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जन सेवक पुष्पेंद्र प्रताप सिंह लगातार समाज सेवा के कीर्तिमान कायम करते हुए *पति की मौत से बेसहारा हुए परिवार का सहारा बने राष्ट्रसेवक पुष्पेन्द्र प्रताप सिंह* बीघापुर, उन्नाव। भगवन्तनगर विधान सभा के सुमेरपुर विकास खण्ड की ग्राम पंचायत मनिकापुर मे लगभग पखवारे पूर्व राजेश गुप्ता का निधन हो गया था, उनके निधन के बाद परिवार मे पत्नी स्वेता, बेटा शिवम व शिवा, बेटी गुंजन के सामने पेट पालने का संकट खड़ा हो गया। बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होने लगी थी बताते चले कि राजेश गुप्ता के निधन के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति दयनीय हो गयी थी कही से कोई मदद नहीं मिली तभी क्षेत्रवासियों ने इस विकट परिस्थिति को राष्ट्रसेवक पुष्पेन्द्र प्रताप सिंह को जानकारी दी, सरल उदार ब्यक्तित्व के धनी पुष्प फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पुष्पेन्द्र प्रताप सिंह ने त्वरित बड़ा मानवतावादी कदम उठाते हुए अपनी टीम के साथ असहाय परिजनों से मुलाक़ात की घर की कमजोर स्थिति को देखते हुवे राष्ट्रसेवक पुष्पेन्द्र प्रताप सिंह ने दिवंगत राजेश गुप्ता की पत्नी स्वेता को आर्थिक मदद देकर परेशान परिवार के चेहरे पर सुकून दिखाई पड़ा मौके पर मौजूद क्षेत्रीय जनो ने पुष्पेन्द्र प्रताप सिंह की ऐतिहासिक वृहद जनसेवा की भूरि भूरि प्रशंशा की व राष्ट्र का भावी युगपुरुष बताया इस मौके पर मुख्य रूप से ग्राम प्रधान माजिद अली,श्रवण सिंह, दिलीप, अकील, शैलू,रंजीत यादव, इकबाल सिंह प्रधान, आर के सिंह मामाजी,आदि लोग मौजूद रहे।

2 hrs ago
user_Jitendra Kumar Awasthi
Jitendra Kumar Awasthi
Newspaper publisher बीघापुर, उन्नाव, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

जन सेवक पुष्पेंद्र प्रताप सिंह लगातार समाज सेवा के कीर्तिमान कायम करते हुए *पति की मौत से बेसहारा हुए परिवार का सहारा बने राष्ट्रसेवक पुष्पेन्द्र प्रताप सिंह* बीघापुर, उन्नाव। भगवन्तनगर विधान सभा के सुमेरपुर विकास खण्ड की ग्राम पंचायत मनिकापुर मे लगभग पखवारे पूर्व राजेश गुप्ता का निधन हो गया था, उनके निधन के बाद परिवार मे पत्नी स्वेता, बेटा शिवम व शिवा, बेटी गुंजन के सामने पेट पालने का संकट खड़ा हो गया। बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होने लगी थी बताते चले कि राजेश गुप्ता के निधन के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति दयनीय हो गयी थी कही से कोई मदद नहीं मिली तभी क्षेत्रवासियों ने इस विकट परिस्थिति को राष्ट्रसेवक पुष्पेन्द्र प्रताप सिंह को जानकारी दी, सरल उदार ब्यक्तित्व के धनी पुष्प फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पुष्पेन्द्र प्रताप सिंह ने त्वरित बड़ा मानवतावादी कदम उठाते हुए अपनी टीम के साथ असहाय परिजनों से मुलाक़ात की घर की कमजोर स्थिति को देखते हुवे राष्ट्रसेवक पुष्पेन्द्र प्रताप सिंह ने दिवंगत राजेश गुप्ता की पत्नी स्वेता को आर्थिक मदद देकर परेशान परिवार के चेहरे पर सुकून दिखाई पड़ा मौके पर मौजूद क्षेत्रीय जनो ने पुष्पेन्द्र प्रताप सिंह की ऐतिहासिक वृहद जनसेवा की भूरि भूरि प्रशंशा की व राष्ट्र का भावी युगपुरुष बताया इस मौके पर मुख्य रूप से ग्राम प्रधान माजिद अली,श्रवण सिंह, दिलीप, अकील, शैलू,रंजीत यादव, इकबाल सिंह प्रधान, आर के सिंह मामाजी,आदि लोग मौजूद रहे।

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  • कानपुर बिल्हौर पुलिस ने ट्यूबबेल के इंजनों के पार्ट्स चोरी करने वाले अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश। किया कानपुर बिल्हौर पुलिस ने ट्यूबबेल के इंजनों के पार्ट्स चोरी करने वाले अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश। किया
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कानपुर बिल्हौर पुलिस ने ट्यूबबेल के इंजनों के पार्ट्स चोरी करने वाले अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश। किया
    user_लाला यादव न्यूज़ रिपोर्टर
    लाला यादव न्यूज़ रिपोर्टर
    Court reporter कानपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • उद्घाटन और बोर्ड के बाद भी अधूरी गली! किदवई नगर में पार्षद के खिलाफ स्थानीय लोगों का आक्रोश उद्घाटन और बोर्ड के बाद भी अधूरी गली! किदवई नगर में पार्षद के खिलाफ स्थानीय लोगों का आक्रोश ​स्मार्ट सिटी और विकास के दावों के बीच स्थानीय जनप्रतिनिधियों की लापरवाही की एक और तस्वीर सामने आई है। मामला किदवई नगर के उस्मानपुर गाँव (वार्ड नंबर 92) का है, जहाँ मकान नंबर 41, 42 और 43 वाली गली में बदहाली चरम पर है। ​इलाके के लोगों का आरोप है कि नाली, सीवर और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाएं यहाँ नदारद हैं। ताज्जुब की बात यह है कि इस गली के निर्माण के लिए बाकायदा पूजन किया गया, नारियल फोड़े गए और 'कार्य संपन्न' होने का बोर्ड तक लगा दिया गया, लेकिन ज़मीन पर काम एक इंच भी आगे नहीं बढ़ा। वार्ड: 92 (उस्मानपुर गाँव, किदवई नगर) स्थानीय लोगों के आरोप- ​"हमारे यहाँ ना लाइट है, ना सीवर है और ना ही नालियों की व्यवस्था है। पार्षद अवधेश त्रिपाठी जी ने यहाँ आकर पूजन किया, नारियल फोड़ा, जय-जयकार हुई... यहाँ तक कि कार्य संपन्न होने का बोर्ड भी लगा दिया गया, लेकिन गली का निर्माण आज तक नहीं हुआ। हमें सिर्फ़ 15 दिन और महीने भर का झूठा आश्वासन देकर बरगलाया जा रहा है।" ​स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे लगातार पार्षद और प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर बार सिर्फ़ आश्वासन ही मिलता है। अब देखना यह होगा कि 'कागज़ों और बोर्ड' पर संपन्न हो चुके इस विकास कार्य की सुध ज़मीनी स्तर पर कब ली जाती है।
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    उद्घाटन और बोर्ड के बाद भी अधूरी गली! किदवई नगर में पार्षद के खिलाफ स्थानीय लोगों का आक्रोश
उद्घाटन और बोर्ड के बाद भी अधूरी गली! किदवई नगर में पार्षद के खिलाफ स्थानीय लोगों का आक्रोश
​स्मार्ट सिटी और विकास के दावों के बीच स्थानीय जनप्रतिनिधियों की लापरवाही की एक और तस्वीर सामने आई है। मामला किदवई नगर के उस्मानपुर गाँव (वार्ड नंबर 92) का है, जहाँ मकान नंबर 41, 42 और 43 वाली गली में बदहाली चरम पर है।
​इलाके के लोगों का आरोप है कि नाली, सीवर और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाएं यहाँ नदारद हैं। ताज्जुब की बात यह है कि इस गली के निर्माण के लिए बाकायदा पूजन किया गया, नारियल फोड़े गए और 'कार्य संपन्न' होने का बोर्ड तक लगा दिया गया, लेकिन ज़मीन पर काम एक इंच भी आगे नहीं बढ़ा।
वार्ड: 92 (उस्मानपुर गाँव, किदवई नगर)
स्थानीय लोगों के आरोप-
​"हमारे यहाँ ना लाइट है, ना सीवर है और ना ही नालियों की व्यवस्था है। पार्षद अवधेश त्रिपाठी जी ने यहाँ आकर पूजन किया, नारियल फोड़ा, जय-जयकार हुई... यहाँ तक कि कार्य संपन्न होने का बोर्ड भी लगा दिया गया, लेकिन गली का निर्माण आज तक नहीं हुआ। हमें सिर्फ़ 15 दिन और महीने भर का झूठा आश्वासन देकर बरगलाया जा रहा है।"
​स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे लगातार पार्षद और प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर बार सिर्फ़ आश्वासन ही मिलता है। अब देखना यह होगा कि 'कागज़ों और बोर्ड' पर संपन्न हो चुके इस विकास कार्य की सुध ज़मीनी स्तर पर कब ली जाती है।
    user_पत्रकारआनंदशर्मा आर्यन टीवी
    पत्रकारआनंदशर्मा आर्यन टीवी
    कानपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • बुर्का पहनकर पवित्र जल लेकर हरिद्वार से गाजियाबाद के डासना मंदिर की कांवड़ यात्रा कर रहीं मुस्लिम शिवभक्त महिलाएं चर्चा का विषय बनी हुई हैं। जिला रिपोर्टर अनूप कुमार निषाद 🚨 बुर्का पहनकर पवित्र जल लेकर हरिद्वार से गाजियाबाद के डासना मंदिर की कांवड़ यात्रा कर रहीं मुस्लिम शिवभक्त महिलाएं चर्चा का विषय बनी हुई हैं। पुलिस सुरक्षा के कड़े घेरे में यात्रा कर रहीं तमन्ना मलिक और अनीषा बानो ने महिलाओं के अधिकारों को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि कट्टरपंथी मौलाना महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि हलाला के नाम पर महिलाओं का कथित शोषण बंद होना चाहिए और मुस्लिम महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए आगे आना चाहिए। दोनों महिलाओं के इन बयानों ने कांवड़ यात्रा के दौरान सामाजिक और धार्मिक मुद्दों पर नई चर्चा को जन्म दिया है। #KanwarYatra #HarHarMahadev #Sawan2026 #ShivBhakt #Gangajal #Haridwar #Dasna #Ghaziabad #UttarPradesh #Sanatan #WomenRights #AnishaBano #TamannaMalik #BreakingNews #HindiNews #SudarshanNews #Muzaffarnagar #IndiaNews #Mahadev #BolBam #KawadYatra #NewsUpdate
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    बुर्का पहनकर पवित्र जल लेकर हरिद्वार से गाजियाबाद के डासना मंदिर की कांवड़ यात्रा कर रहीं मुस्लिम शिवभक्त महिलाएं चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
जिला रिपोर्टर अनूप कुमार निषाद 
🚨 बुर्का पहनकर पवित्र जल लेकर हरिद्वार से गाजियाबाद के डासना मंदिर की कांवड़ यात्रा कर रहीं मुस्लिम शिवभक्त महिलाएं चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
पुलिस सुरक्षा के कड़े घेरे में यात्रा कर रहीं तमन्ना मलिक और अनीषा बानो ने महिलाओं के अधिकारों को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि कट्टरपंथी मौलाना महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि हलाला के नाम पर महिलाओं का कथित शोषण बंद होना चाहिए और मुस्लिम महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए आगे आना चाहिए।
दोनों महिलाओं के इन बयानों ने कांवड़ यात्रा के दौरान सामाजिक और धार्मिक मुद्दों पर नई चर्चा को जन्म दिया है।
#KanwarYatra #HarHarMahadev #Sawan2026 #ShivBhakt #Gangajal #Haridwar #Dasna #Ghaziabad #UttarPradesh #Sanatan #WomenRights #AnishaBano #TamannaMalik #BreakingNews #HindiNews #SudarshanNews #Muzaffarnagar #IndiaNews #Mahadev #BolBam #KawadYatra #NewsUpdate
    user_Anoop Nishad Kanpur
    Anoop Nishad Kanpur
    कानपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • अब घर बैठे पहचानिए मिलावटी खाद्य पदार्थ, फूड सेफ्टी वैन ने सिखाए आसान परीक्षण अब घर बैठे पहचानिए मिलावटी खाद्य पदार्थ, फूड सेफ्टी वैन ने सिखाए आसान परीक्षण कानपुर में मिलावट खोरी के खिलाफ चला अभियान क्या दूध में डिटर्जेंट मिला है? क्या हल्दी और लाल मिर्च में कृत्रिम रंग है? क्या काली मिर्च में पपीते के बीज या चांदी के वर्क में एल्युमिनियम की मिलावट है? इन सवालों का जवाब अब केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं रहा। शुक्रवार को मोतीझील में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स मोबाइल प्रयोगशाला ने लाइव प्रदर्शन के जरिए लोगों को ऐसे आसान परीक्षण सिखाए, जिनसे कई खाद्य पदार्थों में प्रारंभिक स्तर की मिलावट की पहचान घर पर भी की जा सकती है। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने मोबाइल प्रयोगशाला की कार्यप्रणाली का निरीक्षण किया और विभिन्न परीक्षणों का प्रदर्शन देखा। इस दौरान सहायक आयुक्त (खाद्य) संजय प्रताप सिंह, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी धर्मेंद्र द्विवेदी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनिल कुमार, नरेंद्र शर्मा, बृजमोहन गुप्ता, उपासना शाह तथा मोबाइल प्रयोगशाला पर तैनात विश्लेषक मौजूद रहे।विशेषज्ञों ने दूध एवं दुग्ध उत्पाद, मसाले, खाद्य तेल, शहद, चायपत्ती, आटा, गुड़, चीनी तथा अन्य खाद्य पदार्थों में होने वाली सामान्य मिलावट की पहचान के सरल परीक्षणों का प्रदर्शन किया। मौके पर दूध में डिटर्जेंट और स्टार्च, घी में स्टार्च, हल्दी व लाल मिर्च में कृत्रिम रंग, काली मिर्च में पपीते के बीज, चांदी के वर्क में एल्युमिनियम सहित कई प्रकार की मिलावट की पहचान करके दिखाई गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ये परीक्षण केवल प्रारंभिक पहचान के लिए हैं। किसी भी संदिग्ध नमूने की अंतिम पुष्टि विभागीय प्रयोगशाला में वैज्ञानिक जांच के बाद ही की जाती है। जिलाधिकारी ने कहा कि मिलावट के खिलाफ सबसे प्रभावी हथियार जागरूक उपभोक्ता है। उन्होंने कहा कि फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स के माध्यम से लोगों को ऐसे सरल परीक्षण बताए जा रहे हैं, जिनसे वे खाद्य पदार्थों की प्रारंभिक जांच स्वयं कर सकते हैं। जागरूकता ही मिलावट के खिलाफ सबसे बड़ा बचाव है। उन्होंने लोगों से स्वच्छ एवं विश्वसनीय प्रतिष्ठानों से ही खाद्य सामग्री खरीदने, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर ध्यान देने तथा कहीं भी गंभीर मिलावट की जानकारी मिलने पर तत्काल खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचित करने की अपील की। *बॉक्स :* *ऐसे करें मिलावटी खाद्य पदार्थों की पहचान* *● चांदी के वर्क में एल्युमिनियम* वर्क को उंगलियों से मसलने पर शुद्ध चांदी का वर्क चूर्ण जैसा बिखर जाता है, जबकि एल्युमिनियम छोटे-छोटे टुकड़ों में टूटता है। आग में जलाने पर भी दोनों में स्पष्ट अंतर दिखाई देता है। *दूध और दुग्ध उत्पाद* ● दूध, पनीर, खोया और छेना में स्टार्च आयोडीन (टिंचर ऑफ आयोडीन) की 2-3 बूंद डालें। नीला रंग बनने पर स्टार्च की मिलावट की आशंका होती है। *● दूध में डिटर्जेंट* दूध में बराबर मात्रा में पानी मिलाकर अच्छी तरह हिलाएं। गाढ़ा झाग बनने पर डिटर्जेंट की मिलावट हो सकती है, जबकि शुद्ध दूध में केवल हल्की झाग बनती है। *● घी और मक्खन में स्टार्च* आधा चम्मच घी या मक्खन में आयोडीन की कुछ बूंद डालें। नीला रंग बनने पर स्टार्चयुक्त पदार्थ की मिलावट की आशंका होती है। पानी में डालने पर शुद्ध काली मिर्च नीचे बैठ जाती है, जबकि पपीते के बीज ऊपर तैरते हैं। देखने पर पपीते के बीज चिकने और अंडाकार होते हैं। पानी में लाल मिर्च पाउडर डालते ही यदि रंग की धारियां उतरने लगें तो कृत्रिम रंग की मिलावट हो सकती है। एक गिलास पानी में एक चम्मच हल्दी डालें। शुद्ध हल्दी नीचे बैठते समय हल्का पीला रंग छोड़ती है, जबकि मिलावटी हल्दी पानी को गहरा पीला रंग देती है।असली दालचीनी की परतें बेहद पतली होती हैं। कैसिया की छाल मोटी और कई परतों वाली दिखाई देती है।थोड़ी हींग जलाने पर शुद्ध हींग कपूर की तरह जलती है। पानी में घोलने पर शुद्ध हींग का घोल दूधिया सफेद बनता है और उसमें तलछट नहीं रहती।तेल, शहद और मिठाइया ,पानी में शहद की एक बूंद डालें। शुद्ध शहद तुरंत नहीं घुलता, जबकि मिलावटी शहद पानी में फैलने लगता है। शहद में भीगी सूती बत्ती आसानी से जल जाती है, जबकि पानी मिला होने पर वह नहीं जलती या चटकने की आवाज करती है। कुछ प्रकार की रासायनिक मिलावट की पहचान विशेष अभिकर्मकों से की जाती है, जिसका प्रदर्शन मोबाइल प्रयोगशाला में किया गया।अच्छी गुणवत्ता वाली लौंग पानी में नीचे बैठ जाती है, जबकि इस्तेमाल की जा चुकी लौंग ऊपर तैरने लगती है।सरसों के बीज चिकने होते हैं और दबाने पर अंदर से पीले दिखाई देते हैं। सत्यानाशी (आरगेमोन) के बीज खुरदरे, काले और अंदर से सफेद होते हैं। फिल्टर पेपर या सफेद कागज पर पानी की कुछ बूंदें डालने से यदि रंग की धारियां बनें तो कृत्रिम रंग की मिलावट की आशंका हो सकती है।हरी मटर को आधे घंटे पानी में भिगोकर रखें। यदि पानी का रंग अलग होने लगे तो कृत्रिम रंग की मिलावट हो सकती है।
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    अब घर बैठे पहचानिए मिलावटी खाद्य पदार्थ, फूड सेफ्टी वैन ने सिखाए आसान परीक्षण

अब घर बैठे पहचानिए मिलावटी खाद्य पदार्थ, फूड सेफ्टी वैन ने सिखाए आसान परीक्षण
कानपुर में मिलावट खोरी के खिलाफ चला अभियान 
क्या दूध में डिटर्जेंट मिला है? क्या हल्दी और लाल मिर्च में कृत्रिम रंग है? क्या काली मिर्च में पपीते के बीज या चांदी के वर्क में एल्युमिनियम की मिलावट है? इन सवालों का जवाब अब केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं रहा। शुक्रवार को मोतीझील में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स मोबाइल प्रयोगशाला ने लाइव प्रदर्शन के जरिए लोगों को ऐसे आसान परीक्षण सिखाए, जिनसे कई खाद्य पदार्थों में प्रारंभिक स्तर की मिलावट की पहचान घर पर भी की जा सकती है।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने मोबाइल प्रयोगशाला की कार्यप्रणाली का निरीक्षण किया और विभिन्न परीक्षणों का प्रदर्शन देखा। इस दौरान सहायक आयुक्त (खाद्य) संजय प्रताप सिंह, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी धर्मेंद्र द्विवेदी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनिल कुमार, नरेंद्र शर्मा, बृजमोहन गुप्ता, उपासना शाह तथा मोबाइल प्रयोगशाला पर तैनात विश्लेषक मौजूद रहे।विशेषज्ञों ने दूध एवं दुग्ध उत्पाद, मसाले, खाद्य तेल, शहद, चायपत्ती, आटा, गुड़, चीनी तथा अन्य खाद्य पदार्थों में होने वाली सामान्य मिलावट की पहचान के सरल परीक्षणों का प्रदर्शन किया। मौके पर दूध में डिटर्जेंट और स्टार्च, घी में स्टार्च, हल्दी व लाल मिर्च में कृत्रिम रंग, काली मिर्च में पपीते के बीज, चांदी के वर्क में एल्युमिनियम सहित कई प्रकार की मिलावट की पहचान करके दिखाई गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ये परीक्षण केवल प्रारंभिक पहचान के लिए हैं। किसी भी संदिग्ध नमूने की अंतिम पुष्टि विभागीय प्रयोगशाला में वैज्ञानिक जांच के बाद ही की जाती है।
जिलाधिकारी ने कहा कि मिलावट के खिलाफ सबसे प्रभावी हथियार जागरूक उपभोक्ता है। उन्होंने कहा कि फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स के माध्यम से लोगों को ऐसे सरल परीक्षण बताए जा रहे हैं, जिनसे वे खाद्य पदार्थों की प्रारंभिक जांच स्वयं कर सकते हैं। जागरूकता ही मिलावट के खिलाफ सबसे बड़ा बचाव है। उन्होंने लोगों से स्वच्छ एवं विश्वसनीय प्रतिष्ठानों से ही खाद्य सामग्री खरीदने, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर ध्यान देने तथा कहीं भी गंभीर मिलावट की जानकारी मिलने पर तत्काल खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचित करने की अपील की।
*बॉक्स :*
*ऐसे करें मिलावटी खाद्य पदार्थों की  पहचान*
*● चांदी के वर्क में एल्युमिनियम*
वर्क को उंगलियों से मसलने पर शुद्ध चांदी का वर्क चूर्ण जैसा बिखर जाता है, जबकि एल्युमिनियम छोटे-छोटे टुकड़ों में टूटता है। आग में जलाने पर भी दोनों में स्पष्ट अंतर दिखाई देता है।
*दूध और दुग्ध उत्पाद*
● दूध, पनीर, खोया और छेना में स्टार्च
आयोडीन (टिंचर ऑफ आयोडीन) की 2-3 बूंद डालें। नीला रंग बनने पर स्टार्च की मिलावट की आशंका होती है।
*● दूध में डिटर्जेंट*
दूध में बराबर मात्रा में पानी मिलाकर अच्छी तरह हिलाएं। गाढ़ा झाग बनने पर डिटर्जेंट की मिलावट हो सकती है, जबकि शुद्ध दूध में केवल हल्की झाग बनती है।
*● घी और मक्खन में स्टार्च*
आधा चम्मच घी या मक्खन में आयोडीन की कुछ बूंद डालें। नीला रंग बनने पर स्टार्चयुक्त पदार्थ की मिलावट की आशंका होती है।
पानी में डालने पर शुद्ध काली मिर्च नीचे बैठ जाती है, जबकि पपीते के बीज ऊपर तैरते हैं। देखने पर पपीते के बीज चिकने और अंडाकार होते हैं।
पानी में लाल मिर्च पाउडर डालते ही यदि रंग की धारियां उतरने लगें तो कृत्रिम रंग की मिलावट हो सकती है।
एक गिलास पानी में एक चम्मच हल्दी डालें। शुद्ध हल्दी नीचे बैठते समय हल्का पीला रंग छोड़ती है, जबकि मिलावटी हल्दी पानी को गहरा पीला रंग देती है।असली दालचीनी की परतें बेहद पतली होती हैं। कैसिया की छाल मोटी और कई परतों वाली दिखाई देती है।थोड़ी हींग जलाने पर शुद्ध हींग कपूर की तरह जलती है। पानी में घोलने पर शुद्ध हींग का घोल दूधिया सफेद बनता है और उसमें तलछट नहीं रहती।तेल, शहद और मिठाइया ,पानी में शहद की एक बूंद डालें। शुद्ध शहद तुरंत नहीं घुलता, जबकि मिलावटी शहद पानी में फैलने लगता है। शहद में भीगी सूती बत्ती आसानी से जल जाती है, जबकि पानी मिला होने पर वह नहीं जलती या चटकने की आवाज करती है।
कुछ प्रकार की रासायनिक मिलावट की पहचान विशेष अभिकर्मकों से की जाती है, जिसका प्रदर्शन मोबाइल प्रयोगशाला में किया गया।अच्छी गुणवत्ता वाली लौंग पानी में नीचे बैठ जाती है, जबकि इस्तेमाल की जा चुकी लौंग ऊपर तैरने लगती है।सरसों के बीज चिकने होते हैं और दबाने पर अंदर से पीले दिखाई देते हैं। सत्यानाशी (आरगेमोन) के बीज खुरदरे, काले और अंदर से सफेद होते हैं।
फिल्टर पेपर या सफेद कागज पर पानी की कुछ बूंदें डालने से यदि रंग की धारियां बनें तो कृत्रिम रंग की मिलावट की आशंका हो सकती है।हरी मटर को आधे घंटे पानी में भिगोकर रखें। यदि पानी का रंग अलग होने लगे तो कृत्रिम रंग की मिलावट हो सकती है।
    user_पत्रकारआनंदशर्मा आर्यन टीवी
    पत्रकारआनंदशर्मा आर्यन टीवी
    कानपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • बिठूर: परिहार पुल के पास सड़क हादसे में वृद्ध महिला श्रद्धालु घायल; पुलिस ने अस्पताल पहुँचाया, कानपुर, यूपी, पहचान की अपील बिठूर (कानपुर)। श्रावण मास के पावन अवसर पर बिठूर दर्शन-पूजन के लिए आई एक वृद्ध महिला श्रद्धालु कस्बा बिठूर स्थित परिहार पुल के पास सड़क हादसे का शिकार हो गईं। एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल सवार ने वृद्ध महिला को टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की सराहनीय तत्परता देखने को मिली। सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए सेक्टर प्रभारी टीएसआई (TSI) छन्नूलाल, अपने हमराही आरक्षी (232 AP) रमाकांत और होमगार्ड (HG 2025) मुकेश के साथ तत्काल मौके पर पहुँचे। पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए घायल वृद्धा को निकटतम 'राजा नर्सिंग होम' में भर्ती कराया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। पहचान हेतु विशेष अपील: यदि कोई भी व्यक्ति इन घायल वृद्ध अम्मा को जानता हो, इनके परिजनों से परिचित हो या इनके संबंध में कोई जानकारी रखता हो, तो कृपया तुरंत बिठूर पुलिस प्रशासन अथवा राजा नर्सिंग होम से संपर्क करने की कृपा करें, ताकि समय पर उनके परिजनों तक सूचना पहुँचाई जा सके।
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    बिठूर: परिहार पुल के पास सड़क हादसे में वृद्ध महिला श्रद्धालु घायल; पुलिस ने अस्पताल पहुँचाया, 
कानपुर, यूपी, 
पहचान की अपील
बिठूर (कानपुर)। श्रावण मास के पावन अवसर पर बिठूर दर्शन-पूजन के लिए आई एक वृद्ध महिला श्रद्धालु कस्बा बिठूर स्थित परिहार पुल के पास सड़क हादसे का शिकार हो गईं। एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल सवार ने वृद्ध महिला को टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गईं।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की सराहनीय तत्परता देखने को मिली। सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए सेक्टर प्रभारी टीएसआई (TSI) छन्नूलाल, अपने हमराही आरक्षी (232 AP) रमाकांत और होमगार्ड (HG 2025) मुकेश के साथ तत्काल मौके पर पहुँचे। पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए घायल वृद्धा को निकटतम 'राजा नर्सिंग होम' में भर्ती कराया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है।
पहचान हेतु विशेष अपील:
यदि कोई भी व्यक्ति इन घायल वृद्ध अम्मा को जानता हो, इनके परिजनों से परिचित हो या इनके संबंध में कोई जानकारी रखता हो, तो कृपया तुरंत बिठूर पुलिस प्रशासन अथवा राजा नर्सिंग होम से संपर्क करने की कृपा करें, ताकि समय पर उनके परिजनों तक सूचना पहुँचाई जा सके।
    user_MAKKI TV
    MAKKI TV
    Mediation service कानपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
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