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सतना जिला कलेक्ट्रेट परिसर में स्वच्छता की एक भयावह तस्वीर सामने आई है, जहाँ गंदगी और बदबू के कारण लोग बुरी तरह हलकान हैं। बताया गया है कि सतना स्मार्ट सिटी के कंट्रोल रूम के ठीक पास कचड़े का ढेर लगा हुआ है और सीवर लाइन का पानी भी सड़कों पर फैला हुआ है।
प्रखर प्रवक्ता न्यूज
सतना जिला कलेक्ट्रेट परिसर में स्वच्छता की एक भयावह तस्वीर सामने आई है, जहाँ गंदगी और बदबू के कारण लोग बुरी तरह हलकान हैं। बताया गया है कि सतना स्मार्ट सिटी के कंट्रोल रूम के ठीक पास कचड़े का ढेर लगा हुआ है और सीवर लाइन का पानी भी सड़कों पर फैला हुआ है।
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- सतना जिला कलेक्ट्रेट परिसर में स्वच्छता की एक भयावह तस्वीर सामने आई है, जहाँ गंदगी और बदबू के कारण लोग बुरी तरह हलकान हैं। बताया गया है कि सतना स्मार्ट सिटी के कंट्रोल रूम के ठीक पास कचड़े का ढेर लगा हुआ है और सीवर लाइन का पानी भी सड़कों पर फैला हुआ है।1
- चित्रकूट के पहाड़ी ब्लॉक में पानी की भीषण किल्लत से आक्रोशित ग्रामीणों ने पहाड़ी ब्लॉक परिसर पर धरना प्रदर्शन किया। लंबे समय से बनी पेयजल समस्या को लेकर लोगों ने ब्लॉक परिसर के गेट को जाम कर दिया और चेतावनी दी कि अगर पानी नहीं मिला तो वे वोट नहीं देंगे। स्थानीय निवासियों के अनुसार, मोहल्ले में पानी की समस्या लंबे समय से चली आ रही है, जिसकी जानकारी जल विभाग को कई बार दी गई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। भीषण गर्मी के कारण यह समस्या और भी गंभीर हो गई है, जिससे लोग पानी के लिए टैंकरों पर निर्भर होने को मजबूर हैं।1
- चित्रकूट जिले के एक पहाड़ी कस्बे के ग्रामीण गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं, जहाँ उन्हें पानी की एक-एक बूंद के लिए तरसना पड़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, इन ग्रामीणों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है।1
- मनीष पटेल से जुड़े मामले को लेकर लगातार कई सवाल उठ रहे हैं, खास तौर पर यह जानने के लिए कि क्या यह पूरा मामला केवल 2026 की एक नई एफआईआर से संबंधित है, या 2016 के कुछ पुराने प्रकरणों को भी इसमें शामिल कर कार्रवाई की जा रही है। एक वीडियो में इन सभी पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डालने का दावा किया गया है, जिसमें मनीष पटेल पर दर्ज बताए जा रहे 6 मामलों का पूरा सच समझाने की बात कही गई है। इस वीडियो में 2016 में दर्ज बताए जा रहे 5 पुराने मामलों की चर्चा है, जिनमें भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराएँ 379 (चोरी), 392 (लूट) और 356 शामिल हैं। इसके अलावा, 2026 की एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएँ 196(1)(A) और 353(2) लगाए जाने का भी उल्लेख किया गया है, और वीडियो में इन सभी कानूनी धाराओं का मतलब समझाया गया है। वीडियो में इस बात पर भी गौर किया गया है कि आखिर इतने सालों बाद इस कार्रवाई पर चर्चा क्यों हो रही है, और इस पूरे प्रकरण पर जनता तथा सोशल मीडिया की क्या राय है। इस विश्लेषण को सार्वजनिक रिपोर्टों और उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है, साथ ही यह स्पष्ट किया गया है कि किसी भी मामले में अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा ही किया जाता है। दर्शकों से अपनी राय कमेंट करके साझा करने और वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करने की अपील की गई है।1
- Om mishra...... ................ ..............1
- उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा दिनांक 03 और 04 जून को आयोजित की जा रही प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT) परीक्षा के पहले दिन, चित्रकूट इंटर कॉलेज, चित्रकूट में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) श्री डीपी पाल ने सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और शुचितापूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से किया गया था। निरीक्षण के दौरान, मुख्य विकास अधिकारी ने केंद्र व्यवस्थापकों, नामित सेक्टर मजिस्ट्रेटों और स्टैटिक मजिस्ट्रेटों को कड़े निर्देश दिए, जिसमें स्पष्ट किया गया कि परीक्षा संचालन में किसी भी स्तर पर कोई भी शिथिलता या शिकायत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को सकुशल, शांतिपूर्ण और शुचितापूर्ण ढंग से परीक्षा संपन्न कराने का निर्देश दिया। आज आयोजित परीक्षा के दोनों पालियों के आंकड़े बताते हैं कि प्रथम पाली में पंजीकृत 3,683 छात्र-छात्राओं में से 2,048 उपस्थित रहे, जबकि 1,635 अनुपस्थित थे। द्वितीय पाली में, 3,868 पंजीकृत छात्र-छात्राओं में से 2,144 उपस्थित हुए और 1,724 अनुपस्थित पाए गए। प्रशासन की सतर्कता के परिणामस्वरूप, परीक्षा के प्रथम दिन अनुचित साधनों (नकल) का प्रयोग करते हुए दो परीक्षार्थियों को रंगे हाथों पकड़ा गया। इनमें भंवरी कृषक इंटर कॉलेज केंद्र पर परीक्षार्थी विकास सिंह और चित्रकूट इंटर कॉलेज, चित्रकूट केंद्र पर परीक्षार्थी विवेक कुमार शामिल हैं। शुचिता भंग करने के प्रयास में इन दोनों परीक्षार्थियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं के तहत तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। जिला प्रशासन ने परीक्षा की पवित्रता बनाए रखने के लिए अपनी पूरी प्रतिबद्धता दोहराई है।1
- सतना जिला अस्पताल में एक कर्मचारी की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। डॉक्टर को दिखाने आईं कुछ छात्राओं को ओपीडी (OPD) के अंदर ही कैद कर दिया गया। एक कर्मचारी ने ओपीडी के सारे गेटों पर ताला लगा दिया और वहाँ से चला गया। छात्राओं द्वारा शोर मचाने के बाद, अन्य कर्मचारियों ने ओपीडी पहुँचकर ताला खोला और उन्हें बाहर निकाला।1
- पन्ना जिले के पूरेना में स्थित JK सीमेंट प्लांट को लेकर एक जानकारी सामने आई है, जिसमें बताया गया है कि प्लांट की 'तना सही' है।1