जामताड़ा में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में जिला पर्यावरण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में ठोस कचरा प्रबंधन, प्रदूषण नियंत्रण, कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण, लैंडफिल साइट के चयन, बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन, सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक, जल प्रदूषण आंकड़ों के संग्रह और इलेक्ट्रिक वाहन नीति को बढ़ावा देने जैसे विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने जामताड़ा नगर क्षेत्र में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण की समीक्षा करते हुए सुपायडीह में प्रस्तावित लैंडफिल साइट के चयन में आ रही बाधाओं को जल्द दूर करने का निर्देश दिया और अनुमंडल पदाधिकारी को दो से तीन दिनों के भीतर बैठक कर समाधान निकालने को कहा। पर्यावरण और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर निर्देश देते हुए उपायुक्त ने अस्पतालों से बायोमेडिकल कचरे के नियमित उठाव और बरसात में मच्छरों के बढ़ते प्रकोप को रोकने के लिए नियमित फॉगिंग कराने के आदेश दिए। सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक के लिए जागरूकता अभियान चलाने, जुर्माना लगाने और कपड़े व जूट के थैलों के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। संवेदनशील स्थानों जैसे अस्पतालों, विद्यालयों और न्यायालय परिसरों में नो हॉर्न जोन व साइलेंस जोन के संकेतक लगाने और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल में अदालत के निर्देशों का पालन कराने को कहा गया। इसके अलावा गटर और शौचालय की सफाई के बाद कचरे को जंगलों या जल स्रोतों में फेंकने पर सख्ती से रोक लगाने और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बैठक में वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्रों की जांच, जल स्रोतों की जांच और बाजार में बिक रहे पैकेज्ड पेयजल की गुणवत्ता जांचने के निर्देश भी दिए गए। रेलवे साइडिंग की पर्यावरणीय शर्तों के अनुपालन की निगरानी, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और मिशन लाइफ के प्रचार-प्रसार पर बल दिया गया। इस बैठक में पुलिस अधीक्षक शम्भू कुमार सिंह, वन प्रमंडल पदाधिकारी राहुल कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी अनंत कुमार, सिविल सर्जन डॉ. शिव प्रसाद मिश्रा, जिला खनन पदाधिकारी मिहिर सलकर और नगर निकाय के कार्यपालक अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
जामताड़ा में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में जिला पर्यावरण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में ठोस कचरा प्रबंधन, प्रदूषण नियंत्रण, कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण, लैंडफिल साइट के चयन, बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन, सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक, जल प्रदूषण आंकड़ों के संग्रह और इलेक्ट्रिक वाहन नीति को बढ़ावा देने जैसे विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने जामताड़ा नगर क्षेत्र में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण की समीक्षा करते हुए सुपायडीह में प्रस्तावित लैंडफिल साइट के चयन में आ रही बाधाओं को जल्द दूर करने का निर्देश दिया और अनुमंडल पदाधिकारी को दो से तीन दिनों के भीतर बैठक कर समाधान निकालने को कहा। पर्यावरण और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर निर्देश देते हुए उपायुक्त ने अस्पतालों से बायोमेडिकल कचरे के नियमित उठाव और बरसात में मच्छरों के बढ़ते प्रकोप को रोकने के लिए नियमित फॉगिंग कराने के आदेश दिए। सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक के लिए जागरूकता अभियान चलाने, जुर्माना लगाने और कपड़े व जूट के थैलों के
उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। संवेदनशील स्थानों जैसे अस्पतालों, विद्यालयों और न्यायालय परिसरों में नो हॉर्न जोन व साइलेंस जोन के संकेतक लगाने और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल में अदालत के निर्देशों का पालन कराने को कहा गया। इसके अलावा गटर और शौचालय की सफाई के बाद कचरे को जंगलों या जल स्रोतों में फेंकने पर सख्ती से रोक लगाने और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बैठक में वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्रों की जांच, जल स्रोतों की जांच और बाजार में बिक रहे पैकेज्ड पेयजल की गुणवत्ता जांचने के निर्देश भी दिए गए। रेलवे साइडिंग की पर्यावरणीय शर्तों के अनुपालन की निगरानी, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और मिशन लाइफ के प्रचार-प्रसार पर बल दिया गया। इस बैठक में पुलिस अधीक्षक शम्भू कुमार सिंह, वन प्रमंडल पदाधिकारी राहुल कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी अनंत कुमार, सिविल सर्जन डॉ. शिव प्रसाद मिश्रा, जिला खनन पदाधिकारी मिहिर सलकर और नगर निकाय के कार्यपालक अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
- देवघर के बंधा गांव में गोरा जोरिया का पानी जहरीला होने का गंभीर मामला सामने आया है, जिससे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि विकास की कीमत अब इंसानों और बेजुबान पशुओं को चुकानी पड़ रही है। औद्योगिक कचरे की वजह से पानी दूषित होने के कारण अब तक हजारों पशुओं की मौत हो चुकी है, जिसे लेकर ग्रामीणों की शिकायतें वर्षों पुरानी हैं। बाबा बैद्यनाथ की पावन नगरी के आसपास पर्यावरण पर उठ रहे ये सवाल केवल एक गांव तक सीमित न होकर पूरे देवघर की चिंता का विषय बन चुके हैं। मामले में गांव की जमीनी हकीकत, ग्रामीणों के आरोपों, उपलब्ध दस्तावेजों और जिम्मेदार विभागों की भूमिका पर सीधे सवाल उठाए जा रहे हैं कि आखिर इंसानों और बेजुबान पशुओं को इस जहरीले पानी से कब राहत मिलेगी।1
- नीट पेपर लीक मामले को लेकर जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर जोरदार पलटवार किया है। जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर सीधा हमला बोलते हुए सवाल किया है कि वे इस पूरे मुद्दे पर सिलेक्टिव क्यों हैं और अपनी राजनीतिक रोटियां क्यों सेंक रहे हैं। नीट पेपर लीक केस के संदर्भ में आए इस बयान के जरिए उन्होंने राहुल गांधी के रुख पर सवाल उठाए हैं।1
- रामगढ़ के मांडू में डिग्री कॉलेज के निर्माण के लिए 40 करोड़ रुपये की अनुमति मिल गई है। इस फैसले की खबर सामने आने के बाद से ही स्थानीय लोगों में बेहद हर्ष का माहौल है।1
- खूंटी जिले के तोरपा थाना क्षेत्र में हुई ज्वेलरी दुकान और शराब दुकान चोरी के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए जमशेदपुर से चार शातिर अपराधियों को दबोच लिया है। गिरफ्तार अपराधियों के पास से चोरी किए गए आभूषण, शराब की बोतलें, ताला काटने के औजार और अन्य सामान बरामद किए गए हैं। इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी गुरुवार दोपहर 1:00 बजे एसपी ऋषभ गर्ग ने प्रेस वार्ता आयोजित करके दी।1
- रामगढ़ में श्रावणी मेले के दौरान हुई आपसी नोंकझोंक के कारण विवाद काफी बढ़ गया। मेले में हुए इस झगड़े के बाद बात आगे बढ़ते हुए जिला प्रशासन तक पहुंच गई है।1
- संसद में प्रधानमंत्री की गैरमौजूदगी को लेकर जब रिपोर्टर्स ने प्रियंका गांधी से सवाल पूछा, तो उन्होंने स्पष्ट लहजे में कहा, "मुझसे क्यों पूछ रहे हैं? उनके मंत्रियों से पूछिए कि प्रधानमंत्री सदन में क्यों नहीं आए।" यह पूरा मामला ऐसे समय में उठाया गया है जब देशभर में युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। ऐसे माहौल में सबसे बड़ा सवाल जवाबदेही तय करने का है कि क्या इस समय प्रधानमंत्री को संसद में मौजूद होकर अपनी बात रखनी चाहिए और जवाब देना चाहिए।1
- भाजपा कार्यालय के बाहर ज़बरदस्त बवाल मच गया है, जहाँ पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जमकर टकराव हुआ है।1