Shuru
Apke Nagar Ki App…
किसान करे तो क्या करे वीर नगर नारऊ में लगातार हो रही है आंधी औरबारिश
Chhtrapal
किसान करे तो क्या करे वीर नगर नारऊ में लगातार हो रही है आंधी औरबारिश
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- ग्रामीण बीर नगर नरऊ स्कूल के सामने बच्चे लोग परेशान होते हैं1
- *कमिशनखोरी और “कम रेट के बिल” का खेल—बरगवां में सड़क नहीं, भ्रष्टाचार की नींव डाली जा रही!* *सबसे कम रेट में काम उठाने वालों को ठेका, फिर घटिया निर्माण से वसूली—जनता भुगत रही सजा* नई ताकत न्यूज नेटवर्क बरगवां ।।नगर परिषद बरगवां के वार्ड क्रमांक 2 में बन रही सड़क अब सिर्फ घटिया निर्माण का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह “कमिशनखोरी और कम रेट के बिल” के पूरे खेल का जिंदा उदाहरण बन चुकी है। आरोप है कि ठेका ऐसे लोगों को दिया जाता है जो सबसे कम रेट में काम लेने को तैयार होते हैं, और बाद में वही लागत बचाने के लिए सड़क में “भस्सी” मिलाकर घटिया निर्माण करते हैं। यानी खेल साफ है—ऊपर से कमिशन, नीचे से घटिया काम… और बीच में पिस रही है जनता! *कम रेट = घटिया क्वालिटी?* स्थानीय लोगों का कहना है कि जब काम ही अव्यवहारिक रूप से कम रेट में दिया जाएगा, तो ठेकेदार गुणवत्ता कहां से लाएगा? ऐसे में वह घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर अपनी जेब भरता है और सड़क कुछ ही महीनों में दम तोड़ देती है। *“बिल” का असली मतलब—भुगतान नहीं, बंदरबांट!* लोगों का आरोप है कि यहां “बिल” पास होने का मतलब काम की गुणवत्ता नहीं, बल्कि कमीशन की सेटिंग है। फाइलों में सड़क मजबूत दिखती है, लेकिन जमीनी हकीकत में पहली बारिश में ही उखड़ जाती है। *कौन है असली जिम्मेदार?* सवाल सिर्फ ठेकेदार पर नहीं, बल्कि उन अधिकारियों पर भी है जो ऐसे टेंडर पास करते हैं और आंख मूंदकर बिलों पर साइन करते हैं। बिना मिलीभगत के यह खेल संभव नहीं। *जनता का फूटा गुस्सा* वार्ड के लोग अब खुलकर कह रहे हैं कि यह सीधा-सीधा भ्रष्टाचार है, जिसमें जनता के टैक्स के पैसे की लूट हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर इस बार भी जांच नहीं हुई, तो वे आंदोलन करेंगे। *अंतिम सवाल* क्या कमिशन और कम रेट के इस खेल पर लगाम लगेगी, या फिर बरगवां में “भस्सी वाली सड़क” भ्रष्टाचार का स्थायी प्रतीक बन चुकी है?1
- ▪︎ RBI ने ईरान को पैसा भेजने से इनकार कर दिया। ▪︎ केवल चिकित्सा सामग्री ही भेजी जा सकती है। ▪︎ *दान की गई राशि वापस नहीं की जाएगी।* 😹1
- *थाना सहपऊ क्षेत्र के गंदे नाले मे शव मिलने की सूचना पर थाना सहपऊ पुलिस द्वारा मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम हेतु मोर्चरी भेजा गया। मृतक व आरोपी दोनो पडोसी है। परिजनो की तहरीर पर अभियोग पंजीकृत कर आरोपियो की गिरफ्तारी हेतु टीम गठित करने आदि के सम्बन्ध मे CO सादाबाद की बाइट-* 👇🏻1
- जिला हाथरस की सिकंदरा राव के गांव डंडेश्वरी में तेज बारिश के साथ ओले भी आए जिससे मजदूर वर्ग के लोग किसान बरसात से बहुत ज्यादा परेशान है खेतों में गेहूं कटने को पड़े हैं ।फसल पक गई है और घर पर एक दाना तक नहीं आया किसान भूखा मर रहा है और सरकार से गुहार लगा रहा है कि किसी भी तरीके से मुआवजा मिले तो दो वक्त का भजन मिले देखते हैं जिलाधिकारी को भी ज्ञापन देने के लिए किस इकट्ठे हो रहे हैं जिसमें सबसे पहले आगे आए डंडेश्वरी ग्राम पंचायत प्रधान विनय कुमार जिला पंचायत उमाशंकर गुप्ता जी एवं उनके साथ अन्य कार्यकर्ता।1
- हाथरस में पत्रकार वेदप्रकाश उर्फ सोनू की हत्या से सनसनी फैल गई है। मंगलवार सुबह थाना सहपऊ क्षेत्र के जलेसर रोड स्थित गंदे नाले में मिले अज्ञात शव की पहचान पत्रकार वेदप्रकाश के रूप में हुई। परिजनों ने मकान विवाद को लेकर हत्या का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि मृतक ने पहले भी अपनी जान को खतरा बताते हुए पुलिस से शिकायत की थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए दो लोगों को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।1
- एटा ब्रेकिंग:- निलंबन का ढोल,आदेश गोल—मेडिकल कॉलेज में कार्रवाई या सिर्फ “लॉलीपॉप”? पत्रकार-डॉक्टर विवाद में डॉ. मुकेश परमार को निलंबित करने का दावा,लेकिन अब तक कोई लिखित आदेश जारी नहीं,कार्रवाई पर खड़े हुए गंभीर सवाल। आउटसोर्सिंग से नियुक्त डॉक्टर पर निलंबन की कार्यवाही,जबकि नियमों के तहत संविदा समाप्त या बर्खास्तगी होनी चाहिए—प्रबंधन की मंशा पर भी उठे सवाल। विवादित डॉक्टर को पूर्व में अवैध वसूली और मरीजों को निजी अस्पताल भेजने के आरोप में कई बार हटाए जाने के बावजूद दोबारा तैनाती,आखिर संरक्षणदाता कौन? तीन-तीन निजी अस्पताल संचालित होने की जानकारी के बाद भी जिम्मेदारों की चुप्पी,आखिर क्यों? प्राचार्य का मौखिक फरमान—मेडिकल कॉलेज में पत्रकारों की एंट्री और जानकारी पर रोक,क्या छुपाए जा रहे हैं अंदर के “काले कारनामे”? सूत्रों के अनुसार अवैध वसूली, प्राइवेट रेफर और दो दिन ड्यूटी के बदले पुरे माह की सैलरी में हिस्सेदारी जैसे गंभीर खेलों की चर्चा तेज। मेडिकल कॉलेज की इस मौखिक कार्रवाई पर उठे तीखे सवाल…1
- ⚫ घटना मंगलवार दोपहर की, ऑटो बुरी तरह जल गया ⚫ युवक ऑटो चला कर परिवार का भरण-पोषण करता है ⚫ आग लगाने का कारण अभी स्पष्ट नहीं, पुलिस जांच में जुटी1
- हाथरस के मथुरा रोड स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हो गई। सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को लेकर आए लोगों और दूसरे पक्ष के बीच विवाद इतना बढ़ा कि दोनों ओर से लाठी-डंडों और अस्पताल के सामान से हमला किया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।1