Shuru
Apke Nagar Ki App…
रामनगरी अयोध्या में पवित्र सरयू नदी की बीच धार में नाव पर बीयर और मटन पार्टी करने का मामला सामने आया है। कैंट थाना क्षेत्र के गुप्तारघाट में चार युवक नाव पर बैठकर मटन खाते, बीयर पीते और उसका वीडियो बनाते दिखे हैं। यह वीडियो रविवार को सामने आया है, जिसे पुलिस द्वारा करीब चार दिन पुराना बताया जा रहा है। हालांकि, यह पार्टी किस दिन हुई, इसकी सटीक जानकारी फिलहाल नहीं मिल पाई है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नाव पर सवार तीन युवकों को हिरासत में ले लिया है। हिरासत में लिए गए इन युवकों से पूछताछ की जा रही है, जबकि उनका एक साथी अभी भी फरार है और पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही है।
अनूप शुक्ला
रामनगरी अयोध्या में पवित्र सरयू नदी की बीच धार में नाव पर बीयर और मटन पार्टी करने का मामला सामने आया है। कैंट थाना क्षेत्र के गुप्तारघाट में चार युवक नाव पर बैठकर मटन खाते, बीयर पीते और उसका वीडियो बनाते दिखे हैं। यह वीडियो रविवार को सामने आया है, जिसे पुलिस द्वारा करीब चार दिन पुराना बताया जा रहा है। हालांकि, यह पार्टी किस दिन हुई, इसकी सटीक जानकारी फिलहाल नहीं मिल पाई है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नाव पर सवार तीन युवकों को हिरासत में ले लिया है। हिरासत में लिए गए इन युवकों से पूछताछ की जा रही है, जबकि उनका एक साथी अभी भी फरार है और पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही है।
More news from Uttar Pradesh and nearby areas
- गोवा में आंदोलन के समर्थन में एक कैंडल मार्च निकाला गया है। इस मार्च के जरिए आंदोलन को दबाने के लिए लाठियों के इस्तेमाल पर तीखा प्रहार किया गया है। प्रदर्शन के दौरान सीधे तौर पर चुनौती देते हुए यह सवाल उठाया गया है कि क्या यह सोचा गया था कि लाठियों के दम पर इस आंदोलन को कुचल दिया जाएगा?1
- गोरखपुर में एसबीआई (SBI) द्वारा एक युवा संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें डिजिटल बैंकिंग और साइबर फ्रॉड जागरूकता पर विशेष रूप से चर्चा की गई। इस कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों के लिए एक सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया।1
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में आयोजित एक राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला गया है। कार्यक्रम में वक्ता ने कड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि ये दोनों दल विकास, विरासत, गांव और गरीबों के विरोधी हैं। इसके साथ ही, उन्होंने इन दोनों दलों को किसानों, नौजवानों और महिलाओं का जन्मजात विरोधी भी करार दिया। वक्ता ने लोगों को आगाह किया कि देश और प्रदेश के विकास के लिए जनता को ऐसे राजनीतिक दलों से पूरी तरह सतर्क रहने की आवश्यकता है। वक्ता ने दावा किया कि उनकी पार्टी गांव, गरीब, किसान, नौजवान और महिलाओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और जनकल्याणकारी योजनाओं को लगातार आगे बढ़ा रही है। उन्होंने जनता से विकास और सुशासन की नीतियों का खुलकर समर्थन करने की अपील की। इसके साथ ही, उन्होंने लोगों से राजनीतिक दलों के कार्यों और नीतियों का सही मूल्यांकन कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सजग भूमिका निभाने का आह्वान किया।1
- दिल्ली में चल रहे CJP आंदोलन के दौरान मोदी सरकार पर एक छात्र का गुस्सा भड़क उठा है। इस आंदोलन के बीच छात्र की तरफ से एक बड़ा बयान सामने आया है।1
- उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता के चलते ग्रीन कॉरिडोर बनाकर एक डॉल्फिन की जान बचाई गई है। गोरखपुर पुलिस और यूपी पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई और टीम वर्क ने वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक बेहतरीन मिसाल पेश की है। राप्ती नदी और परतावल से जुड़े इस बचाव अभियान (रेस्क्यू) में पुलिस का यह संवेदनशील रूप मानवता को सर्वोपरि रखने का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।1
- गोरखपुर में पिछले कुछ दिनों से हो रही बरसात ने प्रशासनिक दावों की पोल खोल दी है और शहर में हुए गंभीर जलभराव को लेकर सोशल मीडिया पर अधिकारियों की जमकर आलोचना हो रही है। पिछले कुछ वर्षों में ऐसी स्थिति नहीं देखने को मिली थी, जिसके कारण जलभराव से निपटने की तैयारियों को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे थे। यहाँ तक कि सदर सांसद रविकिशन गोरखपुर शहर की तुलना स्पेन जैसे देश से कर रहे थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने पिछले दौरे पर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए थे कि किसी भी परिस्थिति में जलभराव नहीं होना चाहिए, जिस पर अधिकारियों ने उन्हें पूरी तैयारी का भरोसा भी दिलाया था। लेकिन बारिश होते ही पूरा शहर जलमग्न हो गया और इस विफलता की गूंज लखनऊ तक पहुँचने के बाद अब अधिकारी चौबीसों घंटे सड़कों पर नजर आ रहे हैं। शहर में नालों और नालियों का बड़े पैमाने पर निर्माण तो हुआ है, लेकिन उनके स्लोप (ढलान) को लेकर हमेशा से सवाल उठते रहे हैं। स्लोप की जाँच के लिए काफी शोर-शराबे के साथ लिडार सर्वे कराया गया था और दो साल तक इस पर खूब चर्चा चली थी कि सभी नालियों का स्लोप इसी सर्वे के अनुसार दुरुस्त किया जाएगा। हालांकि, आज तक इस सर्वे का क्या उपयोग हुआ यह स्पष्ट नहीं है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी आज पूरा गोरखपुर पानी में डूब चुका है और अधिकारी अब भी इस समस्या का स्थाई समाधान तलाश रहे हैं।1
- गोरखपुर के तुर्कमानपुर में यूपी बोर्ड कार्यालय के सामने अभी तक नाली का निर्माण नहीं कराया गया है। नाली नहीं बनने के कारण इस मार्ग की सड़क भी लगातार खराब हो रही है।1
- विपक्ष ने 'युवा-विरोधी' सरकार पर अपना सबसे बड़ा हमला बोला है। विपक्ष का कहना है कि अब तक कुल 152 पेपर लीक के मामले सामने आए हैं, जिससे करीब 7.5 करोड़ लोग पीड़ित हुए हैं।1