विभूतिपुर में सादगी की मिसाल: बिना शोर-शराबे और आडंबर के बौद्ध रीति-रिवाज से परिणय सूत्र में बंधे रोशन और बबली समस्तीपुर । आज के दौर में जहां शादियां फिजूलखर्ची और दिखावे का पर्याय बनती जा रही हैं, वहीं समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर प्रखंड अंतर्गत आलमपुर कोदरिया पंचायत में एक ऐसी शादी संपन्न हुई, जिसकी चर्चा हर जुबान पर है। रविवार की रात वार्ड संख्या 13 निवासी राम कुमार महतो के पुत्र रोशन कुमार और वार्ड संख्या 4 निवासी राम विलास की पुत्री बबली कुमारी ने पारंपरिक रूढ़ियों को दरकिनार कर बौद्ध रीति-रिवाज से विवाह कर समाज को एक नई दिशा दी है। *शांति और सद्भाव का संकल्प* यह विवाह न केवल अपनी सादगी के लिए, बल्कि अपनी पवित्रता के लिए भी खास रहा। नेशनल एंड इंटरनेशनल बुद्धिष्ट सोसाइटी के भंते शांति मित्र और भंते शांति रक्षित के सानिध्य में विवाह की रस्में पूरी की गईं। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान गौतम बुद्ध की प्रतिमा, सम्राट अशोक के तैलचित्र और पंचशील कलश की स्थापना के साथ हुआ। अत्यंत सादगी भरे माहौल में वर-वधु को कच्चे सूत के घेरे में बिठाकर त्रिशरण पंचशील ग्रहण कराया गया। मंत्रोच्चार के बीच भगवान बुद्ध की वंदना की गई और नवदंपति ने जीवन भर शांति, करुणा और सद्भाव के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। *रूढ़ियों को मात:* माता-पिता ने खुद सौंपा हाथ इस विवाह का सबसे प्रेरक क्षण वह था, जब स्टेज पर किसी कर्मकांडी आडंबर के बजाय वर-वधु के माता-पिता स्वयं मौजूद रहे। पुरानी परंपराओं और रूढ़ियों को तोड़ते हुए माता-पिता ने खुद आगे आकर बरातियों और ग्रामीणों की उपस्थिति में अपने बच्चों का हाथ एक-दूसरे को सौंपा। इस भावुक दृश्य ने उपस्थित जनसमूह का दिल जीत लिया। ग्रामीणों का कहना था कि यह दृश्य आधुनिक समाज की उस प्रगतिशील सोच को दर्शाता है, जिसकी आज सख्त जरूरत है। *समाज के लिए प्रेरणास्रोत* विवाह की सादगी और इसके पीछे के संदेश की क्षेत्र के बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जमकर सराहना की है। लोगों का मानना है कि इस तरह की पहल से न केवल आर्थिक बोझ कम होता है, बल्कि समाज में व्याप्त प्रथा और दिखावे जैसी कुरीतियों पर भी करारी चोट पहुँचती है। इस अनोखी शादी को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। विदाई के वक्त माहौल में भारी भरकम बैंड-बाजे के शोर के बजाय एक शांत गरिमा थी, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए निश्चित रूप से एक प्रेरणास्रोत बनेगी।
विभूतिपुर में सादगी की मिसाल: बिना शोर-शराबे और आडंबर के बौद्ध रीति-रिवाज से परिणय सूत्र में बंधे रोशन और बबली समस्तीपुर । आज के दौर में जहां शादियां फिजूलखर्ची और दिखावे का पर्याय बनती जा रही हैं, वहीं समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर प्रखंड अंतर्गत आलमपुर कोदरिया पंचायत में एक ऐसी शादी संपन्न हुई, जिसकी चर्चा हर जुबान पर है। रविवार की रात वार्ड संख्या 13 निवासी राम कुमार महतो के पुत्र रोशन कुमार और वार्ड संख्या 4 निवासी राम विलास की पुत्री बबली कुमारी ने पारंपरिक रूढ़ियों को दरकिनार कर बौद्ध रीति-रिवाज से विवाह कर समाज को एक नई दिशा दी है। *शांति और सद्भाव का संकल्प* यह विवाह न केवल अपनी सादगी के लिए, बल्कि अपनी पवित्रता के लिए भी खास रहा। नेशनल एंड इंटरनेशनल बुद्धिष्ट सोसाइटी के भंते शांति मित्र और भंते शांति रक्षित के सानिध्य में विवाह की रस्में पूरी की गईं। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान गौतम बुद्ध की प्रतिमा, सम्राट अशोक के तैलचित्र और पंचशील कलश की स्थापना के साथ हुआ। अत्यंत सादगी भरे माहौल में वर-वधु को कच्चे सूत के घेरे में बिठाकर त्रिशरण पंचशील ग्रहण कराया गया। मंत्रोच्चार के बीच भगवान बुद्ध की वंदना की गई और नवदंपति ने जीवन भर शांति, करुणा और सद्भाव के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। *रूढ़ियों को मात:* माता-पिता ने खुद सौंपा हाथ इस विवाह का सबसे प्रेरक क्षण वह था, जब स्टेज पर किसी कर्मकांडी आडंबर के बजाय वर-वधु के माता-पिता स्वयं मौजूद रहे। पुरानी परंपराओं और रूढ़ियों को तोड़ते हुए माता-पिता ने खुद आगे आकर बरातियों और ग्रामीणों की उपस्थिति में अपने बच्चों का हाथ एक-दूसरे को सौंपा। इस भावुक दृश्य ने उपस्थित जनसमूह का दिल जीत लिया। ग्रामीणों का कहना था कि यह दृश्य आधुनिक समाज की उस प्रगतिशील सोच को दर्शाता है, जिसकी आज सख्त जरूरत है। *समाज के लिए प्रेरणास्रोत* विवाह की सादगी और इसके पीछे के संदेश की क्षेत्र के बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जमकर सराहना की है। लोगों का मानना है कि इस तरह की पहल से न केवल आर्थिक बोझ कम होता है, बल्कि समाज में व्याप्त प्रथा और दिखावे जैसी कुरीतियों पर भी करारी चोट पहुँचती है। इस अनोखी शादी को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। विदाई के वक्त माहौल में भारी भरकम बैंड-बाजे के शोर के बजाय एक शांत गरिमा थी, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए निश्चित रूप से एक प्रेरणास्रोत बनेगी।
- विभूतिपुर में सादगी की मिसाल: बिना शोर-शराबे और आडंबर के बौद्ध रीति-रिवाज से परिणय सूत्र में बंधे रोशन और बबली समस्तीपुर । आज के दौर में जहां शादियां फिजूलखर्ची और दिखावे का पर्याय बनती जा रही हैं, वहीं समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर प्रखंड अंतर्गत आलमपुर कोदरिया पंचायत में एक ऐसी शादी संपन्न हुई, जिसकी चर्चा हर जुबान पर है। रविवार की रात वार्ड संख्या 13 निवासी राम कुमार महतो के पुत्र रोशन कुमार और वार्ड संख्या 4 निवासी राम विलास की पुत्री बबली कुमारी ने पारंपरिक रूढ़ियों को दरकिनार कर बौद्ध रीति-रिवाज से विवाह कर समाज को एक नई दिशा दी है। *शांति और सद्भाव का संकल्प* यह विवाह न केवल अपनी सादगी के लिए, बल्कि अपनी पवित्रता के लिए भी खास रहा। नेशनल एंड इंटरनेशनल बुद्धिष्ट सोसाइटी के भंते शांति मित्र और भंते शांति रक्षित के सानिध्य में विवाह की रस्में पूरी की गईं। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान गौतम बुद्ध की प्रतिमा, सम्राट अशोक के तैलचित्र और पंचशील कलश की स्थापना के साथ हुआ। अत्यंत सादगी भरे माहौल में वर-वधु को कच्चे सूत के घेरे में बिठाकर त्रिशरण पंचशील ग्रहण कराया गया। मंत्रोच्चार के बीच भगवान बुद्ध की वंदना की गई और नवदंपति ने जीवन भर शांति, करुणा और सद्भाव के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। *रूढ़ियों को मात:* माता-पिता ने खुद सौंपा हाथ इस विवाह का सबसे प्रेरक क्षण वह था, जब स्टेज पर किसी कर्मकांडी आडंबर के बजाय वर-वधु के माता-पिता स्वयं मौजूद रहे। पुरानी परंपराओं और रूढ़ियों को तोड़ते हुए माता-पिता ने खुद आगे आकर बरातियों और ग्रामीणों की उपस्थिति में अपने बच्चों का हाथ एक-दूसरे को सौंपा। इस भावुक दृश्य ने उपस्थित जनसमूह का दिल जीत लिया। ग्रामीणों का कहना था कि यह दृश्य आधुनिक समाज की उस प्रगतिशील सोच को दर्शाता है, जिसकी आज सख्त जरूरत है। *समाज के लिए प्रेरणास्रोत* विवाह की सादगी और इसके पीछे के संदेश की क्षेत्र के बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जमकर सराहना की है। लोगों का मानना है कि इस तरह की पहल से न केवल आर्थिक बोझ कम होता है, बल्कि समाज में व्याप्त प्रथा और दिखावे जैसी कुरीतियों पर भी करारी चोट पहुँचती है। इस अनोखी शादी को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। विदाई के वक्त माहौल में भारी भरकम बैंड-बाजे के शोर के बजाय एक शांत गरिमा थी, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए निश्चित रूप से एक प्रेरणास्रोत बनेगी।1
- समस्तीपुर परिवहन विभाग कार्यालय के पीछे रखी गई जप्त दो पहिये वाहन से वाहन के इंजन की हुई चोरी.. गुप्त सूत्र ने बताया की परिवहन विभाग द्वारा गाड़ी तो जप्त कर लिया गया. लेकिन उसकी सुरक्षा करने में नाकाम रहे। समस्तीपुर से राजेश कुमार वर्मा1
- Post by Ankit Anand1
- Post by Ramkaran poddar1
- दरभंगा में फिर एक नाबालिक से हुआ दुष्कर्म, नाबालिग़ की नानी ट्यूशन शिक्षक पर लगाई शादी का प्रलोभन देकर दुष्कर्म करने का आरोप बहादुरपुर थाना में FIR हुआ दर्ज पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार मामला दरभंगा जिला के बहादुरपुर थाना क्षेत्र की है ! जहां थाना क्षेत्र की निवासी एक नानी ने आवेदन देकर ट्यूशन पढ़ाने वाले शिक्षक पर शादी का प्रलोभन देकर शाशीरिक संबंध बनाने का गंभीर आरोप लगाई हैं! नाबालिक मैट्रिक की छात्रा की नानी FIR में कहती है कि पिछले 8 महीना से उसके घर आकर शिक्षक पढ़ा रहा था एक महीना तक आरोपी ट्यूशन शिक्षक सुबह 10 बजे नाबालिग़ के घर आकर ट्यूशन पढ़ाता तथा लेकिन उसके बाद वह समय बदल दिया और फिर तब ट्यूशन पढ़ाने आने लगा जब नाबालिक लड़की की नानी अपने पति के लिए खाना लेकर लहेरियासराय जाती थी ! इसी बीच आरोपी नाबालिग़ लड़की के साथ शारीरिक संबंध बनाता था ! जब एक दिन नाबालिग़ लड़की की नानी अचानक समय से पूर्व घर आई तो देखी की आरोपी उनकी नतनी के साथ शारीरिक संबंध बना रहा है जिसके बाद वह वहां पर विरोध की तो आरोपी बोला कि वह लड़की से शादी कर लेगा और वहां से बहाना बनाकर निकल गया ! यह घटना 2 फरवरी 2026 की है ! इस बीच स्थानीय लोगों के द्वारा पंचायत के माध्यम से मामला हल करने का वादा किया गया लेकिन पंचायत में आरोपी पक्ष नहीं पहुंचा जिस कारण पंचायत नहीं हो पाई ! FIR 8 फरवरी को बहादुरपुर थाना में दर्ज करवाया गया है और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है !1
- 🔴बुरा ना मानो होली है1
- मिली जानकारी के अनुसार समस्तीपुर जिला के पटोरी थाना क्षेत्र के चकसाहो से चार शराब नशेड़ी को पटोरी उत्पाद थाने की पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार शराब नशेड़ी की पहचान समस्तीपुर जिला के मोहनपुर थाना क्षेत्र के अदलालपुर के रहने विकाश कुमार, रुपेश कुमार, पटोरी थाना क्षेत्र के चकसाहो के रहने वाले राजेश कुमार, शिउड़ा के रहने वाले राजा कुमार के रूप में हुई। सभी शराब नशेड़ी को ब्रेथ एनालाइजर से जांचों उपरांत न्यालय भेज दिया गया है। उक्त आशय कि जानकारी सोमवार संध्या 5 बजे के करीब दी।1
- बिहार विधानमंडल का बजट सत्र चल रहा है और इस दौरान विपक्ष सरकार पर लगातार हमलावर है। आज कांग्रेस विधायक अभिषेक रंजन ने विधानसभा परिसर में सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। अभिषेक रंजन सरकार का पुतला लेकर पहुंचे, जिस पर बिहार में बढ़ते अपराध और कानून-व्यवस्था की स्थिति से जुड़े कई चित्र और पोस्टर लगाए गए थे। हाल के दिनों में राज्य में हुई आपराधिक घटनाओं, बलात्कार जैसी गंभीर वारदातों को लेकर उन्होंने सरकार को घेरा। विधानसभा परिसर में नारेबाजी करते हुए कांग्रेस विधायक ने आरोप लगाया कि सरकार अपराध रोकने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। उनका कहना है कि सरकार अपराध के मुद्दे पर मौन बनी हुई है, इसलिए उन्होंने बजट सत्र के दौरान सरकार का पुतला लाकर विरोध दर्ज कराया, ताकि सरकार अपराध पर लगाम लगाने के लिए ठोस कदम उठाए। बाइट: कांग्रेस विधायक अभिषेक रंजन1