अयोध्या के राम जन्मभूमि क्षेत्र में, श्री राम हॉस्पिटल के सामने रेलवे स्टेशन रोड पर नगर निगम की घोर लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। बरसात के दौरान नाले के क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण भारी मात्रा में पानी सड़क पर बह रहा है, जिससे पूरे मार्ग पर जलभराव जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस समस्या के कारण स्थानीय लोगों, श्रद्धालुओं और यात्रियों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर लगातार बह रहे पानी के कारण अत्यधिक फिसलन हो गई है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका भी लगातार बनी हुई है। यह मार्ग राम जन्मभूमि आने-जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जहाँ प्रतिदिन हजारों लोग यात्रा करते हैं। स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम से पुरजोर मांग की है कि नाले की तत्काल मरम्मत कराई जाए और सड़क पर बह रहे पानी की इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए। उनका कहना है कि ऐसा करने से लोगों को राहत मिलेगी और संभावित दुर्घटनाओं को भी रोका जा सकेगा।
अयोध्या के राम जन्मभूमि क्षेत्र में, श्री राम हॉस्पिटल के सामने रेलवे स्टेशन रोड पर नगर निगम की घोर लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। बरसात के दौरान नाले के क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण भारी मात्रा में पानी सड़क पर बह रहा है, जिससे पूरे मार्ग पर जलभराव जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस समस्या के कारण स्थानीय लोगों, श्रद्धालुओं और यात्रियों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर लगातार बह रहे पानी के कारण अत्यधिक फिसलन हो गई है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका भी लगातार बनी हुई है। यह मार्ग राम जन्मभूमि आने-जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जहाँ प्रतिदिन हजारों लोग यात्रा करते हैं। स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम से पुरजोर मांग की है कि नाले की तत्काल मरम्मत कराई जाए और सड़क पर बह रहे पानी की इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए। उनका कहना है कि ऐसा करने से लोगों को राहत मिलेगी और संभावित दुर्घटनाओं को भी रोका जा सकेगा।
- अयोध्या में मानसून सत्र शुरू होने से पहले जिला प्रशासन और बाढ़ खंड विभाग ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक इंतजाम किए हैं। जिला बाढ़ कार्यालय खंड के अधिशाषी अभियंता संजय कुमार सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन वर्तमान में बाढ़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर पूरी तरह सक्रिय है और बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। जिले में बाढ़ सुरक्षा से संबंधित सात परियोजनाएं संचालित थीं, जिनमें से अधिकांश का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष कार्यों को भी सुरक्षित और समयबद्ध तरीके से पूरा कर लिया गया है। सरयू नदी के जलस्तर की निरंतर निगरानी हेतु नया घाट पर केंद्रीय जल आयोग (CWC) का गेज स्टेशन कार्यरत है, जहाँ से प्रत्येक दो-दो घंटे पर जलस्तर का डेटा एकत्र किया जाता है। इसके अतिरिक्त, जिला प्रशासन ने एक समर्पित व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया है, जिसके माध्यम से चौबीसों घंटे निगरानी सुनिश्चित की जा रही है। किसी भी अप्रत्याशित परिस्थिति, जैसे अचानक बाढ़ या कटाव, से निपटने के लिए प्रशासन के पास पर्याप्त मात्रा में रिजर्व स्टॉक मौजूद है, और संवेदनशील क्षेत्रों में कटाव की सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई के लिए बंबू क्रेट और परक्यूपाइन का उपयोग कर बचाव कार्य किए जाने की तैयारी है। इस वर्ष बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए पहली बार आधुनिक तकनीकी मशीनरी और पीवीसी वायर क्रेट का उपयोग किया गया है, जिससे कार्यों की स्थिरता और स्थायित्व में वृद्धि होगी। अधिशाषी अभियंता संजय कुमार सिंह ने सभी नागरिकों से अपील की है कि नदी का जलस्तर बढ़ने पर सुरक्षित दूरी बनाए रखें, अपने पशुओं को नदी क्षेत्र में न भेजें और न ही स्वयं स्नान करें। उन्होंने किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति या कटाव की सूचना तुरंत बाढ़ नियंत्रण कक्ष को देने का आग्रह किया। आपातकालीन सूचना के लिए बाढ़ नियंत्रण कक्ष के नंबर 05278-298051 और आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 9470707972 पर संपर्क किया जा सकता है। जिला प्रशासन किसी भी संभावित जन-धन की हानि को रोकने के लिए सदैव तत्पर है।2
- सुल्तानपुर की अमहट मंडी इन दिनों गंदगी के अंबार से जूझ रही है, जहाँ पिछले चार महीनों से भी अधिक समय बीत जाने के बाद भी सफाई का ठेका नहीं हो पाया है। इस स्थिति के चलते मंडी परिसर में हर तरफ कूड़े-करकट का ढेर लगा हुआ है। इस गंभीर लापरवाही के कारण व्यापारियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। अपनी समस्याओं को लेकर व्यापारियों ने हाल ही में एक बैठक आयोजित की, जिसमें उन्होंने व्यवस्था पर एक बड़ा आरोप भी लगाया है।1
- अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण को लेकर कानूनी हलचल तेज हो गई है, जहाँ अयोध्या-फैजाबाद अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष पंडित कालिका प्रसाद मिश्रा और वरिष्ठ अधिवक्ता सौरभ मिश्रा ने कथित आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की माँग करते हुए संबंधित अधिकारियों को एक तहरीर दी थी। अधिवक्ताओं ने बताया कि यह तहरीर 2 जुलाई को सौंपी गई थी, लेकिन इतने दिन बीत जाने के बाद भी उनकी शिकायत पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इस पर अधिवक्ताओं ने गंभीर सवाल उठाए हैं कि जब कानून के अनुसार किसी भी नागरिक की शिकायत पर प्रक्रिया अपनाई जाती है, तो इस विशेष मामले में अब तक कोई स्पष्ट कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने माँग की है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी और कानून के दायरे में जाँच कराई जाए। यदि शिकायत में प्रथम दृष्टया आधार पाए जाते हैं, तो नियमानुसार एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जानी चाहिए। गौरतलब है कि राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण पहले से ही विभिन्न स्तरों पर चर्चा और जाँच की माँग के कारण सुर्खियों में रहा है। अधिवक्ताओं द्वारा कार्रवाई न होने का दावा इस मामले को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ले आया है। यह खबर अधिवक्ताओं द्वारा किए गए दावों और उनके सार्वजनिक बयान पर आधारित है।1
- अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा लूट मामले को लेकर अधिवक्ता संघ ने अपना रुख और भी सख्त कर दिया है। अधिवक्ताओं ने प्रशासन को स्पष्ट संदेश दिया है कि यह केवल एक आर्थिक अपराध नहीं है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा एक गंभीर प्रकरण है। इसी गंभीरता को देखते हुए, किसी भी स्तर पर लापरवाही या जांच में देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिवक्ता सौरभ मिश्रा ने विवेचना अधिकारी, क्षेत्राधिकारी (सीओ) तथा थाना रामजन्मभूमि प्रभारी से साफ शब्दों में कहा है कि मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि राम मंदिर चढ़ावा लूट अत्यंत गंभीर मामला है, जिसमें किसी भी प्रकार की हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मिश्रा के अनुसार, न्याय सबके लिए समान है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, अधिवक्ता संजीव दुबे ने भी इस मामले में कई अन्य लोगों की भूमिका का जिक्र करते हुए एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि मिली जानकारी के अनुसार, आगामी 22 तारीख को एक कथित बैठक प्रस्तावित है, और यदि ऐसी कोई बैठक होती है, तो अधिवक्ता उसका विरोध करेंगे और घेराव भी करेंगे। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पंडित कालका प्रसाद मिश्र ने भी इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि अधिवक्ता संघ पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए है और कानून के दायरे में रहकर न्याय सुनिश्चित कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।4
- बस्ती जनपद के ग्रामवासी शिवाजी सोनकर ने उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी से अमोढ़ा के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों की बदहाली को लेकर विनम्र अपील की है। मुख्यमंत्री जी का 10 जुलाई को हर्रैया आगमन प्रस्तावित है, जिसके मद्देनजर सोनकर ने अनुरोध किया है कि वे अमोढ़ा की ऐतिहासिक धरोहरों जैसे राजा जालिम सिंह किला, प्राचीन मंदिरों और अन्य महत्वपूर्ण विरासत स्थलों का भी निरीक्षण करें। अपील में कहा गया है कि अमोढ़ा का गौरवशाली इतिहास वर्तमान में उपेक्षा का शिकार हो रहा है। ऐतिहासिक किले की स्थिति चिंताजनक है, और कई धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों को तत्काल संरक्षण तथा विकास की आवश्यकता है। यदि इन स्थलों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण के लिए आवश्यक कदम उठाए जाते हैं, तो यह क्षेत्र पर्यटन और सांस्कृतिक दोनों ही दृष्टियों से एक नई पहचान प्राप्त कर सकता है। अतः, शिवाजी सोनकर ने मुख्यमंत्री से निवेदन किया है कि वे अमोढ़ा की इन ऐतिहासिक एवं धार्मिक धरोहरों के संरक्षण, विकास और सौंदर्यीकरण हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश प्रदान करें।1
- अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले के बाद चर्चा और आरोपों के घेरे में आए व्यक्ति गोपाल राव को ट्रस्ट की व्यवस्था से हटा दिया गया है। ट्रस्ट की बीते दिन हुई बैठक के बाद यह घोषणा की गई कि उन्हें ट्रस्ट के प्रबंधन से अलग कर दिया गया है। करीब चार साल पहले गोपाल राव को कर्नाटक से राम मंदिर परिसर में व्यवस्था देखने के लिए भेजा गया था, और आरोप है कि तभी से ट्रस्ट और उसकी व्यवस्था जाहिरा तौर पर छिन्न-भिन्न हुई है। ट्रस्ट से हटाए जाने के बावजूद, गोपाल राव अभी भी अयोध्या और राम मंदिर से मिलने वाली 'मलाई' का मोह नहीं छोड़ पा रहे हैं। आरोप है कि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष और कार्यवाहक महासचिव अब भी गोपाल को कुछ ज्यादा और अनावश्यक तरजीह दे रहे हैं, जिसके कारण संघ और विहिप की भरपूर 'थू-थू' हो रही है।1
- अयोध्या जनपद के मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र अंतर्गत अटेसर गांव में हल्की सी बारिश ने ही विकास के दावों की पोल खोल दी है। गांव की गलियों और मुख्य मार्ग पर हुए जलभराव और कीचड़ ने सड़कों को गहरे गड्ढों में तब्दील कर दिया है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों का निकलना भी बेहद मुश्किल हो गया है। सड़क पर भारी मात्रा में पानी भरा हुआ है, जिससे हालात बदतर हो चुके हैं। ग्रामीणों के अनुसार, पानी से भरे गड्ढे लगातार हादसों को न्योता दे रहे हैं, जहां राहगीर और दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं। यह स्थिति हर समय किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। विशेष रूप से स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को इस बदहाल सड़क के कारण सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय प्रशासन और संबंधित जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिम्मेदारों की इस घोर लापरवाही और उदासीनता के कारण ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। अटेसर गांव के निवासियों ने जिला प्रशासन और उच्चाधिकारियों से तत्काल सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि उन्हें इस नारकीय जीवन से मुक्ति मिल सके। इस मामले के संबंध में खंड विकास अधिकारी अमानीगंज से बात की गई है, जिन्होंने कार्यवाही का आश्वासन दिया है।1