने आया है। इसमें कांग्रेस सांसद शक्ति सिंह गोहिल पीएम मोदी की नकल उतारते हुए दिखाई दे रहे हैं।1
- Post by Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief1
- चंदौली जिले के चकिया क्षेत्र के ग्राम पचवनिया में छलका (जल नियंत्रण संरचना) के निर्माण को लेकर किसानों का अनिश्चितकालीन दिन-रात का धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। पचवनिया, ठेकहा, केराडीह, मनसापुर और गणेशपुर सहित आसपास के गांवों के किसान बड़ी संख्या में इस आंदोलन में डटे हुए हैं। प्रदर्शनकारी किसानों की एकमात्र मांग है कि हाल ही में सिंचाई विभाग द्वारा नवनिर्मित छलका की ऊंचाई को लगभग डेढ़ फीट बढ़ाया जाए, ताकि पचवनिया, मनसापुर, केराडीह और ठेकहा माइनरों में पर्याप्त पानी पहुंच सके और धान की रोपाई समय पर पूरी की जा सके। किसानों का दावा है कि छलका की ऊंचाई कम होने से माइनरों में पानी नहीं पहुंच रहा है, जिससे हजारों एकड़ कृषि भूमि पर सिंचाई का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। धान की नर्सरी पूरी तरह तैयार होने के बावजूद खेतों में पानी न होने के कारण रोपाई का काम लगातार पिछड़ रहा है, जिससे फसल उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। इसके अलावा, किसानों ने कई महीनों से अधूरे पड़े पुल निर्माण कार्य और नए निर्माण में छलका की ऊंचाई पहले की तुलना में कम किए जाने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूरे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों की जांच कराने की भी जोरदार मांग की है। आंदोलन के तीसरे दिन मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ने धरना स्थल पहुंचकर किसानों से बातचीत की और समाधान का आश्वासन दिया, जबकि इससे पहले पहले दिन जिलाधिकारी और अपर जिलाधिकारी को भी मांग पत्र सौंपकर समस्या से अवगत कराया जा चुका है। इस प्रदर्शन को उत्तर प्रदेश किसान सभा का समर्थन मिला है, जिसके जिला मंत्री लालचंद सिंह एडवोकेट ने तकनीकी निरीक्षण कर जल्द समाधान की मांग की है। धरने में शंभूनाथ, लालमणि विश्वकर्मा, कन्हैया चौहान, सिपाही चौहान, संजय चौहान, गुप्तनाथ, रामजी, महाराजा राम और ठेकहा के ग्राम प्रधान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सिंचाई समस्या का समय रहते समाधान नहीं हुआ, तो वे चक्का जाम कर आंदोलन को और तेज करेंगे।1
- बिहार के कैमूर जिले के चैनपुर में ग्रामीणों ने खुद अपनी समस्या का वीडियो बनाकर सीधे सरकार से मदद की गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने अपनी परेशानी को शासन और प्रशासन तक पहुंचाने के लिए खुद ही यह वीडियो तैयार किया है ताकि उनकी समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान हो सके।1
- उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के चकिया क्षेत्र स्थित पचवनिया गांव में छलका (जल नियंत्रण संरचना) के निर्माण को लेकर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना लगातार तीसरे दिन भी दिन-रात जारी है। पचवनिया, ठेकहा, केराडीह, मनसापुर, गणेशपुर सहित आसपास के गांवों के किसान बड़ी संख्या में इस आंदोलन में शामिल हैं। किसानों की एकमात्र मांग है कि सिंचाई विभाग द्वारा हाल ही में निर्मित किए गए छलका को लगभग डेढ़ फीट ऊंचा किया जाए, ताकि पचवनिया, मनसापुर, केराडीह और ठेकहा माइनरों में पर्याप्त पानी पहुंच सके और समय पर धान की रोपाई की जा सके। धरने पर बैठे किसानों का कहना है कि माइनरों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंचने से हजारों एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई प्रभावित हो रही है। धान की नर्सरी तैयार होने के बावजूद खेतों में पानी की कमी के कारण रोपाई का काम पिछड़ता जा रहा है, जिससे फसल उत्पादन पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि महीनों से चल रहा पुल निर्माण कार्य अभी तक पूरा नहीं हो सका है और नए निर्माण में छलका की ऊंचाई को पहले की तुलना में कम कर दिया गया है। किसानों ने इस निर्माण कार्य की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों की जांच कराने की भी मांग उठाई है। इस आंदोलन को उत्तर प्रदेश किसान सभा का भी समर्थन मिला है, जिसके जिला मंत्री लालचंद सिंह एडवोकेट ने तकनीकी निरीक्षण कराकर समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है। इससे पहले किसानों ने जिलाधिकारी और अपर जिलाधिकारी को मांग पत्र सौंपा था, जिसके बाद तीसरे दिन मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ने धरना स्थल पर पहुंचकर आश्वासन दिया। हालांकि, किसान तकनीकी मानकों के अनुसार छलका की ऊंचाई बढ़ाए जाने के स्थायी समाधान पर अड़े हैं। धरने में शंभूनाथ, लालमणि विश्वकर्मा, कन्हैया चौहान, सिपाही चौहान, संजय चौहान, गुप्तनाथ, रामजी, महाराजा राम और ठेकहा के ग्राम प्रधान सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे चक्का जाम कर आंदोलन को और उग्र करेंगे।1
- सोनभद्र के विंढमगगंज अंतर्गत ग्राम पंचायत कचनरवा में ठगी का एक मामला सामने आया है। यहाँ पिंटू की पत्नी चंचला देवी के घर दो अज्ञात व्यक्ति खुद को ग्राम पंचायत अधिकारी बताते हुए पहुंचे। इन अज्ञात व्यक्तियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना की जियो-टैगिंग कराने की बात कहकर परिवार को अपने विश्वास में ले लिया। इसके बाद दोनों जालसाज घर से ₹15,000 नगद, सोने का मंगलसूत्र और मांग टीका लेकर फरार हो गए। इस घटना के बाद पीड़ित परिवार ने मामले की पूरी जानकारी ग्राम प्रधान को दे दी है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक इस घटना की सूचना पुलिस या अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को नहीं दी गई थी। इस घटना के बाद ग्रामीणों से अपील की जा रही है कि वे किसी भी व्यक्ति को सरकारी कर्मचारी समझकर बिना उसका पहचान-पत्र पुख्ता किए घर में प्रवेश न करने दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।1
- सोनभद्र के म्योरपुर थाना क्षेत्र में शनिवार को एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित कार ने सड़क पर जमकर कहर बरपाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मुर्धवा की ओर से आ रही इस कार ने पहले रास्ते में कई जगहों पर लोगों को खतरे में डालते हुए बेहद तेज गति से वाहन चलाया। इसके बाद, जैसे ही कार म्योरपुर बाजार क्षेत्र में पहुंची, उसने सड़क किनारे खड़ी तीन बाइकों को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइकें दूर जा गिरीं और कार बेकाबू होकर सीधे सड़क किनारे बनी एक झोपड़ी में जा घुसी। इस हादसे के वक्त झोपड़ी के पास कई लोग मौजूद थे, लेकिन गनीमत यह रही कि सभी लोग समय रहते वहां से हट गए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। घटना के बाद मौके पर भारी अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कार म्योरपुर पहुंचने से पहले भी रास्ते में किसी अन्य स्थान पर टक्कर मारते हुए आ रही थी, हालांकि इस बात की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। दुर्घटना के बाद लोगों ने कार चालक को रोकने का प्रयास किया और तुरंत स्थानीय पुलिस को मामले की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त कार को अपने कब्जे में लेकर चालक से पूछताछ की कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस का कहना है कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है और यदि जांच में चालक की लापरवाही या तेज रफ्तार से वाहन चलाने की पुष्टि होती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सामने आया है जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें क्षतिग्रस्त वाहन, झोपड़ी में घुसी कार और मौके पर जुटी भीड़ साफ देखी जा सकती है।1