बाली में सकल जैन श्रवण महोत्सव का गौरवमयी आगाज़, नगर बना धर्ममय बाली। नगर बाली में सकल जैन श्रवण महोत्सव का भव्य शुभारंभ श्रद्धा और उल्लास के साथ हुआ। यह महोत्सव मुनि श्री समयजीवन महाराज के दीक्षा जीवन के 50 स्वर्णिम वर्ष पूर्ण होने के पावन उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। आयोजन जैनाचार्य बाली रत्न, पूज्य आचार्य श्री रत्नसेन सूरीश्वरजी महाराज के पावन सान्निध्य में संपन्न हो रहा है। महोत्सव की शुरुआत प्रताप चौक से निकाली गई भव्य रथयात्रा से हुई। रथयात्रा में जैन समाज के महिला-पुरुष, युवा एवं बालक-बालिकाओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर धर्म के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। धर्मध्वजाओं, गुरु प्रतिमाओं और मंगल वाद्य यंत्रों से सजी रथयात्रा के दौरान “जय जिनेन्द्र” के जयघोष से पूरा नगर गूंज उठा। मार्ग में श्रद्धालुओं द्वारा पुष्पवर्षा कर संतों का भावभीना स्वागत किया गया। रथयात्रा के पश्चात स्थानीय जैन उपाश्रय में धर्मसभा एवं प्रवचन का आयोजन हुआ। इस अवसर पर जैनाचार्य श्री रत्नसेन सूरीश्वरजी महाराज ने प्रवचन में कहा कि मनुष्य जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक सुख, धन या पद की प्राप्ति नहीं, बल्कि संयम, तपस्या और साधना के माध्यम से आत्मशुद्धि एवं आत्मकल्याण करना है। उन्होंने कहा कि सांसारिक उपलब्धियाँ क्षणिक हैं, जबकि धर्म के मार्ग पर चलकर किया गया पुरुषार्थ ही जीवन की सच्ची सफलता है। महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर पूरे नगर में आध्यात्मिक उल्लास और भक्तिभाव का वातावरण देखने को मिला।
बाली में सकल जैन श्रवण महोत्सव का गौरवमयी आगाज़, नगर बना धर्ममय बाली। नगर बाली में सकल जैन श्रवण महोत्सव का भव्य शुभारंभ श्रद्धा और उल्लास के साथ हुआ। यह महोत्सव मुनि श्री समयजीवन महाराज के दीक्षा जीवन के 50 स्वर्णिम वर्ष पूर्ण होने के पावन उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। आयोजन जैनाचार्य बाली रत्न, पूज्य आचार्य श्री रत्नसेन सूरीश्वरजी महाराज के पावन सान्निध्य में संपन्न हो रहा है। महोत्सव की शुरुआत प्रताप चौक से निकाली गई भव्य रथयात्रा से हुई। रथयात्रा में जैन समाज के महिला-पुरुष, युवा एवं बालक-बालिकाओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर धर्म के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। धर्मध्वजाओं, गुरु प्रतिमाओं और मंगल वाद्य यंत्रों से सजी रथयात्रा के दौरान “जय जिनेन्द्र” के जयघोष से पूरा नगर गूंज उठा। मार्ग में श्रद्धालुओं द्वारा पुष्पवर्षा कर संतों का भावभीना स्वागत किया गया। रथयात्रा के पश्चात स्थानीय जैन उपाश्रय में धर्मसभा एवं प्रवचन का आयोजन हुआ। इस अवसर पर जैनाचार्य श्री रत्नसेन सूरीश्वरजी महाराज ने प्रवचन में कहा कि मनुष्य जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक सुख, धन या पद की प्राप्ति नहीं, बल्कि संयम, तपस्या और साधना के माध्यम से आत्मशुद्धि एवं आत्मकल्याण करना है। उन्होंने कहा कि सांसारिक उपलब्धियाँ क्षणिक हैं, जबकि धर्म के मार्ग पर चलकर किया गया पुरुषार्थ ही जीवन की सच्ची सफलता है। महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर पूरे नगर में आध्यात्मिक उल्लास और भक्तिभाव का वातावरण देखने को मिला।
- बाली के प्राथमिक मदरसा स्कूल में 77वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया बाली। बाली के प्राथमिक मदरसा स्कूल में 77वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास एवं देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। समारोह की शुरुआत मदरसा स्कूल के सदर रफीक खान द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुई। ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रीय गान के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के दौरान नन्हे-नन्हे बच्चों ने पीटी प्रदर्शन कर सभी का मन मोह लिया। इसके पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में बच्चों ने “लब पे आती है दुआ बनकर तमन्ना मेरी” गीत पर भावपूर्ण प्रस्तुति दी, जिसे उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों ने खूब सराहा। इस अवसर पर भामाशाह रमेश भाई सोनी की ओर से बच्चों को मिठाई वितरण कर खुशियां बांटी गईं। गणतंत्र दिवस समारोह में प्रधानाचार्य इमरान खान पठान, अध्यापिका शाहीन पठान, सचिव जमाल खान, मोहम्मद अब्दुल सत्तार, मोहम्मद मोहसिन खान (भारत ई-मित्र, बाली), सलाउद्दीन, बिस्मिल्लाह बानो सहित अन्य सदस्यगण उपस्थित रहे। समारोह के समापन पर वक्ताओं ने बच्चों को देश के संविधान, एकता और भाईचारे के महत्व की जानकारी देते हुए राष्ट्रनिर्माण में भागीदारी का संदेश दिया।2
- महाराष्ट्र डिप्टी CM अजित पवार का प्लेन क्रैश में निधनः विमान में सवार सभी 5 लोग मारे गए; बारामती में लैंडिंग के दौरान हादसा1
- Post by Gaj Singh2
- एक सच्ची घटना है दोस्तों कहते हैं ना कि इंडियन डॉग में भैरू बाबा का वास होता है उनको छाते इंद्रेश जागृत होती है सब दिखता है वह बोलते नहीं है क्योंकि बोल जाते हैं तो फिर अपन समझ जाएंगे ना भगवान का रूप है उसमें इस वीडियो को पूरा देखिए और उनको प्यार कीजिए दोस्तों सब मिलजुल के रहिए और हो सके तो अडॉप्ट कीजिए इंडियन डॉग को कोई खर्चा नहीं आएगा तुम्हारा बिल्कुल फ्री है1
- Post by District.reporter.babulaljogawat1
- जालौर बुधवार को महिला अधिकारिता विभाग के पास जमा गंदा पानी बना मुसीबत, शहर के स्वरूप पूरा रोड स्थित महिला अधिकारी का विभाग के पास पिछले कई महीनो से बरसात व सीवरेज का गंदा पानी जमा होने के कारण विभाग के स्टाफ विभाग व कार्यालय में आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिला प्रशासन व नगर परिषद को कई बार लिखित व मौखिक अवगत की भी करवाया गया लेकिन आज दिन तक इस जन समस्या का स्थाई समाधान नहीं हो पाया है, जमा पानी के कारण मच्छर भी पनप चुके हैं वह मौसमी बीमारियों का डर सता रहा है1
- **जालोर में झाब ग्राम पंचायत को पंचायत समिति घोषित कर बाद निरस्त करने से लोगों में आक्रोश है** आज जिस प्रकार भाजपा के कार्यकर्ता झाब पंचायत समिति की बहाली को लेकर जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय जालोर के आगे अपनी ही पार्टी की नीतियों के खिलाफ सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं,।बैरिकेड्स गिराकर कलेक्ट्रेट में घुसने का किया प्रयास : पुलिस ने भीड़ को किया कंट्रोल, कपड़े उतारकर विधायक के खिलाफ की नारेबाजी। जालोर में झाब ग्राम पंचायत को पंचायत समिति घोषित कर बाद निरस्त करने से लोगों में आक्रोश है। मंगलवार सुबह झाब में 24 ग्राम पंचायतों के हजारों लोग जुटे। 150 से ज्यादों बसों, कार-बाइक से रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे। पुलिस ने कलेक्ट्रेट के गेट पर बैरिकेड्स लगाकर रास्ता बंद कर दिया। वहीं ग्रामीणों के वाहनों को डायवर्ट किया गया। आहोर से कलेक्ट्रेट जाने वाले रास्ते को जाम कर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स गिराकर कलेक्ट्रेट में घुसने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने भीड़ को कंट्रोल कर रोक दिया।बाद में कलेक्टर ऑफिस के सामने धरने पर सभी लोग बैठ गए और कलेक्टर को ज्ञापन दिया3
- बाली में सकल जैन श्रवण महोत्सव का गौरवमयी आगाज़, नगर बना धर्ममय बाली। नगर बाली में सकल जैन श्रवण महोत्सव का भव्य शुभारंभ श्रद्धा और उल्लास के साथ हुआ। यह महोत्सव मुनि श्री समयजीवन महाराज के दीक्षा जीवन के 50 स्वर्णिम वर्ष पूर्ण होने के पावन उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। आयोजन जैनाचार्य बाली रत्न, पूज्य आचार्य श्री रत्नसेन सूरीश्वरजी महाराज के पावन सान्निध्य में संपन्न हो रहा है। महोत्सव की शुरुआत प्रताप चौक से निकाली गई भव्य रथयात्रा से हुई। रथयात्रा में जैन समाज के महिला-पुरुष, युवा एवं बालक-बालिकाओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर धर्म के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। धर्मध्वजाओं, गुरु प्रतिमाओं और मंगल वाद्य यंत्रों से सजी रथयात्रा के दौरान “जय जिनेन्द्र” के जयघोष से पूरा नगर गूंज उठा। मार्ग में श्रद्धालुओं द्वारा पुष्पवर्षा कर संतों का भावभीना स्वागत किया गया। रथयात्रा के पश्चात स्थानीय जैन उपाश्रय में धर्मसभा एवं प्रवचन का आयोजन हुआ। इस अवसर पर जैनाचार्य श्री रत्नसेन सूरीश्वरजी महाराज ने प्रवचन में कहा कि मनुष्य जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक सुख, धन या पद की प्राप्ति नहीं, बल्कि संयम, तपस्या और साधना के माध्यम से आत्मशुद्धि एवं आत्मकल्याण करना है। उन्होंने कहा कि सांसारिक उपलब्धियाँ क्षणिक हैं, जबकि धर्म के मार्ग पर चलकर किया गया पुरुषार्थ ही जीवन की सच्ची सफलता है। महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर पूरे नगर में आध्यात्मिक उल्लास और भक्तिभाव का वातावरण देखने को मिला।1