पडरौना के नवका टोला ईदगाह में इस साल भी हर वर्ष की तरह बकरीद का त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया गया। यहां बकरीद की नमाज़ दो शिफ्ट में अदा की गई, जिसमें पहली नमाज़ सुबह 7:15 बजे और दूसरी शिफ्ट की नमाज़ सुबह 8 बजे शुरू हुई। इस अवसर पर सपा नेता राम अवध यादव ने बताया कि ईद-उल-अजहा मुख्य रूप से पैगंबर इब्राहिम के सर्वोच्च बलिदान, अटूट विश्वास और अल्लाह के प्रति समर्पण की याद में मनाई जाती है। वहीं, सपा नेता मुन्ना यादव ऊर्फ राजेंद्र यादव ने भी बकरीद के त्योहार को शांतिपूर्वक और धूमधाम से मनाने का आह्वान किया, साथ ही इसके महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। इस त्योहार को त्याग का प्रतीक बताया गया, जो यह संदेश देता है कि ईश्वर की राह में अपनी सबसे प्रिय वस्तु का भी त्याग किया जा सकता है। बकरीद मनाने के पीछे की इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार, अल्लाह ने पैगंबर इब्राहिम की परीक्षा लेने के लिए उनके सपने में अपनी सबसे प्यारी चीज़ की कुर्बानी देने का हुक्म दिया था। इब्राहिम को अपने बेटे इस्माइल से बेहद प्यार था, इसलिए उन्होंने अल्लाह के आदेश का पालन करते हुए अपने बेटे की बलि देने का फैसला किया। जब इब्राहिम अपने बेटे इस्माइल को कुर्बान करने लगे, तो अल्लाह ने अपनी कुदरत से इस्माइल की जगह एक दुम्बा (भेड़) रख दिया। अल्लाह ने इब्राहिम की इस सच्ची निष्ठा और आज्ञाकारी को स्वीकार किया। इसी ऐतिहासिक घटना की याद में हर साल ज़िलहिज्जा के महीने में बकरे या किसी अन्य वैध जानवर की कुर्बानी दी जाती है, जिसे कुर्बानी की परंपरा कहा जाता है। कुर्बानी के गोश्त को तीन बराबर हिस्सों में बांटा जाता है: एक हिस्सा परिवार के लिए, दूसरा रिश्तेदारों और दोस्तों के लिए, और तीसरा हिस्सा गरीबों और जरूरतमंदों के लिए होता है। यह त्योहार हमें त्याग के साथ-साथ जरूरतमंदों की मदद करने और भाईचारे का संदेश भी देता है।
पडरौना के नवका टोला ईदगाह में इस साल भी हर वर्ष की तरह बकरीद का त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया गया। यहां बकरीद की नमाज़ दो शिफ्ट में अदा की गई, जिसमें पहली नमाज़ सुबह 7:15 बजे और दूसरी शिफ्ट की नमाज़ सुबह 8 बजे शुरू हुई। इस अवसर पर सपा नेता राम अवध यादव ने बताया कि ईद-उल-अजहा मुख्य रूप से पैगंबर इब्राहिम के सर्वोच्च बलिदान, अटूट विश्वास और अल्लाह के प्रति समर्पण की याद में मनाई जाती
है। वहीं, सपा नेता मुन्ना यादव ऊर्फ राजेंद्र यादव ने भी बकरीद के त्योहार को शांतिपूर्वक और धूमधाम से मनाने का आह्वान किया, साथ ही इसके महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। इस त्योहार को त्याग का प्रतीक बताया गया, जो यह संदेश देता है कि ईश्वर की राह में अपनी सबसे प्रिय वस्तु का भी त्याग किया जा सकता है। बकरीद मनाने के पीछे की इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार, अल्लाह ने पैगंबर इब्राहिम की परीक्षा लेने के लिए
उनके सपने में अपनी सबसे प्यारी चीज़ की कुर्बानी देने का हुक्म दिया था। इब्राहिम को अपने बेटे इस्माइल से बेहद प्यार था, इसलिए उन्होंने अल्लाह के आदेश का पालन करते हुए अपने बेटे की बलि देने का फैसला किया। जब इब्राहिम अपने बेटे इस्माइल को कुर्बान करने लगे, तो अल्लाह ने अपनी कुदरत से इस्माइल की जगह एक दुम्बा (भेड़) रख दिया। अल्लाह ने इब्राहिम की इस सच्ची निष्ठा और आज्ञाकारी को स्वीकार किया। इसी ऐतिहासिक घटना की
याद में हर साल ज़िलहिज्जा के महीने में बकरे या किसी अन्य वैध जानवर की कुर्बानी दी जाती है, जिसे कुर्बानी की परंपरा कहा जाता है। कुर्बानी के गोश्त को तीन बराबर हिस्सों में बांटा जाता है: एक हिस्सा परिवार के लिए, दूसरा रिश्तेदारों और दोस्तों के लिए, और तीसरा हिस्सा गरीबों और जरूरतमंदों के लिए होता है। यह त्योहार हमें त्याग के साथ-साथ जरूरतमंदों की मदद करने और भाईचारे का संदेश भी देता है।
- पडरौना के नवका टोला ईदगाह में इस साल भी हर वर्ष की तरह बकरीद का त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया गया। यहां बकरीद की नमाज़ दो शिफ्ट में अदा की गई, जिसमें पहली नमाज़ सुबह 7:15 बजे और दूसरी शिफ्ट की नमाज़ सुबह 8 बजे शुरू हुई। इस अवसर पर सपा नेता राम अवध यादव ने बताया कि ईद-उल-अजहा मुख्य रूप से पैगंबर इब्राहिम के सर्वोच्च बलिदान, अटूट विश्वास और अल्लाह के प्रति समर्पण की याद में मनाई जाती है। वहीं, सपा नेता मुन्ना यादव ऊर्फ राजेंद्र यादव ने भी बकरीद के त्योहार को शांतिपूर्वक और धूमधाम से मनाने का आह्वान किया, साथ ही इसके महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। इस त्योहार को त्याग का प्रतीक बताया गया, जो यह संदेश देता है कि ईश्वर की राह में अपनी सबसे प्रिय वस्तु का भी त्याग किया जा सकता है। बकरीद मनाने के पीछे की इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार, अल्लाह ने पैगंबर इब्राहिम की परीक्षा लेने के लिए उनके सपने में अपनी सबसे प्यारी चीज़ की कुर्बानी देने का हुक्म दिया था। इब्राहिम को अपने बेटे इस्माइल से बेहद प्यार था, इसलिए उन्होंने अल्लाह के आदेश का पालन करते हुए अपने बेटे की बलि देने का फैसला किया। जब इब्राहिम अपने बेटे इस्माइल को कुर्बान करने लगे, तो अल्लाह ने अपनी कुदरत से इस्माइल की जगह एक दुम्बा (भेड़) रख दिया। अल्लाह ने इब्राहिम की इस सच्ची निष्ठा और आज्ञाकारी को स्वीकार किया। इसी ऐतिहासिक घटना की याद में हर साल ज़िलहिज्जा के महीने में बकरे या किसी अन्य वैध जानवर की कुर्बानी दी जाती है, जिसे कुर्बानी की परंपरा कहा जाता है। कुर्बानी के गोश्त को तीन बराबर हिस्सों में बांटा जाता है: एक हिस्सा परिवार के लिए, दूसरा रिश्तेदारों और दोस्तों के लिए, और तीसरा हिस्सा गरीबों और जरूरतमंदों के लिए होता है। यह त्योहार हमें त्याग के साथ-साथ जरूरतमंदों की मदद करने और भाईचारे का संदेश भी देता है।4
- मोनिका राजभर को न्याय दिलाने के लिए एक भावुक और पुरज़ोर अपील की गई है। इस संदेश के माध्यम से स्पष्ट रूप से मांग की गई है कि मोनिका राजभर को न्याय मिलना चाहिए। यह गुहार राजभर समाज के लिए भी न्याय की प्राप्ति पर केंद्रित है, जो न्याय के लिए गहरी भावनात्मक इच्छा और दृढ़ निवेदन को दर्शाता है।1
- कुशीनगर जिले के रामकोला थाना क्षेत्र के रगरगंज स्थित इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर तेल लेने गए एक युवक और उसके चाचा पर पंप मालिक ने अपने कर्मचारियों के साथ मिलकर लाठियों से हमला कर दिया। इस मारपीट में युवक और उसके चाचा को डंडों से पीटा गया। यह घटना तब हुई जब युवक ने 200 रुपये का पेट्रोल लेने के बाद, 100 रुपये का तेल लेने के लिए फिर से लाइन में लगने की कोशिश की। इसी बात पर पंप मालिक भड़क गया और उसकी युवक से कहासुनी हुई। बताया जा रहा है कि पंप मालिक मोटरसाइकिल चालकों को केवल 200 रुपये का तेल दे रहा है, और इसी कारण से हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।1
- कुशीनगर के पडरौना में पुलिस प्रशासन ने बकरीद पर्व त्यौहार को देखते हुए शांति, सुरक्षा और सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से नगर में फ्लैग मार्च निकाला। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया जब बकरीद (ईद-उल-अज़हा) का पर्व पैगंबर हज़रत इब्राहिम द्वारा ईश्वर (अल्लाह) के प्रति दिखाए गए सर्वोच्च त्याग और समर्पण की याद में मनाया जाता है। इस त्योहार पर, अल्लाह के हुक्म पर अपनी सबसे प्यारी चीज़ (अपने बेटे) की कुर्बानी देने की उनकी निष्ठा को याद करते हुए जानवरों की कुर्बानी दी जाती है।1
- कुशीनगर जिले के हनुमानगंज थाना क्षेत्र के एक गांव से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक खबर सामने आई है, जहाँ 13 साल की एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया गया है। यह घटना तब हुई जब नाबालिग घर में अकेली थी और 35 साल के एक युवक ने इस वारदात को अंजाम दिया। फिलहाल, पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश में जुट गई है।1
- कुशीनगर जनपद के तमकुहीराज क्षेत्र से सामने आई एक युवती की दर्दनाक आपबीती ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि भरोसा, प्यार और निकाह के नाम पर शुरू हुआ रिश्ता ब्लैकमेल, दु*कर्म, धर्मांतरण और कथित सौदेबाजी की एक खौफनाक साजिश में बदल गया। करीब दो वर्ष पहले बाजार जाते समय युवती की मुलाकात सेवरही निवासी व्यवसायी पवन कुमार से हुई थी, जिसने कथित तौर पर उसे तमकुहीराज क्षेत्र के मुन्नीपट्टी निवासी शादीशुदा जियाउद्दीन से मिलवाया। युवती का आरोप है कि जियाउद्दीन ने उसे नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोशी की हालत में उसके साथ दु*कर्म किया और अश्लील वीडियो बना लिया। इसी वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर उसे लगातार ब्लैकमेल किया जाता रहा, जिससे युवती मानसिक यातना झेलती रही। मामला यहीं नहीं रुका, पीड़िता के अनुसार उसे फाजिलनगर ले जाकर निकाह के बहाने कथित रूप से मतांतरण कराया गया और किराए के कमरे में रखा गया। इस दौरान आरोपी सऊदी अरब चला गया। लगभग एक साल बाद जब जियाउद्दीन वापस लौटा, तो वह युवती को पासपोर्ट बनवाने के बहाने लखनऊ ले गया। वहाँ युवती ने कुछ लोगों को उसकी 'डील' और 'बेचने' को लेकर बातचीत करते सुना, जिससे वह बेहद भयभीत हो गई। मौका मिलते ही वह वहां से भाग निकली। पीड़िता ने बताया कि रेलवे स्टेशन तक उसका पीछा किया गया और उसके साथ मारपीट भी हुई, लेकिन आसपास मौजूद लोगों के हस्तक्षेप के कारण वह किसी तरह अपनी जान बचाकर घर पहुंच सकी। यह घटना सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने मुख्य आरोपी जियाउद्दीन को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके भाई आलमगीर और पवन कुमार की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। क्षेत्राधिकारी तमकुहीराज जयंत यादव ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि भरोसे और रिश्तों की आड़ में चल रहे ऐसे खतरनाक खेलों, जिसे 'निकाह गैंग' का सनसनीखेज खेल बताया जा रहा है, पर लगाम कब लगेगी।1
- जनपद कुशीनगर में यूपी-112 आपातकालीन सेवाओं को और अधिक त्वरित, प्रभावी तथा सुलभ बनाने के उद्देश्य से आज दिनांक 27 मई, 2026 को सात नए दोपहिया वाहनों को ड्यूटी के लिए रवाना किया गया। इन वाहनों को पुलिस अधीक्षक कुशीनगर श्री केशव कुमार ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक कुशीनगर श्री सिद्धार्थ वर्मा, क्षेत्राधिकारी अपराध श्री राकेश प्रताप सिंह, प्रभारी डायल-112, प्रतिसार निरीक्षक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे। इन नए वाहनों की तैनाती से यूपी-112 के मूल मंत्र "त्वरित पुलिस आपके द्वार" को अधिक सशक्त और प्रभावी बनाया जाएगा, जिससे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आपात स्थितियों में पुलिस की पहुंच तेज होगी और आम जनता की शिकायतों तथा आपात कॉलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित हो सकेगा।1
- कुशीनगर जिले के रामकोला थाना क्षेत्र के रगड़गंज स्थित एक पेट्रोल पंप पर पेट्रोल लेने पहुंचे युवक और उसके चाचा के साथ मारपीट की घटना सामने आई है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पेट्रोल पंप परिसर में हंगामा और मारपीट स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। जानकारी के अनुसार, किसी बात को लेकर हुए विवाद के बाद पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने युवक और उसके चाचा पर लाठियों से हमला कर दिया। इस मारपीट में ग्राम विजयपुर, थाना रामकोला निवासी नितेश कुशवाहा (28) पुत्र धर्मेंद्र कुशवाहा और नंदलाल कुशवाहा (35) पुत्र कोमल कुशवाहा घायल हो गए। दोनों घायलों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामकोला में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर भी पूरे घटनाक्रम की गहनता से पड़ताल कर रही है।1