*कमिशनखोरी और “कम रेट के बिल” का खेल—बरगवां में सड़क नहीं, भ्रष्टाचार की नींव डाली जा रही!* *सबसे कम रेट में काम उठाने वालों को ठेका, फिर घटिया निर्माण से वसूली—जनता भुगत रही सजा* नई ताकत न्यूज नेटवर्क बरगवां ।।नगर परिषद बरगवां के वार्ड क्रमांक 2 में बन रही सड़क अब सिर्फ घटिया निर्माण का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह “कमिशनखोरी और कम रेट के बिल” के पूरे खेल का जिंदा उदाहरण बन चुकी है। आरोप है कि ठेका ऐसे लोगों को दिया जाता है जो सबसे कम रेट में काम लेने को तैयार होते हैं, और बाद में वही लागत बचाने के लिए सड़क में “भस्सी” मिलाकर घटिया निर्माण करते हैं। यानी खेल साफ है—ऊपर से कमिशन, नीचे से घटिया काम… और बीच में पिस रही है जनता! *कम रेट = घटिया क्वालिटी?* स्थानीय लोगों का कहना है कि जब काम ही अव्यवहारिक रूप से कम रेट में दिया जाएगा, तो ठेकेदार गुणवत्ता कहां से लाएगा? ऐसे में वह घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर अपनी जेब भरता है और सड़क कुछ ही महीनों में दम तोड़ देती है। *“बिल” का असली मतलब—भुगतान नहीं, बंदरबांट!* लोगों का आरोप है कि यहां “बिल” पास होने का मतलब काम की गुणवत्ता नहीं, बल्कि कमीशन की सेटिंग है। फाइलों में सड़क मजबूत दिखती है, लेकिन जमीनी हकीकत में पहली बारिश में ही उखड़ जाती है। *कौन है असली जिम्मेदार?* सवाल सिर्फ ठेकेदार पर नहीं, बल्कि उन अधिकारियों पर भी है जो ऐसे टेंडर पास करते हैं और आंख मूंदकर बिलों पर साइन करते हैं। बिना मिलीभगत के यह खेल संभव नहीं। *जनता का फूटा गुस्सा* वार्ड के लोग अब खुलकर कह रहे हैं कि यह सीधा-सीधा भ्रष्टाचार है, जिसमें जनता के टैक्स के पैसे की लूट हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर इस बार भी जांच नहीं हुई, तो वे आंदोलन करेंगे। *अंतिम सवाल* क्या कमिशन और कम रेट के इस खेल पर लगाम लगेगी, या फिर बरगवां में “भस्सी वाली सड़क” भ्रष्टाचार का स्थायी प्रतीक बन चुकी है?
*कमिशनखोरी और “कम रेट के बिल” का खेल—बरगवां में सड़क नहीं, भ्रष्टाचार की नींव डाली जा रही!* *सबसे कम रेट में काम उठाने वालों को ठेका, फिर घटिया निर्माण से वसूली—जनता भुगत रही सजा* नई ताकत न्यूज नेटवर्क बरगवां ।।नगर परिषद बरगवां के वार्ड क्रमांक 2 में बन रही सड़क अब सिर्फ घटिया निर्माण का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह “कमिशनखोरी और कम रेट के बिल” के पूरे खेल का जिंदा उदाहरण बन चुकी है। आरोप है कि ठेका ऐसे लोगों को दिया जाता है जो सबसे कम रेट में काम लेने को तैयार होते हैं, और बाद में वही लागत बचाने के लिए सड़क में “भस्सी” मिलाकर घटिया निर्माण करते हैं। यानी खेल साफ है—ऊपर से कमिशन, नीचे से घटिया काम… और बीच में पिस रही है जनता! *कम रेट = घटिया क्वालिटी?* स्थानीय लोगों का कहना है कि जब काम ही अव्यवहारिक रूप से कम रेट में दिया जाएगा, तो ठेकेदार गुणवत्ता कहां से लाएगा? ऐसे में वह घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर अपनी जेब भरता है और सड़क कुछ ही महीनों में दम तोड़ देती है। *“बिल” का असली मतलब—भुगतान नहीं, बंदरबांट!* लोगों का आरोप है कि यहां “बिल” पास होने का मतलब काम की गुणवत्ता नहीं, बल्कि कमीशन की सेटिंग है। फाइलों में सड़क मजबूत दिखती है, लेकिन जमीनी हकीकत में पहली बारिश में ही उखड़ जाती है। *कौन है असली जिम्मेदार?* सवाल सिर्फ ठेकेदार पर नहीं, बल्कि उन अधिकारियों पर भी है जो ऐसे टेंडर पास करते हैं और आंख मूंदकर बिलों पर साइन करते हैं। बिना मिलीभगत के यह खेल संभव नहीं। *जनता का फूटा गुस्सा* वार्ड के लोग अब खुलकर कह रहे हैं कि यह सीधा-सीधा भ्रष्टाचार है, जिसमें जनता के टैक्स के पैसे की लूट हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर इस बार भी जांच नहीं हुई, तो वे आंदोलन करेंगे। *अंतिम सवाल* क्या कमिशन और कम रेट के इस खेल पर लगाम लगेगी, या फिर बरगवां में “भस्सी वाली सड़क” भ्रष्टाचार का स्थायी प्रतीक बन चुकी है?
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- *जौनपुर पुलिस को बड़ी सफलता, मुठभेड़ में शातिर जहरखुरान गिरफ्तार* जौनपुर। जनपद में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जौनपुर पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। शाहगंज थाना पुलिस और जहरखुरान गिरोह के बीच हुई मुठभेड़ में एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि उसके तीन साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। चिरैया मोड़ के पास हुई मुठभेड़ में पुलिस की जवाबी कार्रवाई के दौरान पंकज निषाद (निवासी आजमगढ़) गोली लगने से घायल हो गया, जिसे गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त पर हत्या, लूट समेत एक दर्जन से अधिक गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। उसके पास से एक तमंचा (.315 बोर), कारतूस और करीब ₹9,000 की नकदी बरामद की गई है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह यात्रियों को लिफ्ट देने के बहाने वाहन में बैठाकर नशीला पदार्थ सुंघाकर लूटपाट करता था। पुलिस ने यह भी बताया कि 18 मार्च को शाहगंज रोडवेज पर एक बुजुर्ग महिला से हुई लूट की घटना में भी इसी गिरोह का हाथ था। फिलहाल फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।1
- एक ब्यक्त के संतान ना होने के कारण बह आत्म हत्या करने को जंगल में गया . . . . . . . .1
- विकसित की जा रही हैं। — मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी1
- श्री गणेशाय नमः जय माता दी जय माता दी श्री राम जय राम जय जय राम श्री राम जय राम जय जय राम जय माता दी जय माता दी जय माता1
- आखिर क्यों? ये बेलगाम मिट्टी के ट्रैक्टर दिन दहाड़े टूण्डला के मैन बाजार से होते हुए निकल रहे है यह वीडियो दोपहर के समय जब राजकीय बालिका विद्यालय के कुछ बच्चे स्कूल से निकल रहे थे तब का है जहाँ ये बेखौफ़ मिट्टी के ट्रैक्टर तेज रफ़्तार से निकलते दिखाई दे रहे है स्कूल टाइम पर इस तरह तेज रफ़्तार से बच्चों पर भी संकट आ सकता है आखिर किसकी क्षत्र छाया में यह कारोबार दिन दहाड़े फल फूल रहा है | तेज रफ़्तार मिट्टी से लदे ये ट्रैक्टर खुले बाजार में मिट्टी उड़ाते दिखाई दे रहे है पीछे चलने वाले वाहनों कों इसकी उड़ती हुई मिट्टी का सामना करना पड़ रहा है क्या इन बेखौफ़ ट्रैक्टर पर कार्यवाही करने वाला प्रशासन का कोई अधिकारी टूण्डला में मौजूद नहीं है | AIN नेटवर्क से अनुज रावत की व्यरों रिपोर्ट अपने देश का आसपास की खबरों को जानने के लिए अखण्ड इंडिया हिंदी न्यूज नेटवर्क फेसबुक पेज को फॉलो कर लें और अखंड इंडिया हिंदी न्यूज नेटवर्क यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब कर लें और अधिक खबरों का आनंद लेने के लिए आप हमारी वेबसाइट पर भी विजिट कर सकते हैं |1
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